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सोशल मीडिया पर एक अस्पताल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मरीज इलाज के लिए कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ कर्मचारी कथित तौर पर लूडो खेलते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, वीडियो का पूरा संदर्भ और घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, फिर भी स्वास्थ्य सेवाओं में समय पर इलाज और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर नागरिक इस मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
सोशल मीडिया पर एक अस्पताल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मरीज इलाज के लिए कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ कर्मचारी कथित तौर पर लूडो खेलते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, वीडियो का पूरा संदर्भ और घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, फिर भी स्वास्थ्य सेवाओं में समय पर इलाज और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर नागरिक इस मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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- तिल्दा नेवरा के समीप ग्राम छत्तौद स्थित रानीसागर सरकारी नर्सरी में अचानक भीषण आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।1
- केसीजी जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 25 मई, सोमवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने ग्राम बीरूटोला स्थित सुहावन तालाब के पास से इन जुआरियों को पकड़ा, जहाँ वे मोमबत्ती की रोशनी में जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास और फड़ से 2420 रुपये नगद, 52 पत्ती ताश और एक अधजली मोमबत्ती जब्त की। सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।1
- तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कर ध्वस्त कर दिया गया। यह जानकारी मिली है कि कई व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर उस पर पक्के निर्माण कर लिए थे, और कुछ जगहों पर तो सरकारी बिजली के पोल तक को दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर ले लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। इस अभियान के दौरान प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता से यह अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि को खाली कर दें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में गहरी चिंता व्याप्त है, जिसके चलते मंगलवार को गोबरा नवापारा तहसील कार्यालय में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम एक ज्ञापन SDM को सौंपा। समाज का यह कदम हाल ही में पैदल विहार के दौरान पूज्य आर्यिका माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु के बाद आया है, जिसे समाज अत्यंत संदिग्ध मान रहा है। सकल जैन समाज का कहना है कि यह घटना सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि वायरल हुई वीडियो क्लिप और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर समाज में गहरी आशंका और आक्रोश का माहौल है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी भी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे अहिंसक संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं व हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने गृह मंत्री से चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि आर्यिका माताजी की मृत्यु के प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए। दूसरी, घटना से संबंधित सभी CCTV फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्य तत्काल सुरक्षित किए जाएं ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो। तीसरी मांग में कहा गया है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चौथी और महत्वपूर्ण मांग यह है कि यदि जांच में सुनियोजित कृत्य या षडयंत्र के तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों पर हत्या व साजिश की कड़ी धाराएं लगाई जाएं। इन मांगों के अतिरिक्त, सकल जैन समाज ने 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' बनाने की मांग भी की है। इसमें देशभर के राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर जैन संतों के विहार मार्गों को चिन्हित कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने तथा हाईवे पेट्रोलिंग को विहाररत् संतों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपते समय समाज के वरिष्ठजन, महिला मंडल और युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि संत समाज राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है, और उनकी सुरक्षा सरकार का नैतिक दायित्व है। SDM ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से गृह मंत्रालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।4
- छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा के पास खपरी मढ़ी स्थित प्रसिद्ध बंजारी धाम से लगे जंगल में अचानक भीषण आग लग गई। अचानक लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और जंगल का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग की ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिसने आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैला दी और कई घंटों तक धधकती रहीं। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तेज हवा और सूखे जंगल के कारण आग लगातार फैलती रही, जिससे दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार करते रहे, वहीं वन विभाग की टीम भी आग बुझाने के प्रयास में जुटी रही। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और कई ग्रामीणों ने भी प्रशासन की मदद की। हालांकि, देर शाम तक आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने वाले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ियां और घना वन क्षेत्र मौजूद है, जिससे लाखों रुपये की वन संपदा के नुकसान की आशंका है। इसके अतिरिक्त, जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों, पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं के भी जलकर मरने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसके प्रारंभिक संभावित कारणों में भीषण गर्मी, सूखी झाड़ियां या किसी मानवीय लापरवाही को माना जा रहा है। फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और इसे जंगल के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने की है। इस घटना ने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं और वन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जंगल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।2
- पिछले कुछ दिनों से जैन साधु-साध्वियों के साथ हो रही अत्यंत दर्दनाक घटनाओं से आहत लामता के जैन समाज ने आज एक मौन रैली का आयोजन किया। इन घटनाओं को अक्सर सड़क दुर्घटना का नाम दे दिया जाता है, लेकिन इनसे समाज को निरंतर अपूरणीय क्षति उठानी पड़ रही है, जिसके कारण समाज में गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है। विगत दिनों रीवा में हुई एक हृदयविदारक घटना का भी उल्लेख किया गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार चालक ने जैन साध्वियों को कुचल दिया था, जिससे दो साध्वियों का दुखद निधन हो गया। इस घटना से संपूर्ण जैन समाज स्तब्ध है और इसे समाज की एक बड़ी अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसी मांग को लेकर आज सकल जैन समाज लामता द्वारा सुबह 10 बजे मौन रैली निकाली गई। इस रैली में समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकता और श्रद्धांजलि का परिचय दिया। रैली के माध्यम से, प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर थाना प्रभारी को थाना कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया।1
- गरियाबंद/राजिम में, दूतकैया गांव में 1 फरवरी को हुई हिंसा के बाद 22 लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में सर्व हिंदू समाज ने सोमवार को राजिम के सुंदर लाल शर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई को "एकतरफा" करार देते हुए पुलिस पर पक्षपात और अनुचित कदम उठाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि 1 फरवरी को दोपहर में ही पुलिस को विवाद की सूचना दी गई थी, बावजूद इसके घटना शाम 4 बजे के बाद हुई और पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि पुलिस ने बाद में निर्दोष हिंदू युवकों को गिरफ्तार कर लिया, लोगों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए और झूठे मामलों में फंसाया। हिंदू संगठनों ने राजिम थाने के SI जीवन साहू को तुरंत निलंबित करने की मांग की, साथ ही यह भी कहा कि मुख्य आरोपी आरिफ खान द्वारा गांव में मारपीट के बाद ग्रामीणों की प्रतिक्रिया को ही हिंसा बताया जा रहा है, जबकि असली दोषियों पर नरमी बरती गई है। गौरतलब है कि दूतकैया में 1 फरवरी को पुराने शिवलिंग विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प हुई थी, जिसके दौरान भीड़ ने घरों और वाहनों में आगजनी की और पुलिस पर पथराव भी किया गया था। इस मामले में पुलिस ने पहले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती और गिरफ्तार किए गए 22 लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तो यह आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।4
- सूरजपुर जिले में अवैध कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतापपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के डीजल चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े एक ढाबा संचालक और एक टैंकर चालक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 950 लीटर चोरी का डीजल, दो बड़े टैंकर, एक स्कॉर्पियो वाहन और डीजल चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी चालक अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह पूरा मामला थाना प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम दुरती स्थित अन्नपूर्णा ढाबा का है, जहाँ लंबे समय से टैंकरों से अवैध रूप से डीजल निकालने की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस इस नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए थी। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत, 22 मई 2026 की रात को प्रतापपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ढाबा संचालक रविकांत यादव अपनी स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक यूपी 67 एएम 9993) के साथ ढाबे पर मौजूद है और उसके संरक्षण में दो डीजल टैंकरों से चोरी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर ढाबे पर दबिश दी, जहाँ पुलिस को देखकर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पाया कि टैंकरों के ऑयल टैंक में विशेष तरीके से कटिंग कर डीजल निकाला जा रहा था। जांच में सामने आया कि टैंकर क्रमांक डब्ल्यूबी 78-5226 और एनएल 06 ए 9129 मुगलसराय से करीब 24-24 हजार लीटर डीजल लेकर उड़ीसा की ओर जा रहे थे, और आरोप है कि रास्ते में ढाबा संचालक व टैंकर चालकों की मिलीभगत से टैंकरों से डीजल चोरी कर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह तरीका काफी संगठित था, जिससे पहली नजर में चोरी का पता नहीं चल पाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ढाबे के पीछे बने कमरे से 200-200 लीटर क्षमता वाले चार ड्रम, प्लास्टिक जरीकेन और अन्य पात्रों में भरा कुल 950 लीटर डीजल बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 93 हजार 100 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से लोहे की छड़, प्लास्टिक पाइप, डीजल मापने का उपकरण, लोहे के कम्पाट, कटिंग मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग डीजल चोरी में किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों टैंकरों और काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में थाना प्रतापपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 316(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने ढाबा संचालक रविकांत कुमार यादव और टैंकर चालक सलीम रहमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं, दूसरे टैंकर का चालक सलमान पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया डीजल किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अंतरराज्यीय स्तर पर भी जांच कर रही है, क्योंकि टैंकर दूसरे राज्यों से होकर गुजर रहे थे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और हाईवे किनारे ढाबों को केंद्र बनाकर डीजल चोरी का यह अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। प्रतापपुर पुलिस ने कहा है कि अवैध कारोबार, चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है और जब्त टैंकरों व उपकरणों की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।4
- कबीरधाम पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ कवर्धा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, यह सट्टेबाजी व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित की जा रही थी। पुलिस के इस एक्शन के बाद, मामले में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।1