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जम्मू-कश्मीर के मशहूर गुलमर्ग में रोपवे में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण कई पर्यटक बीच हवा में फंस गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 300 लोग रोपवे के केबिन में फंसे बताए जा रहे हैं। रोपवे के अचानक रुक जाने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद हवा में फंसे पर्यटक चीखने-चिल्लाने लगे। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल बचाव एवं राहत कार्य ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
हलचल अयोध्या समाचार
जम्मू-कश्मीर के मशहूर गुलमर्ग में रोपवे में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण कई पर्यटक बीच हवा में फंस गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 300 लोग रोपवे के केबिन में फंसे बताए जा रहे हैं। रोपवे के अचानक रुक जाने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद हवा में फंसे पर्यटक चीखने-चिल्लाने लगे। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल बचाव एवं राहत कार्य ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
- BCHANDELपंजाबी बाग, पश्चिम दिल्ली, दिल्ली🤝12 hrs ago
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- जम्मू-कश्मीर के मशहूर गुलमर्ग में रोपवे में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण कई पर्यटक बीच हवा में फंस गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 300 लोग रोपवे के केबिन में फंसे बताए जा रहे हैं। रोपवे के अचानक रुक जाने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद हवा में फंसे पर्यटक चीखने-चिल्लाने लगे। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल बचाव एवं राहत कार्य ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।1
- अयोध्या कैंट के जमथरा चुंगी पर स्थित पत्थर का बैठने का स्थान तोड़ दिया गया है। इस कार्रवाई पर यह बात सामने आई है कि इसे तोड़ने के बजाय, इस पत्थर के बैठने के स्थान को सही तरीके से निकाला जा सकता था और फिर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भी रखा जा सकता था।1
- अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र के विद्यापुर गाँव में एक घर में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया, जहां चोरों ने सामान बिखेर दिया। माधुरी, पत्नी अर्जुन पांडे, ने आरोप लगाया है कि 23 मार्च 2026 की रात जब वह अपने बरामदे में सो रही थीं, तब लगभग रात 12:00 बजे उन्हें खटपट की आवाज सुनाई दी। जब प्रार्थिनी उठकर देखी तो उन्हें अंदर कुछ लोगों के होने का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही चोर सामान लेकर फरार हो चुके थे। मौके पर पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई गई और संबंधित थाने की पुलिस भी इकट्ठा हुई। पीड़िता ने बताया कि चोरों ने घर में अकेली सो रही उनकी बेटी को मारा-पीटा था, जिसका पुलिस द्वारा मेडिकल भी करा दिया गया है। हालांकि, इस चोरी की घटना का मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। प्रार्थिनी ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है और मीडिया से रूबरू होते हुए अपनी पूरी आपबीती बताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से चोरी का मुकदमा दर्ज करने की अपील की है। इंडिया न्यूज़ दर्पण से दलजीत नागवंशी की रिपोर्ट सवाल उठाती है कि क्या पुलिस प्रशासन चोरी का मुकदमा दर्ज करेगा या इस मामले को 'राम भरोसे' छोड़ दिया जाएगा।2
- सरकारी जमीन पर लगे एक हैंडपंप का पानी दूषित हो रहा है। यह हैंडपंप तालाब के सामने स्थित है, लेकिन दो व्यक्तियों के आपसी विवाद के कारण इसकी नाली बंद कर दी गई है। इस वजह से सारी गंदगी नल पर ही जमा हो रही है, जिससे हैंडपंप से निकलने वाला पानी प्रदूषित हो रहा है। अतः, इस नाली की मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द करवाया जाना चाहिए।2
- तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के हत्याकांड से जुड़े एक मामले में पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान का है, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर पुलिस की कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह वीडियो एक गंभीर मामले की जानकारी देते समय उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।1
- तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 साल की बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना पर लोग लगातार इंसाफ की मांग कर रहे थे और परिवार गहरे सदमे में था। इसी बीच, पुलिस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने जनता के गुस्से को और बढ़ा दिया है। वायरल वीडियो में एक महिला आईजी को केस समझाते वक्त मुस्कुराते हुए देखा गया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। कई नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामले में अधिकारियों को गंभीरता और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए था। अब सोशल मीडिया पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उनके निलंबन की मांग जोर पकड़ रही है। इस मासूम बच्ची की मौत ने केवल कानून व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- शहर में डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के अनुसार, पिछले कुछ समय में डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च काफी बढ़ गया है। वहीं, पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे का असर छोटे वाहन चालकों और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, और कई ट्रांसपोर्टरों ने बढ़ती लागत के कारण किराया बढ़ाने की अपनी मजबूरी बताई है। दूसरी ओर, आम उपभोक्ताओं ने भी ईंधन की कीमतों में राहत की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से उनके घरेलू बजट बिगड़ रहे हैं।1
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