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लाखेरी में लोनाबा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बस को पीछे से मारी टक्कर,हादसे में नही हुई जनहानि।4 लाखेरी में लोनाबा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बस को पीछे से मारी टक्कर,हादसे में नही हुई जनहानि।4
Nitin Babar Journalist
लाखेरी में लोनाबा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बस को पीछे से मारी टक्कर,हादसे में नही हुई जनहानि।4 लाखेरी में लोनाबा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बस को पीछे से मारी टक्कर,हादसे में नही हुई जनहानि।4
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- लाखेरी में लोनाबा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बस को पीछे से मारी टक्कर,हादसे में नही हुई जनहानि।41
- झांसी: झांसी में रेलवे कर्मचारी अजय की अचानक मौत का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि अजय एक दुकान पर समोसे आदि खरीद रहे थे, तभी अचानक उन्हें सीने में दर्द हुआ और वे वहीं खड़े-खड़े नीचे गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। प्राथमिक तौर पर इसे हार्ट अटैक का मामला माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।1
- Post by VKH NEWS1
- Post by Mahendar.merotha1
- कोटा। शहर में गौ संरक्षण और गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में बीती रात कोटा की सड़कों पर युवाओं के एक समूह द्वारा जोश और उत्साह के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। हाथों में तख्तियां और जुबां पर गौ माता के जयकारे रैली के दौरान युवाओं के हाथों में गौ माता के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न तख्तियां और पोस्टर नजर आए। इन पोस्टरों पर "गौ हमारी माता है", "जन्म-जन्म का नाता है", और "गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो" जैसे प्रभावशाली नारे लिखे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवाओं की टोली भगवा ध्वज लहराते हुए और "गौ माता की जय" के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थी। राष्ट्र माता के दर्जे के लिए बुलंद की आवाज रैली में शामिल युवाओं का कहना है कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान सर्वोपरि है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि गौ माता को जल्द से जल्द 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए कड़े कानून बन सकें। स्थानीय लोगों का मिला समर्थन रात के समय निकली इस रैली ने स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। युवाओं के इस जज्बे को देखकर कई स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए। रैली का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, इस तरह के जागरूकता अभियान और रैलियां निरंतर जारी रहेंगी।1
- गिरफ्तार किए गए मजदूरों की तुरंत रिहाई की मांग -मजदूरों पर पुलिसिया दमन के खिलाफ कोटा में सीटू का जोरदार प्रदर्शन -मांगें नहीं मानीं गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी कोटा। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के राष्ट्रीय आह्वान पर कोटा जिला कमेटी ने मजदूरों पर हो रहे कथित दमन के विरोध में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट पर भारी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कारियों ने नोएडा सहित देशभर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे मजदूर आंदोलनों पर हो रही कार्रवाई की निंदा की और गिरफ्तार मजदूरों व ट्रेड यूनियन नेताओं की तुरंत रिहाई की मांग की। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। सीटू के बैनर तले जे.के. सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों ने धरना स्थल से जिला कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट तक विशाल रैली निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर, महिलाएं और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली के दौरान प्रदर्शन कारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मजदूरों के हक में आवाज बुलंद की। गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है मजदूर वर्ग रैली के बाद कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव कामरेड हबीब खान ने कहा कि मजदूर वर्ग गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। कोटा की बंद जे.के. सिंथेटिक फैक्ट्री के 4200 मजदूरों को 29 साल से बकाया 500 करोड़ रुपए से अधिक वेतन का भुगतान नहीं किया गया। सैकड़ों महिलाएं और मजदूर पिछले एक साल से धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उल्टा मजदूरों पर दमन शुरू कर दिया है। बढ़ती महंगाई, कम वेतन और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों ने मजदूरों का जीवन कठिन बना दिया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें मजदूरों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ठेका प्रथा से बढ़ा मजदूरों का शोषण सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर ने कहा कि ठेका श्रम प्रथा ने मजदूरों का शोषण बढ़ा दिया है। समान काम के बावजूद समान वेतन नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि सभी गिरफ्तार मजदूरों और ट्रेड यूनियन नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपए प्रतिमाह की जाए, 8 घंटे के कार्यदिवस को सख्ती से लागू किया जाए, सभी श्रमिकों को ईएसआई, पीएफ जैसी सुविधाएं दी जाएं। सामाजिक न्याय व सम्मान जनक जीवन का संघर्ष जे.के. मजदूर नेता कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड नरेंद्र सिंह, महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड राजू वर्मा, कामरेड निर्मला बाई और अन्य नेताओं ने कहा कि मजदूरों का यह संघर्ष केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सम्मान जनक जीवन का संघर्ष है। यदि सरकार समय रहते उचित कदम नहीं उठाती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।प्रदर्शन कारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गढ़ेपान उद्योग में चल रहे आंदोलन को समर्थन सभा में यह भी बताया गया कि गढ़ेपान उद्योग में चल रहे मजदूर आंदोलन में सीटू कोटा जिला कमेटी के नेताओं कामरेड उमाशंकर, कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड अली मोहम्मद सहित अन्य साथियों ने सक्रिय भाग लिया और पूर्ण समर्थन दिया। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन और सभा में कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड पुष्पा खींची, कामरेड गोपाल शर्मा, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड शिशुपाल, कामरेड मोहम्मद मंसूरी, कामरेड अब्दुल सलाम, कामरेड बने सिंह, कामरेड बच्चन जयसवाल, कामरेड मलखान सिंह यादव, कामरेड छीतर लाल, कामरेड गणेश प्रसाद, कामरेड रामफूल, कामरेड जेठाराम, कामरेड गिरजा शंकर पांडे, कामरेड मंगल सिंह सहित सैकड़ों महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता शामिल रहे।4
- Post by Kalim khan2
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