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हाजीपुर में एक महिला BPSC टीचर बनने के तुरंत बाद, अपने पति को छोड़कर एक प्रेमी के साथ चली गई। जब इस मामले पर बबीता मिश्रा ने सवाल पूछे, तो कथित तौर पर संबंधित व्यक्ति के पसीने छूट गए। एक बच्चे ने खुलासा किया कि उसने अपनी माँ को नेपाल में एक 'अंकल' के साथ देखा था।
Aakash Kumar paswan
हाजीपुर में एक महिला BPSC टीचर बनने के तुरंत बाद, अपने पति को छोड़कर एक प्रेमी के साथ चली गई। जब इस मामले पर बबीता मिश्रा ने सवाल पूछे, तो कथित तौर पर संबंधित व्यक्ति के पसीने छूट गए। एक बच्चे ने खुलासा किया कि उसने अपनी माँ को नेपाल में एक 'अंकल' के साथ देखा था।
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- झारखंड के रातू प्रखंड की गुडू पंचायत में कुरमाली भाषा परिषद् ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय ठेबले उरांव की 68वीं पुण्यतिथि जयंती मनाई। इस अवसर पर लोगों ने स्वर्गीय उरांव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल पर पाहन द्वारा पूजा-अर्चना और ठेबले उरांव के चित्र पर माल्यार्पण के साथ सरकार की ओर से रेखांकित जगह पर एक जतरा मेले की भी शुरुआत की गई। परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव को महात्मा गांधी का अनुयायी और भगवान बिरसा मुंडा का मार्गदर्शक बताया। उनका जन्म 1863 में राजधानी रांची से 22 किलोमीटर दूर रातू थाना क्षेत्र के गुडू गांव में हुआ था, और उनके पिता जीतू उरांव एक किसान थे। ठेबले उरांव ने 1900 ई. में छोटानागपुर उन्नति समाज का गठन किया और उसके अध्यक्ष बने। वे 1919 में कांग्रेस के सदस्य भी बने और 1928 में झारखंड के लिए अलग प्रांत की मांग रखी। इसके बाद 1931 में उन्होंने छोटानागपुर किसान सभा का गठन कर एक संगठन बनाया। स्वाधीनता के बाद वे रांची के सांसद भी रहे और बिहार सरकार में सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं। हालांकि, इन सभी योगदानों के बावजूद, ठेबले उरांव इतिहासकारों के कारण गुमनाम रहे। अब कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव के जीवन गाथा की खोज कर उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का स्थान दिलाने का बीड़ा उठाया है। श्री महतो ने विधानसभा में उनके चित्र लगाने और उनके पैतृक गांव गुडू में एक स्मारक समिति गठित कर आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की बात कही है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार से मिलकर रातू रोड का नाम ठेबले उरांव के नाम पर करने, रातू का विकास करने, उनके वंशजों का उत्थान करने के साथ-साथ आदमकद प्रतिमा, सांस्कृतिक भवन, कला केंद्र भवन और उनके इतिहास को प्राथमिक विद्यालय से एम.ए. तक की पढ़ाई में किताबों में शामिल करने जैसी कई मांगें रखी जाएंगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो का आदिवासी रीति-रिवाज और संस्कृति नृत्य-गीत व ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। मेले में कई गांव के खोड़हे धारी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और इस दौरान नृत्य-संगीत के साथ छऊ नृत्य का भी आयोजन किया गया। डॉ. राजाराम महतो के अलावा शिव शंकर नील कंठ, लक्ष्मण उरांव, कृष्ण भगत, जौरा उरांव, देवचरण उराँव, मुकेश कुमार, सिकंदर महतो और मुखिया अनिल उराँव सहित कई लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर ठेबले उरांव के वंशज और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।1
- हज़ारीबाग में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी की अविलम्ब गिरफ्तारी की मांग को लेकर झंडा चौक पर धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन दोहरे हत्याकांड के अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर पंचायत भवन के समीप सिंदूर नदी से 11 वर्षीय बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। यह बच्ची अपने दो वर्षीय भाई के साथ बीते 27 मई से लापता थी, और अब उसका शव मिलने के बाद यह मामला हत्या की आशंका की ओर इशारा कर रहा है। उसका दो वर्षीय भाई अब भी लापता है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है और हजारीबाग में सनसनी फैल गई है। मृतका के माता-पिता ने बताया कि उनकी 11 वर्षीय बेटी और दो वर्षीय बेटा 27 मई को अचानक लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने कटकमदाग थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। सिंदूर नदी से शव की पहचान होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द लापता बच्चे को खोजने और इस जघन्य अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।3
- हज़ारीबाग की कन्हारी झील में मछुआरों की कड़ी मेहनत रंग लाई है, जहाँ उन्होंने 12 किलो की एक विशाल मछली पकड़ी है। इस असाधारण आकार की मछली को देखकर हर कोई हैरान रह गया। यह ऐसा नज़ारा है जो रोज़ देखने को नहीं मिलता, और इस बड़ी उपलब्धि से पूरे इलाके में आश्चर्य का माहौल बन गया है।1
- हजारीबाग जिले में हुए चर्चित पौता कांड को एक महीने से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद मामले का खुलासा न होने से पीड़ित परिवार में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने अब केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। परिजनों का आरोप है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों की पहचान नहीं हो पाई है और न ही उनकी गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने निष्पक्ष और तीव्र जांच की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। परिवार के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री को एक ज्ञापन सौंपते हुए मामले में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन जांच की धीमी गति से आम लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मामले का त्वरित खुलासा कर दोषियों को कानून के दायरे में लाने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान, परिजनों ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और उनसे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। वहीं, पुलिस प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सभी कोणों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है और जल्द ही इसमें महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिल सकती है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उच्च स्तर पर हुए इस हस्तक्षेप से जांच में तेज़ी आएगी और अंततः उन्हें न्याय मिल पाएगा।1
- टंडवा प्रखंड के टाउन हॉल में टंडवा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इस बैठक की अध्यक्षता मीना कुमारी ने की, जबकि आंदोलनकारी नेता संतोष नायक ने मंच का संचालन किया। बैठक में विशेष अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह और विशिष्ट अतिथि जिला सचिव सुगन साव उपस्थित रहे, और टंडवा प्रखंड के सभी आंदोलनकारियों ने इसमें हिस्सा लिया। चतरा जिला आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड राज्य के गठन में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करके जल्द निर्णय लेना चाहिए। बैठक में पारित प्रस्तावों में सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन देने की मांग प्रमुख थी। इसके साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिले के सभी आंदोलनकारियों को मान-सम्मान दिया जाए और जिला प्रशासन के माध्यम से चतरा जिले के आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए। आंदोलनकारियों को जिले में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल करने पर भी सहमति बनी। संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस बैठक में गोपाल पासवान, सुरेश साव, सुरेश महतो, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, लक्ष्मी उरांव, रामनरेश राणा, अवध किशोर नायक, संजय देवी, आशा देवी, सुमित्रा देवी, रामविलास सोनी, बिहार नायक, अनिल सोनी, रामेश्वर कुमार महतो, सुखलाल नायक, राजेश राम, प्रभु यादव, आदित्य नायक, श्याम सुंदर प्रसाद, राजेंद्र राम, आनंद कुमार महतो सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। अंत में, चतरा जिले से 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव और धरना में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने पर विशेष बल दिया गया।1
- रांची में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के बाद, ट्रैफिक व्यवस्था के नियमों का पालन कड़ा कर दिया गया है।1
- झारखंड के हजारीबाग में एक कथित IPL सट्टा सिंडिकेट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में हिरासत, किसी कथित डील और करोड़ों रुपये के लेनदेन की चर्चाओं ने पूरे घटनाक्रम पर संदेह पैदा कर दिया है, जिससे इस बड़े खेल की सच्चाई पर प्रश्नचिह्न लग गया है।1
- रांची स्थित सहजानंद चौक के पास एक बालू लदा वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।1