प्रयागराज के कोरांव स्थित सुकृत अस्पताल परिसर में आज अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा अग्नि सुरक्षा और बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोरांव की अग्निशमन टीम ने राजकुमार यादव के नेतृत्व में अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और अन्य उपस्थित लोगों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बचाव करने के तरीके सिखाए। अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि आग लगने पर घबराने के बजाय तुरंत फायर ब्रिगेड और संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में लगे फायर अलार्म को सक्रिय करने और मरीजों को शांतिपूर्वक सुरक्षित स्थान पर निकालने की प्रक्रिया समझाई। टीम ने अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया और विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने के तरीके विस्तार से बताए। सुरक्षा उपायों पर जोर देते हुए, टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रहना चाहिए और समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में सभी लोग बिना घबराहट के सुरक्षित बाहर निकल सकें। कार्यक्रम के समापन पर, अस्पताल प्रशासन ने अग्निशमन विभाग का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की जागरूकता बढ़ती है, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होते हैं। इस अवसर पर राज बहादुर, विष्णु कोल, अशोक कुमार, राहुल सिंह, विकास चौहान, विकास कुशवाहा, प्रीति सिंह, सरिता कुमारी, प्रीति कुमारी, सलोनी, विजय, संजू, ज्योति, अनिशा कुशवाहा सहित कई स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
प्रयागराज के कोरांव स्थित सुकृत अस्पताल परिसर में आज अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा अग्नि सुरक्षा और बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोरांव की अग्निशमन टीम ने राजकुमार यादव के नेतृत्व में अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और अन्य उपस्थित लोगों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बचाव करने के तरीके सिखाए। अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि आग लगने पर घबराने के बजाय तुरंत फायर ब्रिगेड और संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में लगे फायर अलार्म को सक्रिय करने और मरीजों को शांतिपूर्वक सुरक्षित स्थान पर निकालने की प्रक्रिया समझाई। टीम ने अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया और विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने के तरीके विस्तार से बताए। सुरक्षा उपायों पर जोर देते हुए, टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रहना चाहिए और समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में सभी लोग बिना घबराहट के सुरक्षित बाहर निकल सकें। कार्यक्रम के समापन पर, अस्पताल प्रशासन ने अग्निशमन विभाग का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की जागरूकता बढ़ती है, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होते हैं। इस अवसर पर राज बहादुर, विष्णु कोल, अशोक कुमार, राहुल सिंह, विकास चौहान, विकास कुशवाहा, प्रीति सिंह, सरिता कुमारी, प्रीति कुमारी, सलोनी, विजय, संजू, ज्योति, अनिशा कुशवाहा सहित कई स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
- प्रयागराज के उरुवा ब्लॉक स्थित ग्राम हुल्का के ग्रामीण नहर विभाग द्वारा तोड़ी गई पुलिया के निर्माण न होने से परेशान हैं, जिसके समाधान के लिए वे सोमवार को मेजा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि नहर विभाग ने पुलिया को तोड़ दिया था, लेकिन अब तक उसे दोबारा नहीं बनवाया गया है। इस टूटी हुई पुलिया के कारण उन्हें आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसी के चलते उन्होंने समाधान दिवस में प्रशासन से जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण कराने की मांग की। अधिकारियों ने उनकी शिकायत दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष/चेयरमैन एम. डी. शर्मा के निर्देशन में पत्रकार हितों के लिए देशभर में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत कानपुर में पत्रकारों, कलमकारों और मीडिया कर्मियों ने एक विशाल पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने पत्रकार सुरक्षा एवं सम्मान की मांग करते हुए जिलाधिकारी कानपुर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को संबोधित 7 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पैदल मार्च के दौरान पत्रकारों ने "पत्रकार एकता जिंदाबाद", "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो", "पत्रकारों को पेंशन दो", "फर्जी मुकदमे बंद करो" और "स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा लागू करो" जैसे नारों से अपनी आवाज बुलंद की। उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ज्ञापन में शामिल 7 प्रमुख मांगों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना, स्वास्थ्य बीमा एवं विशेष पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना, जीवन एवं दुर्घटना बीमा, फर्जी मुकदमों एवं उत्पीड़न पर रोक, राष्ट्रीय मीडिया आयोग का गठन तथा सरकारी विज्ञापनों का समान एवं पारदर्शी वितरण शामिल हैं। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पत्रकार हितों की इन संवैधानिक एवं न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो नेशनल मीडिया प्रेस क्लब देशव्यापी आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने दोहराया कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार संघर्ष करता रहेगा। ज्ञापन के समय कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी अपनी सहभागिता निभाते हुए पत्रकारों की सभी संवैधानिक मांगों को सही बताया और इन्हें लागू कराने में कानूनी तरीके से पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि उक्त मांगों को नियमानुसार भारत सरकार तक प्रेषित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में, राष्ट्रीय अध्यक्ष एम डी शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट पंडित रविन्द्र शर्मा, मण्डल सलाहकार गोपाल गुप्ता, मंडल अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, मंडल महामंत्री वीरेंद्र शर्मा, अधिवक्ता मोर्चा मंडल अध्यक्ष एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर, मण्डल उपाध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप कटियार, मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद जुनेद, मंडल मंत्री पप्पू यादव, जिला अध्यक्ष अमित कुमार, जिला महामंत्री सुरेश सविता, अधिवक्ता मोर्चा जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रशान्त मिश्रा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विजय श्रीवास्तव, जिला मंत्री सौरव वर्मा, जिला उपाध्यक्ष श्रवण कुमार, जिला उपाध्यक्ष (सामाजिक क्लब) शैलेन्द्र शुक्ला, जिला संगठन मंत्री सोहेल मंसूरी, जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद शादाब रईस, कानपुर देहात जिला महामंत्री अनिल कुमार, जिला प्रचार मंत्री (सोशल मीडिया) दिनकर, नंद गोपाल गुप्ता, विनय कनौजिया, जगदीश प्रसाद, शैलेंद्र शुक्ला, अभिलाष शुक्ला, सौरभ मिश्रा, राजन कुमार, अनुराग मिश्रा, मोहम्मद शमी साबरी, राजेश कुमार गुप्ता, राजू उर्फ सूरज, पंकज सोनी, सैफुद्दीन कुरैशी, आशुतोष शर्मा, तकरण अली, अनिल सविता, जय कृष्णा गौतम, अमित कुमार, अनीश कुमार, संदीप सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह, राघवेंद्र, मनीष सविता, कुणाल सिंह सहित सैकड़ों सदस्य, पदाधिकारी, पत्रकार और अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सभी ने पत्रकार एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।1
- इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) की भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से दक्षिण भारत की यात्रा, चार ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और स्टेचू ऑफ यूनिटी घूमने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। रेलवे ने इस विशेष यात्रा का सुनहरा मौका दिया है। आईआरसीटीसी, जो भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अंतर्गत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, को स्टेशनों और ट्रेनों पर खानपान एवं आतिथ्य सेवाओं को उन्नत व पेशेवर बनाने और प्रबंधित करने के लिए स्थापित किया गया था। यह भारतीय रेलवे की एक विस्तारित शाखा के रूप में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने का भी कार्य करता है।1
- सुबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ विंध्याचल पहुँचे। वहाँ उन्होंने माँ विंध्यवासिनी के दर्शन कर पूजन किया।1
- प्रयागराज के कोरांव स्थित सुकृत अस्पताल परिसर में आज अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा अग्नि सुरक्षा और बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोरांव की अग्निशमन टीम ने राजकुमार यादव के नेतृत्व में अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और अन्य उपस्थित लोगों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बचाव करने के तरीके सिखाए। अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि आग लगने पर घबराने के बजाय तुरंत फायर ब्रिगेड और संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में लगे फायर अलार्म को सक्रिय करने और मरीजों को शांतिपूर्वक सुरक्षित स्थान पर निकालने की प्रक्रिया समझाई। टीम ने अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया और विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने के तरीके विस्तार से बताए। सुरक्षा उपायों पर जोर देते हुए, टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रहना चाहिए और समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में सभी लोग बिना घबराहट के सुरक्षित बाहर निकल सकें। कार्यक्रम के समापन पर, अस्पताल प्रशासन ने अग्निशमन विभाग का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की जागरूकता बढ़ती है, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होते हैं। इस अवसर पर राज बहादुर, विष्णु कोल, अशोक कुमार, राहुल सिंह, विकास चौहान, विकास कुशवाहा, प्रीति सिंह, सरिता कुमारी, प्रीति कुमारी, सलोनी, विजय, संजू, ज्योति, अनिशा कुशवाहा सहित कई स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।1