उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट को पश्चिमी भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और एविएशन हब बनाने की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है। हाल ही में चित्तौड़ सांसद की अध्यक्षता में हुई एयरपोर्ट सलाहकार समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एयरपोर्ट को मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान और गौरव के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें परिसर को हेरिटेज थीम पर विकसित करना और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रमुख होगा। इस योजना के तहत, एयरपोर्ट पर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराने के लिए हेरिटेज गैलरी बनाई जाएगी। अराइवल और डिपार्चर एरिया में एक स्थायी मेवाड़ हेरिटेज गैलरी का निर्माण होगा, जिसमें महाराणा प्रताप, राणा पूंजा और चेतक की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, साथ ही मेवाड़ के किलों के 3डी मॉडल और डिजिटल इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। बैगेज बेल्ट और वेटिंग एरिया को मेवाड़ी स्थापत्य कला के अनुरूप रंगा जाएगा। यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए टर्मिनल का विस्तार करने के साथ-साथ पार्किंग, वाई-फाई, डिजिटल सूचना प्रणाली, चार्जिंग स्टेशन और मेडिकल सुविधाओं को पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त इंतज़ाम किए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों से एयरपोर्ट तक इलेक्ट्रिक बसें चलाने और टैक्सी-ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने का भी प्रस्ताव है। एयरपोर्ट को 'ग्रीन एयरपोर्ट मॉडल' के रूप में विकसित करने की भी योजना है, जिसमें सौर ऊर्जा और जल संचयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट के आसपास के गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा, नए स्कूल बनाए जाएंगे और पानी की कमी दूर करने के लिए नई योजनाएं लागू करते हुए पास की नहर को पक्का किया जाएगा। अगले दस वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रनवे विस्तार, कार्गो हब और एयरोसिटी के विकास के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी के साथ-साथ पुलिस, प्रशासन और विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी सदस्यों ने इन प्रस्तावों पर अपनी सहमति व्यक्त की और संबंधित विभागों को जल्द से जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट को पश्चिमी भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और एविएशन हब बनाने की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है। हाल ही में चित्तौड़ सांसद की अध्यक्षता में हुई एयरपोर्ट सलाहकार समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एयरपोर्ट को मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान और गौरव के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें परिसर को हेरिटेज थीम पर विकसित करना और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रमुख होगा। इस योजना के तहत, एयरपोर्ट पर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराने के लिए हेरिटेज गैलरी बनाई जाएगी। अराइवल और डिपार्चर एरिया में एक स्थायी मेवाड़ हेरिटेज गैलरी का निर्माण होगा, जिसमें महाराणा प्रताप, राणा पूंजा और चेतक की
प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, साथ ही मेवाड़ के किलों के 3डी मॉडल और डिजिटल इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। बैगेज बेल्ट और वेटिंग एरिया को मेवाड़ी स्थापत्य कला के अनुरूप रंगा जाएगा। यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए टर्मिनल का विस्तार करने के साथ-साथ पार्किंग, वाई-फाई, डिजिटल सूचना प्रणाली, चार्जिंग स्टेशन और मेडिकल सुविधाओं को पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त इंतज़ाम किए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों से एयरपोर्ट तक इलेक्ट्रिक बसें चलाने और टैक्सी-ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने का भी प्रस्ताव है। एयरपोर्ट को 'ग्रीन एयरपोर्ट मॉडल' के रूप में विकसित करने की भी योजना है, जिसमें सौर ऊर्जा और जल संचयन पर विशेष ध्यान दिया
जाएगा। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट के आसपास के गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा, नए स्कूल बनाए जाएंगे और पानी की कमी दूर करने के लिए नई योजनाएं लागू करते हुए पास की नहर को पक्का किया जाएगा। अगले दस वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रनवे विस्तार, कार्गो हब और एयरोसिटी के विकास के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी के साथ-साथ पुलिस, प्रशासन और विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी सदस्यों ने इन प्रस्तावों पर अपनी सहमति व्यक्त की और संबंधित विभागों को जल्द से जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से जनहित में एक प्रसारण किया है। यह रिपोर्ट जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रसारित की गई है।1
- राजसमंद पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में नाथद्वारा पुलिस ने रविवार सुबह एक जागरूकता साइकिल रैली का आयोजन किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की बचत, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। इस साइकिल रैली में श्रीनाथजी मंदिर थाना प्रभारी, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित कई पुलिस जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ पुलिसकर्मियों ने आम जनता को ईंधन बचाने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश दिया। श्रीनाथजी मंदिर थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आयोजित इस रैली का लक्ष्य लोगों को यह बताना है कि पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों के अलावा भी आवागमन के कई वैकल्पिक साधन उपलब्ध हैं। उन्होंने जोर दिया कि साइकिल का उपयोग न केवल ईंधन की बचत करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। थाना अधिकारी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को देखते हुए, आम जनता को छोटे-मोटे कार्यों के लिए साइकिल और अन्य पर्यावरण-अनुकूल साधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रैली के माध्यम से पुलिस ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने और स्वच्छ, स्वस्थ तथा हरित भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।4
- Post by Gehri Lal1
- चित्तौड़गढ़ के डगला का खेड़ा चौराहे पर स्थित 'खूनी मोड़' ने अब एक गंभीर खतरे का रूप ले लिया है, जहाँ आए दिन सड़क हादसों के कारण गौवंश और आम लोग लगातार अपनी जान से हाथ धो रहे हैं या घायल हो रहे हैं। इस जानलेवा स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर प्रशासन से इस खतरनाक मोड़ पर ध्यान देने और इसके समाधान के लिए तुरंत कदम उठाने की पुरज़ोर माँग की है।1
- पंचायत पारसोली से एक निवेदन किया गया है कि बारिश के मौसम में उनके घर के आगे भारी जलभराव हो जाता है। इस परेशानी को देखते हुए, उनसे गुहार लगाई गई है कि इस स्थान पर नाला निर्माण कार्य तुरंत शुरू करवाया जाए ताकि यह समस्या दूर हो सके।1
- युवा एवं खेल मंत्रालय के फिट इंडिया मूवमेंट के तहत राजसमन्द जिला पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 07 जून 2026 को 'संडे ऑन साइकिल' अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों और आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना, ईंधन की बचत के लिए प्रेरित करना तथा एक फिट एवं सुरक्षित शहर का संदेश प्रसारित करना रहा। इस अवसर पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र पारीक (आरपीएस) ने साइकिल रैली को फ़्लैगऑफ़ कर रवाना किया। रैली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्यूआरडीटी श्री बंशीलाल चणिया, वृत्ताधिकारी राजसमन्द, थानाधिकारी साइबर थाना, थानाधिकारी कांकरोली श्री दुर्गा प्रसाद दाधीच, राजनगर और अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने नियमित साइकिलिंग को फिट पुलिस, स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में रेखांकित किया।1
- पुलिस अधीक्षक (एसपी) धर्मेंद्र सिंह यादव ने दोहरी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों पर शिकंजा कसा है और साथ ही लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता भी फैलाई है। अपनी एक कार्रवाई में, एसपी यादव ने नशा तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर वार किया है, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को बड़ा झटका लगा है। दूसरी ओर, उन्होंने जनता को फिटनेस का संदेश देने के लिए साइकिल रैली और योग का आयोजन भी किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।1
- बड़ीसादड़ी में कथित औद्योगिक और रासायनिक अपशिष्ट निस्तारण के खिलाफ चल रहा जनआंदोलन सोमवार को 12वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन व सहकारिता मंत्री गौतम दक के विरोध में प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' दिखाकर अपना गुस्सा जताया, आरोप लगाया कि उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आंदोलनकारियों का कहना है कि मंत्री ने अपशिष्ट हटाने के लिए एक समय सीमा का वादा किया था, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी काम संतोषजनक ढंग से आगे नहीं बढ़ पाया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वर्तमान में सीमित संख्या में डंपरों से कार्य हो रहा है, जबकि बड़े पैमाने पर फैले अपशिष्ट को देखते हुए तेज गति से काम की जरूरत है, ताकि बारिश से पहले पूरे क्षेत्र को अपशिष्ट मुक्त किया जा सके। इस धीमी गति और अधूरे वादों से उपजे असंतोष को व्यक्त करने के लिए ही उन्होंने 'लॉलीपॉप' का प्रतीक इस्तेमाल किया। मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र बड़ीसादड़ी में यह मामला राजनीतिक दबाव बढ़ा रहा है, और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। संघर्ष समिति ने जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन का दावा है कि अपशिष्ट हटाने का काम लगातार जारी है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने अपशिष्ट से पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि होने पर भूजल, मिट्टी और आसपास के क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारी अब आमरण अनशन की चेतावनी भी दे रहे हैं। जनता की प्रमुख मांगों में पूरे क्षेत्र से कथित औद्योगिक एवं रासायनिक अपशिष्ट का शीघ्र निष्पादन, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने वाले पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई, भूजल, मिट्टी एवं पर्यावरण की वैज्ञानिक जांच, तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक अपशिष्ट पूरी तरह नहीं हटाया जाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह प्रतीकात्मक 'लॉलीपॉप' विरोध अब केवल अपशिष्ट हटाने का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और प्रशासनिक जवाबदेही की भी परीक्षा बन चुका है।1
- रविवार शाम करीब 6 बजे चिकारड़ा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आए तेज अंधड़ और तूफानी हवाओं ने जमकर कहर बरपाया। लगभग एक घंटे तक चली इन हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए और टहनियां टूट गईं। मकानों तथा बाड़ों पर लगे टीनशेड, एंगल, खिड़कियां और दरवाजे तक उड़ गए, जिससे व्यापक संपत्ति को नुकसान पहुँचा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली। सबसे अधिक नुकसान भाटोली बागरियांन क्षेत्र में दर्ज किया गया, जहाँ एक दर्जन से अधिक मकानों और बाड़ों को क्षति पहुँची। स्थानीय निवासी उदयनाथ ने बताया कि अंधड़ ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी, लेकिन ईश्वर की कृपा से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस तूफान की चपेट में हीरालाल गाडरी, भेरूलाल गाडरी, नारायणलाल गाडरी, लक्ष्मण जाट, देवीलाल गाडरी, कालू गाडरी और कालू गुर्जर सहित कई लोगों के मकानों के टीनशेड उड़ गए या टूटकर अंदर गिर पड़े। सौभाग्य से, उस समय बाड़ों में बंधे मवेशियों में से किसी को भी कोई चोट नहीं आई। उदयनाथ के खेत पर भी एक बड़ा पेड़ जड़ सहित धराशायी हो गया। तूफानी हवाओं ने विद्युत व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया। नंगाखेड़ा की नई आबादी, सारंगपुरा और भाटोली बागरियांन की एलटी लाइनों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके अतिरिक्त, नीमगांव, झाड़सादड़ी और नंगाखेड़ा में विद्युत पोल गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। जेतपुरा में माधु लाल गायरी तथा नौगांव में कालू लाल गायरी के कुओं पर लगे डीपी स्ट्रक्चर भी धराशायी हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय बाद आए इस भीषण अंधड़ से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। संपत्ति को व्यापक क्षति होने के बावजूद, किसी भी व्यक्ति, पशु अथवा पक्षी के हताहत न होने से लोगों ने राहत की साँस ली। तूफान शांत होने के बाद, विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोलों की मरम्मत कर बिजली व्यवस्था को बहाल करने के कार्य में तत्काल जुट गईं।4