Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक नए उपन्यास की घोषणा की गई है, जिसका शीर्षक 'जय जोगणियाँ माता' है। यह कृति 'मेरी किताब -21' के रूप में सामने आई है, जो संभवतः श्रृंखला का एक भाग या विशिष्ट संस्करण है।
Shyam Pokra
एक नए उपन्यास की घोषणा की गई है, जिसका शीर्षक 'जय जोगणियाँ माता' है। यह कृति 'मेरी किताब -21' के रूप में सामने आई है, जो संभवतः श्रृंखला का एक भाग या विशिष्ट संस्करण है।
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- एक नए उपन्यास की घोषणा की गई है, जिसका शीर्षक 'जय जोगणियाँ माता' है। यह कृति 'मेरी किताब -21' के रूप में सामने आई है, जो संभवतः श्रृंखला का एक भाग या विशिष्ट संस्करण है।1
- ग्राम पंचायत पंथ पिपलोदा के तहत वार्ड नंबर 6 में पिछले लगभग दो महीने से लगातार पानी व्यर्थ बह रहा है। इस समस्या की जड़ वार्ड नंबर 6 में पानी के लिए लगाए गए वॉल का खराब होना बताया जा रहा है। इतनी अवधि से पानी बर्बाद होने के बावजूद, सरपंच और मंत्री साहब की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पंचायत में जाकर भी इन अधिकारियों को इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया था, लेकिन फिर भी वे इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।2
- रतलाम ग्रामीण के एसडीएम विवेक सोनकर ने जानकारी दी है कि नामली निवासी रमेश पिता लीलाराम कुमावत ने भूमि संबंधी एक आवेदन प्रस्तुत किया है। यह आवेदन आलोक जैन और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दायर किया गया है। रमेश कुमावत का कहना है कि सर्वे नंबर 681 की कुछ भूमि एमपीईबी के नाम पर है और शेष हिस्सा कुछ निजी लोगों के नाम दर्ज है। वह चाहते हैं कि इस रकबे की जमीन को वापस उनके नाम पर कराया जाए।1
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश के विभिन्न शहरों में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े होने की बात सामने आई है। इसी कड़ी में राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से भी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल शुक्रवार देर रात बांसवाड़ा पहुंची और एक घर पर दबिश देकर फरहान पुत्र बाबर खान को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि फरहान पहले मुंबई में ओला कैब चलाता था और पिछले कई महीनों से अपनी बहन के घर रह रहा था। कार्रवाई के बाद पुलिस उसे अपने साथ दिल्ली ले गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली समेत देश के कई प्रमुख शहरों में सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों और रणनीतिक महत्व के ठिकानों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनके निशाने पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पावर प्लांट, पावर हाउस और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार, विस्फोटक सामग्री, ग्रेनेड और अन्य आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। फिलहाल स्पेशल सेल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क के देश-विदेश कनेक्शन की जांच जारी है।1
- मूकनायक की पड़ताल में कबीर पंथ पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पड़ताल कबीर के इस कथन पर केंद्रित है कि 'सब समान हैं', जिसके बावजूद पंथ के भीतर गुरु और शिष्य के बीच भेद क्यों किया जाता है। संपादक रामलाल यादव के साथ मूकनायक की यह पड़ताल 30.05.2026 को जारी रहेगी।1
- राजस्थान के कुशलगढ़ में पूर्व राजपरिवार के दरबार साहब श्रीमान हरेंद्र सिंह जी राठौड़ का मूर्ति अनावरण दिवस मनाया गया। क्षत्रिय महासभा कुशलगढ़ ने 28 मई गुरुवार, 2026 को रात्रि 8:00 बजे इस अवसर पर मूर्ति पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और आतिशबाजी का आयोजन किया। उल्लेखनीय है कि दरबार साहब श्रीमान हरेंद्र सिंह जी राठौड़ की यह मूर्ति नगर पालिका कुशलगढ़ द्वारा शहीद भगत सिंह बस स्टैंड के पास स्थित पार्क में स्थापित की गई थी, जिसका अनावरण 28 मई, 2018 को हुआ था। मूर्ति का अनावरण तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रेखा जोशी, दरबार साहब श्रीमान हमेन्द्र सिंह जी राठौड़ और महाराजा साहब लवकुमार सिंह जी के हाथों किया गया था। इस गरिमामयी आयोजन में महाराज सा. हरिशचंद्र सिंह जी राठौड़, महेन्द्र प्रताप सिंह झाला, यशपाल सिंह राठौड़, दिग्विजय सिंह राठौड़, देवेंद्र सिंह राठौड़, भारतेंद्र सिंह शेखावत, हितेंद्र सिंह राठौड़, जीतेन्द्र सिंह राठौड़, दिग्विजय सिंह शक्तावत, प्रेमदीप सिंह राठौड़, अशोक कुमार जोशी और अजय कुमार निगम सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत सरकार और राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ-साथ माननीय कृषि मंत्रियों को भी संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम और प्रक्रियाएँ किसानों की सुविधा के लिए बनाई गई हैं, न कि किसान नियमों और प्रक्रियाओं के अधीन होने के लिए हैं। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह उनकी टीम का मत है कि व्यवस्थाओं का केंद्र किसान होना चाहिए।1