जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दृढ़ता से घोषणा की है कि जिला प्रशासन की दमनकारी कार्रवाई के बावजूद, उनके सेनानियों का जेल जाना व्यर्थ नहीं गया, बल्कि यह जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की लड़ाई को और अधिक सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ है। संगठन ने बालोद के सदर क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण/कब्जे के मामलों में प्रशासन के दोहरे मापदंडों और उदासीन रवैये पर तीखा प्रहार किया है, जिसकी परिणति उनके 8 सेनानियों को जेल भेजे जाने में हुई। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख ने बताया कि संगठन विगत लगभग तीन माह से सदर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और कब्जों के विरुद्ध लगातार आवाज उठा रहा था और प्रशासन से निष्पक्ष, प्रभावी एवं समान कार्यवाही की मांग कर रहा था, किन्तु प्रशासन ने अपेक्षित कदम नहीं उठाए। संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने गरीब किसानों के खेतों को अवैध कब्जा बताकर त्वरित कार्यवाही की, वहीं सदर क्षेत्र के कथित अवैध कब्जों पर उदासीन और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया। इस भेदभावपूर्ण कार्यवाही पर सवाल उठाने और जवाब मांगने पर प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए संगठन के 8 सेनानियों को जेल भेज दिया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। इस घटनाक्रम के तहत, 17 अप्रैल 2026 को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्यवाही की मांग की। प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने पर, संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन और गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम पत्र भेजे। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय के अवर सचिव ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए, लेकिन जिला प्रशासन का रवैया सुस्त और निष्क्रिय बना रहा। प्रशासन की इस निष्क्रियता से आक्रोशित होकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 25 मई 2026 को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सेनानियों के साथ अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की मांग को लेकर था तथा किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण प्रशासनिक रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान, प्रशासन ने 26 मई 2026 को सदर क्षेत्र से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वह अपने आश्वासनानुसार कार्यवाही करने में विफल रहता है, तो जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भविष्य में और व्यापक एवं उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख, जिला संगठन मंत्री नरेन्द्र साहू, जिला आईटी सेल प्रभारी ईमेश साहू, जिला सचिव कामता साहू, चम्मन तरौदिहा, दीपक सहारे, खेमलाल साहू, रेमन साहू, दुलार देशमुख, टिकेन्द्र साहू, कमलेश साहू, राजू साहू,मिलेन्द भुआर्य, ईश्वर सोनी, नमन, राहुल सहित संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सेनानी उपस्थित रहे।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दृढ़ता से घोषणा की है कि जिला प्रशासन की दमनकारी कार्रवाई के बावजूद, उनके सेनानियों का जेल जाना व्यर्थ नहीं गया, बल्कि यह जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की लड़ाई को और अधिक सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ है। संगठन ने बालोद के सदर क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण/कब्जे के मामलों में प्रशासन के दोहरे मापदंडों और उदासीन रवैये पर तीखा प्रहार किया है, जिसकी परिणति उनके 8 सेनानियों को जेल भेजे जाने में हुई। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख ने बताया कि संगठन विगत लगभग तीन माह से सदर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और कब्जों के विरुद्ध लगातार आवाज उठा रहा था और प्रशासन से निष्पक्ष, प्रभावी एवं समान कार्यवाही की मांग कर रहा था, किन्तु
प्रशासन ने अपेक्षित कदम नहीं उठाए। संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने गरीब किसानों के खेतों को अवैध कब्जा बताकर त्वरित कार्यवाही की, वहीं सदर क्षेत्र के कथित अवैध कब्जों पर उदासीन और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया। इस भेदभावपूर्ण कार्यवाही पर सवाल उठाने और जवाब मांगने पर प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए संगठन के 8 सेनानियों को जेल भेज दिया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। इस घटनाक्रम के तहत, 17 अप्रैल 2026 को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्यवाही की मांग की। प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने पर, संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
और गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम पत्र भेजे। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय के अवर सचिव ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए, लेकिन जिला प्रशासन का रवैया सुस्त और निष्क्रिय बना रहा। प्रशासन की इस निष्क्रियता से आक्रोशित होकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 25 मई 2026 को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सेनानियों के साथ अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की मांग को लेकर था तथा किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण प्रशासनिक रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान, प्रशासन ने 26 मई 2026 को सदर क्षेत्र से अवैध अतिक्रमण हटाने की
कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वह अपने आश्वासनानुसार कार्यवाही करने में विफल रहता है, तो जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भविष्य में और व्यापक एवं उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख, जिला संगठन मंत्री नरेन्द्र साहू, जिला आईटी सेल प्रभारी ईमेश साहू, जिला सचिव कामता साहू, चम्मन तरौदिहा, दीपक सहारे, खेमलाल साहू, रेमन साहू, दुलार देशमुख, टिकेन्द्र साहू, कमलेश साहू, राजू साहू,मिलेन्द भुआर्य, ईश्वर सोनी, नमन, राहुल सहित संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सेनानी उपस्थित रहे।
- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस को गंभीर अपराधों, मर्ग एवं विभिन्न प्रकरणों की जांच को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदान की गई है। यह वैन एक चलते-फिरते वैज्ञानिक प्रयोगशाला के रूप में कार्य करेगी, जिससे फॉरेंसिक टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर सकेगी। इसमें घटनास्थल पर ही सैंपलिंग और टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है। दिनांक 23.05.2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार से पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी.शर्मा द्वारा इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस नई तकनीक के आने से विभिन्न अपराधों और प्रकरणों में वैज्ञानिक एवं जैविक साक्ष्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में व्यापक एवं प्रभावी सुधार आएगा। वैन में अत्याधुनिक कैमरा और सूक्ष्मदर्शी से डाटा विश्लेषण और डाटा रिट्रीव की सुविधा भी उपलब्ध है, जो अपराध अनुसंधान एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। इस 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' का मुख्य लक्ष्य जघन्य अपराधों और विभिन्न प्रकरणों में त्वरित वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करना है, जो अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम में श्री अभिषेक सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर, निरीक्षक प्रणाली वैद्य प्रभारी साइबर सेल सहित पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।4
- मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी आदित्य बंजारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी आदित्य बंजारे को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में, पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।1
- चकरभाठा पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर गेट नंबर 02 के पास से अवैध रूप से शराब बिक्री के लिए ले जा रहे एक व्यक्ति को वाहन सहित गिरफ्तार किया है। सोमवार रात 9:30 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी की पहचान 58 वर्षीय गेंद राम कौशिक, पिता स्व. रामाधार कौशिक, निवासी ग्राम बोडसरा, थाना हिर्री, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस को 25 मई, 2025 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति एक्टिवा वाहन पर भारी मात्रा में शराब रखकर बिक्री के लिए चकरभाठा की ओर जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर गेट नंबर 02 के पास घेराबंदी की और एक्टिवा वाहन क्रमांक CG 10 BZ 2608 पर सवार आरोपी गेंद राम कौशिक को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक नीले रंग के राजश्री लिखे थैले में 60 पाव देशी प्लेन शराब, कुल 10.800 लीटर, बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4800 बताई गई है। आरोपी ने पूछताछ में यह शराब बिक्री के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने शराब और काले रंग के एक्टिवा वाहन को जब्त कर, आरोपी को आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है, जिसे न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। चकरभाठा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध कार्यों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें।1
- CIPL सीजन 3 के तहत छालीवुड के दिग्गज क्रिकेट मैदान में उतरे। इस दौरान, मन कुरैशी ने अपने मन की बात साझा की।1
- डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ₹1.04 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले एक पिता-पुत्र को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ठगी के इस मामले में की गई है।1
- बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहरा के कछरी पारा में प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने एक घर में चल रही प्रार्थना सभा में पहुँचकर जांच शुरू की। इस मामले में, तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 और धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, छत्तीसगढ़ पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- हिर्री पुलिस ने रंगदारी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। रविवार रात 9:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अश्वनी कुमार साहू (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तुलसी राम साहू का पुत्र और बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना अंतर्गत ग्राम केशला का निवासी है। प्रार्थी आशीष केशरी (स्व. रमेश केशरी के पुत्र), जो पेण्ड्रा, थाना पेण्ड्रा, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के निवासी हैं, ने थाना में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया धारा 308 (5) बीएनएस के तहत अपराध होना पाया गया, जिसके बाद मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्री डी. आर. टण्डन को सूचना दी गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए गए। थाना प्रभारी हिर्री ने टीम तैयार कर घेराबंदी की और आरोपी अश्वनी कुमार साहू को तलब कर पूछताछ की। आरोपी ने दिनांक 19.05.2026 को शाम 18:00 बजे (6 बजे) पेण्ड्रीडीह चौक, थाना हिर्री, जिला बिलासपुर के पास प्रार्थी को जान से मारने की धमकी देकर पैसों की उगाही करने का जुर्म स्वीकार किया। जुर्म स्वीकार करने के बाद, आरोपी को दिनांक 24/05/2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। हिर्री पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की सराहना की जा रही है।1
- बिलासपुर में सैकड़ों कांग्रेसी बिजली कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। इस घटना को कांग्रेसियों द्वारा बिजली कार्यालय पर किया गया हल्लाबोल बताया गया है।1
- बिहार की राजधानी पटना के रुपसपुर इलाके में स्थित एक होटल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पॉलीटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा अपने पिता के साथ इस होटल में ठहरी हुई थी, तभी यह घटना घटी। आरोप है कि देर रात नशे की हालत में एक युवक छात्रा के कमरे में घुस गया और उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश की। हालांकि, छात्रा के पिता ने बड़ी बहादुरी का परिचय देते हुए अपनी बेटी को उस युवक से बचा लिया। इस घटना के बाद होटल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा हादसा उस छात्रा के साथ हुआ जो अपनी जिंदगी में पहली बार पटना आई थी।1