कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर गौ माता के जयकारे रैली के दौरान युवाओं के हाथों में गौ माता के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न तख्तियां और पोस्टर नजर आए। इन पोस्टरों पर "गौ हमारी माता है", "जन्म-जन्म का नाता है", और "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो" जैसे प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवाओं की टोली भगवा ध्वज लहराते हुए और "गौ माता की जय" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थी। राष्ट्र माता के दर्जे के लिए बुलंद की आवाज रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान सर्वोपरि है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि गौ माता को जल्द से जल्द 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए कड़े कानून बन सकें। स्थानीय लोगों का मिला समर्थन रात के समय निकली इस रैली ने स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। युवाओं के इस जज्बे को देखकर कई स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए। रैली का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, इस तरह के जागरूकता अभियान और रैलियां निरंतर जारी रहेंगी।
कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर गौ माता के जयकारे रैली के दौरान युवाओं के हाथों में गौ माता के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न तख्तियां और पोस्टर नजर आए। इन पोस्टरों पर "गौ हमारी माता है", "जन्म-जन्म का नाता है", और "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो" जैसे प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवाओं की टोली भगवा ध्वज लहराते हुए और "गौ माता की जय" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थी। राष्ट्र माता के दर्जे के लिए बुलंद की आवाज रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान सर्वोपरि है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि गौ माता को जल्द से जल्द 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए कड़े कानून बन सकें। स्थानीय लोगों का मिला समर्थन रात के समय निकली इस रैली ने स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। युवाओं के इस जज्बे को देखकर कई स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए। रैली का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, इस तरह के जागरूकता अभियान और रैलियां निरंतर जारी रहेंगी।
- कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर गौ माता के जयकारे रैली के दौरान युवाओं के हाथों में गौ माता के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न तख्तियां और पोस्टर नजर आए। इन पोस्टरों पर "गौ हमारी माता है", "जन्म-जन्म का नाता है", और "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो" जैसे प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवाओं की टोली भगवा ध्वज लहराते हुए और "गौ माता की जय" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थी। राष्ट्र माता के दर्जे के लिए बुलंद की आवाज रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान सर्वोपरि है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि गौ माता को जल्द से जल्द 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए कड़े कानून बन सकें। स्थानीय लोगों का मिला समर्थन रात के समय निकली इस रैली ने स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। युवाओं के इस जज्बे को देखकर कई स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए। रैली का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, इस तरह के जागरूकता अभियान और रैलियां निरंतर जारी रहेंगी।1
- कल लखनऊ के बाद आज दोपहर को गाजियाबाद में भी भीषण अग्निकांड: इंदिरा पुरम थाना क्षेत्र के कनावनी गांव में हुआ हादसा: यहां भी सिलेंडर फटने की खबर: 8 से 10 बच्चों के लापता होने की सूचना: पहले मैंने इस पर यकीन नहीं किया, लेकिन ये खबर अमर उजाला में चल रही है, लगातार दो दिन से हो रहे हादसों से साजिश का शक...1
- Post by Mahendar.merotha1
- Nagar Nigam VIT V kulhadi Kshetra ke sabhi1
- बिग ब्रेकिंग कोटा कोटा राजस्थान कोटा में स्लीपर बस के एक्सीडेंट में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में 20 से ज्यादा पैसेंजर्स घायल हैं। यात्रियों का दावा कि बस के फ्रंट मिरर पर किसी ने पत्थर मारा था, इसलिए ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया। अनियंत्रित होने के कारण बस डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में घुसकर पलट गई। पलटने के कारण टूटे कांच वाले हिस्से से पैसेंजर्स बाहर सड़क पर गिर गए। तीन को सामने से आ रहे ट्रॉले ने कुचल दिया। हादसा शहर के आरकेपुरम थाना इलाके में नयागांव पुलिया के पास बुधवार रात करीब 12 बजे हुआ। पुलिस के अनुसार प्राइवेट कंपनी की बस अहमदाबाद से ग्वालियर-भिंड की तरफ जा रही थी। बस में ज्यादातर सवारियां मध्यप्रदेश की ही थी। बस पलटने के कारण पैसेंजर्स अंदर बुरी तरह फंस गए। यात्रियों को बाहर निकालने के लिए रात करीब2.30 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। एक्सीडेंट में 35 से ज्यादा पैसेंजर्स घायल हुए हैं। जिन्हें कोटा के मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। वहीं, ट्रोले के कुचलने के कारण जिन तीन लोगों की मौत हुइ है, उनमें से दो की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार जिन लोगों की हादसे में मौत हुई है वो ड्राइवर केबिन में बैठे थे। बस पलटते ही केबिन का फ्रंट मिरर टूटने से ये लोग सड़क पर गिर गए। उसी दौरान सामने की तरफ से आ रहा ट्रॉला इन लोगों पर चढ़ गया। बात की। उन्होंने बताया कि वे काफी देर तक बस में फंसे रहे। कई लोगों को पैर में गंभीर चोट भी लगी है, इस कारण वे खुद से बस से बाहर ही नहीं निकल सके। रेस्क्यू टीमों ने उन्हें कांच तोड़कर बाहर खींचा है।4
- लाखेरी में लोनाबा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बस को पीछे से मारी टक्कर,हादसे में नही हुई जनहानि।41
- कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर गौ माता के जयकारे रैली के दौरान युवाओं के हाथों में गौ माता के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न तख्तियां और पोस्टर नजर आए। इन पोस्टरों पर "गौ हमारी माता है", "जन्म-जन्म का नाता है", और "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो" जैसे प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवाओं की टोली भगवा ध्वज लहराते हुए और "गौ माता की जय" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थी। राष्ट्र माता के दर्जे के लिए बुलंद की आवाज रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान सर्वोपरि है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि गौ माता को जल्द से जल्द 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए कड़े कानून बन सकें। स्थानीय लोगों का मिला समर्थन रात के समय निकली इस रैली ने स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। युवाओं के इस जज्बे को देखकर कई स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए। रैली का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, इस तरह के जागरूकता अभियान और रैलियां निरंतर जारी रहेंगी।1
- कोटा। शहर में रिश्तों और भरोसे को तार-तार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक मां ने अपनी बेटी को कॉलेज जाने के नाम पर प्रेमी के साथ होटल के कमरे में रंगे हाथ पकड़ लिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, युवती रोज की तरह घर से कॉलेज जाने का बोलकर निकली थी। लेकिन मां को काफी समय से बेटी की गतिविधियों पर शक था। जब मां को पुख्ता जानकारी मिली कि उनकी बेटी कॉलेज न जाकर किसी युवक के साथ होटल गई है, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। होटल में मचा हड़कंप मां जब पुलिस टीम के साथ संबंधित होटल पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। युवती वहां अपने प्रेमी के साथ मौजूद थी। पुलिस की मौजूदगी में मां ने बेटी को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान होटल परिसर में काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।1
- लखनऊ के विकास नगर में कल शाम 5 बजे के आसपास भीषण आग से 1200 झुग्गियां जलकर राख: 100 सिलेंडर फटने से मची अफरा-तफरी: बताया जा रहा है कि ज्यादातर झुग्गियों में असम के परिवार थे जो कचरा बीन कर अपना गुजारा करते थे...1