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बिहार की राजधानी पटना के रुपसपुर इलाके में स्थित एक होटल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पॉलीटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा अपने पिता के साथ इस होटल में ठहरी हुई थी, तभी यह घटना घटी। आरोप है कि देर रात नशे की हालत में एक युवक छात्रा के कमरे में घुस गया और उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश की। हालांकि, छात्रा के पिता ने बड़ी बहादुरी का परिचय देते हुए अपनी बेटी को उस युवक से बचा लिया। इस घटना के बाद होटल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा हादसा उस छात्रा के साथ हुआ जो अपनी जिंदगी में पहली बार पटना आई थी।
Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
बिहार की राजधानी पटना के रुपसपुर इलाके में स्थित एक होटल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पॉलीटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा अपने पिता के साथ इस होटल में ठहरी हुई थी, तभी यह घटना घटी। आरोप है कि देर रात नशे की हालत में एक युवक छात्रा के कमरे में घुस गया और उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश की। हालांकि, छात्रा के पिता ने बड़ी बहादुरी का परिचय देते हुए अपनी बेटी को उस युवक से बचा लिया। इस घटना के बाद होटल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा हादसा उस छात्रा के साथ हुआ जो अपनी जिंदगी में पहली बार पटना आई थी।
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- बिहार की राजधानी पटना के रुपसपुर इलाके में स्थित एक होटल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पॉलीटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा अपने पिता के साथ इस होटल में ठहरी हुई थी, तभी यह घटना घटी। आरोप है कि देर रात नशे की हालत में एक युवक छात्रा के कमरे में घुस गया और उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश की। हालांकि, छात्रा के पिता ने बड़ी बहादुरी का परिचय देते हुए अपनी बेटी को उस युवक से बचा लिया। इस घटना के बाद होटल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा हादसा उस छात्रा के साथ हुआ जो अपनी जिंदगी में पहली बार पटना आई थी।1
- धमधा के वार्ड नंबर 10, ब्राह्मण पारा में सोमवार को एक 20 वर्षीय युवक निखिल देवांगन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे इलाके में गहरा सदमा फैल गया। दोपहर करीब 12 बजे हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और युवक को तुरंत धमधा के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना धमधा में 24 घंटे के भीतर हुई दूसरी आत्महत्या है। रविवार देर रात धमधा के ही एक अन्य युवक संजोग यादव ने भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। पिछले दो महीनों में कुणाल यादव, संजोग यादव और निखिल देवांगन सहित कुल तीन युवा आत्महत्या कर चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय, चिंता और गंभीर सामाजिक चर्चा का माहौल बन गया है। लगातार हो रही इन दर्दनाक घटनाओं ने पूरे धमधा क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है, और स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियाँ बन रही हैं, जिनकी वजह से युवा इतना कठोर कदम उठा रहे हैं। लोग मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव, बेरोजगारी या अकेलेपन जैसे संभावित कारणों को लेकर चिंतित हैं। पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जाँच शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल में जुटी हुई है। फिलहाल आत्महत्या का कारण अज्ञात बताया जा रहा है।1
- राजनांदगांव से श्री सकल जैन समाज ने केंद्र और राज्य सरकारों से देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। समाज ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की वकालत की है। ज्ञापन में बताया गया है कि जैन संत पूरी तरह से अहिंसक जीवन जीते हैं और न तो आत्मरक्षा करते हैं और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या वाहन का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में, पैदल विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। जैन समाज ने भारत सरकार से संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन और सुरक्षा एसओपी (SOP) तैयार करने का आग्रह किया है। इसके तहत संवेदनशील मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाने और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखे जाने की मांग की गई है। स्थानीय स्तर पर, समाज ने “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” (Sant Security Coordination Cell) गठित करने और एक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में संतों के विहार मार्गों पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने और आवश्यक स्थानों पर सूचना पट्ट लगाने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जैन समाज ने प्रशासन से अपील की है कि मुनियों के विहार की पूर्व सूचना मिलने पर समुचित पुलिस सुरक्षा और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। जैन समाज ने स्पष्ट किया है कि उनकी इस पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ज्ञापन के अंत में प्रशासन से इस संबंध में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में बन रहे एक गैबियन चेक डेम के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में परियोजना में अनियमितता बरते जाने और बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का जिक्र किया गया है। यह स्थिति निर्माणाधीन परियोजना की गुणवत्ता और वित्तीय लेनदेन पर सवाल खड़े करती है।1
- रायपुर जिले के भटागांव स्थित बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 13 के पास गंभीर गंदगी फैली हुई है। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में कोई भी सफाईकर्मी साफ-सफाई का काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है और उसे हटाया नहीं जा पा रहा है।1
- संभव स्टील कंपनी में हुई तोड़फोड़, मारपीट और ट्रक चालकों से लूटपाट के आरोप में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।1
- खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय में कथित शराब पार्टी और वायरल वीडियो का मामला आखिरकार कार्रवाई तक पहुंच गया है। कई दिनों तक इस मामले को दबाने और इस पर चुप्पी साधने की कोशिशों के बाद, जिला शिक्षा विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस घटना के संबंध में तत्काल प्रभाव से दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 रविंद्र सिंह गहरवार और शासकीय प्राथमिक शाला संडी के प्रधान पाठक सुनील कुमार वर्मा शामिल हैं। यह कार्रवाई शासकीय कार्यालय परिसर में शराब सेवन और अमर्यादित व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विरुद्ध पाए जाने के कारण की गई है।1
- सोशल मीडिया पर एक अस्पताल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मरीज इलाज के लिए कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ कर्मचारी कथित तौर पर लूडो खेलते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, वीडियो का पूरा संदर्भ और घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, फिर भी स्वास्थ्य सेवाओं में समय पर इलाज और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर नागरिक इस मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1