विपक्ष विहीन सदन बनाने हेतु सही सवाल उठाने वाले सांसदों को किया जा रहा है निलंबन 10 3.2026 खगड़िया बिहार *सदन में जनहित-देशहित में आम आदमी का मुद्दा उठाने वाले सांसदों को निलंबन करना - विपक्ष विहीन बनाना, तानाशाही बंद करे मोदी सरकार* *जनहित का मुद्दा उठाने वाले राज्यसभा के युवा सांसद राघव चड्ढा का निलंबन वापस ले सरकार - किरण देव यादव* *सवाल उठाओ, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ, सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करने का अपील* खगड़िया। देश बचाओ अभियान के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष किरण देव यादव ने भारतीय सदन से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को निलंबित करने पर घोर निंदा करते हुए आक्रोश व्यक्त किया है तथा राघव चड्ढा के द्वारा उठाए गए मुद्दे सवाल का पुरजोर समर्थन किया है। श्री यादव ने प्रधानमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका को तानाशाही एवं विपक्ष विहीन, सवाल नहीं उठाने वाली सदन करार दिया। श्री यादव ने कहा कि केंद्र की आर एस एस नीत भाजपा की मोदी सरकार नहीं चाहती है कि कोई भी सदन के सदस्य सरकार पर कोई सवाल उठावे। विपक्ष विहीन, संवाद - सवाल विहीन सदन बनाना चाहती है, जो विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए शर्मनाक है। श्री यादव ने कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा के सदन से लगभग 100 सदस्यों को निलंबित किया गया है, जिस पर दुर्व्यवहार संसदीय मर्यादा का उल्लंघन का आरोप मढ़ा गया, किंतु इतिहास में पहली बार जन मुद्दों को लेकर देश व जनहित में उठाए गए सवाल के मद्देनजर युवा राज्यसभा सांसद सह आम आदमी पार्टी के सदस्य राघव चड्ढा एवं संजय सिंह को निलंबित करना, दुर्भाग्य पूर्ण एवं लोकतांत्रिक देश के लिए कलंक है। वहीं सत्ता पक्ष के सांसदों द्वारा दुर्व्यवहार के कारण निलंबित क्यों नहीं किया गया ? पूछता है भारत। मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता किरण देव यादव ने कहा कि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सरकार के आंखों में आंख डाल कर जनहित व आम आदमी का सवाल सदन में उठाने का कार्य किया, जो सराहनीय है। श्री यादव ने सदन में सवाल उठाओ, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ, नारों को बुलंद करते हुए कहा कि सांसद राघव चड्ढा ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाये - सदन में 40 सांसदों पर रेप केस चलने के कारण बलात्कारियों को फांसी देने संबंधी कानून पास क्यों नहीं, दोहरी कानूनी व्यवस्था क्यों, सरकारी नौकरी पाने के लिए होने वाली परीक्षा के तरह नेता प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री राष्ट्रपति मंत्री सांसद विधायक बनने के लिए भी परीक्षा क्यों नहीं, दोहरी मापदंड क्यों, दूध में यूरिया एवं आइसक्रीम में डिटर्जेंट, पनीर आदि सहित कई खाद्य सामग्रियों में केमिकल मिलावट क्यों, 5000 करोड़ रुपए की घोटाला करने पर 3 वर्ष की सजा किंतु 20 रुपए का रेलवे टिकट नहीं लेने पर 5 वर्ष की सजा क्यों, 5 किलो अनाज सहित सरकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु आमजनों को फिंगरप्रिंट लेना किंतु वोट चोरी रोकने हेतु फिंगरप्रिंट लेने की व्यवस्था क्यों नहीं, जीओ फ्री इंटरनेट एवं 10, 99,199,249,299,399, 499, 720 रुपए तक मोबाइल बैलेंस क्रमशः निरंतर लूट क्यों, 30-31 का महीना होने के बावजूद जिओ कंपनी द्वारा मात्र 28 दिन का महीना होना, उसमें भी 12:00 बजे रात तक नहीं, बल्कि जिस वक्त बैलेंस रिचार्ज करते हैं उस टाइम तक ही, यानी 27 दिन ही का महीना होने, निजीकरण क्यों, लूट छूट और झूठ क्यों, बिना रिचार्ज के भी सिम चले, कीपैड मोबाइल में जब इंटरनेट की जरूरत नहीं तो फिर उसमें भी इंटरनेट रिचार्ज लेना क्यों, शुरुआती दौर के तरह इनकमिंग कॉल फ्री हो, जब 299 रुपए में अनलिमिटेड कॉल महीना भर सुविधा है तो फिर विधायक सांसद मंत्री को 9 हजार रुपए की भुगतान टेलीफोन के नाम पर क्यों, आम जनता के लिए समोसा लिट्टी नाश्ता महंगा, किंतु सांसद विधायक मंत्री के लिए सस्ता क्यों, आम जनता के लिए सस्ता क्यों नहीं, एयरपोर्ट एवं रेलवे स्टेशन पर महंगा खाद्य सामग्री व पेयजल क्यों, निम्न एवं मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य बीमा एवं टैक्स फ्री हो, आम जनता ही टोल टैक्स क्यों दे, मंत्री जज अमीर को टोल टैक्स फ्री क्यों,, एक ही स्कूल में हर वर्ष छात्र को पुनः नामांकन शुल्क लेने की व्यवस्था क्यों, अमीर के बेटे को सीधे नौकरी एवं गरीब का बेटा नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाते हैं क्यों, समान रेलवे टिकट फीस लेने पर समान सुविधा क्यों नहीं, भेड़ बकरी की तरह ट्रेन पर सफर करने की मजबूरी क्यों, आदि सवाल, पूछता है भारत। श्री यादव ने कहा कि हम भारत के लोग का उक्त सवाल का जवाब मोदी सरकार दे, अन्यथा मांग पूरा करें, नहीं तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे एवं जनहित का मुद्दा उठाने वाले सांसदों का निलंबन वापस ले। श्री यादव ने आम आदमी से उक्त सवाल का जवाब सरकार से मांगने हेतु सड़क पर उतरने का अपील किया।
विपक्ष विहीन सदन बनाने हेतु सही सवाल उठाने वाले सांसदों को किया जा रहा है निलंबन 10 3.2026 खगड़िया बिहार *सदन में जनहित-देशहित में आम आदमी का मुद्दा उठाने वाले सांसदों को निलंबन करना - विपक्ष विहीन बनाना, तानाशाही बंद करे मोदी सरकार* *जनहित का मुद्दा उठाने वाले राज्यसभा के युवा सांसद राघव चड्ढा का निलंबन वापस ले सरकार - किरण देव यादव* *सवाल उठाओ, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ, सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करने का अपील* खगड़िया। देश बचाओ अभियान के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष किरण देव यादव ने भारतीय सदन से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को निलंबित करने पर घोर निंदा करते हुए आक्रोश व्यक्त किया है तथा राघव चड्ढा के द्वारा उठाए गए मुद्दे सवाल का पुरजोर समर्थन किया है। श्री यादव ने प्रधानमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका को तानाशाही एवं विपक्ष विहीन, सवाल नहीं उठाने वाली सदन करार दिया। श्री यादव ने कहा कि केंद्र की आर एस एस नीत भाजपा की मोदी सरकार नहीं चाहती है कि कोई भी सदन के सदस्य सरकार पर कोई सवाल उठावे। विपक्ष विहीन, संवाद - सवाल विहीन सदन बनाना चाहती है, जो विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए शर्मनाक है। श्री यादव ने कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा के सदन से लगभग 100 सदस्यों को निलंबित किया गया है, जिस पर दुर्व्यवहार संसदीय मर्यादा का उल्लंघन का आरोप मढ़ा गया, किंतु इतिहास में पहली बार जन मुद्दों को लेकर देश व जनहित में उठाए गए सवाल के मद्देनजर युवा राज्यसभा सांसद सह आम आदमी पार्टी के सदस्य राघव चड्ढा एवं संजय सिंह को निलंबित करना, दुर्भाग्य पूर्ण एवं लोकतांत्रिक देश के लिए कलंक है। वहीं सत्ता पक्ष के सांसदों द्वारा दुर्व्यवहार के कारण निलंबित क्यों नहीं किया गया ? पूछता है भारत। मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता किरण देव यादव ने कहा कि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सरकार के आंखों में आंख डाल कर जनहित व आम आदमी का सवाल सदन में उठाने का कार्य किया, जो सराहनीय है। श्री यादव ने सदन में सवाल उठाओ, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ, नारों को बुलंद करते हुए कहा कि सांसद राघव चड्ढा ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाये - सदन में 40 सांसदों पर रेप केस चलने के कारण बलात्कारियों को फांसी देने संबंधी कानून पास क्यों नहीं, दोहरी कानूनी व्यवस्था क्यों, सरकारी नौकरी पाने के लिए होने वाली परीक्षा के तरह नेता प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री राष्ट्रपति मंत्री सांसद विधायक बनने के लिए भी परीक्षा क्यों नहीं, दोहरी मापदंड क्यों, दूध में यूरिया एवं आइसक्रीम में डिटर्जेंट, पनीर आदि सहित कई खाद्य सामग्रियों में केमिकल मिलावट क्यों, 5000 करोड़ रुपए की घोटाला करने पर 3 वर्ष की सजा किंतु 20 रुपए का रेलवे टिकट नहीं लेने पर 5 वर्ष की सजा क्यों, 5 किलो अनाज सहित सरकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु आमजनों को फिंगरप्रिंट लेना किंतु वोट चोरी रोकने हेतु फिंगरप्रिंट लेने की व्यवस्था क्यों नहीं, जीओ फ्री इंटरनेट एवं 10, 99,199,249,299,399, 499, 720 रुपए तक मोबाइल बैलेंस क्रमशः निरंतर लूट क्यों, 30-31 का महीना होने के बावजूद जिओ कंपनी द्वारा मात्र 28 दिन का महीना होना, उसमें भी 12:00 बजे रात तक नहीं, बल्कि जिस वक्त बैलेंस रिचार्ज करते हैं उस टाइम तक ही, यानी 27 दिन ही का महीना होने, निजीकरण क्यों, लूट छूट और झूठ क्यों, बिना रिचार्ज के भी सिम चले, कीपैड मोबाइल में जब इंटरनेट की जरूरत नहीं तो फिर उसमें भी इंटरनेट रिचार्ज लेना क्यों, शुरुआती दौर के तरह इनकमिंग कॉल फ्री हो, जब 299 रुपए में अनलिमिटेड कॉल महीना भर सुविधा है तो फिर विधायक सांसद मंत्री को 9 हजार रुपए की भुगतान टेलीफोन के नाम पर क्यों, आम जनता के लिए समोसा लिट्टी नाश्ता महंगा, किंतु सांसद विधायक मंत्री के लिए सस्ता क्यों, आम जनता के लिए सस्ता क्यों नहीं, एयरपोर्ट एवं रेलवे स्टेशन पर महंगा खाद्य सामग्री व पेयजल क्यों, निम्न एवं मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य बीमा एवं टैक्स फ्री हो, आम जनता ही टोल टैक्स क्यों दे, मंत्री जज अमीर को टोल टैक्स फ्री क्यों,, एक ही स्कूल में हर वर्ष छात्र को पुनः नामांकन शुल्क लेने की व्यवस्था क्यों, अमीर के बेटे को सीधे नौकरी एवं गरीब का बेटा नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाते हैं क्यों, समान रेलवे टिकट फीस लेने पर समान सुविधा क्यों नहीं, भेड़ बकरी की तरह ट्रेन पर सफर करने की मजबूरी क्यों, आदि सवाल, पूछता है भारत। श्री यादव ने कहा कि हम भारत के लोग का उक्त सवाल का जवाब मोदी सरकार दे, अन्यथा मांग पूरा करें, नहीं तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे एवं जनहित का मुद्दा उठाने वाले सांसदों का निलंबन वापस ले। श्री यादव ने आम आदमी से उक्त सवाल का जवाब सरकार से मांगने हेतु सड़क पर उतरने का अपील किया।
- आज हम देखते हैं क्या बताता है जो कि हां जांच करने के बाद 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾2
- Post by Adv Pranav Kumar1
- खाड़ी देशों में तनाव के बीच बिहार के मुंगेर में रसोई गैस को लेकर हो रहें मारामारी को लेकर मुंगेर के जिला अधिकारी निखिल धनराज ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है लेकिन लोग गैसों को लेकर वेवजह अफवाह फैला रहें है। आप लोगों से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि गैस उपभोक्ता को होम डिलीवरी सर्विस ही मिलेगी गैस गोदाम से गैस नहीं मिलेगी वहीं गैस की कीमत बढाते हुए बताया कि 1 हजार दो रूपये से अधिक अगर कोई गैस एजेंसी वसूली करता है तो इसकी शिकायत जिले के एसडीएम से करें। साथी साथ उन्होंने बताया कि सभी गैस गोदाम पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल्कि तैनाती की जाएगी फिलहाल कुछ दिनों के लिए कमर्शियल गैस उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। वहीं जिलाधिकारी ने बताया कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। @Munger #LPG1
- बरियारपुर में 102 लीटर विदेशी शराब के साथ तीन युवक गिरफ्तार, टोटो गाड़ी जब्त मुंगेर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 102.825 लीटर अवैध विदेशी शराब के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बरियारपुर थाना मोड़ स्थित एनएच-80 पर की गई। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नियमित वाहन जांच अभियान के दौरान एक संदिग्ध टोटो गाड़ी को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान टोटो से करीब 102.825 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। इसके बाद मौके पर ही टोटो चालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भागलपुर जिले के नाथनगर निवासी सरवन कुमार, गांधीपुर निवासी टोटो चालक गुलशन कुमार तथा गंगा कुमार साव के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से टोटो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। बरियारपुर थाना पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में मुंगेर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- गुजरात के केमिकल फैक्ट्री मे बिहारी मजदूरों की मौत पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, nda सरकार को घेरा गुजरात के केमिकल फैक्ट्री में बिहारी मजदूरों की मौत के मामले में जन सुराज पार्टी ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है। घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बिहार के मजदूरों को रोजी रोजगार के लिए अन्य प्रदेश के लिए पलायन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और अमित शाह चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं लेकिन ऐसी दुखद घटनाओं पर कुछ नहीं बोलते हैं प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कहा कि चुनाव के बाद अब तक ऐसे हादसों में करीब 50 बिहारी मजदूरों की मौत हो चुकी है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने एक बयान तक नहीं दिया है।1
- Post by Amit Kumar Mandal1
- साहेबपुरकमाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साहेेबपुुरकमाल प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से आए 11 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत डॉक्टर मीनू माया के द्वारा सफल परिवार नियोजन ऑपरेशन किया गया है1
- क्या 16 बरस में बहुत ताकत है जानेमन1