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झारखंड के पलामू जिले के मनटु नौडीहा में बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं। इस समस्या को लेकर बिजली विभाग से यह अपील की गई है कि सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए 11 हजार तारों को ऊपर उठाया जाए।
Jitendra Yadav
झारखंड के पलामू जिले के मनटु नौडीहा में बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं। इस समस्या को लेकर बिजली विभाग से यह अपील की गई है कि सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए 11 हजार तारों को ऊपर उठाया जाए।
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- डीसी संदीप कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सात ट्रेनी अफसरों को 'जन सेवा की सीख' दी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे फील्ड की ज़मीनी हकीकत को भली-भांति समझें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी पहुँच समाज के आखिरी व्यक्ति तक हो।1
- पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड अंतर्गत कुकही ग्राम पंचायत (भैंसना) में वित्तीय वर्ष 2023-24 की योजना संख्या 20, "नरेश मेहता के घर से क्रमदेव मेहता के घर तक PCC पथ निर्माण", में गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, बिना एमबी बुक जारी किए ही इस योजना में ₹3,50,000/- की राशि का अवैध भुगतान दर्शाया गया है। इसके अलावा, ग्रामसभा के अभिलेखों में 'सोनू कुमार' जैसे स्थानीय स्तर पर अज्ञात व्यक्तियों के फर्जी नाम डालकर कागजी हेराफेरी की गई है। जमीनी स्तर पर सड़क निर्माण के दौरान भी मानकों का उल्लंघन करते हुए सिर्फ ईंट-टुकड़े और मलबा बिछाया गया है। ग्राम भैंसना, पलामू के रामकृत प्रसाद ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।3
- झारखंड के लातेहार जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत सासंग पंचायत के सासंग गांव स्थित कोटारी टोला अखड़ा में ओरिएंटल कंपनी द्वारा कोयला जांच के लिए की जा रही ड्रिलिंग के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह ड्रिलिंग कार्य ग्रामसभा की अनुमति और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना शुरू किया गया है, जो उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इस प्रदर्शन में परहा, पाहन, महंत और बैगा जैसे विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी खनन गतिविधि से पहले ग्रामसभा की स्वीकृति अनिवार्य होती है। सासंग, कोटारी, मांजर, कायमा और बिश्रामपुर गांवों के हजारों लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने की मांग भी की।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में नॉर्थ एनटीपीसी कोल परियोजना धाधू की पर्यावरण जनसुनवाई का प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि यह जनसुनवाई उनके प्रभावित गांवों में होनी चाहिए थी, लेकिन इसे किसी अन्य स्थान पर आयोजित किया गया। इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने इस जनसुनवाई का विरोध दर्ज कराया।1
- रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र स्थित दुगुल मंगहा आहार में चल रहे चहका निर्माण कार्य का जिला पार्षद प्रदीप चौरसिया ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया और कार्य में लगे मजदूरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पार्षद प्रदीप चौरसिया ने बताया कि चहका निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के सैकड़ों किसान परिवारों को खेती और सिंचाई में काफी सुविधा मिलेगी। उनके अनुसार, आहार में पानी का बेहतर संचयन होने से किसानों को फसल सिंचाई में लाभ होगा, साथ ही अचानक होने वाली बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान से भी बचाव हो सकेगा। उन्होंने संबंधित कार्य एजेंसी को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। स्थानीय किसानों ने भी चहका निर्माण कार्य को क्षेत्र के लिए लाभकारी बताया और इस पर खुशी जाहिर की।1
- गढ़वा जिले के रामकंडा थाना क्षेत्र स्थित कुशवार गांव में बालू गिराने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि यह मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई व्यक्तियों को हाथ टूटने और सिर फटने की सूचना है, जिनमें से कुछ का इलाज सदर अस्पताल गढ़वा में कराया जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- लातेहार के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसे प्रभावित ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। हजारों रैयतों और ग्रामीणों ने “एनटीपीसी वापस जाओ”, “रैयतों का शोषण बंद करो” और “कोल कंपनी वापस जाओ” जैसे नारे लगाते हुए परियोजना का पुरजोर विरोध किया और इसे रद्द करने की मांग की। विरोध करने वाले ग्रामीणों का मुख्य आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के वे परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर न देने की बात कही और आशंका जताई कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने का संकल्प लिया। इस लोक सुनवाई में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित कई प्रभावित गांवों के लोग शामिल हुए। जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रामीणों की सहमति के बिना परियोजना लागू न करने की बात दोहराई और फर्जी रिपोर्ट तैयार कर जमीन पर कब्जा करने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, लेकिन ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। ग्रामीणों के नेतृत्वकर्ता शंकर उरांव ने यह भी कहा कि यदि जनसुनवाई बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय की जगह उनके गांव में भी होती, तो वे परियोजना का विरोध अवश्य करते।1
- गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत चिलोर पंचायत के मटुआ गांव निवासी विनय चौधरी के खेत से समरसेबल मोटर चोरी हो जाने का मामला सामने आया है। यह घटना पवरा स्थित उनके कृषि योग्य खेत की है, जहाँ फसल की सिंचाई के लिए यह मोटर लगाया गया था। पीड़ित विनय चौधरी ने बताया कि जब वे रोजाना की तरह सुबह अपने खेत में फसल देखने पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि खेत में लगा समरसेबल मोटर गायब है। इसके बाद उन्होंने स्थानीय थाना में लिखित आवेदन देकर मामले की शिकायत दर्ज कराई और बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत-मजदूरी कर खेती के लिए यह मोटर पंप लगाया था, जिसे चोरों ने नहीं छोड़ा। विनय चौधरी ने यह भी कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने जानकारी दी कि एक ही रात में दो किसानों के खेतों से समरसेबल मोटर चोरी कर ली गई, जिसमें पवरा गांव निवासी अजय पासवान के खेत से भी मोटर चोरी होने का मामला सामने आया है। किसानों का कहना है कि खेती के लिए उपयोग होने वाले उपकरणों की चोरी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर चोरी गए मोटरों की जल्द बरामदगी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों को लेकर ग्रामीणों और किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- प्रतापपुर थाना पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहाँ गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में 83.79 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा बरामद किया गया है। बाजार में इस बरामदगी की कीमत लगभग 12 लाख 56 हज़ार रुपये आंकी गई है, और इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोमवार को गठित एक विशेष दल ने अंचलाधिकारी विकास कुमार टूडू और थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी के नेतृत्व में चरका खुर्द गाँव निवासी सुनील कुमार के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान घर से छह प्लास्टिक की बोरियों में रखा अफीम डोडा मिला, जिसमें क्रमशः 18 किलो 400 ग्राम, 16 किलो 190 ग्राम, 16 किलो 200 ग्राम, 9 किलो 380 ग्राम, 18 किलो 620 ग्राम और 5 किलो डोडा शामिल था। ये सभी बोरियाँ जब्त कर ली गईं। पुलिस ने सुनील कुमार, जो बृक्ष यादव का पुत्र है, को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ प्रतापपुर थाना कांड संख्या 52/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 15सी, 18बी और बीएनएस की धारा 3(5) में केस दर्ज किया गया है। जाँच के दौरान एक और व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।1