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थिरपाली बड़ी श्याम मंदीर से खाटू श्याम पहुँचा बाबा श्याम का निशान,श्याम नगरी खाटू श्याम मे निशान संग श्याम भक्तों की मस्ती, जय श्री श्याम,

3 hrs ago
user_Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
पत्रकार कालवाड़, जयपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

थिरपाली बड़ी श्याम मंदीर से खाटू श्याम पहुँचा बाबा श्याम का निशान,श्याम नगरी खाटू श्याम मे निशान संग श्याम भक्तों की मस्ती, जय श्री श्याम,

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  • शाहपुरा (जयपुर ग्रामीण) के जयपुर तिराहा फ्लाईओवर के दिल्ली-जयपुर लेन शुरू कर दिया है,आमजन को जाम से राहत मिलेगी।
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    शाहपुरा (जयपुर ग्रामीण) के जयपुर तिराहा फ्लाईओवर के दिल्ली-जयपुर लेन शुरू कर दिया है,आमजन को जाम से राहत मिलेगी।
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Jaipur, Rajasthan•
    1 hr ago
  • Post by Dashrath singh Bardwa
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    Post by Dashrath singh Bardwa
    user_Dashrath singh Bardwa
    Dashrath singh Bardwa
    सामाजिक और राजनीतिक Kalwar, Jaipur•
    2 hrs ago
  • ​जयपुर/राजस्थान | सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक घटना ने राजस्थान पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के अनुसार, वर्दी के नशे में चूर एक पुलिसकर्मी ने सिविल ड्रेस (सफेद टी-शर्ट) में मौजूद व्यक्ति पर हाथ उठा दिया, लेकिन पासा तब पलट गया जब सामने वाला व्यक्ति भी पुलिस विभाग से ही निकला। ​इस घटना ने न केवल पुलिस के भीतर के आपसी तालमेल की कमी को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि वर्दी पहनने के बाद कानून को 'जेब में' समझने की मानसिकता कितनी हावी हो चुकी है। ​मुख्य बिंदु: क्या पुलिस को मिला है 'उत्पीड़न' का अधिकार? ​तस्वीर में साझा किए गए विचारों के आधार पर कुछ प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं: ​वर्दी का गलत इस्तेमाल: आरोप है कि पुलिसकर्मी आम जनता के साथ गाली-गलौज और मारपीट को अपना अधिकार समझने लगे हैं। ​डर का माहौल: आम आदमी पुलिस की मदद लेने के बजाय उनसे डरता है, क्योंकि उसे 'बंद करने' या 'फर्जी केस' में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं। ​पुलिस एक्ट में संशोधन की मांग: जानकारों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अब समय आ गया है जब 'पुलिस एक्ट' में बड़े बदलाव किए जाएं ताकि शक्तियों के दुरुपयोग पर लगाम लग सके। ​"अगर सफेद टी-शर्ट वाला व्यक्ति पुलिस में न होता, तो शायद वह इस अन्याय के खिलाफ हाथ नहीं उठा पाता। यह घटना संकेत है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो पुलिस को सामाजिक आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।" ​डीजीपी और गृहमंत्री से जवाबदेही की मांग ​इस वायरल पोस्ट के माध्यम से राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृहमंत्री से सीधा सवाल पूछा गया है। क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वर्दी की आड़ में की गई इस गुंडागर्दी के लिए किसी की जवाबदेही तय की जाएगी? ​निष्कर्ष: कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, न कि कानून को अपने हाथ में लेकर जनता का दमन करना। यह घटना विभाग के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने कर्मियों को नैतिक व्यवहार और कानून की मर्यादा का पाठ पढ़ाएं।
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    ​जयपुर/राजस्थान | सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक घटना ने राजस्थान पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के अनुसार, वर्दी के नशे में चूर एक पुलिसकर्मी ने सिविल ड्रेस (सफेद टी-शर्ट) में मौजूद व्यक्ति पर हाथ उठा दिया, लेकिन पासा तब पलट गया जब सामने वाला व्यक्ति भी पुलिस विभाग से ही निकला।
​इस घटना ने न केवल पुलिस के भीतर के आपसी तालमेल की कमी को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि वर्दी पहनने के बाद कानून को 'जेब में' समझने की मानसिकता कितनी हावी हो चुकी है।
​मुख्य बिंदु: क्या पुलिस को मिला है 'उत्पीड़न' का अधिकार?
​तस्वीर में साझा किए गए विचारों के आधार पर कुछ प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं:
​वर्दी का गलत इस्तेमाल: आरोप है कि पुलिसकर्मी आम जनता के साथ गाली-गलौज और मारपीट को अपना अधिकार समझने लगे हैं।
​डर का माहौल: आम आदमी पुलिस की मदद लेने के बजाय उनसे डरता है, क्योंकि उसे 'बंद करने' या 'फर्जी केस' में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं।
​पुलिस एक्ट में संशोधन की मांग: जानकारों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अब समय आ गया है जब 'पुलिस एक्ट' में बड़े बदलाव किए जाएं ताकि शक्तियों के दुरुपयोग पर लगाम लग सके।
​"अगर सफेद टी-शर्ट वाला व्यक्ति पुलिस में न होता, तो शायद वह इस अन्याय के खिलाफ हाथ नहीं उठा पाता। यह घटना संकेत है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो पुलिस को सामाजिक आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।"
​डीजीपी और गृहमंत्री से जवाबदेही की मांग
​इस वायरल पोस्ट के माध्यम से राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृहमंत्री से सीधा सवाल पूछा गया है। क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वर्दी की आड़ में की गई इस गुंडागर्दी के लिए किसी की जवाबदेही तय की जाएगी?
​निष्कर्ष: कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, न कि कानून को अपने हाथ में लेकर जनता का दमन करना। यह घटना विभाग के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने कर्मियों को नैतिक व्यवहार और कानून की मर्यादा का पाठ पढ़ाएं।
    user_Neha Chaturvedi
    Neha Chaturvedi
    Local News Reporter Aandhi, Jaipur•
    2 hrs ago
  • थिरपाली बड़ी श्याम मंदीर से खाटू श्याम पहुँचा बाबा श्याम का निशान,श्याम नगरी खाटू श्याम मे निशान संग श्याम भक्तों की मस्ती, जय श्री श्याम,
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    थिरपाली बड़ी श्याम मंदीर से खाटू श्याम पहुँचा बाबा श्याम का निशान,श्याम नगरी खाटू श्याम मे निशान संग श्याम भक्तों की मस्ती, जय श्री श्याम,
    user_Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
    Virendra,Singh,Rathore,(,thirpali,badi,churu)
    पत्रकार कालवाड़, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • कोई फिल्म का सीन नहीं, रीयल घटना है। मध्य प्रदेश के डबरा – ग्वालियर हाईवे पर ट्रक ने कार को टक्कर मार दी और करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटता ले गया। कार में तीन लोग सवार थे, जो लगातार मदद के लिए चिल्लाते रहे। राहगीरों ने आवाज लगाई, एक बुलेट सवार ने पीछा भी किया, लेकिन ड्राइवर नहीं रुका। आखिरकार ट्रक रुकने पर ड्राइवर भागने लगा, जिसे लोगों ने पकड़कर पिटाई कर दी। कार में SAF के अधिकारी सवार थे — गनीमत रही कि सभी सुरक्षित हैं। लापरवाही या हैवानियत? सड़कों पर कब तक चलेगा ये मौत का खेल?
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    कोई फिल्म का सीन नहीं, रीयल घटना है।
मध्य प्रदेश के डबरा – ग्वालियर हाईवे पर ट्रक ने कार को टक्कर मार दी और करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटता ले गया।
कार में तीन लोग सवार थे, जो लगातार मदद के लिए चिल्लाते रहे। राहगीरों ने आवाज लगाई, एक बुलेट सवार ने पीछा भी किया, लेकिन ड्राइवर नहीं रुका।
आखिरकार ट्रक रुकने पर ड्राइवर भागने लगा, जिसे लोगों ने पकड़कर पिटाई कर दी।
कार में SAF के अधिकारी सवार थे — गनीमत रही कि सभी सुरक्षित हैं।
लापरवाही या हैवानियत? 
सड़कों पर कब तक चलेगा ये मौत का खेल?
    user_पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    रिपोर्टर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • जयपुर। राजधानी जयपुर में नर्सिंग भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का धरना लगातार दो महीने से जारी है। अभ्यर्थी शहर के शहीद स्मारक (शिफू) पर प्रदर्शन कर रहे हैं और राज्य सरकार पर वादाख़िलाफ़ी का आरोप लगा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें चयनित सूची से बाहर कर दिया गया है। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पहले नियुक्ति देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन कर रहीं महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि वे सर्दियों से रोजगार की उम्मीद में इंतजार कर रही हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं दिख रही। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। धरना स्थल पर रोज़ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुट रहे हैं और सरकार से शीघ्र न्याय की मांग कर रहे हैं।
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    जयपुर। राजधानी जयपुर में नर्सिंग भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का धरना लगातार दो महीने से जारी है। अभ्यर्थी शहर के शहीद स्मारक (शिफू) पर प्रदर्शन कर रहे हैं और राज्य सरकार पर वादाख़िलाफ़ी का आरोप लगा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें चयनित सूची से बाहर कर दिया गया है।
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पहले नियुक्ति देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन कर रहीं महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि वे सर्दियों से रोजगार की उम्मीद में इंतजार कर रही हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं दिख रही।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
धरना स्थल पर रोज़ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुट रहे हैं और सरकार से शीघ्र न्याय की मांग कर रहे हैं।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    15 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | Ratangarh संगम चौराहा 🚨 संगम चौराहे पर जो घटना सामने आई है, उसने पूरे ड्राइवर समाज को झकझोर दिया है। क्या किसी गरीब और मेहनतकश ड्राइवर के साथ मारपीट करने का अधिकार किसी को है? अगर वर्दी में बैठे अधिकारी ही कानून को अपने हाथ में लेने लगें, तो आम आदमी न्याय किससे मांगे? ⚖️ यह मामला सीधे Supreme Court of India तक पहुँचना चाहिए। ✊ दोषी अधिकारियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई और निलंबन होना चाहिए। ड्राइवर भाई देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं — उनका अपमान और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 👉 अगर आप भी अन्याय के खिलाफ हैं तो इस आवाज को बुलंद करें और पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | Ratangarh संगम चौराहा 🚨
संगम चौराहे पर जो घटना सामने आई है, उसने पूरे ड्राइवर समाज को झकझोर दिया है।
क्या किसी गरीब और मेहनतकश ड्राइवर के साथ मारपीट करने का अधिकार किसी को है?
अगर वर्दी में बैठे अधिकारी ही कानून को अपने हाथ में लेने लगें, तो आम आदमी न्याय किससे मांगे?
⚖️ यह मामला सीधे Supreme Court of India तक पहुँचना चाहिए।
✊ दोषी अधिकारियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई और निलंबन होना चाहिए।
ड्राइवर भाई देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं — उनका अपमान और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
👉 अगर आप भी अन्याय के खिलाफ हैं तो इस आवाज को बुलंद करें और पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर  करे
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • जयपुर। सोशल मीडिया पर लगातार एक आरटीओ द्वारा ड्राइवर के साथ बदसलूकी कर उसके साथ मारपीट किए जाने का वीडियो जबरदस्त वायरल हो रहा है जिस पर आम जन अपने प्रतिक्रिया में आरटीओ जैसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं
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    जयपुर। सोशल मीडिया पर लगातार एक आरटीओ द्वारा ड्राइवर के साथ बदसलूकी कर उसके साथ मारपीट किए जाने का वीडियो जबरदस्त वायरल हो रहा है जिस पर आम जन अपने प्रतिक्रिया में आरटीओ जैसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं
    user_Neha Chaturvedi
    Neha Chaturvedi
    Local News Reporter Aandhi, Jaipur•
    2 hrs ago
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