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खेरोदा पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की बड़ी कार्रवाई, 113 किलो 505 ग्राम अवैध डोडाचूरा के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली की जब्त उदयपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जारहे विशेष अभियान ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत खेरोदा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मेनपुरिया गांव के पास घेराबंदी करके एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 113.505 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया है। मादक पदार्थ के साथ एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी पुलिस ने जब्त किया। जानकारी के अनुसार उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव एवं जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल एवं वल्लभनगर वृत्ताधिकारी राजेन्द्र सिंह जैन के सुपरविजन में खेरोदा थानाधिकारी सुरेश विश्नोई मय टीम ने मुखबिर की सूचना पर मेनपुरिया गांव में दबिश देकर एक देकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाया। जिसकी तलाशी लेने पर उसमें प्लास्टिक के कट्टो में 113.505 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा भरा हुआ पाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस की जांच में ट्रैक्टर पवन पिता कालू निवासी मेनपुरिया के नाम पर पंजीकृत पाया गया है। इस ​मामले में आगे की जांच भीण्डर थानाधिकारी आरपीएस प्रशिक्षु राम कुमार भादु द्वारा की जारही है। पुलिस टीम में थानाधिकारी सुरेश विश्नोई के साथ हेड कॉन्स्टेबल सुनील कुमार, कॉन्स्टेबल बाबूलाल, दिनेश, नितेश, रामदेवाराम मौजूद रहे।

14 hrs ago
user_Local Tv News Channel
Local Tv News Channel
वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
14 hrs ago

खेरोदा पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की बड़ी कार्रवाई, 113 किलो 505 ग्राम अवैध डोडाचूरा के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली की जब्त उदयपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जारहे विशेष अभियान ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत खेरोदा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मेनपुरिया गांव के पास घेराबंदी करके एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 113.505 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया है। मादक पदार्थ के साथ एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी पुलिस ने जब्त किया। जानकारी के अनुसार उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव एवं जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल एवं वल्लभनगर वृत्ताधिकारी राजेन्द्र सिंह जैन के सुपरविजन में खेरोदा थानाधिकारी सुरेश विश्नोई मय टीम ने मुखबिर की सूचना पर मेनपुरिया गांव में दबिश देकर एक देकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाया। जिसकी तलाशी लेने पर उसमें प्लास्टिक के कट्टो में 113.505 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा भरा हुआ पाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस की जांच में ट्रैक्टर पवन पिता कालू निवासी मेनपुरिया के नाम पर पंजीकृत पाया गया है। इस ​मामले में आगे की जांच भीण्डर थानाधिकारी आरपीएस प्रशिक्षु राम कुमार भादु द्वारा की जारही है। पुलिस टीम में थानाधिकारी सुरेश विश्नोई के साथ हेड कॉन्स्टेबल सुनील कुमार, कॉन्स्टेबल बाबूलाल, दिनेश, नितेश, रामदेवाराम मौजूद रहे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    4
    Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • सुगम यातायात के लिए इंदौर यातायात पुलिस का सघन अभियान, नो पार्किंग व रॉंग साइड पर सख्त कार्रवाई इंदौर। शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से इंदौर यातायात पुलिस द्वारा चारों जोनों में विशेष पेट्रोलिंग अभियान चलाया गया। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह एवं पुलिस उपायुक्त यातायात राजेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के व्यस्ततम मार्गों, प्रमुख बाजारों एवं अधिक यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर अव्यवस्थित एवं अवैध पार्किंग पर नियंत्रण की कार्रवाई की। 22 फरवरी को सभी पेट्रोलिंग टीमों ने अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी चालानी कार्रवाई की। इन क्षेत्रों में हुई विशेष कार्रवाई यातायात जोन-1: मरीमाता से बड़ा गणपति, कालानी नगर से एयरपोर्ट रोड तक। यातायात जोन-2: बंगाली चौराहा से छोटा राजवाड़ा, कनाडिया रोड, विजयनगर से बापट तक दोनों ओर। यातायात जोन-3: रीगल से हुकुमचंद घंटाघर, 56 दुकान, पलासिया, आरएनटी मार्ग। यातायात जोन-4: भवरकुआ से टॉवर चौराहा, राजवाड़ा क्षेत्र, जवाहरमार्ग, खजूरी बाजार, सराफा क्षेत्र। पेट्रोलिंग टीमों ने पीए सिस्टम, बॉडी वॉर्न कैमरा, क्रेन एवं सपोर्ट वाहन, व्हील लॉक और पीओएस मशीन की सहायता से कार्रवाई की। मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में सड़क या फुटपाथ पर वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने वालों पर सख्ती बरती गई। प्रारंभ में वाहन चालकों को समझाइश दी गई, परंतु नियमों की अवहेलना जारी रखने पर व्हील लॉक एवं क्रेन के माध्यम से चालान किया गया। साथ ही पीए सिस्टम से नागरिकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। निरंतर कार्रवाई के परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम हुई है, जिससे आम नागरिकों ने राहत महसूस की और जिम्मेदार नागरिकों ने यातायात पुलिस की पहल की सराहना की। इंदौर यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    सुगम यातायात के लिए इंदौर यातायात पुलिस का सघन अभियान, नो पार्किंग व रॉंग साइड पर सख्त कार्रवाई
इंदौर। शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से इंदौर यातायात पुलिस द्वारा चारों जोनों में विशेष पेट्रोलिंग अभियान चलाया गया। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह एवं पुलिस उपायुक्त यातायात राजेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के व्यस्ततम मार्गों, प्रमुख बाजारों एवं अधिक यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर अव्यवस्थित एवं अवैध पार्किंग पर नियंत्रण की कार्रवाई की। 22 फरवरी को सभी पेट्रोलिंग टीमों ने अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी चालानी कार्रवाई की।
इन क्षेत्रों में हुई विशेष कार्रवाई
यातायात जोन-1: मरीमाता से बड़ा गणपति, कालानी नगर से एयरपोर्ट रोड तक।
यातायात जोन-2: बंगाली चौराहा से छोटा राजवाड़ा, कनाडिया रोड, विजयनगर से बापट तक दोनों ओर।
यातायात जोन-3: रीगल से हुकुमचंद घंटाघर, 56 दुकान, पलासिया, आरएनटी मार्ग।
यातायात जोन-4: भवरकुआ से टॉवर चौराहा, राजवाड़ा क्षेत्र, जवाहरमार्ग, खजूरी बाजार, सराफा क्षेत्र।
पेट्रोलिंग टीमों ने पीए सिस्टम, बॉडी वॉर्न कैमरा, क्रेन एवं सपोर्ट वाहन, व्हील लॉक और पीओएस मशीन की सहायता से कार्रवाई की। मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में सड़क या फुटपाथ पर वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने वालों पर सख्ती बरती गई।
प्रारंभ में वाहन चालकों को समझाइश दी गई, परंतु नियमों की अवहेलना जारी रखने पर व्हील लॉक एवं क्रेन के माध्यम से चालान किया गया। साथ ही पीए सिस्टम से नागरिकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई।
निरंतर कार्रवाई के परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम हुई है, जिससे आम नागरिकों ने राहत महसूस की और जिम्मेदार नागरिकों ने यातायात पुलिस की पहल की सराहना की।
इंदौर यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_Padmavat Media
    Padmavat Media
    Newspaper publisher सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • आज रविवार मिली जानकारी के अनुसार पानरवा तहसील को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले आमलेटा घाट मार्ग पर इन दिनों भारी वाहनों की आवाजाही से आमजन को भारी परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ वाहन चालक डीजल बचाने के लिए कोल्यारी–आमलेटा होते हुए इस संकरे और घुमावदार मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। बीच रास्ते में वाहन फंसने से जाम की स्थिति बन रही है, जिससे छात्र-छात्राओं, मरीजों और ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भारी वाहनों पर प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    आज रविवार मिली जानकारी के अनुसार पानरवा तहसील को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले आमलेटा घाट मार्ग पर इन दिनों भारी वाहनों की आवाजाही से आमजन को भारी परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ वाहन चालक डीजल बचाने के लिए कोल्यारी–आमलेटा होते हुए इस संकरे और घुमावदार मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। बीच रास्ते में वाहन फंसने से जाम की स्थिति बन रही है, जिससे छात्र-छात्राओं, मरीजों और ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भारी वाहनों पर प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • Post by Lucky sukhwal
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    Post by Lucky sukhwal
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    Priest चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 min ago
  • SRI laksmipati Bhagvan Ji Ki 🙏🏽 Mangla Aarti Darshan hari om 🕉 nmo bhagvate vasuydevay
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    SRI laksmipati Bhagvan Ji Ki 🙏🏽 Mangla Aarti Darshan hari om 🕉 nmo bhagvate vasuydevay
    user_Kanhaiya lal Joshi
    Kanhaiya lal Joshi
    Pujari चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • चित्तौडगढ,राशमी उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पावली में आम रास्ता बहुत ज्यादा खराब होने के कारण लोगों को निकालने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जानकारी के अनुसार यह आम रास्ता बारू जाने वाला ,एक आम रास्ता है, जो काफी लंबे समय से किचडों से भरा हुआ एक आम आस्ता है, यह रास्ता ग्रामीण इलाकों में बहुत ज्यादा ही खराब होने के कारण लोगों में कई मौसमी बीमारियों का प्रभाव पड़ रहा है सबसे बड़ी बात तो यह आ रही है इस रास्ते के पास में जय हिंद विद्या निकेतन प्राथमिक उच्च विद्यालय इस विद्यालय में छात्र-छात्रा यहा पढ़ते हैं उनको भी कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है जो मलेरिया, डेंगू आदि कई बीमारियों का शिकार बन रहे है, पावली पंचायत में कई बार कहने के बाद भी पंचायत से कहा- सुनी में निकाल देती है, इस रास्ते से कई जन प्रतिनिधि भी गुजरते हैं लेकिन इस रास्ते की कार्रवाई नहीं करते हैं यह रास्ता नहीं ,एक तालाब बन गया है जो निकालने के लिए दूसरा रास्ता का उपयोग करना पड़ रहा है पावली पंचायत को पहले भी सूचित किया गया, ग्राम पंचायत पावली में श्री भैरुनाथ स्थान के प्रांगण में काफी समय से लगी हुई ,पानी की टंकी की स्टैंड बुरी तरह से डाग मंच होने से हादसा का एक कारण बन गया व इस टंकी से पावली ग्राम के विभिन्न मोहल्ले वासियों के द्वारा पानी पिया जाता है पंचायत में ऐसी कई पानी टंकियां है जो इसी तरह दुर्घटना का स्थान बन चुकी है ग्राम पंचायत पावली इसे से अनदेखा कर रहा है। हादसा का केंद्र बन रहा है लेकिन अभी तक उसकी भी सुनवाई नहीं हुई है और नहीं इस रास्ते की सुनवाई हो रही है मोहल्ले आक्रोश जताते हुए बताया कि अगर पंचायत हमारे सुनवाई नहीं करती हैं तो हम सब लोग मिलकर जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपेंगे।
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    चित्तौडगढ,राशमी उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पावली में आम रास्ता बहुत ज्यादा खराब होने के कारण लोगों को निकालने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जानकारी के अनुसार यह आम रास्ता बारू जाने वाला ,एक आम  रास्ता है, जो काफी लंबे समय से किचडों से भरा हुआ एक आम आस्ता है, यह रास्ता ग्रामीण इलाकों में बहुत ज्यादा ही खराब होने के कारण लोगों में कई मौसमी  बीमारियों का प्रभाव पड़ रहा है सबसे बड़ी बात तो यह आ रही है इस रास्ते के पास में जय हिंद विद्या निकेतन प्राथमिक उच्च विद्यालय इस विद्यालय में छात्र-छात्रा यहा पढ़ते हैं उनको भी कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है जो मलेरिया, डेंगू आदि कई बीमारियों का शिकार बन रहे है, पावली पंचायत में कई बार कहने के बाद भी पंचायत से कहा- सुनी में निकाल देती है, इस रास्ते से कई जन प्रतिनिधि भी गुजरते हैं लेकिन इस रास्ते की कार्रवाई नहीं करते हैं यह रास्ता नहीं ,एक तालाब बन गया है जो निकालने के लिए दूसरा रास्ता का उपयोग करना पड़ रहा है पावली पंचायत को पहले भी सूचित किया गया, ग्राम पंचायत पावली में श्री भैरुनाथ स्थान के प्रांगण में काफी समय से लगी हुई ,पानी की टंकी की स्टैंड बुरी तरह से डाग मंच होने से हादसा का एक कारण बन गया व इस टंकी से पावली ग्राम के विभिन्न मोहल्ले वासियों के द्वारा पानी पिया जाता है पंचायत में ऐसी कई पानी टंकियां है जो इसी तरह दुर्घटना का स्थान बन चुकी है ग्राम पंचायत पावली इसे से अनदेखा कर रहा है। हादसा का केंद्र बन रहा है लेकिन अभी तक उसकी भी  सुनवाई नहीं हुई है और नहीं इस रास्ते की सुनवाई हो रही है मोहल्ले आक्रोश जताते हुए बताया कि अगर पंचायत हमारे सुनवाई नहीं करती हैं तो हम सब लोग मिलकर जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपेंगे।
    user_(ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • डीएनपी क्षेत्र में रह रहें लोगों की पीड़ा को लेकर सदन में बोले शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी। कहा — अगस्त 1980 को एक अधिसूचना के माध्यम से पश्चिमी राजस्थान के एक बड़े भूभाग को डीएनपी के रूप में आरक्षित घोषित कर दिया गया। इसका उद्देश्य मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीवों और विशेष रूप से दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण था। लेकिन इस निर्णय के बाद वहां निवास करने वाले स्थानीय लोगों की स्थिति “विकास के दायरे से बाहर” हो गई। एक तरफ सरकार लाखों बीघा जमीन कंपनियों को अलॉट कर रही हैं, दूसरी तरफ 45 सालों से वहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। डीएनपी क्षेत्र में रहने वाले परिवार आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। डीएनपी क्षेत्र में सड़क निर्माण पर प्रतिबंध है, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सेवाओं का अभाव है, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन वहाँ नहीं हो पा रहा है, वहाँ के किसानों को कृषि ऋण (KCC) लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, साथ ही स्कूल, अस्पताल और मोबाइल इंटरनेट जैसी सुविधाओं का अभाव उस क्षेत्र के लोगों के जीवन को नर्क बनाए हुए है। 45 वर्षों में डीएनपी क्षेत्र की आबादी का विस्तार “1% भी नहीं” हो पाया है, क्योंकि निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े प्रतिबंधों ने सामान्य जीवन को असंभव बना दिया है। जब एक ओर उद्योगों और मल्टीनेशनल कंपनियों को बड़े पैमाने पर भूमि आवंटित की जा रही है, तो दूसरी ओर दशकों से बसे परिवारों को घर बनाने या बुनियादी ढांचा खड़ा करने की अनुमति तक क्यों नहीं मिलती? जो लोग 45 सालों से सरकार की तरफ उम्मीद के साथ देख रहे हैं, उनकी चिंता कौन करेगा? उनका परिवार बढ़ रहा है, लेकिन भविष्य सिकुड़ रहा है। डीएनपी का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है। यदि इन क्षेत्रों से लगातार पलायन होता रहा, तो यह केवल सामाजिक या आर्थिक मुद्दा नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न बन जाएगा। सीमांत गांवों का खाली होना “सीमा की मजबूती को कमजोर” करेगा, क्योंकि यही स्थानीय लोग दशकों से सीमा के प्राकृतिक प्रहरी रहे हैं। संरक्षण आवश्यक है, लेकिन “संवेदनशीलता के बिना संरक्षण, नागरिकों के लिए दंड जैसा बन जाता है।” सरकार जल्द से जल्द संज्ञान ले कर डीएनपी क्षेत्र के उन लोगों को राहत देने का काम करें और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाये ताकि वह भी प्रदेश और देश के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
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    डीएनपी क्षेत्र में रह रहें लोगों की पीड़ा को लेकर सदन में बोले शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी। कहा — अगस्त 1980 को एक अधिसूचना के माध्यम से पश्चिमी राजस्थान के एक बड़े भूभाग को डीएनपी के रूप में आरक्षित घोषित कर दिया गया। इसका उद्देश्य मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीवों और विशेष रूप से दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण था।
लेकिन इस निर्णय के बाद वहां निवास करने वाले स्थानीय लोगों की स्थिति “विकास के दायरे से बाहर” हो गई।
एक तरफ सरकार लाखों बीघा जमीन कंपनियों को अलॉट कर रही हैं, दूसरी तरफ 45 सालों से वहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
डीएनपी क्षेत्र में रहने वाले परिवार आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। डीएनपी क्षेत्र में सड़क निर्माण पर प्रतिबंध है, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सेवाओं का अभाव है, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन वहाँ नहीं हो पा रहा है, वहाँ के किसानों को कृषि ऋण (KCC) लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, साथ ही स्कूल, अस्पताल और मोबाइल इंटरनेट जैसी सुविधाओं का अभाव उस क्षेत्र के लोगों के जीवन को नर्क बनाए हुए है। 
45 वर्षों में डीएनपी क्षेत्र की आबादी का विस्तार “1% भी नहीं” हो पाया है, क्योंकि निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े प्रतिबंधों ने सामान्य जीवन को असंभव बना दिया है।
जब एक ओर उद्योगों और मल्टीनेशनल कंपनियों को बड़े पैमाने पर भूमि आवंटित की जा रही है, तो दूसरी ओर दशकों से बसे परिवारों को घर बनाने या बुनियादी ढांचा खड़ा करने की अनुमति तक क्यों नहीं मिलती?
जो लोग 45 सालों से सरकार की तरफ उम्मीद के साथ देख रहे हैं, उनकी चिंता कौन करेगा? उनका परिवार बढ़ रहा है, लेकिन भविष्य सिकुड़ रहा है।
डीएनपी का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है। यदि इन क्षेत्रों से लगातार पलायन होता रहा, तो यह केवल सामाजिक या आर्थिक मुद्दा नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न बन जाएगा।
सीमांत गांवों का खाली होना “सीमा की मजबूती को कमजोर” करेगा, क्योंकि यही स्थानीय लोग दशकों से सीमा के प्राकृतिक प्रहरी रहे हैं।
संरक्षण आवश्यक है, लेकिन “संवेदनशीलता के बिना संरक्षण, नागरिकों के लिए दंड जैसा बन जाता है।”
सरकार जल्द से जल्द संज्ञान ले कर डीएनपी क्षेत्र के उन लोगों को राहत देने का काम करें और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाये ताकि वह भी प्रदेश और देश के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
    user_Padmavat Media
    Padmavat Media
    Newspaper publisher सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • Post by Lucky sukhwal
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    Post by Lucky sukhwal
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    Priest चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • प्रतापगढ़ ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अरनोद पुलिस की बड़ी कार्रवाई। नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को पकड़कर तलाशी ली गई। 2 किलो 708.6 ग्राम ब्राउनशुगर व 1 किलो 723.2 ग्राम केमिकल पाउडर जब्त। आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी। DS7NEWS NETWORK
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    प्रतापगढ़ ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अरनोद पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को पकड़कर तलाशी ली गई।
2 किलो 708.6 ग्राम ब्राउनशुगर व 1 किलो 723.2 ग्राम केमिकल पाउडर जब्त।
आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी।
DS7NEWS NETWORK
    user_DS7NEWS NETWORK
    DS7NEWS NETWORK
    News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    17 hrs ago
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