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मूकनायक की पड़ताल में कबीर पंथ पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पड़ताल कबीर के इस कथन पर केंद्रित है कि 'सब समान हैं', जिसके बावजूद पंथ के भीतर गुरु और शिष्य के बीच भेद क्यों किया जाता है। संपादक रामलाल यादव के साथ मूकनायक की यह पड़ताल 30.05.2026 को जारी रहेगी।

2 hrs ago
user_Chief editor Rajasthan
Chief editor Rajasthan
Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
2 hrs ago

मूकनायक की पड़ताल में कबीर पंथ पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पड़ताल कबीर के इस कथन पर केंद्रित है कि 'सब समान हैं', जिसके बावजूद पंथ के भीतर गुरु और शिष्य के बीच भेद क्यों किया जाता है। संपादक रामलाल यादव के साथ मूकनायक की यह पड़ताल 30.05.2026 को जारी रहेगी।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के नौगामा में अंतरमना परम पूज्य मुनि श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया, जिससे पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। इस दौरान भगवान आदिनाथ एवं नेमिनाथ का अभिषेक, धर्मसभा, मंगल प्रवचन और विभिन्न भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह विशेष रिपोर्ट आवाज टीवी 3 इंडिया न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसे बांसवाड़ा नौगामा से सुरेश गांधी ने साझा किया है।
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    राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के नौगामा में अंतरमना परम पूज्य मुनि श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया, जिससे पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। इस दौरान भगवान आदिनाथ एवं नेमिनाथ का अभिषेक, धर्मसभा, मंगल प्रवचन और विभिन्न भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह विशेष रिपोर्ट आवाज टीवी 3 इंडिया न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसे बांसवाड़ा नौगामा से सुरेश गांधी ने साझा किया है।
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
    1
    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र में एक जीजा ने अपने साले पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में भाई और बहन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई।
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    डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र में एक जीजा ने अपने साले पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में भाई और बहन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई।
    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • एक नए उपन्यास की घोषणा की गई है, जिसका शीर्षक 'जय जोगणियाँ माता' है। यह कृति 'मेरी किताब -21' के रूप में सामने आई है, जो संभवतः श्रृंखला का एक भाग या विशिष्ट संस्करण है।
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    एक नए उपन्यास की घोषणा की गई है, जिसका शीर्षक 'जय जोगणियाँ माता' है। यह कृति 'मेरी किताब -21' के रूप में सामने आई है, जो संभवतः श्रृंखला का एक भाग या विशिष्ट संस्करण है।
    user_Shyam Pokra
    Shyam Pokra
    Hindi sahitya writer. Ratlam, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • मुंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने के बाद, दामड़ी गांव के मूल निवासी और वासुदेव जोशी के सुपुत्र रोहित जोशी का पहली बार डूंगरपुर आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। प्रियंकांत पंड्या के आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पंड्या परिवार ने न्यायाधीश जोशी का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने रोहित जोशी की उपलब्धि को वागड़ अंचल के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी करार दिया। अतिथियों ने न्यायाधीश जोशी को पुष्पमालाएं भेंट कर और सम्मान स्वरूप शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया, जिससे यह स्वागत समारोह गौरव और आत्मीयता का प्रतीक बन गया। अपने प्रति मिले इस स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए, न्यायाधीश रोहित जोशी ने कहा कि व्यक्ति को अपने क्षेत्र और समाज से जुड़ाव ही आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, अथक परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कई सामाजिक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने न्यायाधीश पद पर उनकी नियुक्ति को क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
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    मुंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने के बाद, दामड़ी गांव के मूल निवासी और वासुदेव जोशी के सुपुत्र रोहित जोशी का पहली बार डूंगरपुर आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। प्रियंकांत पंड्या के आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पंड्या परिवार ने न्यायाधीश जोशी का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने रोहित जोशी की उपलब्धि को वागड़ अंचल के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी करार दिया। अतिथियों ने न्यायाधीश जोशी को पुष्पमालाएं भेंट कर और सम्मान स्वरूप शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया, जिससे यह स्वागत समारोह गौरव और आत्मीयता का प्रतीक बन गया।

अपने प्रति मिले इस स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए, न्यायाधीश रोहित जोशी ने कहा कि व्यक्ति को अपने क्षेत्र और समाज से जुड़ाव ही आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, अथक परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कई सामाजिक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने न्यायाधीश पद पर उनकी नियुक्ति को क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • धम्बोला कस्बेवासियों को शनिवार सुबह मई माह की भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। 30 मई को सुबह करीब 6 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में काले घने बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने उमस भरी गर्मी से काफी सुकून महसूस किया। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था, लेकिन इस बदली हुई सुबह ने लोगों के चेहरों पर खुशी ला दी। बारिश के कारण सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया। सुबह की सैर पर निकले लोगों ने इस बारिश का खूब आनंद लिया, वहीं किसानों ने भी इसे आगामी खरीफ सीजन के लिए एक शुभ संकेत माना। बच्चों ने भी बारिश में भीगकर मौसम का भरपूर लुत्फ उठाया। अचानक हुई इस बारिश से पेड़-पौधों को नई ताजगी मिली और पूरे वातावरण में हरियाली का एहसास बढ़ गया। मौसम में आए इस बदलाव से पूरे धम्बोला कस्बे में गर्मी से राहत का माहौल रहा। लोगों ने कहा कि मई की तपती दोपहरों के बीच सुबह हुई यह बारिश किसी राहत भरे उपहार से कम नहीं थी। बारिश के बाद धम्बोला का मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया और लोगों ने चैन की सांस ली।
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    धम्बोला कस्बेवासियों को शनिवार सुबह मई माह की भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। 30 मई को सुबह करीब 6 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में काले घने बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने उमस भरी गर्मी से काफी सुकून महसूस किया। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था, लेकिन इस बदली हुई सुबह ने लोगों के चेहरों पर खुशी ला दी।

बारिश के कारण सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया। सुबह की सैर पर निकले लोगों ने इस बारिश का खूब आनंद लिया, वहीं किसानों ने भी इसे आगामी खरीफ सीजन के लिए एक शुभ संकेत माना। बच्चों ने भी बारिश में भीगकर मौसम का भरपूर लुत्फ उठाया। अचानक हुई इस बारिश से पेड़-पौधों को नई ताजगी मिली और पूरे वातावरण में हरियाली का एहसास बढ़ गया।

मौसम में आए इस बदलाव से पूरे धम्बोला कस्बे में गर्मी से राहत का माहौल रहा। लोगों ने कहा कि मई की तपती दोपहरों के बीच सुबह हुई यह बारिश किसी राहत भरे उपहार से कम नहीं थी। बारिश के बाद धम्बोला का मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया और लोगों ने चैन की सांस ली।
    user_Mukesh aar pandya
    Mukesh aar pandya
    Bag shop सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
    1
    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक आस्था का विशेष वातावरण बना हुआ है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के पश्चात, इन महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु तथा पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के तहत सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित कर भगवान का पूजन किया, वहीं कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
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    अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक आस्था का विशेष वातावरण बना हुआ है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के पश्चात, इन महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु तथा पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की।

सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के तहत सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित कर भगवान का पूजन किया, वहीं कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में एक विशेष धार्मिक आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के बाद, महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु एवं पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल कामना की। सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के चलते सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान कर दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित करते हुए भगवान का पूजन किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर पुण्य प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सुख-शांति का वास होता है। क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, और धार्मिक अनुष्ठानों तथा भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
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    अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में एक विशेष धार्मिक आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के बाद, महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु एवं पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल कामना की।

सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के चलते सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान कर दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित करते हुए भगवान का पूजन किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर पुण्य प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, और धार्मिक अनुष्ठानों तथा भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
    user_Mukesh aar pandya
    Mukesh aar pandya
    Bag shop सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
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