पिछले कुछ दिनों से जैन साधु-साध्वियों के साथ हो रही अत्यंत दर्दनाक घटनाओं से आहत लामता के जैन समाज ने आज एक मौन रैली का आयोजन किया। इन घटनाओं को अक्सर सड़क दुर्घटना का नाम दे दिया जाता है, लेकिन इनसे समाज को निरंतर अपूरणीय क्षति उठानी पड़ रही है, जिसके कारण समाज में गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है। विगत दिनों रीवा में हुई एक हृदयविदारक घटना का भी उल्लेख किया गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार चालक ने जैन साध्वियों को कुचल दिया था, जिससे दो साध्वियों का दुखद निधन हो गया। इस घटना से संपूर्ण जैन समाज स्तब्ध है और इसे समाज की एक बड़ी अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसी मांग को लेकर आज सकल जैन समाज लामता द्वारा सुबह 10 बजे मौन रैली निकाली गई। इस रैली में समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकता और श्रद्धांजलि का परिचय दिया। रैली के माध्यम से, प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर थाना प्रभारी को थाना कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया।
पिछले कुछ दिनों से जैन साधु-साध्वियों के साथ हो रही अत्यंत दर्दनाक घटनाओं से आहत लामता के जैन समाज ने आज एक मौन रैली का आयोजन किया। इन घटनाओं को अक्सर सड़क दुर्घटना का नाम दे दिया जाता है, लेकिन इनसे समाज को निरंतर अपूरणीय क्षति उठानी पड़ रही है, जिसके कारण समाज में गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है। विगत दिनों रीवा में हुई एक हृदयविदारक घटना का भी उल्लेख किया गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार चालक ने जैन साध्वियों को कुचल दिया था, जिससे दो साध्वियों का दुखद निधन हो गया। इस घटना से संपूर्ण जैन समाज स्तब्ध है और इसे समाज की एक बड़ी अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसी मांग को लेकर आज सकल जैन समाज लामता द्वारा सुबह 10 बजे मौन रैली निकाली गई। इस रैली में समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकता और श्रद्धांजलि का परिचय दिया। रैली के माध्यम से, प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर थाना प्रभारी को थाना कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया।
- पिछले कुछ दिनों से जैन साधु-साध्वियों के साथ हो रही अत्यंत दर्दनाक घटनाओं से आहत लामता के जैन समाज ने आज एक मौन रैली का आयोजन किया। इन घटनाओं को अक्सर सड़क दुर्घटना का नाम दे दिया जाता है, लेकिन इनसे समाज को निरंतर अपूरणीय क्षति उठानी पड़ रही है, जिसके कारण समाज में गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है। विगत दिनों रीवा में हुई एक हृदयविदारक घटना का भी उल्लेख किया गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार चालक ने जैन साध्वियों को कुचल दिया था, जिससे दो साध्वियों का दुखद निधन हो गया। इस घटना से संपूर्ण जैन समाज स्तब्ध है और इसे समाज की एक बड़ी अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसी मांग को लेकर आज सकल जैन समाज लामता द्वारा सुबह 10 बजे मौन रैली निकाली गई। इस रैली में समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकता और श्रद्धांजलि का परिचय दिया। रैली के माध्यम से, प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर थाना प्रभारी को थाना कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया।1
- बालाघाट जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में, 24 मई 2026 को उप संचालक खनिज प्रशासन बालाघाट के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक बसंत कुमार पाटिल और खनि सिपाही दिलशाद कुरैशी ने कटंगी तहसील के ग्राम भजियापार में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन की जांच की। जांच के दौरान, ग्राम भजियापार में ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 50-एए-3244 को अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इस वाहन का चालक राजेश राउत, पिता राजकुमार राउत, ग्राम भजियापार, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट का निवासी बताया गया है। इस ट्रैक्टर को रेत सहित जब्त कर थाना कटंगी की अभिरक्षा में रखा गया है। इसके अतिरिक्त, खनिज निरीक्षक बसंत कुमार पाटिल ने 23 मई 2026 की रात को कटंगी तहसील के ग्राम बाहकल में भी कार्रवाई की। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 50-एए-4736 को अवैध रेत परिवहन करते हुए जब्त किया गया। इस वाहन का मालिक दिनेश, पिता नेतलाल बताया गया है। इस ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी थाना कटंगी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने बताया है कि इन दोनों ही मामलों में मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय में कथित शराब पार्टी और वायरल वीडियो का मामला आखिरकार कार्रवाई तक पहुंच गया है। कई दिनों तक इस मामले को दबाने और इस पर चुप्पी साधने की कोशिशों के बाद, जिला शिक्षा विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस घटना के संबंध में तत्काल प्रभाव से दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 रविंद्र सिंह गहरवार और शासकीय प्राथमिक शाला संडी के प्रधान पाठक सुनील कुमार वर्मा शामिल हैं। यह कार्रवाई शासकीय कार्यालय परिसर में शराब सेवन और अमर्यादित व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विरुद्ध पाए जाने के कारण की गई है।1
- केसीजी जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 25 मई, सोमवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने ग्राम बीरूटोला स्थित सुहावन तालाब के पास से इन जुआरियों को पकड़ा, जहाँ वे मोमबत्ती की रोशनी में जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास और फड़ से 2420 रुपये नगद, 52 पत्ती ताश और एक अधजली मोमबत्ती जब्त की। सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित सरदार पटेल मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण विवेक तिरपुड़े नामक युवक पिछले 102 दिनों से कोमा में हैं। विवेक अपने हाथ के मामूली फ्रैक्चर का ऑपरेशन कराने अस्पताल आए थे, लेकिन यह प्रक्रिया उनके जीवन के लिए खतरा बन गई। दरअसल, जिस सर्जरी को मात्र 20 मिनट में पूरा किया जाना था, डॉक्टरों ने उसे करने में 03 घंटे लगा दिए। इस लंबी और कथित तौर पर लापरवाह सर्जरी के कारण विवेक के मस्तिष्क (ब्रेन) को गंभीर क्षति पहुंची है। वर्तमान में, विवेक का जीवन गले और पेट में किए गए छेद के सहारे चल रहा है, जिससे उन्हें सांस लेने और जीवन बनाए रखने में मदद मिल रही है। इस हृदय विदारक घटना के चलते विवेक का पूरा परिवार बालाघाट छोड़कर भोपाल के एक अस्पताल में दिन गुजार रहा है। इस गंभीर चिकित्सीय लापरवाही और विवेक की नाजुक हालत को लेकर रविवार शाम 07 बजे बालाघाट नगर में भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। विवेक के परिजनों, मित्रों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने एकजुट होकर उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से कोतवाली थाने तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में "जस्टिस फॉर विवेक" लिखी तख्तियां लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और अस्पताल तथा डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।1
- राजनांदगांव से श्री सकल जैन समाज ने केंद्र और राज्य सरकारों से देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। समाज ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की वकालत की है। ज्ञापन में बताया गया है कि जैन संत पूरी तरह से अहिंसक जीवन जीते हैं और न तो आत्मरक्षा करते हैं और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या वाहन का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में, पैदल विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। जैन समाज ने भारत सरकार से संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन और सुरक्षा एसओपी (SOP) तैयार करने का आग्रह किया है। इसके तहत संवेदनशील मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाने और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखे जाने की मांग की गई है। स्थानीय स्तर पर, समाज ने “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” (Sant Security Coordination Cell) गठित करने और एक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में संतों के विहार मार्गों पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने और आवश्यक स्थानों पर सूचना पट्ट लगाने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जैन समाज ने प्रशासन से अपील की है कि मुनियों के विहार की पूर्व सूचना मिलने पर समुचित पुलिस सुरक्षा और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। जैन समाज ने स्पष्ट किया है कि उनकी इस पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ज्ञापन के अंत में प्रशासन से इस संबंध में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में बन रहे एक गैबियन चेक डेम के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में परियोजना में अनियमितता बरते जाने और बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का जिक्र किया गया है। यह स्थिति निर्माणाधीन परियोजना की गुणवत्ता और वित्तीय लेनदेन पर सवाल खड़े करती है।1
- 123 बटालियन भरवेली ने 'फिट इंडिया मूवमेंट' के तहत एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। यह रैली भरवेली स्थित कैंप परिसर में संपन्न हुई। इस कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों और स्थानीय युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिसके माध्यम से फिटनेस और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया गया। कमाण्डेंट श्री हजारी लाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर इस साइकिल रैली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कमाण्डेंट श्री हजारी लाल ने साइकिल चलाने के अनेक लाभ बताए, जिसमें शरीर को स्वस्थ रखना, हृदय को मजबूत बनाना, वजन नियंत्रित करना और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार शामिल है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि साइकिल का उपयोग प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। रैली के दौरान, प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से फिटनेस अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित लोगों को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने और नियमित रूप से साइकिल चलाने का संकल्प दिलाया गया। इस पूरे कार्यक्रम का लक्ष्य जवानों और आम नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा 'फिट इंडिया अभियान' को जन-जन तक पहुंचाना था।1