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कबीरधाम पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ कवर्धा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, यह सट्टेबाजी व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित की जा रही थी। पुलिस के इस एक्शन के बाद, मामले में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
Deepesh Jangde
कबीरधाम पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ कवर्धा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, यह सट्टेबाजी व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित की जा रही थी। पुलिस के इस एक्शन के बाद, मामले में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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- कबीरधाम पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ कवर्धा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, यह सट्टेबाजी व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित की जा रही थी। पुलिस के इस एक्शन के बाद, मामले में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।1
- जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दृढ़ता से घोषणा की है कि जिला प्रशासन की दमनकारी कार्रवाई के बावजूद, उनके सेनानियों का जेल जाना व्यर्थ नहीं गया, बल्कि यह जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की लड़ाई को और अधिक सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ है। संगठन ने बालोद के सदर क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण/कब्जे के मामलों में प्रशासन के दोहरे मापदंडों और उदासीन रवैये पर तीखा प्रहार किया है, जिसकी परिणति उनके 8 सेनानियों को जेल भेजे जाने में हुई। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख ने बताया कि संगठन विगत लगभग तीन माह से सदर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और कब्जों के विरुद्ध लगातार आवाज उठा रहा था और प्रशासन से निष्पक्ष, प्रभावी एवं समान कार्यवाही की मांग कर रहा था, किन्तु प्रशासन ने अपेक्षित कदम नहीं उठाए। संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने गरीब किसानों के खेतों को अवैध कब्जा बताकर त्वरित कार्यवाही की, वहीं सदर क्षेत्र के कथित अवैध कब्जों पर उदासीन और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया। इस भेदभावपूर्ण कार्यवाही पर सवाल उठाने और जवाब मांगने पर प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए संगठन के 8 सेनानियों को जेल भेज दिया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। इस घटनाक्रम के तहत, 17 अप्रैल 2026 को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्यवाही की मांग की। प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने पर, संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन और गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम पत्र भेजे। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय के अवर सचिव ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए, लेकिन जिला प्रशासन का रवैया सुस्त और निष्क्रिय बना रहा। प्रशासन की इस निष्क्रियता से आक्रोशित होकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 25 मई 2026 को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सेनानियों के साथ अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की मांग को लेकर था तथा किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण प्रशासनिक रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान, प्रशासन ने 26 मई 2026 को सदर क्षेत्र से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वह अपने आश्वासनानुसार कार्यवाही करने में विफल रहता है, तो जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भविष्य में और व्यापक एवं उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख, जिला संगठन मंत्री नरेन्द्र साहू, जिला आईटी सेल प्रभारी ईमेश साहू, जिला सचिव कामता साहू, चम्मन तरौदिहा, दीपक सहारे, खेमलाल साहू, रेमन साहू, दुलार देशमुख, टिकेन्द्र साहू, कमलेश साहू, राजू साहू,मिलेन्द भुआर्य, ईश्वर सोनी, नमन, राहुल सहित संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सेनानी उपस्थित रहे।4
- तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कर ध्वस्त कर दिया गया। यह जानकारी मिली है कि कई व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर उस पर पक्के निर्माण कर लिए थे, और कुछ जगहों पर तो सरकारी बिजली के पोल तक को दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर ले लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। इस अभियान के दौरान प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता से यह अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि को खाली कर दें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- खैरागढ़ के बीईओ कार्यालय में कथित शराब पार्टी और वायरल वीडियो का मामला आखिरकार कार्रवाई तक पहुंच गया है। कई दिनों तक इस मामले को दबाने और इस पर चुप्पी साधने की कोशिशों के बाद, जिला शिक्षा विभाग ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस घटना के संबंध में तत्काल प्रभाव से दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 रविंद्र सिंह गहरवार और शासकीय प्राथमिक शाला संडी के प्रधान पाठक सुनील कुमार वर्मा शामिल हैं। यह कार्रवाई शासकीय कार्यालय परिसर में शराब सेवन और अमर्यादित व्यवहार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विरुद्ध पाए जाने के कारण की गई है।1
- केसीजी जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 25 मई, सोमवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने ग्राम बीरूटोला स्थित सुहावन तालाब के पास से इन जुआरियों को पकड़ा, जहाँ वे मोमबत्ती की रोशनी में जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास और फड़ से 2420 रुपये नगद, 52 पत्ती ताश और एक अधजली मोमबत्ती जब्त की। सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा के पास खपरी मढ़ी स्थित प्रसिद्ध बंजारी धाम से लगे जंगल में अचानक भीषण आग लग गई। अचानक लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और जंगल का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग की ऊंची लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिसने आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैला दी और कई घंटों तक धधकती रहीं। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तेज हवा और सूखे जंगल के कारण आग लगातार फैलती रही, जिससे दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार करते रहे, वहीं वन विभाग की टीम भी आग बुझाने के प्रयास में जुटी रही। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और कई ग्रामीणों ने भी प्रशासन की मदद की। हालांकि, देर शाम तक आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने वाले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ियां और घना वन क्षेत्र मौजूद है, जिससे लाखों रुपये की वन संपदा के नुकसान की आशंका है। इसके अतिरिक्त, जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों, पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं के भी जलकर मरने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसके प्रारंभिक संभावित कारणों में भीषण गर्मी, सूखी झाड़ियां या किसी मानवीय लापरवाही को माना जा रहा है। फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और इसे जंगल के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने की है। इस घटना ने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं और वन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जंगल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।2
- मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी आदित्य बंजारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी आदित्य बंजारे को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में, पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।1
- सूरजपुर जिले में अवैध कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रतापपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के डीजल चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े एक ढाबा संचालक और एक टैंकर चालक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 950 लीटर चोरी का डीजल, दो बड़े टैंकर, एक स्कॉर्पियो वाहन और डीजल चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, मामले से जुड़ा एक अन्य आरोपी चालक अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह पूरा मामला थाना प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम दुरती स्थित अन्नपूर्णा ढाबा का है, जहाँ लंबे समय से टैंकरों से अवैध रूप से डीजल निकालने की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस इस नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए थी। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत, 22 मई 2026 की रात को प्रतापपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ढाबा संचालक रविकांत यादव अपनी स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक यूपी 67 एएम 9993) के साथ ढाबे पर मौजूद है और उसके संरक्षण में दो डीजल टैंकरों से चोरी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर ढाबे पर दबिश दी, जहाँ पुलिस को देखकर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पाया कि टैंकरों के ऑयल टैंक में विशेष तरीके से कटिंग कर डीजल निकाला जा रहा था। जांच में सामने आया कि टैंकर क्रमांक डब्ल्यूबी 78-5226 और एनएल 06 ए 9129 मुगलसराय से करीब 24-24 हजार लीटर डीजल लेकर उड़ीसा की ओर जा रहे थे, और आरोप है कि रास्ते में ढाबा संचालक व टैंकर चालकों की मिलीभगत से टैंकरों से डीजल चोरी कर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह तरीका काफी संगठित था, जिससे पहली नजर में चोरी का पता नहीं चल पाता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ढाबे के पीछे बने कमरे से 200-200 लीटर क्षमता वाले चार ड्रम, प्लास्टिक जरीकेन और अन्य पात्रों में भरा कुल 950 लीटर डीजल बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 93 हजार 100 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से लोहे की छड़, प्लास्टिक पाइप, डीजल मापने का उपकरण, लोहे के कम्पाट, कटिंग मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग डीजल चोरी में किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों टैंकरों और काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में थाना प्रतापपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 316(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने ढाबा संचालक रविकांत कुमार यादव और टैंकर चालक सलीम रहमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं, दूसरे टैंकर का चालक सलमान पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया डीजल किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अंतरराज्यीय स्तर पर भी जांच कर रही है, क्योंकि टैंकर दूसरे राज्यों से होकर गुजर रहे थे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और हाईवे किनारे ढाबों को केंद्र बनाकर डीजल चोरी का यह अवैध कारोबार संचालित कर रहा था। प्रतापपुर पुलिस ने कहा है कि अवैध कारोबार, चोरी और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है और जब्त टैंकरों व उपकरणों की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।4