भाटापारा में अवैध ईंटा भट्ठा संचालन का खुलासा: बिना लाइसेंस वर्षों से धधक रहा नियमों का उल्लंघन नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर ईंटा भट्ठों के अवैध संचालन का खेल खुलेआम जारी है। ताज़ा मामला भाटापारा क्षेत्र का है, जहां महेश पाड़े द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस एवं शासकीय स्वीकृति के ईंटा भट्ठा संचालित किया जा रहा है। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि पर्यावरण, श्रमिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना अनुमति, बिना निगरानी—खुला खेल सूत्रों के अनुसार संबंधित ईंटा भट्ठा खनिज विभाग, पर्यावरण विभाग और स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बिना संचालित हो रहा है। नियमों के अनुसार ईंटा भट्ठा संचालन हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, श्रम विभाग की अनुमति, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है, किंतु इन सभी शर्तों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पर्यावरण को नुकसान, आबादी पर खतरा अवैध ईंटा भट्ठे से निकलने वाला धुआं आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में वायु प्रदूषण फैला रहा है। खेतों की उपज पर असर पड़ रहा है, वहीं बच्चों, बुजुर्गों और दमा रोगियों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। मिट्टी के अवैध उत्खनन से भूमि की उर्वरता नष्ट हो रही है, जो आने वाले समय में गंभीर पर्यावरणीय संकट का कारण बन सकती है। श्रम कानूनों का भी उल्लंघन सूत्रों का दावा है कि भट्ठे में कार्यरत मजदूरों से न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षा उपकरण और मूलभूत सुविधाओं के बिना काम कराया जा रहा है। बाल श्रम और प्रवासी मजदूरों के शोषण की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यदि यह तथ्य सत्य पाए जाते हैं, तो यह श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन होगा। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना लाइसेंस संचालित ईंटा भट्ठा आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं? स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कड़ी कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध ईंटा भट्ठे को तत्काल सील किया जाए संचालक महेश पाड़े के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए पर्यावरण व खनिज नियमों के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए भविष्य में ऐसे अवैध संचालन पर शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाए यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह अवैध संचालन न केवल कानून का मज़ाक उड़ाता रहेगा, बल्कि भाटापारा क्षेत्र को पर्यावरणीय और सामाजिक संकट की ओर भी धकेल देगा।
भाटापारा में अवैध ईंटा भट्ठा संचालन का खुलासा: बिना लाइसेंस वर्षों से धधक रहा नियमों का उल्लंघन नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर ईंटा भट्ठों के अवैध संचालन का खेल खुलेआम जारी है। ताज़ा मामला भाटापारा क्षेत्र का है, जहां महेश पाड़े द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस एवं शासकीय स्वीकृति के ईंटा भट्ठा संचालित किया जा रहा है। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि पर्यावरण, श्रमिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना अनुमति, बिना निगरानी—खुला खेल सूत्रों के अनुसार संबंधित ईंटा भट्ठा खनिज विभाग, पर्यावरण विभाग और स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बिना संचालित हो रहा है। नियमों के अनुसार ईंटा भट्ठा संचालन हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, श्रम विभाग की अनुमति, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है, किंतु इन सभी शर्तों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पर्यावरण को नुकसान, आबादी पर खतरा अवैध ईंटा भट्ठे से निकलने वाला धुआं आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में वायु प्रदूषण फैला रहा है। खेतों की उपज पर असर पड़ रहा है, वहीं बच्चों, बुजुर्गों और दमा रोगियों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। मिट्टी के अवैध उत्खनन से भूमि की उर्वरता नष्ट हो रही है,
जो आने वाले समय में गंभीर पर्यावरणीय संकट का कारण बन सकती है। श्रम कानूनों का भी उल्लंघन सूत्रों का दावा है कि भट्ठे में कार्यरत मजदूरों से न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षा उपकरण और मूलभूत सुविधाओं के बिना काम कराया जा रहा है। बाल श्रम और प्रवासी मजदूरों के शोषण की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यदि यह तथ्य सत्य पाए जाते हैं, तो यह श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन होगा। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना लाइसेंस संचालित ईंटा भट्ठा आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं? स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कड़ी कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध ईंटा भट्ठे को तत्काल सील किया जाए संचालक महेश पाड़े के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए पर्यावरण व खनिज नियमों के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए भविष्य में ऐसे अवैध संचालन पर शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाए यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह अवैध संचालन न केवल कानून का मज़ाक उड़ाता रहेगा, बल्कि भाटापारा क्षेत्र को पर्यावरणीय और सामाजिक संकट की ओर भी धकेल देगा।
- पत्रकारBaloda Bazar, Chhattisgarh😡8 hrs ago
- गौ सम्मान आव्हान अभियान में आप सबका स्वागत है अभिनंदन है साथी हाथ बढ़ाना1
- भाटापारा में अवैध ईंटा भट्ठा संचालन का खुलासा: बिना लाइसेंस वर्षों से धधक रहा नियमों का उल्लंघन नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर ईंटा भट्ठों के अवैध संचालन का खेल खुलेआम जारी है। ताज़ा मामला भाटापारा क्षेत्र का है, जहां महेश पाड़े द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस एवं शासकीय स्वीकृति के ईंटा भट्ठा संचालित किया जा रहा है। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि पर्यावरण, श्रमिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना अनुमति, बिना निगरानी—खुला खेल सूत्रों के अनुसार संबंधित ईंटा भट्ठा खनिज विभाग, पर्यावरण विभाग और स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बिना संचालित हो रहा है। नियमों के अनुसार ईंटा भट्ठा संचालन हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, श्रम विभाग की अनुमति, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है, किंतु इन सभी शर्तों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पर्यावरण को नुकसान, आबादी पर खतरा अवैध ईंटा भट्ठे से निकलने वाला धुआं आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में वायु प्रदूषण फैला रहा है। खेतों की उपज पर असर पड़ रहा है, वहीं बच्चों, बुजुर्गों और दमा रोगियों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। मिट्टी के अवैध उत्खनन से भूमि की उर्वरता नष्ट हो रही है, जो आने वाले समय में गंभीर पर्यावरणीय संकट का कारण बन सकती है। श्रम कानूनों का भी उल्लंघन सूत्रों का दावा है कि भट्ठे में कार्यरत मजदूरों से न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षा उपकरण और मूलभूत सुविधाओं के बिना काम कराया जा रहा है। बाल श्रम और प्रवासी मजदूरों के शोषण की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यदि यह तथ्य सत्य पाए जाते हैं, तो यह श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन होगा। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना लाइसेंस संचालित ईंटा भट्ठा आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं? स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कड़ी कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध ईंटा भट्ठे को तत्काल सील किया जाए संचालक महेश पाड़े के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए पर्यावरण व खनिज नियमों के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए भविष्य में ऐसे अवैध संचालन पर शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाए यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह अवैध संचालन न केवल कानून का मज़ाक उड़ाता रहेगा, बल्कि भाटापारा क्षेत्र को पर्यावरणीय और सामाजिक संकट की ओर भी धकेल देगा।2
- chherkapur1
- बलौदाबाजार–रायपुर मुख्य मार्ग NH-130B पर चल रही एक राजधानी बस में अचानक आग लग गई, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है,वही पलारी के संडी गांव से बस निकली तो हल्का हल्का धुआं आ रहा था,जिसके बाद आगे जाकर बस पूरी तरह आग की लपटों में आ गया वहीं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई,स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।1
- जिले में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस को बड़ी सफलता हांथ लगी है। पुलिस ने छापेमारी कर अवैध महुआ शराब के कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि शराब बनाने वाला मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया।1
- हमारा ग्राम पंचायत धौरा भाटा वार्ड क्रमांक 8 का बोरवेल्स भाषा जाने के कारण आसपास के जनता पानी के लिए ट्रस्ट रहे हैं ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं कृपया मैसेज को ध्यान देकर देखें जिस जगह में मंदिर चौक है और संडे का मार्केट भी यही पास होते हैं1
- ग्राम सल्फा में शांभवी फाउंडेशन द्वारा संचालित “निःशुल्क कंप्यूटर एवं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र” में आयोजित प्रशिक्षित छात्राओं के प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि सम्मिलित हुवे बिल्हा बिधायक धरम लाल कौशिक सोमवार की रात 9:00 बजे बिल्हा बिधायक धरम लाल कौशिक जी के नए सचिव से मिली जानकारी के अनुसार सौमवार की दोपहर 3 बजे बिल्हा विधानसभा अंतर्गत ग्राम सल्फा में शांभवी फाउंडेशन द्वारा संचालित “निःशुल्क कंप्यूटर एवं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र” में आयोजित प्रशिक्षित छात्राओं के प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुवे बिल्हा बिधायक धरम लाल कौशिक। इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुकी छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा की यह पहल महिलाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे प्रशिक्षण केंद्र न केवल रोजगार के अवसर सृजित करते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को भी मजबूती प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में भाजपा जिला मंत्री डॉ. देवेंद्र कौशिक जी, श्री हरीश केडिया जी, श्री अनिल सलूजा जी सहित अनेक गणमान्यजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- Post by पत्रकार1