सिद्धार्थ नगर जिले के जीतपुर स्थित ग्राम बड़पुर नं. 13 टोला मधुबनिया में गढ़हा संख्या 1142 में कुछ लोगों द्वारा लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे गंभीर प्रदूषण फैल गया है। इस कारण गढ़हा का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया है और उसमें रहने वाली मछलियां मर रही हैं। लगातार कूड़ा डाले जाने से गढ़हा की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। गांव के लोगों द्वारा कूड़ा डालने से मना करने पर कुछ व्यक्ति लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं, जिसके चलते ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल व्याप्त है। इस समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार लोगों द्वारा भी गढ़हा की साफ-सफाई और संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने विनम्र अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की जांच कराकर गढ़हा संख्या 1142 की तत्काल सफाई कराई जाए। इसके साथ ही, भविष्य में वहां कूड़ा-कचरा डालने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है, ताकि गढ़हा और उसके प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
सिद्धार्थ नगर जिले के जीतपुर स्थित ग्राम बड़पुर नं. 13 टोला मधुबनिया में गढ़हा संख्या 1142 में कुछ लोगों द्वारा लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे गंभीर प्रदूषण फैल गया है। इस कारण गढ़हा का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया है और उसमें रहने वाली मछलियां मर रही हैं। लगातार कूड़ा डाले जाने से गढ़हा की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। गांव के लोगों द्वारा कूड़ा डालने से मना करने पर कुछ व्यक्ति लड़ाई-झगड़े पर उतारू
हो जाते हैं, जिसके चलते ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल व्याप्त है। इस समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार लोगों द्वारा भी गढ़हा की साफ-सफाई और संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने विनम्र अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की जांच कराकर गढ़हा संख्या 1142 की तत्काल सफाई कराई जाए। इसके साथ ही, भविष्य में वहां कूड़ा-कचरा डालने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है, ताकि गढ़हा और उसके प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
- सिद्धार्थ नगर के जोगिया ग्राम पंचायत उदयपुर जोगिया स्थित पंचायत भवन में खुलेआम ई-रिक्शा चार्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इन ई-रिक्शा का इस्तेमाल सवारी ढोने जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जाता है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन की बिजली का मुफ्त में उपयोग करके ई-रिक्शा चार्ज किए जाते हैं, और फिर उनसे सड़क पर किराया कमाया जाता है। ग्राम पंचायत के पैसे का इस तरह दुरुपयोग पंचायत सचिव और प्रधान प्रशासक की देखरेख में 'लूट' का सीधा मामला है। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा ग्राम पंचायत के विकास के लिए भेजा गया पैसा इस तरह ई-रिक्शा चार्ज करने और उनसे सवारी ढोने में इस्तेमाल हो रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायत को ई-रिक्शा चार्ज का बिजली बिल भरना पड़ रहा है, जिसमें पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान प्रशासक की 'मिलीभगत की बू' आ रही है।1
- सिद्धार्थ नगर जिले के जीतपुर स्थित ग्राम बड़पुर नं. 13 टोला मधुबनिया में गढ़हा संख्या 1142 में कुछ लोगों द्वारा लगातार कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है, जिससे गंभीर प्रदूषण फैल गया है। इस कारण गढ़हा का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया है और उसमें रहने वाली मछलियां मर रही हैं। लगातार कूड़ा डाले जाने से गढ़हा की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। गांव के लोगों द्वारा कूड़ा डालने से मना करने पर कुछ व्यक्ति लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं, जिसके चलते ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल व्याप्त है। इस समस्या के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार लोगों द्वारा भी गढ़हा की साफ-सफाई और संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने विनम्र अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की जांच कराकर गढ़हा संख्या 1142 की तत्काल सफाई कराई जाए। इसके साथ ही, भविष्य में वहां कूड़ा-कचरा डालने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है, ताकि गढ़हा और उसके प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखा जा सके।2
- गाँव सेमरियाओ बड़ा गाँव में गंदगी एक गंभीर समस्या बन गई है, जहाँ नालियों में कचरा भरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, एक कर्मचारी नाली से कचरा निकालकर ऊपर रख देता है, लेकिन वह कचरा फिर से नाली में ही गिर जाता है। इस स्थिति के कारण पूरे गाँव में अत्यधिक गंदगी फैली हुई है, जिससे स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल गाँव की सफाई कराने की अपील की है।1
- पेट्रोल और डीजल के लिए बार-बार लाइन में लगने की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाया गया है। पोस्ट के माध्यम से सरकार से सीधा निवेदन किया गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को पहले जैसा कर दिया जाए। इस अपील का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को ईंधन के लिए फिर से लाइन में लगने की आवश्यकता न पड़े।2
- गोरखपुर जीआरपी ने पिछले दो माह के दौरान एक विशेष अभियान चलाकर 310 खोए हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं, जिससे उनके वास्तविक मालिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय गोरखपुर में ये बरामद मोबाइल उनके स्वामियों को सुपुर्द किए। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में जीआरपी गोरखपुर की सर्विलांस सेल और विभिन्न थाना-चौकी पुलिस टीमों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। बरामद किए गए 310 मोबाइलों में 308 एंड्रॉयड फोन और 2 आईफोन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। इन फोनों में से अधिकांश की कीमत 25,000 से 30,000 रुपये के बीच है, जबकि कुछ मोबाइल 60,000 रुपये तक के हैं। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने जीआरपी की कार्यशैली की जमकर सराहना की। इस सफलता में जीआरपी सर्विलांस सेल में तैनात हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव और कांस्टेबल विकास कुमार राय सहित विभिन्न थाना एवं चौकी की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रेलवे ने टीम को 2,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन में, मई 2025 से अब तक 1300 से अधिक खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं, जो जीआरपी की निरंतर और प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है।2
- उत्तर प्रदेश के फरेंदा में एक अमेरिकी नागरिक को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों ने घंटों तक उससे गहन पूछताछ की। यह मामला अवैध वीजा से जुड़ा बताया गया है, और मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था।1