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रायपुर जिले के भटागांव स्थित बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 13 के पास गंभीर गंदगी फैली हुई है। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में कोई भी सफाईकर्मी साफ-सफाई का काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है और उसे हटाया नहीं जा पा रहा है।
Sawan verma
रायपुर जिले के भटागांव स्थित बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 13 के पास गंभीर गंदगी फैली हुई है। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में कोई भी सफाईकर्मी साफ-सफाई का काम नहीं कर रहा है, जिसके चलते गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है और उसे हटाया नहीं जा पा रहा है।
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- सोशल मीडिया पर एक अस्पताल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मरीज इलाज के लिए कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ कर्मचारी कथित तौर पर लूडो खेलते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, वीडियो का पूरा संदर्भ और घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, फिर भी स्वास्थ्य सेवाओं में समय पर इलाज और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर नागरिक इस मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- सूरजपुर जिले में अवैध कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतापपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के डीजल चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े एक ढाबा संचालक और एक टैंकर चालक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 950 लीटर चोरी का डीजल, दो बड़े टैंकर, एक स्कॉर्पियो वाहन और डीजल चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी चालक अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह पूरा मामला थाना प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम दुरती स्थित अन्नपूर्णा ढाबा का है, जहाँ लंबे समय से टैंकरों से अवैध रूप से डीजल निकालने की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस इस नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए थी। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत, 22 मई 2026 की रात को प्रतापपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ढाबा संचालक रविकांत यादव अपनी स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक यूपी 67 एएम 9993) के साथ ढाबे पर मौजूद है और उसके संरक्षण में दो डीजल टैंकरों से चोरी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर ढाबे पर दबिश दी, जहाँ पुलिस को देखकर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पाया कि टैंकरों के ऑयल टैंक में विशेष तरीके से कटिंग कर डीजल निकाला जा रहा था। जांच में सामने आया कि टैंकर क्रमांक डब्ल्यूबी 78-5226 और एनएल 06 ए 9129 मुगलसराय से करीब 24-24 हजार लीटर डीजल लेकर उड़ीसा की ओर जा रहे थे, और आरोप है कि रास्ते में ढाबा संचालक व टैंकर चालकों की मिलीभगत से टैंकरों से डीजल चोरी कर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह तरीका काफी संगठित था, जिससे पहली नजर में चोरी का पता नहीं चल पाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ढाबे के पीछे बने कमरे से 200-200 लीटर क्षमता वाले चार ड्रम, प्लास्टिक जरीकेन और अन्य पात्रों में भरा कुल 950 लीटर डीजल बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 93 हजार 100 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से लोहे की छड़, प्लास्टिक पाइप, डीजल मापने का उपकरण, लोहे के कम्पाट, कटिंग मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग डीजल चोरी में किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों टैंकरों और काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में थाना प्रतापपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 316(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने ढाबा संचालक रविकांत कुमार यादव और टैंकर चालक सलीम रहमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं, दूसरे टैंकर का चालक सलमान पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया डीजल किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अंतरराज्यीय स्तर पर भी जांच कर रही है, क्योंकि टैंकर दूसरे राज्यों से होकर गुजर रहे थे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और हाईवे किनारे ढाबों को केंद्र बनाकर डीजल चोरी का यह अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। प्रतापपुर पुलिस ने कहा है कि अवैध कारोबार, चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है और जब्त टैंकरों व उपकरणों की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।4
- जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में गहरी चिंता व्याप्त है, जिसके चलते मंगलवार को गोबरा नवापारा तहसील कार्यालय में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम एक ज्ञापन SDM को सौंपा। समाज का यह कदम हाल ही में पैदल विहार के दौरान पूज्य आर्यिका माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु के बाद आया है, जिसे समाज अत्यंत संदिग्ध मान रहा है। सकल जैन समाज का कहना है कि यह घटना सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि वायरल हुई वीडियो क्लिप और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर समाज में गहरी आशंका और आक्रोश का माहौल है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी भी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे अहिंसक संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं व हमले अत्यंत चिंताजनक हैं। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने गृह मंत्री से चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि आर्यिका माताजी की मृत्यु के प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए। दूसरी, घटना से संबंधित सभी CCTV फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्य तत्काल सुरक्षित किए जाएं ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो। तीसरी मांग में कहा गया है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चौथी और महत्वपूर्ण मांग यह है कि यदि जांच में सुनियोजित कृत्य या षडयंत्र के तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों पर हत्या व साजिश की कड़ी धाराएं लगाई जाएं। इन मांगों के अतिरिक्त, सकल जैन समाज ने 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' बनाने की मांग भी की है। इसमें देशभर के राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर जैन संतों के विहार मार्गों को चिन्हित कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने तथा हाईवे पेट्रोलिंग को विहाररत् संतों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपते समय समाज के वरिष्ठजन, महिला मंडल और युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि संत समाज राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है, और उनकी सुरक्षा सरकार का नैतिक दायित्व है। SDM ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे उचित माध्यम से गृह मंत्रालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।4
- खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय में कथित शराब पार्टी और वायरल वीडियो का मामला आखिरकार कार्रवाई तक पहुंच गया है। कई दिनों तक इस मामले को दबाने और इस पर चुप्पी साधने की कोशिशों के बाद, जिला शिक्षा विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस घटना के संबंध में तत्काल प्रभाव से दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 रविंद्र सिंह गहरवार और शासकीय प्राथमिक शाला संडी के प्रधान पाठक सुनील कुमार वर्मा शामिल हैं। यह कार्रवाई शासकीय कार्यालय परिसर में शराब सेवन और अमर्यादित व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विरुद्ध पाए जाने के कारण की गई है।1
- केसीजी जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 25 मई, सोमवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने ग्राम बीरूटोला स्थित सुहावन तालाब के पास से इन जुआरियों को पकड़ा, जहाँ वे मोमबत्ती की रोशनी में जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास और फड़ से 2420 रुपये नगद, 52 पत्ती ताश और एक अधजली मोमबत्ती जब्त की। सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।1
- राजनांदगांव से श्री सकल जैन समाज ने केंद्र और राज्य सरकारों से देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। समाज ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की वकालत की है। ज्ञापन में बताया गया है कि जैन संत पूरी तरह से अहिंसक जीवन जीते हैं और न तो आत्मरक्षा करते हैं और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या वाहन का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में, पैदल विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। जैन समाज ने भारत सरकार से संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन और सुरक्षा एसओपी (SOP) तैयार करने का आग्रह किया है। इसके तहत संवेदनशील मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाने और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखे जाने की मांग की गई है। स्थानीय स्तर पर, समाज ने “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” (Sant Security Coordination Cell) गठित करने और एक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में संतों के विहार मार्गों पर वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने और आवश्यक स्थानों पर सूचना पट्ट लगाने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जैन समाज ने प्रशासन से अपील की है कि मुनियों के विहार की पूर्व सूचना मिलने पर समुचित पुलिस सुरक्षा और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। जैन समाज ने स्पष्ट किया है कि उनकी इस पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ज्ञापन के अंत में प्रशासन से इस संबंध में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई है।1
- गरियाबंद/राजिम में, दूतकैया गांव में 1 फरवरी को हुई हिंसा के बाद 22 लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में सर्व हिंदू समाज ने सोमवार को राजिम के सुंदर लाल शर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई को "एकतरफा" करार देते हुए पुलिस पर पक्षपात और अनुचित कदम उठाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि 1 फरवरी को दोपहर में ही पुलिस को विवाद की सूचना दी गई थी, बावजूद इसके घटना शाम 4 बजे के बाद हुई और पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि पुलिस ने बाद में निर्दोष हिंदू युवकों को गिरफ्तार कर लिया, लोगों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए और झूठे मामलों में फंसाया। हिंदू संगठनों ने राजिम थाने के SI जीवन साहू को तुरंत निलंबित करने की मांग की, साथ ही यह भी कहा कि मुख्य आरोपी आरिफ खान द्वारा गांव में मारपीट के बाद ग्रामीणों की प्रतिक्रिया को ही हिंसा बताया जा रहा है, जबकि असली दोषियों पर नरमी बरती गई है। गौरतलब है कि दूतकैया में 1 फरवरी को पुराने शिवलिंग विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प हुई थी, जिसके दौरान भीड़ ने घरों और वाहनों में आगजनी की और पुलिस पर पथराव भी किया गया था। इस मामले में पुलिस ने पहले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती और गिरफ्तार किए गए 22 लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तो यह आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।4
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में बन रहे एक गैबियन चेक डेम के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में परियोजना में अनियमितता बरते जाने और बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का जिक्र किया गया है। यह स्थिति निर्माणाधीन परियोजना की गुणवत्ता और वित्तीय लेनदेन पर सवाल खड़े करती है।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस के बेड़े में एक अत्याधुनिक 'चलता-फिरता फॉरेंसिक लैब' शामिल हो गई है, जिससे अब अपराध स्थल पर ही तुरंत वैज्ञानिक जांच शुरू की जा सकेगी। यह हाईटेक 'मोबाइल फॉरेंसिक वैन' घटनास्थल को ही एक चलती-फिरती लैब में बदल देगी, जिससे सबूतों के लिए लैब रिपोर्ट का हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा ने शनिवार, 23 मई 2026 को पुलिस लाइन बलौदाबाजार में एक कार्यक्रम के दौरान इस हाईटेक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उनके साथ एडिशनल एसपी श्री अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी श्री राजीव कुमार, रक्षित निरीक्षक उषा ठाकुर और साइबर सेल प्रभारी प्रणाली वैद्य सहित पूरा पुलिस अमला उपस्थित रहा। यह 'सुपर वैन' पहियों पर दौड़ती एक आधुनिक वैज्ञानिक लैब है, जो गंभीर अपराधों और मर्ग जैसे मामलों में घटनास्थल पर ही ऑन-द-स्पॉट सैंपलिंग और टेस्टिंग करने में सक्षम है। इसमें जैविक साक्ष्यों जैसे खून के धब्बे और डीएनए सैंपलों को गुणवत्ता खराब होने से पहले सुरक्षित करने की सुविधा है। वैन में अत्याधुनिक कैमरे और माइक्रोस्कोप लगे हैं, जो सूक्ष्म से सूक्ष्म सबूतों को भी पकड़ सकते हैं, साथ ही डिजिटल अपराधों के लिए डेटा एनालिसिस और डिलीटेड डेटा को रिकवर करने की भी सुविधा मौजूद है। पुलिस का मानना है कि अक्सर वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी या देरी के कारण शातिर अपराधी बच निकलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस नई तकनीक से जांच की रफ्तार दोगुनी होगी और सबूतों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की यह नई 'तीसरी आंख' अपराधियों के पसीने छुड़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे क्राइम सीन पर अब अपराधियों का खेल खत्म हो जाएगा।1