उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवान यातायात ड्यूटी में पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रहे हैं। आगामी दशम दीक्षांत समारोह के मद्देनजर, जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगमन सुनिश्चित है, PRD जवानों को यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने यातायात पुलिस के साथ मिलकर, कार्यक्रम से एक दिन पहले ही उत्साहपूर्वक जगह-जगह बैरियर लगाए और व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, इन जवानों को अपनी दैनिक मजदूरी को लेकर गहरी चिंता है। उनका कहना है कि उन्हें होमगार्ड के जवानों के मुकाबले बहुत कम वेतन मिलता है, जहाँ होमगार्ड को ₹930 मिलते हैं, वहीं PRD जवानों को पूरी निष्ठा के साथ काम करने के बावजूद मात्र ₹500 का भुगतान किया जाता है। इस महत्वपूर्ण वीआईपी कार्यक्रम की तैयारियों में, जहाँ PRD जवान पूरी लगन से पुलिस का सहयोग कर रहे थे, वहीं कोई भी होमगार्ड जवान बैरियर लगाने या पहुंचाने में नजर नहीं आया। ऐसे में, कम वेतन में भी पुलिस के समान कार्य कर रहे PRD जवानों के इस योगदान की सरकार की नजरों से अनदेखी क्यों की जा रही है, यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवान यातायात ड्यूटी में पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रहे हैं। आगामी दशम दीक्षांत समारोह के मद्देनजर, जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगमन सुनिश्चित है, PRD जवानों को यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने यातायात पुलिस के साथ मिलकर, कार्यक्रम से एक दिन पहले ही उत्साहपूर्वक जगह-जगह बैरियर लगाए और व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, इन जवानों को अपनी दैनिक मजदूरी को लेकर गहरी चिंता है। उनका कहना है कि उन्हें होमगार्ड के जवानों के मुकाबले बहुत कम वेतन मिलता है, जहाँ होमगार्ड को ₹930 मिलते हैं, वहीं PRD जवानों को पूरी निष्ठा के साथ काम करने के बावजूद मात्र ₹500 का भुगतान किया जाता है। इस महत्वपूर्ण वीआईपी कार्यक्रम की तैयारियों में, जहाँ PRD जवान पूरी लगन से पुलिस का सहयोग कर रहे थे, वहीं कोई भी होमगार्ड जवान बैरियर लगाने या पहुंचाने में नजर नहीं आया। ऐसे में, कम वेतन में भी पुलिस के समान कार्य कर रहे PRD जवानों के इस योगदान की सरकार की नजरों से अनदेखी क्यों की जा रही है, यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
- उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवान यातायात ड्यूटी में पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रहे हैं। आगामी दशम दीक्षांत समारोह के मद्देनजर, जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगमन सुनिश्चित है, PRD जवानों को यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने यातायात पुलिस के साथ मिलकर, कार्यक्रम से एक दिन पहले ही उत्साहपूर्वक जगह-जगह बैरियर लगाए और व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, इन जवानों को अपनी दैनिक मजदूरी को लेकर गहरी चिंता है। उनका कहना है कि उन्हें होमगार्ड के जवानों के मुकाबले बहुत कम वेतन मिलता है, जहाँ होमगार्ड को ₹930 मिलते हैं, वहीं PRD जवानों को पूरी निष्ठा के साथ काम करने के बावजूद मात्र ₹500 का भुगतान किया जाता है। इस महत्वपूर्ण वीआईपी कार्यक्रम की तैयारियों में, जहाँ PRD जवान पूरी लगन से पुलिस का सहयोग कर रहे थे, वहीं कोई भी होमगार्ड जवान बैरियर लगाने या पहुंचाने में नजर नहीं आया। ऐसे में, कम वेतन में भी पुलिस के समान कार्य कर रहे PRD जवानों के इस योगदान की सरकार की नजरों से अनदेखी क्यों की जा रही है, यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।1
- बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने राम मंदिर के दानपात्र को लेकर एक गंभीर और सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि रावण ने तो केवल माता जानकी जी (सीता) की चोरी की थी, लेकिन राम मंदिर के दानपात्र में तो 'लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी' हुई है। धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी उल्लेख किया कि शुरुआत के दस दिनों तक इस मामले पर किसी ने चुप्पी नहीं तोड़ी थी, लेकिन अब लोग खुलकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।1
- सिद्धार्थनगर जिले के जिला कारागार में, आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अभिनव मालवीय और प्रतिभा द्विवेदी को उनके उत्कृष्ट एवं निःस्वार्थ योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन दोनों प्रशिक्षकों द्वारा बंदियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए नियमित रूप से योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने दोनों प्रशिक्षकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर, जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से दिए जा रहे इस नियमित प्रशिक्षण का बंदियों पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण के कारण बंदियों के व्यवहार, अनुशासन और मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्मा ने दोनों प्रशिक्षकों के सेवा-भाव, समर्पण और निरंतर सहयोग की हृदय से सराहना करते हुए यह आशा व्यक्त की कि जिला कारागार को भविष्य में भी उनका मूल्यवान मार्गदर्शन मिलता रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर, जिला कारागार परिवार ने प्रशिक्षकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- महराजगंज के फरेंदा में 10वीं मुहर्रम, यौम-ए-आशूरा, के मौके पर हैदरी अखाड़ा का एक पारंपरिक और भव्य जुलूस पूरे अदब, अकीदत और अनुशासन के साथ निकाला गया। यह जुलूस रतनपुर ईदगाह मोहल्ला से शुरू होकर डणवार और छितही होते हुए हड़ाहवा कर्बला तक पहुंचा, जिसमें बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल हुए। इस दौरान नौजवानों ने पारंपरिक अखाड़ा कला का शानदार प्रदर्शन किया, जबकि रास्ते में कई जगहों पर सबील लगाकर लोगों को शर्बत और पानी वितरित किया गया। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में यह पूरा जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जहाँ यौम-ए-आशूरा पर अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा।1
- सिद्धार्थनगर जिले के करही पोस्ट के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरवलिया में गटर के पानी की गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह परेशान कर रखा है। यह समस्या कभी खत्म नहीं होती और इससे लोगों को लगातार जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि इस विकट स्थिति के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से सियाराम उमावैश्य ने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी जमीन बेचकर ₹1 करोड़ का दान दिया था। हालांकि, अब उन्हें इस बात का दुख हो रहा है। सियाराम उमावैश्य का मानना है कि मंदिर से जुड़े लोगों ने दान की गई राशि का बंदरबांट कर लिया है।1
- महाराजगंज जिले में दो बाइकों के बीच सीधी टक्कर हुई है। इस दुर्घटना के बाद, स्थिति को देखते हुए आपातकालीन सेवाओं की आवश्यकता पड़ी और इसमें पुलिस तथा एम्बुलेंस भी शामिल थीं।1