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झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर पितांबरपुर स्थित चौहरमल पार्क में पतंजलि योगपीठ द्वारा पिछले लगभग 20 सालों से लगातार योग क्लास का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस योग क्लास के माध्यम से सभी लोगों को स्वस्थ और मस्त रहने का आह्वान किया गया है, जिसमें 'करें योग रहें निरोग' के मंत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजकों ने प्रतिदिन योगा करके शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रेरणा दी है।
Chandra Prakash Pandey
झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर पितांबरपुर स्थित चौहरमल पार्क में पतंजलि योगपीठ द्वारा पिछले लगभग 20 सालों से लगातार योग क्लास का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस योग क्लास के माध्यम से सभी लोगों को स्वस्थ और मस्त रहने का आह्वान किया गया है, जिसमें 'करें योग रहें निरोग' के मंत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजकों ने प्रतिदिन योगा करके शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रेरणा दी है।
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- झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर पितांबरपुर स्थित चौहरमल पार्क में पतंजलि योगपीठ द्वारा पिछले लगभग 20 सालों से लगातार योग क्लास का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस योग क्लास के माध्यम से सभी लोगों को स्वस्थ और मस्त रहने का आह्वान किया गया है, जिसमें 'करें योग रहें निरोग' के मंत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजकों ने प्रतिदिन योगा करके शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रेरणा दी है।2
- झारखंड के लातेहार स्थित टुबेड कोल माइंस को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बारिश के दिनों में यहाँ की सड़कों की हालत इतनी दयनीय हो जाती है कि बाइक और गाड़ियों से गिरने के कारण लोग अक्सर घायल हो जाते हैं। इसके साथ ही, धूल का प्रकोप इस हद तक बढ़ गया है कि पेड़ों की हरी-भरी पत्तियाँ भी काली पड़ गई हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या विकास का अर्थ केवल कोयला निकालना भर है, या इसमें ग्रामीणों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी शामिल है। यह प्रश्न मौजूदा खनन गतिविधियों के प्रभावों और स्थानीय समुदाय के जीवन पर पड़ने वाले असर को रेखांकित करता है।1
- पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।3
- झारखंड के पांकी में बालू माफियाओं की जबरदस्त दबंगई देखने को मिली है। अंचलाधिकारी राजीव कुमार द्वारा अवैध बालू के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसमें आरोप है कि अवैध बालू से लदे जब्त किए गए ट्रैक्टरों को माफिया बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। इस घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के चिल्हो खुर्द गांव के रहने वाले 45 वर्षीय पारा शिक्षक उदय सिंह की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। उदय सिंह गांव के स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ इलाके के लोगों का छोटा-मोटा इलाज भी करते थे। उनकी लाश बीती रात नगदारा गांव के पास पाटन जाने वाले रास्ते पर बरामद हुई, जिससे परिवार और गांव में गहरा मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अनुसार, बीते शाम उदय सिंह के मोबाइल पर किसी का फोन आया था जिसके बाद वे घर से निकल गए। जब देर रात तक वे घर नहीं लौटे तो परिवार चिंतित हो गया। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश के बाद, परिवार के लोग खुद उनकी खोज में निकले। खोजबीन के दौरान, नगदारा गांव के पास सड़क किनारे उनकी मोटरसाइकिल खड़ी मिली और कुछ ही दूरी पर झाड़ियों के बीच उनका खून से लथपथ शव पड़ा मिला। इस दिल दहला देने वाले दृश्य को देखकर परिजनों के होश उड़ गए और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से शराब और बीयर की खाली बोतलें बरामद हुई हैं। इसी आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि हत्या से पहले वहां एक शराब पार्टी हुई थी। पुलिस का मानना है कि उदय सिंह को किसी जान-पहचान वाले ने ही फोन कर बुलाया था। शुरुआती जांच में पुलिस का शक उनके करीबी या परिचित लोगों पर ही है। अधिकारी अब उदय सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि आखिरी बार उनकी किन-किन लोगों से बात हुई थी। इलाके में एक मिलनसार शिक्षक और मददगार व्यक्ति के रूप में जाने जाने वाले उदय सिंह की हत्या की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण बताते हैं कि वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनकी मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और पुलिस से जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि मोबाइल कॉल डिटेल, घटनास्थल से मिले सुराग और पूछताछ के आधार पर हत्यारों तक जल्द ही पहुंच बना ली जाएगी और मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।2
- गढ़वा जिले के कुशमाहा गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी एक पानी टंकी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी टंकी का निर्माण होने के बावजूद उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस स्थिति पर लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, यह पूछते हुए कि आखिर यह विकास कार्य है या भ्रष्टाचार का मामला। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी गहरी नाराजगी इस बात से भी स्पष्ट होती है कि वे कहते हैं, 'यहां के अधिकारियों ने हमें लूट कर बर्बाद कर दिया, अब कैसे पियेंगे पानी यहां के ग्रामीणों ने'।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।4
- पलामू जिले में खनन की भारी गाड़ियों ने सड़कों को पूरी तरह से तोड़ दिया है, और हालिया बरसात ने इस स्थिति को और भी बदतर बनाते हुए रास्तों को दलदल में बदल दिया है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि अब सड़कों पर गड्ढे नहीं, बल्कि लोगों को गड्ढों में ही रास्ता खोजना पड़ता है। खनन वाहनों के लगातार आवागमन और बारिश के कारण सड़कों की यह बदहाली राहगीरों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है।1