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डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ₹1.04 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले एक पिता-पुत्र को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ठगी के इस मामले में की गई है।
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डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ₹1.04 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले एक पिता-पुत्र को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ठगी के इस मामले में की गई है।
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- जांजगीर-चांपा जिले के चर्चित करही गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक महीने बाद इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे उधारी का विवाद, आपसी जलन और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा को मुख्य वजह बताया जा रहा है। दरअसल, 23 और 24 अप्रैल की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उनके छोटे भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” शुरू किया और जांच का दायरा 7 राज्यों तक फैलाया। जांच टीम ने 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की। जांच में सामने आया कि आरोपियों और मृतक के बीच उधारी के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। साथ ही, मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव को लेकर आरोपियों में जलन भी थी, जिसके कारण हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक, घटना की रात आरोपी पहले से ही घर के आसपास मौजूद थे। उन्होंने सबसे पहले CCTV कैमरा तोड़ा, फिर घर में घुसकर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई और बीच-बचाव करने आए छोटे भाई को भी गोली मार दी गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। इस पूरे मामले के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक ने जांच टीम की सराहना करते हुए इनाम की घोषणा की है। फिलहाल, मामले के मुख्य साजिशकर्ता और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।1
- हिर्री पुलिस ने रंगदारी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। रविवार रात 9:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अश्वनी कुमार साहू (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तुलसी राम साहू का पुत्र और बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना अंतर्गत ग्राम केशला का निवासी है। प्रार्थी आशीष केशरी (स्व. रमेश केशरी के पुत्र), जो पेण्ड्रा, थाना पेण्ड्रा, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के निवासी हैं, ने थाना में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया धारा 308 (5) बीएनएस के तहत अपराध होना पाया गया, जिसके बाद मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्री डी. आर. टण्डन को सूचना दी गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए गए। थाना प्रभारी हिर्री ने टीम तैयार कर घेराबंदी की और आरोपी अश्वनी कुमार साहू को तलब कर पूछताछ की। आरोपी ने दिनांक 19.05.2026 को शाम 18:00 बजे (6 बजे) पेण्ड्रीडीह चौक, थाना हिर्री, जिला बिलासपुर के पास प्रार्थी को जान से मारने की धमकी देकर पैसों की उगाही करने का जुर्म स्वीकार किया। जुर्म स्वीकार करने के बाद, आरोपी को दिनांक 24/05/2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। हिर्री पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की सराहना की जा रही है।1
- मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी आदित्य बंजारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी आदित्य बंजारे को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में, पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के बेड़े में एक अत्याधुनिक 'चलता-फिरता फॉरेंसिक लैब' शामिल हो गई है, जिससे अब अपराध स्थल पर ही तुरंत वैज्ञानिक जांच शुरू की जा सकेगी। यह हाईटेक 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' घटनास्थल को ही एक चलती-फिरती लैब में बदल देगी, जिससे सबूतों के लिए लैब रिपोर्ट का हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा ने शनिवार, 23 मई 2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार में एक कार्यक्रम के दौरान इस हाईटेक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उनके साथ एडिशनल एसपी श्री अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर और साइबर सेल प्रभारी प्रणाली वैद्य सहित पूरा पुलिस अमला उपस्थित रहा। यह 'सुपर वैन' पहियों पर दौड़ती एक आधुनिक वैज्ञानिक लैब है, जो गंभीर अपराधों और मर्ग जैसे मामलों में घटनास्थल पर ही ऑन-द-स्पॉट सैंपलिंग और टेस्टिंग करने में सक्षम है। इसमें जैविक साक्ष्यों जैसे खून के धब्बे और डीएनए सैंपलों को गुणवत्ता खराब होने से पहले सुरक्षित करने की सुविधा है। वैन में अत्याधुनिक कैमरे और माइक्रोस्कोप लगे हैं, जो सूक्ष्म से सूक्ष्म सबूतों को भी पकड़ सकते हैं, साथ ही डिजिटल अपराधों के लिए डेटा एनालिसिस और डिलीटेड डेटा को रिकवर करने की भी सुविधा मौजूद है। पुलिस का मानना है कि अक्सर वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी या देरी के कारण शातिर अपराधी बच निकलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस नई तकनीक से जांच की रफ्तार दोगुनी होगी और सबूतों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की यह नई 'तीसरी आंख' अपराधियों के पसीने छुड़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे क्राइम सीन पर अब अपराधियों का खेल खत्म हो जाएगा।1
- कांग्रेस कमेटी हरदीबाजार द्वारा झीरम घाटी में शहीद हुए नेताओं का शहीद दिवस मनाया गया।4
- बलौदाबाजार शहर के मोक्षधाम में बिगड़ती व्यवस्थाओं और संचालन संकट को दूर करने के लिए नगर में व्यापक जनमंथन शुरू हो गया है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष नंदकुमार साहू के सुझाव के बाद, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, समाज प्रमुखों और नगरवासियों ने मोक्षधाम की व्यवस्था को स्थायी और सुव्यवस्थित बनाने हेतु खुलकर पहल की है। पूरे दिन चली चर्चा में एक के बाद एक कई सुझाव सामने आए, जिसके बाद जनसहयोग से एक मजबूत संचालन व्यवस्था खड़ी करने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू हो गए हैं। नगर के कई सामाजिक और व्यापारिक वर्गों ने जोर दिया है कि मोक्षधाम जैसी मानवीय और संवेदनशील व्यवस्था को राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी से ही सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। चर्चा के दौरान, नंदकुमार साहू ने प्रस्ताव दिया कि यदि केवल 25 सामाजिक संगठन या 25 जिम्मेदार व्यक्ति प्रतिमाह 600 रुपये का सहयोग देने का संकल्प लेते हैं, तो लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि से मोक्षधाम की नियमित व्यवस्था स्थायी रूप से संचालित की जा सकती है। उनके इस सुझाव को कई लोगों ने व्यवहारिक और दूरदर्शी मानते हुए समर्थन दिया। एक अन्य सुझाव यह भी आया कि 100 सदस्यों की समिति बनाकर प्रत्येक सदस्य से 200 रुपये प्रतिमाह का सहयोग लिया जाए। वहीं, कई व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रतिमाह 300 रुपये से लेकर 600 रुपये तक सहयोग देने पर सहमति जताई, जबकि कुछ दानदाताओं ने तत्काल सहयोग राशि की घोषणा कर इस पहल को मजबूती दी। यह भी बताया गया कि यदि नगर के 400 से अधिक सदस्य केवल 100 रुपये प्रतिमाह भी सहयोग करें, तो मोक्षधाम की सफाई, कर्मचारियों के मानदेय, बिजली-पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का संचालन सरलता से हो सकेगा। बैठक में यह बात भी सामने आई कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी आवश्यकता जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों की है; कई सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि “समय देना ही सबसे बड़ा दान है।” मोक्षधाम की व्यवस्था संभालने में बबलू भाई की सक्रियता, समर्पण और अनुभव की खुलकर सराहना की गई, और यह सुझाव दिया गया कि संचालन की मुख्य जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को मिले जिसे व्यवस्थाओं की पूरी समझ हो और जो लगातार समय दे सके। संचालन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए मासिक रसीद बुक, रजिस्टर संधारण, QR कोड के माध्यम से भुगतान और सार्वजनिक हिसाब-किताब रखने जैसे सुझाव भी दिए गए। नंदकुमार साहू ने बताया कि एक रजिस्टर तैयार किया जा रहा है, जिसमें आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा प्रतिमाह दर्ज किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम या विवाद की स्थिति निर्मित न हो। नगर में चल रही इस सकारात्मक पहल को अब जनसहयोग आधारित सामाजिक आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, जिसके सफल होने पर यह केवल बलौदाबाजार ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उदाहरण बन सकता है। लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि मोक्षधाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था और अंतिम संस्कार से जुड़ी एक संवेदनशील व्यवस्था है, जिसकी जिम्मेदारी पूरे नगर को मिलकर उठानी होगी।1
- सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक रूफटॉप पर बैठकर झूमती हुई दिखाई दे रही है। इस वायरल वीडियो के सामने आने से खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आई हैं।1
- बिल्हा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को प्रेम प्रसंग में फंसाकर और शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बिल्हा पुलिस से रविवार रात 9:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम दीपक दास मानिकपुरी है, जो 24 वर्ष का है और बिल्हा का निवासी है। उसका स्थायी पता रोडपारा आमगांव, थाना पचपेडी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ है। यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी ने 23.05.2026 को थाने में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी 22.05.2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। नाबालिग को 23.05.2026 को डायल-112 से सूचना मिलने पर बरामद किया गया और बिल्हा थाने को सौंप दिया गया। नाबालिग से पूछताछ में पता चला कि बिल्हा निवासी दीप दास मानिकपुरी ने उसे ग्राम बरतोरी से बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए थे। इस पर पुलिस ने धारा 137(2), 64(1), 65(1) भान्यासं. और 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। थाना प्रभारी ने तत्काल इस स्थिति से श्रीमान उमनि एवं व.पु.अ. महोदय श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) बिलासपुर को अवगत कराया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्री डी.आर. टंडन के मार्गदर्शन पर महिला संबंधी इस अपराध पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक दास मानिकपुरी को पकड़ा गया। पूछताछ में अपराध घटित करना पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर 24.05.2026 को माननीय न्यायालय न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्यवाही में निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उनि जी.एल. चंद्राकर, प्र.आर. 102 अमर चंद्रा, आरक्षक 1431 अर्जुन जांगड़े और आर. 1210 सुमन चंद्रवंशी की अहम भूमिका रही।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस को गंभीर अपराधों, मर्ग एवं विभिन्न प्रकरणों की जांच को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदान की गई है। यह वैन एक चलते-फिरते वैज्ञानिक प्रयोगशाला के रूप में कार्य करेगी, जिससे फॉरेंसिक टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर सकेगी। इसमें घटनास्थल पर ही सैंपलिंग और टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है। दिनांक 23.05.2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार से पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी.शर्मा द्वारा इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस नई तकनीक के आने से विभिन्न अपराधों और प्रकरणों में वैज्ञानिक एवं जैविक साक्ष्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में व्यापक एवं प्रभावी सुधार आएगा। वैन में अत्याधुनिक कैमरा और सूक्ष्मदर्शी से डाटा विश्लेषण और डाटा रिट्रीव की सुविधा भी उपलब्ध है, जो अपराध अनुसंधान एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। इस 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' का मुख्य लक्ष्य जघन्य अपराधों और विभिन्न प्रकरणों में त्वरित वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करना है, जो अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम में श्री अभिषेक सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर, निरीक्षक प्रणाली वैद्य प्रभारी साइबर सेल सहित पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।4