Shuru
Apke Nagar Ki App…
मंगलवार की बीती रात दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
मंगलवार की बीती रात दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम
More news from Mahoba and nearby areas
- #महोबा शहर के डाक बंगला मैदान के पास पटरी दुकानों में आग लग गई। सूचना पर पहुंची दमकल विभाग ने बमुश्किल काबू पाया।2
- मंगलवार की बीती रात दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम1
- Post by Crime Kab Tak1
- राठ नगर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर PWD विभाग पर दोहरे मापदंड के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है, और सत्ताधारियों के अनुसार कार्य किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर SDM साहब राठ को ज्ञापन दिया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि अगर सही मापक के अनुसार कार्य नहीं होगा, तो आंदोलन किया जाएगा [1]। ज्ञापन में कहा गया है कि राठ नगर में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन इसमें गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की अनदेखी हो रही है। लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा पहले नाला खुदाई हुई, फिर मिट्टी भर दी गई, और अब फिर से नाला खोदने का काम शुरू हो गया है। इस मामले में उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की गई है। रिपोर्ट निर्दोष राजपूत4
- यूजीसी एक्टिविटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में अपना दल कमेरावादी ने धरना प्रदर्शन किया।1
- फर्जी पहचान बनाकर धौंस जमाने का आरोप, पत्रकारों को धमकी से मचा हड़कंप मौदहा, हमीरपुर। कस्बे के टिकरा मस्जिद क्षेत्र में एक युवक पर खुद को कभी बीजेपी नेता, कभी बिजली विभाग का जेई और कभी पत्रकार बताकर लोगों को धमकाने व झूठी शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि आरोपी ने मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें कोतवाली तक दौड़ाया। मामला निस्तारित होने के बाद भी एक सिपाही द्वारा लोगों को बार-बार बुलाने की चर्चा से आक्रोश बढ़ा है। वहीं खबर प्रकाशित होने से नाराज आरोपी पर पत्रकारों को फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। चार दिन बीतने के बाद भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कस्बे में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।1
- सड़क किनारे गुमटियों में भीषण आग, आधा दर्जन दुकानें जलकर राख शहर कोतवाली क्षेत्र के डाक बंगला इलाके में मचा हड़कंप महोबा। शहर कोतवाली क्षेत्र के डाक बंगला इलाके में सड़क किनारे रखी गुमटियों और दुकानों में अचानक भीषण आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई। अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते एक के बाद एक करीब आधा दर्जन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और आसपास के दुकानदारों व राहगीरों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग अचानक एक गुमटी से भड़की और तेज हवा के चलते पास की अन्य दुकानों तक फैल गई। दुकानों में रखा सामान धू-धू कर जलने लगा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया गया। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, हालांकि तब तक कई दुकानों में रखा सामान जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण की जांच की जा रही है। पुलिस ने क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। आग की इस घटना से प्रभावित दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पीड़ित दुकानदारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।1
- महोबा जनपद में अवैध खनन पर प्रशासन ने बुधवार तड़के कड़ा1
- #Apkiawajdigital डिजिटल 'भ्रम': पुरानी वारदातों को ताजा जख्म बनाकर परोस रहा सोशल मीडिया, जिम्मेदार बनें पाठक लखनऊ | सिटी डेस्क राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित मेहता लॉन का एक वीडियो इन दिनों वॉट्सऐप और फेसबुक पर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो में कुछ बाराती एक बग्घी चालक को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को 'हालिया घटना' बताकर साझा किया जा रहा है, जिससे शहर में रोष और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह घटना 22 फरवरी 2024 की है, जिसका आज की कानून-व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। क्या है सच्चाई ? पड़ताल के मुताबिक, यह वीडियो करीब दो साल पुराना है। उस समय ठाकुरगंज पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर आरोपियों की पहचान की थी और उचित कानूनी कार्रवाई की गई थी। अब कुछ शरारती तत्व या 'व्यूज' के भूखे सोशल मीडिया हैंडल इसे दोबारा वायरल कर रहे हैं ताकि लोगों की संवेदनाओं को उकसाया जा सके। क्यों खतरनाक है ऐसी अफवाहें? पुरानी घटनाओं को नया बताकर वायरल करने से पुलिस की छवि धूमिल होती है और समाज में बेवजह तनाव पैदा होता है। खासकर शादी-ब्याह के सीजन में ऐसी खबरें लोगों के बीच डर पैदा करती हैं। हमारी अपील: शेयर करने से पहले सोचें: किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले देखें कि क्या उसमें कोई तारीख या स्थान का स्पष्ट विवरण है? सत्यता की जांच करें: स्थानीय समाचार पत्रों या पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (जैसे @LkoPolice) पर जाकर खबर की पुष्टि करें। भ्रामक दावों को रिपोर्ट करें: यदि कोई पुरानी खबर को नया बताकर फैला रहा है, तो उसे रिपोर्ट करें ताकि डिजिटल प्रदूषण को रोका जा सके।1