अयोध्या जिले के थाना हैदरगंज अंतर्गत सिंहोरिया गांव निवासी बृजेश कुमार वर्मा ने उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि गांव पूरबपट्टी स्थित गाटा संख्या 571 की जमीन उन्होंने अपनी पत्नी शोभावती के नाम बैनामा कराई है, जिसका नाम खतौनी में भी दर्ज हो चुका है। इस जमीन के बंटवारे का मुकदमा उपजिलाधिकारी बीकापुर के न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पवन, अनूप, प्रेम और अवधेश दबंगई पर आमादा होकर जबरन एक मीटर जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षीगण के दबाव के कारण स्थानीय हैदरगंज थाने में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में मांग की है कि उनके कब्जे वाली जमीन पर विपक्षीगण को कब्जा करने से रोका जाए। पीड़ित की शिकायत पर उपजिलाधिकारी बीकापुर द्वारा संबंधित थाने को आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया गया है। ऐसे में पीड़ित को कब और कैसे न्याय मिलेगा, इसका इंतजार है।
अयोध्या जिले के थाना हैदरगंज अंतर्गत सिंहोरिया गांव निवासी बृजेश कुमार वर्मा ने उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि गांव पूरबपट्टी स्थित गाटा संख्या 571 की जमीन उन्होंने अपनी पत्नी शोभावती के नाम बैनामा कराई है, जिसका नाम खतौनी में भी दर्ज हो चुका है। इस जमीन के बंटवारे का मुकदमा उपजिलाधिकारी बीकापुर के न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पवन, अनूप, प्रेम और अवधेश दबंगई पर आमादा होकर जबरन एक
मीटर जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षीगण के दबाव के कारण स्थानीय हैदरगंज थाने में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में मांग की है कि उनके कब्जे वाली जमीन पर विपक्षीगण को कब्जा करने से रोका जाए। पीड़ित की शिकायत पर उपजिलाधिकारी बीकापुर द्वारा संबंधित थाने को आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया गया है। ऐसे में पीड़ित को कब और कैसे न्याय मिलेगा, इसका इंतजार है।
- अयोध्या के जनौरा वार्ड में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर यादव टोला से जनौरा गांव (शंकर जी मंदिर) और राजेंद्र तिवारी के घर तक सड़क और नाली की स्थिति पिछले तीन वर्षों से बेहद दयनीय बनी हुई है। ना तो सड़क का निर्माण हुआ है और ना ही नाली बनाई गई है। कुछ लोगों द्वारा नाले को पाटकर अवरोध खड़ा कर देने से पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे मोहल्ले और गांव के निवासियों का रास्ते से निकलना बेहद दुश्वार हो गया है। काफी प्रयास और बार-बार शिकायत करने के बाद तीन महीने पहले नगर निगम द्वारा टेंडर पास किया गया था। इसके बाद ठेकेदार ने नाली का निर्माण शुरू तो कराया, लेकिन जगह-जगह चार-पांच डंपर मिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ कर भाग गया। इस वजह से रास्ते में और अधिक भयानक जलभराव व कीचड़ हो गया है। आसपास कई विद्यालय होने के कारण छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से गुजरते हैं। कीचड़ में स्कूल वाहन फंस जाते हैं और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बारिश अधिक होने के कारण अब लोगों के घरों में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल प्रभाव से पानी की समुचित निकासी कराकर समस्या का समाधान करने की मांग की है। इसके साथ ही सवाल उठाया है कि इस बदहाली के लिए आखिर जिला प्रशासन जिम्मेदार है या कार्यदायी संस्था का ठेकेदार।4
- अयोध्या के फैजाबाद बार एसोसिएशन स्थित आचार्य नरेन्दलय सभागार में 'लोकतंत्र में पत्रकारिता जगत की विशेष जिम्मेदारी' विषय पर ग्रामीण पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 जुलाई, रविवार को सुबह 10:30 बजे आयोजित होगा। जिला अध्यक्ष देव बख्श वर्मा ने सभी पत्रकार बंधुओं को इस सम्मेलन में सम्मानित पूर्वक शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम की रिपोर्टिंग आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ के लाल चंद सोनी द्वारा की गई है।1
- अयोध्या जिले के थाना हैदरगंज अंतर्गत सिंहोरिया गांव निवासी बृजेश कुमार वर्मा ने उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि गांव पूरबपट्टी स्थित गाटा संख्या 571 की जमीन उन्होंने अपनी पत्नी शोभावती के नाम बैनामा कराई है, जिसका नाम खतौनी में भी दर्ज हो चुका है। इस जमीन के बंटवारे का मुकदमा उपजिलाधिकारी बीकापुर के न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पवन, अनूप, प्रेम और अवधेश दबंगई पर आमादा होकर जबरन एक मीटर जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षीगण के दबाव के कारण स्थानीय हैदरगंज थाने में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में मांग की है कि उनके कब्जे वाली जमीन पर विपक्षीगण को कब्जा करने से रोका जाए। पीड़ित की शिकायत पर उपजिलाधिकारी बीकापुर द्वारा संबंधित थाने को आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया गया है। ऐसे में पीड़ित को कब और कैसे न्याय मिलेगा, इसका इंतजार है।2
- अयोध्या जिले के हैदरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंहोरिया गांव निवासी बृजेश कुमार वर्मा ने उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि गांव पूरबपट्टी स्थित गाटा संख्या 571 में उन्होंने अपनी पत्नी शोभावती के नाम बैनामा कराया है, जिसकी खारिज-दाखिल भी खतौनी में दर्ज हो चुकी है। इस संपत्ति के बंटवारे का मुकदमा उपजिलाधिकारी बीकापुर के न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पवन, अनूप, प्रेम और अवधेश दबंगई और फौजदारी पर आमादा होकर जबरन एक मीटर जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं। मामले में पीड़ित बृजेश कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि उपजिलाधिकारी बीकापुर द्वारा हैदरगंज थाने को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि विवादित भूमि पर किसी प्रकार का परिवर्तन न हो और शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए। इसके बावजूद विपक्षियों के दबाव में स्थानीय हैदरगंज थाने में पीड़ित की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उपजिलाधिकारी के आदेश के बाद भी पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा है और वह लगातार इंसाफ मिलने का इंतजार कर रहा है।3
- अयोध्या धाम स्थित प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर के भव्य दर्शन में मंदिर का धार्मिक वातावरण देखने को मिलता है। इस मंदिर से जुड़ी प्रसिद्ध धार्मिक मान्यता है कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन करने से पहले हनुमानजी के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है।1
- अयोध्या के रामनगर तिराहे के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई। इस हादसे के बाद मासूम के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के तुरंत बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन इकट्ठा हो गए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। मामले में प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने टीआई रामसूरत यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों के बाद से ही लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हादसे और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1