बलौदाबाजार शहर के मोक्षधाम में बिगड़ती व्यवस्थाओं और संचालन संकट को दूर करने के लिए नगर में व्यापक जनमंथन शुरू हो गया है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष नंदकुमार साहू के सुझाव के बाद, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, समाज प्रमुखों और नगरवासियों ने मोक्षधाम की व्यवस्था को स्थायी और सुव्यवस्थित बनाने हेतु खुलकर पहल की है। पूरे दिन चली चर्चा में एक के बाद एक कई सुझाव सामने आए, जिसके बाद जनसहयोग से एक मजबूत संचालन व्यवस्था खड़ी करने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू हो गए हैं। नगर के कई सामाजिक और व्यापारिक वर्गों ने जोर दिया है कि मोक्षधाम जैसी मानवीय और संवेदनशील व्यवस्था को राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी से ही सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। चर्चा के दौरान, नंदकुमार साहू ने प्रस्ताव दिया कि यदि केवल 25 सामाजिक संगठन या 25 जिम्मेदार व्यक्ति प्रतिमाह 600 रुपये का सहयोग देने का संकल्प लेते हैं, तो लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि से मोक्षधाम की नियमित व्यवस्था स्थायी रूप से संचालित की जा सकती है। उनके इस सुझाव को कई लोगों ने व्यवहारिक और दूरदर्शी मानते हुए समर्थन दिया। एक अन्य सुझाव यह भी आया कि 100 सदस्यों की समिति बनाकर प्रत्येक सदस्य से 200 रुपये प्रतिमाह का सहयोग लिया जाए। वहीं, कई व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रतिमाह 300 रुपये से लेकर 600 रुपये तक सहयोग देने पर सहमति जताई, जबकि कुछ दानदाताओं ने तत्काल सहयोग राशि की घोषणा कर इस पहल को मजबूती दी। यह भी बताया गया कि यदि नगर के 400 से अधिक सदस्य केवल 100 रुपये प्रतिमाह भी सहयोग करें, तो मोक्षधाम की सफाई, कर्मचारियों के मानदेय, बिजली-पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का संचालन सरलता से हो सकेगा। बैठक में यह बात भी सामने आई कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी आवश्यकता जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों की है; कई सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि “समय देना ही सबसे बड़ा दान है।” मोक्षधाम की व्यवस्था संभालने में बबलू भाई की सक्रियता, समर्पण और अनुभव की खुलकर सराहना की गई, और यह सुझाव दिया गया कि संचालन की मुख्य जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को मिले जिसे व्यवस्थाओं की पूरी समझ हो और जो लगातार समय दे सके। संचालन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए मासिक रसीद बुक, रजिस्टर संधारण, QR कोड के माध्यम से भुगतान और सार्वजनिक हिसाब-किताब रखने जैसे सुझाव भी दिए गए। नंदकुमार साहू ने बताया कि एक रजिस्टर तैयार किया जा रहा है, जिसमें आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा प्रतिमाह दर्ज किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम या विवाद की स्थिति निर्मित न हो। नगर में चल रही इस सकारात्मक पहल को अब जनसहयोग आधारित सामाजिक आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, जिसके सफल होने पर यह केवल बलौदाबाजार ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उदाहरण बन सकता है। लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि मोक्षधाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था और अंतिम संस्कार से जुड़ी एक संवेदनशील व्यवस्था है, जिसकी जिम्मेदारी पूरे नगर को मिलकर उठानी होगी।
बलौदाबाजार शहर के मोक्षधाम में बिगड़ती व्यवस्थाओं और संचालन संकट को दूर करने के लिए नगर में व्यापक जनमंथन शुरू हो गया है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष नंदकुमार साहू के सुझाव के बाद, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, समाज प्रमुखों और नगरवासियों ने मोक्षधाम की व्यवस्था को स्थायी और सुव्यवस्थित बनाने हेतु खुलकर पहल की है। पूरे दिन चली चर्चा में एक के बाद एक कई सुझाव सामने आए, जिसके बाद जनसहयोग से एक मजबूत संचालन व्यवस्था खड़ी करने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू हो गए हैं। नगर के कई सामाजिक और व्यापारिक वर्गों ने जोर दिया है कि मोक्षधाम जैसी मानवीय और संवेदनशील व्यवस्था को राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी से ही सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। चर्चा के दौरान, नंदकुमार साहू ने प्रस्ताव दिया कि यदि केवल 25 सामाजिक संगठन या 25 जिम्मेदार व्यक्ति प्रतिमाह 600 रुपये का सहयोग देने का संकल्प लेते हैं, तो लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि से मोक्षधाम की नियमित व्यवस्था स्थायी रूप से संचालित की जा सकती है। उनके इस सुझाव को कई लोगों ने व्यवहारिक और दूरदर्शी मानते हुए समर्थन दिया। एक अन्य सुझाव यह भी आया कि 100 सदस्यों की समिति बनाकर प्रत्येक सदस्य से 200 रुपये प्रतिमाह का सहयोग लिया जाए। वहीं, कई व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रतिमाह 300 रुपये से लेकर 600 रुपये तक सहयोग देने पर सहमति जताई, जबकि कुछ दानदाताओं ने तत्काल सहयोग राशि की घोषणा कर इस पहल को मजबूती दी। यह भी बताया गया कि यदि नगर के 400 से अधिक सदस्य केवल 100 रुपये प्रतिमाह भी सहयोग करें, तो मोक्षधाम की सफाई, कर्मचारियों के मानदेय, बिजली-पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का संचालन सरलता से हो सकेगा। बैठक में यह बात भी सामने आई कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी आवश्यकता जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों की है; कई सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि “समय देना ही सबसे बड़ा दान है।” मोक्षधाम की व्यवस्था संभालने में बबलू भाई की सक्रियता, समर्पण और अनुभव की खुलकर सराहना की गई, और यह सुझाव दिया गया कि संचालन की मुख्य जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को मिले जिसे व्यवस्थाओं की पूरी समझ हो और जो लगातार समय दे सके। संचालन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए मासिक रसीद बुक, रजिस्टर संधारण, QR कोड के माध्यम से भुगतान और सार्वजनिक हिसाब-किताब रखने जैसे सुझाव भी दिए गए। नंदकुमार साहू ने बताया कि एक रजिस्टर तैयार किया जा रहा है, जिसमें आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा प्रतिमाह दर्ज किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम या विवाद की स्थिति निर्मित न हो। नगर में चल रही इस सकारात्मक पहल को अब जनसहयोग आधारित सामाजिक आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, जिसके सफल होने पर यह केवल बलौदाबाजार ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उदाहरण बन सकता है। लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि मोक्षधाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था और अंतिम संस्कार से जुड़ी एक संवेदनशील व्यवस्था है, जिसकी जिम्मेदारी पूरे नगर को मिलकर उठानी होगी।
- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के बेड़े में एक अत्याधुनिक 'चलता-फिरता फॉरेंसिक लैब' शामिल हो गई है, जिससे अब अपराध स्थल पर ही तुरंत वैज्ञानिक जांच शुरू की जा सकेगी। यह हाईटेक 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' घटनास्थल को ही एक चलती-फिरती लैब में बदल देगी, जिससे सबूतों के लिए लैब रिपोर्ट का हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा ने शनिवार, 23 मई 2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार में एक कार्यक्रम के दौरान इस हाईटेक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उनके साथ एडिशनल एसपी श्री अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर और साइबर सेल प्रभारी प्रणाली वैद्य सहित पूरा पुलिस अमला उपस्थित रहा। यह 'सुपर वैन' पहियों पर दौड़ती एक आधुनिक वैज्ञानिक लैब है, जो गंभीर अपराधों और मर्ग जैसे मामलों में घटनास्थल पर ही ऑन-द-स्पॉट सैंपलिंग और टेस्टिंग करने में सक्षम है। इसमें जैविक साक्ष्यों जैसे खून के धब्बे और डीएनए सैंपलों को गुणवत्ता खराब होने से पहले सुरक्षित करने की सुविधा है। वैन में अत्याधुनिक कैमरे और माइक्रोस्कोप लगे हैं, जो सूक्ष्म से सूक्ष्म सबूतों को भी पकड़ सकते हैं, साथ ही डिजिटल अपराधों के लिए डेटा एनालिसिस और डिलीटेड डेटा को रिकवर करने की भी सुविधा मौजूद है। पुलिस का मानना है कि अक्सर वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी या देरी के कारण शातिर अपराधी बच निकलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस नई तकनीक से जांच की रफ्तार दोगुनी होगी और सबूतों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की यह नई 'तीसरी आंख' अपराधियों के पसीने छुड़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे क्राइम सीन पर अब अपराधियों का खेल खत्म हो जाएगा।1
- बलौदाबाजार शहर के मोक्षधाम में बिगड़ती व्यवस्थाओं और संचालन संकट को दूर करने के लिए नगर में व्यापक जनमंथन शुरू हो गया है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष नंदकुमार साहू के सुझाव के बाद, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, समाज प्रमुखों और नगरवासियों ने मोक्षधाम की व्यवस्था को स्थायी और सुव्यवस्थित बनाने हेतु खुलकर पहल की है। पूरे दिन चली चर्चा में एक के बाद एक कई सुझाव सामने आए, जिसके बाद जनसहयोग से एक मजबूत संचालन व्यवस्था खड़ी करने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू हो गए हैं। नगर के कई सामाजिक और व्यापारिक वर्गों ने जोर दिया है कि मोक्षधाम जैसी मानवीय और संवेदनशील व्यवस्था को राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी से ही सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। चर्चा के दौरान, नंदकुमार साहू ने प्रस्ताव दिया कि यदि केवल 25 सामाजिक संगठन या 25 जिम्मेदार व्यक्ति प्रतिमाह 600 रुपये का सहयोग देने का संकल्प लेते हैं, तो लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि से मोक्षधाम की नियमित व्यवस्था स्थायी रूप से संचालित की जा सकती है। उनके इस सुझाव को कई लोगों ने व्यवहारिक और दूरदर्शी मानते हुए समर्थन दिया। एक अन्य सुझाव यह भी आया कि 100 सदस्यों की समिति बनाकर प्रत्येक सदस्य से 200 रुपये प्रतिमाह का सहयोग लिया जाए। वहीं, कई व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रतिमाह 300 रुपये से लेकर 600 रुपये तक सहयोग देने पर सहमति जताई, जबकि कुछ दानदाताओं ने तत्काल सहयोग राशि की घोषणा कर इस पहल को मजबूती दी। यह भी बताया गया कि यदि नगर के 400 से अधिक सदस्य केवल 100 रुपये प्रतिमाह भी सहयोग करें, तो मोक्षधाम की सफाई, कर्मचारियों के मानदेय, बिजली-पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का संचालन सरलता से हो सकेगा। बैठक में यह बात भी सामने आई कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी आवश्यकता जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों की है; कई सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि “समय देना ही सबसे बड़ा दान है।” मोक्षधाम की व्यवस्था संभालने में बबलू भाई की सक्रियता, समर्पण और अनुभव की खुलकर सराहना की गई, और यह सुझाव दिया गया कि संचालन की मुख्य जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को मिले जिसे व्यवस्थाओं की पूरी समझ हो और जो लगातार समय दे सके। संचालन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए मासिक रसीद बुक, रजिस्टर संधारण, QR कोड के माध्यम से भुगतान और सार्वजनिक हिसाब-किताब रखने जैसे सुझाव भी दिए गए। नंदकुमार साहू ने बताया कि एक रजिस्टर तैयार किया जा रहा है, जिसमें आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा प्रतिमाह दर्ज किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम या विवाद की स्थिति निर्मित न हो। नगर में चल रही इस सकारात्मक पहल को अब जनसहयोग आधारित सामाजिक आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, जिसके सफल होने पर यह केवल बलौदाबाजार ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उदाहरण बन सकता है। लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि मोक्षधाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था और अंतिम संस्कार से जुड़ी एक संवेदनशील व्यवस्था है, जिसकी जिम्मेदारी पूरे नगर को मिलकर उठानी होगी।1
- धमतरी में लॉन्गेशिया ग्रुप पर एक बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगा है, जिसमें कुलदीप भाटिया और अभय कुंडले पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी ज़मीन गिरवी रखकर लॉन्गेशिया ग्रुप में ₹25 लाख का निवेश किया था, और अब उन्हें हर महीने सिर्फ ब्याज के तौर पर ₹75,000 चुकाने पड़ रहे हैं। इस आर्थिक बोझ के कारण पीड़ित अब दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। यह घटना लॉन्गेशिया ग्रुप द्वारा किए गए एक बड़े घोटाले की पूरी सच्चाई उजागर करती है।1
- हिर्री पुलिस ने रंगदारी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। रविवार रात 9:30 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अश्वनी कुमार साहू (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तुलसी राम साहू का पुत्र और बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना अंतर्गत ग्राम केशला का निवासी है। प्रार्थी आशीष केशरी (स्व. रमेश केशरी के पुत्र), जो पेण्ड्रा, थाना पेण्ड्रा, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के निवासी हैं, ने थाना में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया धारा 308 (5) बीएनएस के तहत अपराध होना पाया गया, जिसके बाद मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्री डी. आर. टण्डन को सूचना दी गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए गए। थाना प्रभारी हिर्री ने टीम तैयार कर घेराबंदी की और आरोपी अश्वनी कुमार साहू को तलब कर पूछताछ की। आरोपी ने दिनांक 19.05.2026 को शाम 18:00 बजे (6 बजे) पेण्ड्रीडीह चौक, थाना हिर्री, जिला बिलासपुर के पास प्रार्थी को जान से मारने की धमकी देकर पैसों की उगाही करने का जुर्म स्वीकार किया। जुर्म स्वीकार करने के बाद, आरोपी को दिनांक 24/05/2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। हिर्री पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की सराहना की जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा के पास खपरी मढ़ी स्थित प्रसिद्ध बंजारी धाम से लगे जंगल में अचानक भीषण आग लग गई। अचानक लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और जंगल का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग की ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिसने आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैला दी और कई घंटों तक धधकती रहीं। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तेज हवा और सूखे जंगल के कारण आग लगातार फैलती रही, जिससे दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार करते रहे, वहीं वन विभाग की टीम भी आग बुझाने के प्रयास में जुटी रही। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और कई ग्रामीणों ने भी प्रशासन की मदद की। हालांकि, देर शाम तक आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने वाले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ियां और घना वन क्षेत्र मौजूद है, जिससे लाखों रुपये की वन संपदा के नुकसान की आशंका है। इसके अतिरिक्त, जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों, पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं के भी जलकर मरने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसके प्रारंभिक संभावित कारणों में भीषण गर्मी, सूखी झाड़ियां या किसी मानवीय लापरवाही को माना जा रहा है। फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और इसे जंगल के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने की है। इस घटना ने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं और वन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जंगल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।2
- मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी आदित्य बंजारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी आदित्य बंजारे को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में, पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।1
- खड़ धरसीवां क्षेत्र के गिरौद गांव में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मिलकर एक सदस्यता अभियान और ग्रामीण बैठक का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, किसान, मजदूर और युवा शामिल हुए, जहाँ कई महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान खड़ अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी, जिसमें दुर्ग ग्रामीण से चेतन चंदेल से संबंधित FIR के मुद्दों और बालोद से दानी साहू को जेल ले जाने जैसे कई क्षेत्रीय मामलों को उठाया गया। वक्ताओं ने क्षेत्रीय समस्याओं, रोजगार, शिक्षा, उद्योगों से होने वाले प्रदूषण और मजदूर सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन और रोजगार पर पहला अधिकार छत्तीसगढ़िया लोगों का होना चाहिए। उद्योगों का विरोध न करते हुए, वक्ताओं ने ऐसी कंपनियों की स्थापना पर बल दिया जो कम प्रदूषण फैलाएँ, क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार प्रदान करें और मजदूर भाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि लगातार औद्योगिक दुर्घटनाओं में मजदूरों की मौत चिंता का विषय है। युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। NEET पेपर लीक जैसे मामलों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए, उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अब छत्तीसगढ़िया समाज अपने अधिकारों और समस्याओं पर खुलकर आवाज उठाना सीख रहा है, तथा जनता को शराब, लालच और झूठे वादों से भ्रमित करने की राजनीति को बंद करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक क्षेत्रीय पार्टी ही स्थानीय समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर उनका समाधान कर सकती है। कार्यक्रम के समापन पर, बड़ी संख्या में लोगों ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और क्षेत्रीय एकता तथा अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प लिया।2
- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस को गंभीर अपराधों, मर्ग एवं विभिन्न प्रकरणों की जांच को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदान की गई है। यह वैन एक चलते-फिरते वैज्ञानिक प्रयोगशाला के रूप में कार्य करेगी, जिससे फॉरेंसिक टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर सकेगी। इसमें घटनास्थल पर ही सैंपलिंग और टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है। दिनांक 23.05.2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार से पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी.शर्मा द्वारा इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस नई तकनीक के आने से विभिन्न अपराधों और प्रकरणों में वैज्ञानिक एवं जैविक साक्ष्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में व्यापक एवं प्रभावी सुधार आएगा। वैन में अत्याधुनिक कैमरा और सूक्ष्मदर्शी से डाटा विश्लेषण और डाटा रिट्रीव की सुविधा भी उपलब्ध है, जो अपराध अनुसंधान एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। इस 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' का मुख्य लक्ष्य जघन्य अपराधों और विभिन्न प्रकरणों में त्वरित वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करना है, जो अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम में श्री अभिषेक सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर, निरीक्षक प्रणाली वैद्य प्रभारी साइबर सेल सहित पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।4