प्रतापपुर थाना पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहाँ गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में 83.79 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा बरामद किया गया है। बाजार में इस बरामदगी की कीमत लगभग 12 लाख 56 हज़ार रुपये आंकी गई है, और इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोमवार को गठित एक विशेष दल ने अंचलाधिकारी विकास कुमार टूडू और थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी के नेतृत्व में चरका खुर्द गाँव निवासी सुनील कुमार के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान घर से छह प्लास्टिक की बोरियों में रखा अफीम डोडा मिला, जिसमें क्रमशः 18 किलो 400 ग्राम, 16 किलो 190 ग्राम, 16 किलो 200 ग्राम, 9 किलो 380 ग्राम, 18 किलो 620 ग्राम और 5 किलो डोडा शामिल था। ये सभी बोरियाँ जब्त कर ली गईं। पुलिस ने सुनील कुमार, जो बृक्ष यादव का पुत्र है, को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ प्रतापपुर थाना कांड संख्या 52/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 15सी, 18बी और बीएनएस की धारा 3(5) में केस दर्ज किया गया है। जाँच के दौरान एक और व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रतापपुर थाना पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहाँ गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में 83.79 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा बरामद किया गया है। बाजार में इस बरामदगी की कीमत लगभग 12 लाख 56 हज़ार रुपये आंकी गई है, और इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोमवार को गठित एक विशेष दल ने अंचलाधिकारी विकास कुमार टूडू और थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी के नेतृत्व में चरका खुर्द गाँव निवासी सुनील कुमार के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान घर से छह प्लास्टिक की बोरियों में रखा अफीम डोडा मिला, जिसमें क्रमशः 18 किलो 400 ग्राम, 16 किलो 190 ग्राम, 16 किलो 200 ग्राम, 9 किलो 380 ग्राम, 18 किलो 620 ग्राम और 5 किलो डोडा शामिल था। ये सभी बोरियाँ जब्त कर ली गईं। पुलिस ने सुनील कुमार, जो बृक्ष यादव का पुत्र है, को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ प्रतापपुर थाना कांड संख्या 52/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 15सी, 18बी और बीएनएस की धारा 3(5) में केस दर्ज किया गया है। जाँच के दौरान एक और व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
- प्रस्तुत जानकारी अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन खबरों को साझा करके कमाई करने की सुविधा से संबंधित है।1
- औरंगाबाद सदर अस्पताल के मॉडल अस्पताल के नए भवन में लगा लिफ्ट एक बार फिर खराब हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लिफ्ट के अंदर लोग लगभग 20 मिनट तक फंसे रहे, जिसके बाद काफी मशक्कत से लिफ्ट के दरवाजे को खोला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सका। बताया गया कि ऊपर से नीचे आने के लिए जब लिफ्ट का दरवाज़ा बंद हो रहा था, तभी वह अचानक नीचे आ गया और उसका दरवाज़ा भी लॉक हो गया। इस घटना से लिफ्ट के भीतर फंसे लोग बेहद घबरा गए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे, जिसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने ताला खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना पहली बार नहीं हुई है; इससे पहले भी लिफ्ट तब अचानक नीचे आ गिरी थी, जब नव पदस्थापित सिविल सर्जन कृष्णा प्रसाद नए भवन में संचालित चिकित्सीय व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। उस समय भी लिफ्ट लगाने वाली एजेंसी को फटकार लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट की उपयोगिता और उसके रखरखाव में कोई सुधार नहीं हुआ है। लिफ्ट में फंसे एक व्यक्ति मुन्ना कुरैशी और एक मरीज़ नागेश कुमार ने इस समस्या पर अपनी बात रखी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यदि इसमें सुधार नहीं होता है, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- डीसी संदीप कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सात ट्रेनी अफसरों को 'जन सेवा की सीख' दी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे फील्ड की ज़मीनी हकीकत को भली-भांति समझें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी पहुँच समाज के आखिरी व्यक्ति तक हो।1
- लातेहार जिला के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत गढ़बुढ़नी पंचायत के चुटिया टोला के चुरखाड़ में इन दिनों भीषण जल संकट गहरा गया है। 48 घंटे पहले हुई तेज बारिश के कारण नदी का गंदा पानी ग्रामीणों के एकमात्र सहारा रहे चुआड़ी में घुस गया है, जिससे पूरा टोला शुद्ध पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के सभी जलमीनार सालों से खराब पड़े हैं और नल-जल योजना का लाभ भी आज तक उन्हें नहीं मिला है। ऐसे में नदी किनारे खुद से बनाया गया चुआड़ी ही उनकी प्यास बुझाने, खाना बनाने और बच्चों को पानी पिलाने का एकमात्र स्रोत था। हालांकि, दो दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदी में उफान आ गया और बाढ़ का कीचड़, कचरा व गंदगी से भरा पानी सीधे चुआड़ी में भर गया, जिससे वह पानी अब पीने लायक नहीं बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी से दुर्गंध आ रही है और इसके इस्तेमाल से बीमारी का खतरा है। चुआड़ी के खराब होने के बाद से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं। महिलाएं और बच्चे सुबह से शाम तक दूर-दराज के झरनों और डोभा की तलाश में भटक रहे हैं। कई परिवारों के पास तो आज खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं है। एक ग्रामीण महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि 48 घंटे से उनके बच्चे प्यासे हैं और नहाने-धोने तो दूर, पीने को एक लोटा साफ पानी भी नहीं मिल रहा। उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी नल खराब हैं और अब नदी ने भी धोखा दे दिया है, ऐसे में गरीब लोग कहाँ जाएं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने एक वीडियो जारी कर सांसद, विधायक, उपायुक्त लातेहार और प्रखंड प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांग है कि खराब पड़े जलमीनारों की मरम्मत करके गांव में पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- हाजीपुर में एक महिला BPSC टीचर बनने के तुरंत बाद, अपने पति को छोड़कर एक प्रेमी के साथ चली गई। जब इस मामले पर बबीता मिश्रा ने सवाल पूछे, तो कथित तौर पर संबंधित व्यक्ति के पसीने छूट गए। एक बच्चे ने खुलासा किया कि उसने अपनी माँ को नेपाल में एक 'अंकल' के साथ देखा था।1
- प्रतापपुर प्रखंड के मोनिया पंचायत अंतर्गत विचकिला गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना में ज्वार (सोरघम) के पौधे खाने से पांच भैंसों की मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कैलाश यादव की तीन भैंसें और विनेश यादव की दो भैंसें शामिल थीं। इन मृत भैंसों में दो गर्भवती थीं, एक दुधारू थी, और शेष दो भी परिवारों के लिए आय का प्रमुख स्रोत थीं। जानकारी के अनुसार, भैंसें अपने घर के पास स्थित ज्वार के खेत में चर रही थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। पशुपालकों ने तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद भैंसों को बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद कैलाश यादव और विनेश यादव के परिवारों में मातम पसर गया है। कैलाश यादव की पत्नी ललिता देवी और विनेश यादव की पत्नी मुनिया देवी ने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन था। उन्हें लगभग दो लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस बड़े नुकसान से उबर सकें।1
- प्रतापपुर थाना पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहाँ गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में 83.79 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा बरामद किया गया है। बाजार में इस बरामदगी की कीमत लगभग 12 लाख 56 हज़ार रुपये आंकी गई है, और इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोमवार को गठित एक विशेष दल ने अंचलाधिकारी विकास कुमार टूडू और थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी के नेतृत्व में चरका खुर्द गाँव निवासी सुनील कुमार के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान घर से छह प्लास्टिक की बोरियों में रखा अफीम डोडा मिला, जिसमें क्रमशः 18 किलो 400 ग्राम, 16 किलो 190 ग्राम, 16 किलो 200 ग्राम, 9 किलो 380 ग्राम, 18 किलो 620 ग्राम और 5 किलो डोडा शामिल था। ये सभी बोरियाँ जब्त कर ली गईं। पुलिस ने सुनील कुमार, जो बृक्ष यादव का पुत्र है, को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ प्रतापपुर थाना कांड संख्या 52/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 15सी, 18बी और बीएनएस की धारा 3(5) में केस दर्ज किया गया है। जाँच के दौरान एक और व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।1