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राजनांदगांव से श्री सकल जैन समाज ने केंद्र और राज्य सरकारों से देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। समाज ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की वकालत की है। ज्ञापन में बताया गया है कि जैन संत पूरी तरह से अहिंसक जीवन जीते हैं और न तो आत्मरक्षा करते हैं और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या वाहन का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में, पैदल विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। जैन समाज ने भारत सरकार से संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन और सुरक्षा एसओपी (SOP) तैयार करने का आग्रह किया है। इसके तहत संवेदनशील मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाने और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखे जाने की मांग की गई है। स्थानीय स्तर पर, समाज ने “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” (Sant Security Coordination Cell) गठित करने और एक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में संतों के विहार मार्गों पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने और आवश्यक स्थानों पर सूचना पट्ट लगाने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जैन समाज ने प्रशासन से अपील की है कि मुनियों के विहार की पूर्व सूचना मिलने पर समुचित पुलिस सुरक्षा और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। जैन समाज ने स्पष्ट किया है कि उनकी इस पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ज्ञापन के अंत में प्रशासन से इस संबंध में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई है।

9 hrs ago
user_Jaideep Sharma
Jaideep Sharma
राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
9 hrs ago

राजनांदगांव से श्री सकल जैन समाज ने केंद्र और राज्य सरकारों से देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। समाज ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की वकालत की है। ज्ञापन में बताया गया है कि जैन संत पूरी तरह से अहिंसक जीवन जीते हैं और न तो आत्मरक्षा करते हैं और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या वाहन का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में, पैदल विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। जैन समाज ने भारत सरकार से संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन और सुरक्षा एसओपी (SOP) तैयार करने का आग्रह किया है। इसके तहत संवेदनशील मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाने और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखे जाने की मांग की गई है। स्थानीय स्तर पर, समाज ने “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” (Sant Security Coordination Cell) गठित करने और एक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में संतों के विहार मार्गों पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने और आवश्यक स्थानों पर सूचना पट्ट लगाने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जैन समाज ने प्रशासन से अपील की है कि मुनियों के विहार की पूर्व सूचना मिलने पर समुचित पुलिस सुरक्षा और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। जैन समाज ने स्पष्ट किया है कि उनकी इस पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ज्ञापन के अंत में प्रशासन से इस संबंध में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई है।

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  • रायपुर जिले के भटागांव स्थित बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 13 के पास गंभीर गंदगी फैली हुई है। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में कोई भी सफाईकर्मी साफ-सफाई का काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है और उसे हटाया नहीं जा पा रहा है।
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    रायपुर जिले के भटागांव स्थित बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 13 के पास गंभीर गंदगी फैली हुई है। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में कोई भी सफाईकर्मी साफ-सफाई का काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है और उसे हटाया नहीं जा पा रहा है।
    user_Sawan verma
    Sawan verma
    Taxi Driver औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • संभव स्टील कंपनी में हुई तोड़फोड़, मारपीट और ट्रक चालकों से लूटपाट के आरोप में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
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    संभव स्टील कंपनी में हुई तोड़फोड़, मारपीट और ट्रक चालकों से लूटपाट के आरोप में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
    user_प्रकाश जोशी
    प्रकाश जोशी
    Newspaper publisher औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कर ध्वस्त कर दिया गया। यह जानकारी मिली है कि कई व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर उस पर पक्के निर्माण कर लिए थे, और कुछ जगहों पर तो सरकारी बिजली के पोल तक को दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर ले लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। इस अभियान के दौरान प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता से यह अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि को खाली कर दें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कर ध्वस्त कर दिया गया। यह जानकारी मिली है कि कई व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर उस पर पक्के निर्माण कर लिए थे, और कुछ जगहों पर तो सरकारी बिजली के पोल तक को दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर ले लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

इस अभियान के दौरान प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता से यह अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि को खाली कर दें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में गहरी चिंता व्याप्त है, जिसके चलते मंगलवार को गोबरा नवापारा तहसील कार्यालय में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम एक ज्ञापन SDM को सौंपा। समाज का यह कदम हाल ही में पैदल विहार के दौरान पूज्य आर्यिका माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु के बाद आया है, जिसे समाज अत्यंत संदिग्ध मान रहा है। सकल जैन समाज का कहना है कि यह घटना सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि वायरल हुई वीडियो क्लिप और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर समाज में गहरी आशंका और आक्रोश का माहौल है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी भी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे अहिंसक संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं व हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने गृह मंत्री से चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि आर्यिका माताजी की मृत्यु के प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए। दूसरी, घटना से संबंधित सभी CCTV फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्य तत्काल सुरक्षित किए जाएं ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो। तीसरी मांग में कहा गया है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चौथी और महत्वपूर्ण मांग यह है कि यदि जांच में सुनियोजित कृत्य या षडयंत्र के तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों पर हत्या व साजिश की कड़ी धाराएं लगाई जाएं। इन मांगों के अतिरिक्त, सकल जैन समाज ने 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' बनाने की मांग भी की है। इसमें देशभर के राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर जैन संतों के विहार मार्गों को चिन्हित कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने तथा हाईवे पेट्रोलिंग को विहाररत् संतों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपते समय समाज के वरिष्ठजन, महिला मंडल और युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि संत समाज राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है, और उनकी सुरक्षा सरकार का नैतिक दायित्व है। SDM ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से गृह मंत्रालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
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    जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में गहरी चिंता व्याप्त है, जिसके चलते मंगलवार को गोबरा नवापारा तहसील कार्यालय में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम एक ज्ञापन SDM को सौंपा। समाज का यह कदम हाल ही में पैदल विहार के दौरान पूज्य आर्यिका माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु के बाद आया है, जिसे समाज अत्यंत संदिग्ध मान रहा है।

सकल जैन समाज का कहना है कि यह घटना सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि वायरल हुई वीडियो क्लिप और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर समाज में गहरी आशंका और आक्रोश का माहौल है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी भी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे अहिंसक संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं व हमले अत्यंत चिंताजनक हैं।

ज्ञापन के माध्यम से समाज ने गृह मंत्री से चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि आर्यिका माताजी की मृत्यु के प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए। दूसरी, घटना से संबंधित सभी CCTV फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्य तत्काल सुरक्षित किए जाएं ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो। तीसरी मांग में कहा गया है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चौथी और महत्वपूर्ण मांग यह है कि यदि जांच में सुनियोजित कृत्य या षडयंत्र के तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों पर हत्या व साजिश की कड़ी धाराएं लगाई जाएं।

इन मांगों के अतिरिक्त, सकल जैन समाज ने 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' बनाने की मांग भी की है। इसमें देशभर के राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर जैन संतों के विहार मार्गों को चिन्हित कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने तथा हाईवे पेट्रोलिंग को विहाररत् संतों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपते समय समाज के वरिष्ठजन, महिला मंडल और युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि संत समाज राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है, और उनकी सुरक्षा सरकार का नैतिक दायित्व है। SDM ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से गृह मंत्रालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा के पास खपरी मढ़ी स्थित प्रसिद्ध बंजारी धाम से लगे जंगल में अचानक भीषण आग लग गई। अचानक लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और जंगल का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग की ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिसने आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैला दी और कई घंटों तक धधकती रहीं। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तेज हवा और सूखे जंगल के कारण आग लगातार फैलती रही, जिससे दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार करते रहे, वहीं वन विभाग की टीम भी आग बुझाने के प्रयास में जुटी रही। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और कई ग्रामीणों ने भी प्रशासन की मदद की। हालांकि, देर शाम तक आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने वाले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ियां और घना वन क्षेत्र मौजूद है, जिससे लाखों रुपये की वन संपदा के नुकसान की आशंका है। इसके अतिरिक्त, जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों, पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं के भी जलकर मरने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसके प्रारंभिक संभावित कारणों में भीषण गर्मी, सूखी झाड़ियां या किसी मानवीय लापरवाही को माना जा रहा है। फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और इसे जंगल के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने की है। इस घटना ने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं और वन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जंगल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
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    छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा के पास खपरी मढ़ी स्थित प्रसिद्ध बंजारी धाम से लगे जंगल में अचानक भीषण आग लग गई। अचानक लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और जंगल का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग की ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिसने आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैला दी और कई घंटों तक धधकती रहीं।

आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तेज हवा और सूखे जंगल के कारण आग लगातार फैलती रही, जिससे दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार करते रहे, वहीं वन विभाग की टीम भी आग बुझाने के प्रयास में जुटी रही। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और कई ग्रामीणों ने भी प्रशासन की मदद की। हालांकि, देर शाम तक आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने वाले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ियां और घना वन क्षेत्र मौजूद है, जिससे लाखों रुपये की वन संपदा के नुकसान की आशंका है। इसके अतिरिक्त, जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों, पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं के भी जलकर मरने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसके प्रारंभिक संभावित कारणों में भीषण गर्मी, सूखी झाड़ियां या किसी मानवीय लापरवाही को माना जा रहा है। फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और इसे जंगल के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने की है।

इस घटना ने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं और वन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जंगल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
    user_Anil Bhatt
    Anil Bhatt
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • बालाघाट जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में, 24 मई 2026 को उप संचालक खनिज प्रशासन बालाघाट के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक बसंत कुमार पाटिल और खनि सिपाही दिलशाद कुरैशी ने कटंगी तहसील के ग्राम भजियापार में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन की जांच की। जांच के दौरान, ग्राम भजियापार में ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 50-एए-3244 को अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इस वाहन का चालक राजेश राउत, पिता राजकुमार राउत, ग्राम भजियापार, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट का निवासी बताया गया है। इस ट्रैक्टर को रेत सहित जब्त कर थाना कटंगी की अभिरक्षा में रखा गया है। इसके अतिरिक्त, खनिज निरीक्षक बसंत कुमार पाटिल ने 23 मई 2026 की रात को कटंगी तहसील के ग्राम बाहकल में भी कार्रवाई की। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 50-एए-4736 को अवैध रेत परिवहन करते हुए जब्त किया गया। इस वाहन का मालिक दिनेश, पिता नेतलाल बताया गया है। इस ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी थाना कटंगी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने बताया है कि इन दोनों ही मामलों में मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    बालाघाट जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में, 24 मई 2026 को उप संचालक खनिज प्रशासन बालाघाट के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक बसंत कुमार पाटिल और खनि सिपाही दिलशाद कुरैशी ने कटंगी तहसील के ग्राम भजियापार में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन की जांच की। जांच के दौरान, ग्राम भजियापार में ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 50-एए-3244 को अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इस वाहन का चालक राजेश राउत, पिता राजकुमार राउत, ग्राम भजियापार, तहसील कटंगी, जिला बालाघाट का निवासी बताया गया है। इस ट्रैक्टर को रेत सहित जब्त कर थाना कटंगी की अभिरक्षा में रखा गया है।

इसके अतिरिक्त, खनिज निरीक्षक बसंत कुमार पाटिल ने 23 मई 2026 की रात को कटंगी तहसील के ग्राम बाहकल में भी कार्रवाई की। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 50-एए-4736 को अवैध रेत परिवहन करते हुए जब्त किया गया। इस वाहन का मालिक दिनेश, पिता नेतलाल बताया गया है। इस ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी थाना कटंगी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने बताया है कि इन दोनों ही मामलों में मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_लोकेश गोखले
    लोकेश गोखले
    Local News Reporter किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • तिल्दा नेवरा के समीप ग्राम छत्तौद स्थित रानीसागर सरकारी नर्सरी में अचानक भीषण आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
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    तिल्दा नेवरा के समीप ग्राम छत्तौद स्थित रानीसागर सरकारी नर्सरी में अचानक भीषण आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
    user_प्रकाश जोशी
    प्रकाश जोशी
    Newspaper publisher औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • गरियाबंद/राजिम में, दूतकैया गांव में 1 फरवरी को हुई हिंसा के बाद 22 लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में सर्व हिंदू समाज ने सोमवार को राजिम के सुंदर लाल शर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई को "एकतरफा" करार देते हुए पुलिस पर पक्षपात और अनुचित कदम उठाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि 1 फरवरी को दोपहर में ही पुलिस को विवाद की सूचना दी गई थी, बावजूद इसके घटना शाम 4 बजे के बाद हुई और पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि पुलिस ने बाद में निर्दोष हिंदू युवकों को गिरफ्तार कर लिया, लोगों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए और झूठे मामलों में फंसाया। हिंदू संगठनों ने राजिम थाने के SI जीवन साहू को तुरंत निलंबित करने की मांग की, साथ ही यह भी कहा कि मुख्य आरोपी आरिफ खान द्वारा गांव में मारपीट के बाद ग्रामीणों की प्रतिक्रिया को ही हिंसा बताया जा रहा है, जबकि असली दोषियों पर नरमी बरती गई है। गौरतलब है कि दूतकैया में 1 फरवरी को पुराने शिवलिंग विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प हुई थी, जिसके दौरान भीड़ ने घरों और वाहनों में आगजनी की और पुलिस पर पथराव भी किया गया था। इस मामले में पुलिस ने पहले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती और गिरफ्तार किए गए 22 लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तो यह आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।
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    गरियाबंद/राजिम में, दूतकैया गांव में 1 फरवरी को हुई हिंसा के बाद 22 लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में सर्व हिंदू समाज ने सोमवार को राजिम के सुंदर लाल शर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई को "एकतरफा" करार देते हुए पुलिस पर पक्षपात और अनुचित कदम उठाने का गंभीर आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि 1 फरवरी को दोपहर में ही पुलिस को विवाद की सूचना दी गई थी, बावजूद इसके घटना शाम 4 बजे के बाद हुई और पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि पुलिस ने बाद में निर्दोष हिंदू युवकों को गिरफ्तार कर लिया, लोगों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए और झूठे मामलों में फंसाया। हिंदू संगठनों ने राजिम थाने के SI जीवन साहू को तुरंत निलंबित करने की मांग की, साथ ही यह भी कहा कि मुख्य आरोपी आरिफ खान द्वारा गांव में मारपीट के बाद ग्रामीणों की प्रतिक्रिया को ही हिंसा बताया जा रहा है, जबकि असली दोषियों पर नरमी बरती गई है।

गौरतलब है कि दूतकैया में 1 फरवरी को पुराने शिवलिंग विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प हुई थी, जिसके दौरान भीड़ ने घरों और वाहनों में आगजनी की और पुलिस पर पथराव भी किया गया था। इस मामले में पुलिस ने पहले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती और गिरफ्तार किए गए 22 लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तो यह आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • सूरजपुर जिले में अवैध कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतापपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के डीजल चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े एक ढाबा संचालक और एक टैंकर चालक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 950 लीटर चोरी का डीजल, दो बड़े टैंकर, एक स्कॉर्पियो वाहन और डीजल चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी चालक अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह पूरा मामला थाना प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम दुरती स्थित अन्नपूर्णा ढाबा का है, जहाँ लंबे समय से टैंकरों से अवैध रूप से डीजल निकालने की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस इस नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए थी। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत, 22 मई 2026 की रात को प्रतापपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ढाबा संचालक रविकांत यादव अपनी स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक यूपी 67 एएम 9993) के साथ ढाबे पर मौजूद है और उसके संरक्षण में दो डीजल टैंकरों से चोरी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर ढाबे पर दबिश दी, जहाँ पुलिस को देखकर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पाया कि टैंकरों के ऑयल टैंक में विशेष तरीके से कटिंग कर डीजल निकाला जा रहा था। जांच में सामने आया कि टैंकर क्रमांक डब्ल्यूबी 78-5226 और एनएल 06 ए 9129 मुगलसराय से करीब 24-24 हजार लीटर डीजल लेकर उड़ीसा की ओर जा रहे थे, और आरोप है कि रास्ते में ढाबा संचालक व टैंकर चालकों की मिलीभगत से टैंकरों से डीजल चोरी कर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह तरीका काफी संगठित था, जिससे पहली नजर में चोरी का पता नहीं चल पाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ढाबे के पीछे बने कमरे से 200-200 लीटर क्षमता वाले चार ड्रम, प्लास्टिक जरीकेन और अन्य पात्रों में भरा कुल 950 लीटर डीजल बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 93 हजार 100 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से लोहे की छड़, प्लास्टिक पाइप, डीजल मापने का उपकरण, लोहे के कम्पाट, कटिंग मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग डीजल चोरी में किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों टैंकरों और काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में थाना प्रतापपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 316(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने ढाबा संचालक रविकांत कुमार यादव और टैंकर चालक सलीम रहमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं, दूसरे टैंकर का चालक सलमान पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया डीजल किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अंतरराज्यीय स्तर पर भी जांच कर रही है, क्योंकि टैंकर दूसरे राज्यों से होकर गुजर रहे थे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और हाईवे किनारे ढाबों को केंद्र बनाकर डीजल चोरी का यह अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। प्रतापपुर पुलिस ने कहा है कि अवैध कारोबार, चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है और जब्त टैंकरों व उपकरणों की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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    सूरजपुर जिले में अवैध कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतापपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के डीजल चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े एक ढाबा संचालक और एक टैंकर चालक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 950 लीटर चोरी का डीजल, दो बड़े टैंकर, एक स्कॉर्पियो वाहन और डीजल चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी चालक अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

यह पूरा मामला थाना प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम दुरती स्थित अन्नपूर्णा ढाबा का है, जहाँ लंबे समय से टैंकरों से अवैध रूप से डीजल निकालने की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस इस नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए थी। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत, 22 मई 2026 की रात को प्रतापपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ढाबा संचालक रविकांत यादव अपनी स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक यूपी 67 एएम 9993) के साथ ढाबे पर मौजूद है और उसके संरक्षण में दो डीजल टैंकरों से चोरी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर ढाबे पर दबिश दी, जहाँ पुलिस को देखकर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पाया कि टैंकरों के ऑयल टैंक में विशेष तरीके से कटिंग कर डीजल निकाला जा रहा था। जांच में सामने आया कि टैंकर क्रमांक डब्ल्यूबी 78-5226 और एनएल 06 ए 9129 मुगलसराय से करीब 24-24 हजार लीटर डीजल लेकर उड़ीसा की ओर जा रहे थे, और आरोप है कि रास्ते में ढाबा संचालक व टैंकर चालकों की मिलीभगत से टैंकरों से डीजल चोरी कर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह तरीका काफी संगठित था, जिससे पहली नजर में चोरी का पता नहीं चल पाता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने ढाबे के पीछे बने कमरे से 200-200 लीटर क्षमता वाले चार ड्रम, प्लास्टिक जरीकेन और अन्य पात्रों में भरा कुल 950 लीटर डीजल बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 93 हजार 100 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से लोहे की छड़, प्लास्टिक पाइप, डीजल मापने का उपकरण, लोहे के कम्पाट, कटिंग मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग डीजल चोरी में किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों टैंकरों और काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में थाना प्रतापपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 316(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने ढाबा संचालक रविकांत कुमार यादव और टैंकर चालक सलीम रहमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं, दूसरे टैंकर का चालक सलमान पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया डीजल किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अंतरराज्यीय स्तर पर भी जांच कर रही है, क्योंकि टैंकर दूसरे राज्यों से होकर गुजर रहे थे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और हाईवे किनारे ढाबों को केंद्र बनाकर डीजल चोरी का यह अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। प्रतापपुर पुलिस ने कहा है कि अवैध कारोबार, चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है और जब्त टैंकरों व उपकरणों की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
    user_Anil Bhatt
    Anil Bhatt
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
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