बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 से पहले ग्राम पंचायतों के गठन, पंचायत क्षेत्र की घोषणा, सीमांकन, नाम परिवर्तन और वार्ड निर्धारण को लेकर नियमों को स्पष्ट कर दिया गया है। इस संबंध में बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 11 और 12 के तहत महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी सामने आई है, जो पंचायत चुनाव, मुखिया चुनाव और वार्ड सदस्य चुनाव से जुड़ी सटीक जानकारी चाहने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन नियमों के अंतर्गत जिला दंडाधिकारी (DM) और राज्य निर्वाचन आयोग की शक्तियों के साथ-साथ ग्राम पंचायत की संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी स्पष्ट की गई है। चुनाव से पहले आए इस बड़े अपडेट में अधिनियम की धारा 11 और 12 के कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है ताकि सीमांकन, गठन और वार्ड निर्धारण से जुड़े अधिकारों को सही तरीके से समझा जा सके।
बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 से पहले ग्राम पंचायतों के गठन, पंचायत क्षेत्र की घोषणा, सीमांकन, नाम परिवर्तन और वार्ड निर्धारण को लेकर नियमों को स्पष्ट कर दिया गया है। इस संबंध में बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 11 और 12 के तहत महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी सामने आई है, जो पंचायत चुनाव, मुखिया चुनाव और वार्ड सदस्य चुनाव से जुड़ी सटीक जानकारी चाहने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन नियमों के अंतर्गत जिला दंडाधिकारी (DM) और राज्य निर्वाचन आयोग की शक्तियों के साथ-साथ ग्राम पंचायत की संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी स्पष्ट की गई है। चुनाव से पहले आए इस बड़े अपडेट में अधिनियम की धारा 11 और 12 के कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है ताकि सीमांकन, गठन और वार्ड निर्धारण से जुड़े अधिकारों को सही तरीके से समझा जा सके।
- बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 से पहले ग्राम पंचायतों के गठन, पंचायत क्षेत्र की घोषणा, सीमांकन, नाम परिवर्तन और वार्ड निर्धारण को लेकर नियमों को स्पष्ट कर दिया गया है। इस संबंध में बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 11 और 12 के तहत महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी सामने आई है, जो पंचायत चुनाव, मुखिया चुनाव और वार्ड सदस्य चुनाव से जुड़ी सटीक जानकारी चाहने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन नियमों के अंतर्गत जिला दंडाधिकारी (DM) और राज्य निर्वाचन आयोग की शक्तियों के साथ-साथ ग्राम पंचायत की संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी स्पष्ट की गई है। चुनाव से पहले आए इस बड़े अपडेट में अधिनियम की धारा 11 और 12 के कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है ताकि सीमांकन, गठन और वार्ड निर्धारण से जुड़े अधिकारों को सही तरीके से समझा जा सके।1
- पटना जिले के बाढ़ में पूर्व मुखिया संजय यादव हत्याकांड के मामले में अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का जनाक्रोश फूट पड़ा है। इसके विरोध में हजारों लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना गुस्सा जाहिर किया है।1
- पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुधीर कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्तीपुर जिला कोर्ट में पदस्थापित जजों के लिए बनाए गए आवासीय परिसर का उद्घाटन किया है। इस उद्घाटन अवसर पर समस्तीपुर के जिला जज समीर कुमार समेत कई अन्य न्यायिक पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। जिला जज समीर कुमार ने बताया कि काफी समय से समस्तीपुर जिला कोर्ट के जज निजी और पुराने आवासों में रहने को मजबूर थे, जो उनकी सुरक्षा और न्यायिक कार्यों के दृष्टिकोण से बिल्कुल भी सही नहीं था। अब लगभग ₹9 करोड़ 10 लाख की लागत से तैयार किए गए इस नए आवासीय परिसर में उन्हें रहने की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके न्यायिक कामकाज के निष्पादन में भी काफी बेहतरी आएगी।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर में रविवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। यह शोभायात्रा बख्तियारपुर के सीढ़ी घाट से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और श्रीराम मंदिर पहुंची, जिसके बाद पुनः सीढ़ी घाट लौटकर संपन्न हुई। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा के दौरान पूरा वातावरण "जय जगन्नाथ" के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए, वहीं सड़क किनारे खड़े लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का भव्य स्वागत किया। पूरे नगर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी व्यवस्थाएं संभालीं और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात को सुचारु बनाए रखा। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ की आरती की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।1
- पटना के घोसवरी से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ जमीन के लालच में बेटों द्वारा अपने ही बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। गश्ती के दौरान घोसवरी थाना अध्यक्ष सत्यम तिवारी को एक महिला का फोन आया, जिसने सूचना दी कि उसके दोनों भाई अपने ही माता-पिता के साथ मारपीट कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। गाँव पहुँचने पर पुलिस को पीड़ित परिवार का घर ढूँढ़ने में काफी परेशानी हुई, जिसके बाद एक रोती-बिलखती बुजुर्ग महिला पुलिस के पास पहुँची और अपनी दर्दभरी आपबीती सुनाई। बुजुर्ग दंपति ने अपनी गंभीर बीमारी के इलाज और ऑपरेशन के लिए अपनी जमीन गिरवी रखी थी, जिसमें उनके बेटों ने कोई आर्थिक मदद नहीं की थी। बाद में उसी जमीन को लेकर बेटों ने विवाद शुरू कर दिया और माता-पिता के साथ मारपीट कर उन्हें घर से निकालने का प्रयास किया। पुलिस के पहुँचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना से भावुक होकर थाना अध्यक्ष सत्यम तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए समाज से अपील की है। उन्होंने लिखा कि माँ-पिता से बढ़कर इस दुनिया में कुछ भी नहीं है, मतभेद हों तो अलग हो जाइए, लेकिन लालच में आकर उन्हें प्रताड़ित मत कीजिए। उन्होंने इसे बेहद दुखद और शर्मनाक व्यवहार बताया है। सोशल मीडिया पर उनका यह संदेश तेजी से वायरल हो रही है और लोग बुजुर्गों के सम्मान व अधिकारों की रक्षा को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं।1
- बिहार में 6 घंटे तक चली लंबी जंग के बाद आखिरकार जिंदगी की जीत हुई है। बोरवेल से 3 वर्षीय मासूम पियूष मांझी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। NDRF और SDRF की टीमों ने मिलकर इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया और बच्चे की जान सुरक्षित बचा ली।1
- बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों और आम लोगों के लिए संवाद डिजिटल टीवी न्यूज द्वारा जारी किया गया यह वीडियो बेहद महत्वपूर्ण है। इस वीडियो में बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा-37 के तहत पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों की संख्या, प्रत्येक सदस्य द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली जनसंख्या, निर्वाचन क्षेत्र के गठन और चुनाव की पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाया गया है। यदि आप पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ना चाहते हैं या फिर पंचायत चुनाव के नियमों को करीब से समझना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक जरूर देखने की अपील की गई है। इसके साथ ही दर्शकों से वीडियो को लाइक व शेयर करने और संवाद डिजिटल टीवी न्यूज चैनल को सब्सक्राइब करने का अनुरोध भी किया गया है।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज के पुराने बंद हॉस्टल के एक खंडहरनुमा कमरे से बुधवार को एक युवक का सड़ा-गला शव बरामद किया गया है। मृतक युवक की उम्र करीब 20-22 साल है और उसके शरीर पर पैंट और टी-शर्ट है। शव मिलने के बाद आशंका जताई जा रही है कि केमिकल डालकर युवक का चेहरा और शरीर जलाने का प्रयास किया गया है। शव पूरी तरह गल चुका है और उसका चेहरा कंकाल की तरह लग रहा है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि युवक की मौत करीब 15-20 दिन पहले हुई होगी। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय ग्रामीण राजू राय, जिनका घर और खेत हॉस्टल के पीछे है, अपने खेत के ताड़ के पेड़ का छज्जा हॉस्टल की छत पर गिरने के बाद वहां चढ़े। छत पर चढ़ने के बाद उन्हें भारी बदबू का एहसास हुआ, जिसके बाद जब वे दीवार से उतरकर नीचे कमरे की तरफ गए तो उन्हें वहां सड़ी हुई लाश दिखाई दी। घबराए राजू राय ने तुरंत इसकी सूचना कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर शशि रंजन कुमार शशि को दी, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर शव देखा और तुरंत एएसपी संजय पांडेय को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मुफस्सिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर शशि रंजन कुमार शशि ने बताया कि 15 मई से गर्मी की छुट्टियों के कारण कॉलेज बंद था और इस परिसर में लोगों का आना-जाना नहीं रहता था। उन्होंने बताया कि कॉलेज में सीसीटीवी तो लगा है लेकिन उसमें केवल 15 दिनों का ही रिकॉर्ड रहता है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि बंद पड़े पीजी हॉस्टल के कमरे में केमिकल फैला हुआ भी मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की सही जांच के लिए फॉरेंसिक विभाग की टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक की हत्या करके शव को यहाँ लाकर फेंका गया है या मौत का कोई अन्य कारण है।1