मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित सरदार पटेल मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण विवेक तिरपुड़े नामक युवक पिछले 102 दिनों से कोमा में हैं। विवेक अपने हाथ के मामूली फ्रैक्चर का ऑपरेशन कराने अस्पताल आए थे, लेकिन यह प्रक्रिया उनके जीवन के लिए खतरा बन गई। दरअसल, जिस सर्जरी को मात्र 20 मिनट में पूरा किया जाना था, डॉक्टरों ने उसे करने में 03 घंटे लगा दिए। इस लंबी और कथित तौर पर लापरवाह सर्जरी के कारण विवेक के मस्तिष्क (ब्रेन) को गंभीर क्षति पहुंची है। वर्तमान में, विवेक का जीवन गले और पेट में किए गए छेद के सहारे चल रहा है, जिससे उन्हें सांस लेने और जीवन बनाए रखने में मदद मिल रही है। इस हृदय विदारक घटना के चलते विवेक का पूरा परिवार बालाघाट छोड़कर भोपाल के एक अस्पताल में दिन गुजार रहा है। इस गंभीर चिकित्सीय लापरवाही और विवेक की नाजुक हालत को लेकर रविवार शाम 07 बजे बालाघाट नगर में भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। विवेक के परिजनों, मित्रों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने एकजुट होकर उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से कोतवाली थाने तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में "जस्टिस फॉर विवेक" लिखी तख्तियां लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और अस्पताल तथा डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित सरदार पटेल मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण विवेक तिरपुड़े नामक युवक पिछले 102 दिनों से कोमा में हैं। विवेक अपने हाथ के मामूली फ्रैक्चर का ऑपरेशन कराने अस्पताल आए थे, लेकिन यह प्रक्रिया उनके जीवन के लिए खतरा बन गई। दरअसल, जिस सर्जरी को मात्र 20 मिनट में पूरा किया जाना था, डॉक्टरों ने उसे करने में 03 घंटे लगा दिए। इस लंबी और कथित तौर पर लापरवाह सर्जरी के कारण विवेक के मस्तिष्क (ब्रेन) को गंभीर क्षति पहुंची है। वर्तमान में, विवेक का जीवन गले और पेट में किए गए छेद के सहारे चल रहा है, जिससे उन्हें सांस लेने और जीवन बनाए रखने में मदद मिल रही है। इस हृदय विदारक घटना के चलते विवेक का पूरा परिवार बालाघाट छोड़कर भोपाल के एक अस्पताल में दिन गुजार रहा है। इस गंभीर चिकित्सीय लापरवाही और विवेक की नाजुक हालत को लेकर रविवार शाम 07 बजे बालाघाट नगर में भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। विवेक के परिजनों, मित्रों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने एकजुट होकर उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से कोतवाली थाने तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में "जस्टिस फॉर विवेक" लिखी तख्तियां लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और अस्पताल तथा डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
- मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित सरदार पटेल मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण विवेक तिरपुड़े नामक युवक पिछले 102 दिनों से कोमा में हैं। विवेक अपने हाथ के मामूली फ्रैक्चर का ऑपरेशन कराने अस्पताल आए थे, लेकिन यह प्रक्रिया उनके जीवन के लिए खतरा बन गई। दरअसल, जिस सर्जरी को मात्र 20 मिनट में पूरा किया जाना था, डॉक्टरों ने उसे करने में 03 घंटे लगा दिए। इस लंबी और कथित तौर पर लापरवाह सर्जरी के कारण विवेक के मस्तिष्क (ब्रेन) को गंभीर क्षति पहुंची है। वर्तमान में, विवेक का जीवन गले और पेट में किए गए छेद के सहारे चल रहा है, जिससे उन्हें सांस लेने और जीवन बनाए रखने में मदद मिल रही है। इस हृदय विदारक घटना के चलते विवेक का पूरा परिवार बालाघाट छोड़कर भोपाल के एक अस्पताल में दिन गुजार रहा है। इस गंभीर चिकित्सीय लापरवाही और विवेक की नाजुक हालत को लेकर रविवार शाम 07 बजे बालाघाट नगर में भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। विवेक के परिजनों, मित्रों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने एकजुट होकर उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से कोतवाली थाने तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में "जस्टिस फॉर विवेक" लिखी तख्तियां लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और अस्पताल तथा डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।1
- स्थानीय ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में ग्रामीणों ने दोबारा किए जा रहे सीमांकन के प्रति अपनी आपत्ति व्यक्त की है।1
- पिछले कुछ दिनों से जैन साधु-साध्वियों के साथ हो रही अत्यंत दर्दनाक घटनाओं से आहत लामता के जैन समाज ने आज एक मौन रैली का आयोजन किया। इन घटनाओं को अक्सर सड़क दुर्घटना का नाम दे दिया जाता है, लेकिन इनसे समाज को निरंतर अपूरणीय क्षति उठानी पड़ रही है, जिसके कारण समाज में गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है। विगत दिनों रीवा में हुई एक हृदयविदारक घटना का भी उल्लेख किया गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार चालक ने जैन साध्वियों को कुचल दिया था, जिससे दो साध्वियों का दुखद निधन हो गया। इस घटना से संपूर्ण जैन समाज स्तब्ध है और इसे समाज की एक बड़ी अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसी मांग को लेकर आज सकल जैन समाज लामता द्वारा सुबह 10 बजे मौन रैली निकाली गई। इस रैली में समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकता और श्रद्धांजलि का परिचय दिया। रैली के माध्यम से, प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर थाना प्रभारी को थाना कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया।1
- राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) पर एक खौफनाक टक्कर हुई है, जिसमें एक आई-सर वाहन के परखच्चे उड़ गए।1
- सिवनी में किसान स्लॉट बुक न होने से भड़क गए हैं, जिसके कारण उनका आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। नौतपे की भीषण गर्मी के बीच भी यह विरोध प्रदर्शन लगातार चल रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में जनगणना के कार्य के दौरान कथित लापरवाही का एक मामला सामने आया है। इस संबंध में, स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है।1
- मंडला में वकील मनोज गुप्ता के साथ गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में वकीलों ने बस स्टैंड पर पहुंचकर बसें रोक दीं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।1
- नवतपा के पहले दिन कटंगी में भीषण गर्मी का प्रकोप देखा गया, जहाँ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी के कारण सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।1