प्रशासन ने तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से सड़क किनारे बने कई पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, कई लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर स्थायी ढांचे बना लिए थे। कुछ स्थानों पर तो सरकारी बिजली के खंभों को भी दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर शामिल कर लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका थी। इस कार्रवाई के समय प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मर्जी से सरकारी भूमि खाली कर दें, अन्यथा नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से सड़क किनारे बने कई पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, कई लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर स्थायी ढांचे बना लिए थे। कुछ स्थानों पर तो सरकारी बिजली के खंभों को भी दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर शामिल कर लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका थी। इस कार्रवाई के समय प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मर्जी से सरकारी भूमि खाली कर दें, अन्यथा नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रशासन ने तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से सड़क किनारे बने कई पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, कई लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर स्थायी ढांचे बना लिए थे। कुछ स्थानों पर तो सरकारी बिजली के खंभों को भी दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर शामिल कर लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका थी। इस कार्रवाई के समय प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मर्जी से सरकारी भूमि खाली कर दें, अन्यथा नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान सरकारी जमीन पर बने पक्के निर्माणों को जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमण हटाए गए। जानकारी के अनुसार, कई व्यक्तियों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण कर लिए थे। कुछ स्थानों पर तो सरकारी बिजली के खंभों को भी दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर शामिल कर लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका बनी हुई थी। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि को खाली कर दें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दृढ़ता से घोषणा की है कि जिला प्रशासन की दमनकारी कार्रवाई के बावजूद, उनके सेनानियों का जेल जाना व्यर्थ नहीं गया, बल्कि यह जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की लड़ाई को और अधिक सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ है। संगठन ने बालोद के सदर क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण/कब्जे के मामलों में प्रशासन के दोहरे मापदंडों और उदासीन रवैये पर तीखा प्रहार किया है, जिसकी परिणति उनके 8 सेनानियों को जेल भेजे जाने में हुई। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख ने बताया कि संगठन विगत लगभग तीन माह से सदर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और कब्जों के विरुद्ध लगातार आवाज उठा रहा था और प्रशासन से निष्पक्ष, प्रभावी एवं समान कार्यवाही की मांग कर रहा था, किन्तु प्रशासन ने अपेक्षित कदम नहीं उठाए। संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने गरीब किसानों के खेतों को अवैध कब्जा बताकर त्वरित कार्यवाही की, वहीं सदर क्षेत्र के कथित अवैध कब्जों पर उदासीन और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया। इस भेदभावपूर्ण कार्यवाही पर सवाल उठाने और जवाब मांगने पर प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए संगठन के 8 सेनानियों को जेल भेज दिया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। इस घटनाक्रम के तहत, 17 अप्रैल 2026 को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्यवाही की मांग की। प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने पर, संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन और गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम पत्र भेजे। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय के अवर सचिव ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए, लेकिन जिला प्रशासन का रवैया सुस्त और निष्क्रिय बना रहा। प्रशासन की इस निष्क्रियता से आक्रोशित होकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 25 मई 2026 को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सेनानियों के साथ अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की मांग को लेकर था तथा किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण प्रशासनिक रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान, प्रशासन ने 26 मई 2026 को सदर क्षेत्र से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वह अपने आश्वासनानुसार कार्यवाही करने में विफल रहता है, तो जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भविष्य में और व्यापक एवं उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख, जिला संगठन मंत्री नरेन्द्र साहू, जिला आईटी सेल प्रभारी ईमेश साहू, जिला सचिव कामता साहू, चम्मन तरौदिहा, दीपक सहारे, खेमलाल साहू, रेमन साहू, दुलार देशमुख, टिकेन्द्र साहू, कमलेश साहू, राजू साहू,मिलेन्द भुआर्य, ईश्वर सोनी, नमन, राहुल सहित संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सेनानी उपस्थित रहे।4
- तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कर ध्वस्त कर दिया गया। यह जानकारी मिली है कि कई व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर उस पर पक्के निर्माण कर लिए थे, और कुछ जगहों पर तो सरकारी बिजली के पोल तक को दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर ले लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। इस अभियान के दौरान प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता से यह अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि को खाली कर दें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- छत्तीसगढ़ के खरोरा में साप्ताहिक सोमवारी बाजार अव्यवस्था और भीषण जाम का अड्डा बन गया है, जहाँ सड़क पर लगी दुकानों के कारण हर सोमवार को स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह समस्या खरोरा के सोमवारी बाजार में अव्यवस्था के चरम पर पहुँचने के कारण उत्पन्न हुई है, जहाँ पर्याप्त जगह के अभाव और बेतरतीब तरीके से लगी दुकानों से हर सप्ताह गंभीर जाम लगता है। बाजार में पार्किंग की व्यवस्था न होने से लोग मजबूरी में अपने वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर देते हैं, जिससे मुख्य मार्ग संकरा हो जाता है। बाजार के बगल से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में जाम के बीच सड़क पार करना लोगों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा है। बूड़ेनी निवासी बुजुर्ग श्यामसुंदर सोनवानी को भी इसी भीड़ और अव्यवस्था के कारण अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस भीड़ और अव्यवस्था से आम लोगों का चलना दूभर हो गया है, और त्योहारी सीजन में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। नगर के नागरिकों ने शासन-प्रशासन, जिला प्रशासन और नगर पंचायत खरोरा से इस समस्या पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में सोमवारी बाजार के लिए एक निर्धारित पार्किंग स्थल चिन्हित करना, दुकानों को व्यवस्थित तरीके से लगवाना जिससे आवागमन अवरुद्ध न हो, और बाजार के दिन भीड़ नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस की तैनाती करना शामिल है।2
- कवर्धा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 146 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के साथ एक लंबी समीक्षा बैठक की, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भोरमदेव में स्थापित होने वाला संग्रहालय मंदिर के इतिहास, उसकी पौराणिक कथाओं और फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की विशिष्ट पहचान को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने परिसर में पीपल, बरगद और नीम जैसे छायादार वृक्ष लगाने तथा स्वच्छता व पर्यटक सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- देसी हुनर और नई सोच का एक शानदार उदाहरण अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पत्नी ने दूसरी महिला से अपने पति के अफेयर के शक में हंसिए से हमला कर उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया। जानकारी के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार रात पति शराब के नशे में घर पहुंचा और खाना खाकर सो गया। इसी दौरान पत्नी ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद परिजन घायल युवक और कटे अंग को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। चकरभाठा पुलिस स्टेशन ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1