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सिद्धार्थनगर जिले के करही पोस्ट के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरवलिया में गटर के पानी की गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह परेशान कर रखा है। यह समस्या कभी खत्म नहीं होती और इससे लोगों को लगातार जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि इस विकट स्थिति के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
Rustam bhai
सिद्धार्थनगर जिले के करही पोस्ट के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरवलिया में गटर के पानी की गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह परेशान कर रखा है। यह समस्या कभी खत्म नहीं होती और इससे लोगों को लगातार जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि इस विकट स्थिति के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
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- सिद्धार्थनगर जिले के करही पोस्ट के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरवलिया में गटर के पानी की गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह परेशान कर रखा है। यह समस्या कभी खत्म नहीं होती और इससे लोगों को लगातार जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि इस विकट स्थिति के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं।1
- बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने राम मंदिर के दानपात्र को लेकर एक गंभीर और सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि रावण ने तो केवल माता जानकी जी (सीता) की चोरी की थी, लेकिन राम मंदिर के दानपात्र में तो 'लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी' हुई है। धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी उल्लेख किया कि शुरुआत के दस दिनों तक इस मामले पर किसी ने चुप्पी नहीं तोड़ी थी, लेकिन अब लोग खुलकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।1
- बलरामपुर जिले के गैंसड़ी क्षेत्र में थाना को0 गैसड़ी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के जिला कारागार में, आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अभिनव मालवीय और प्रतिभा द्विवेदी को उनके उत्कृष्ट एवं निःस्वार्थ योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन दोनों प्रशिक्षकों द्वारा बंदियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए नियमित रूप से योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने दोनों प्रशिक्षकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर, जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से दिए जा रहे इस नियमित प्रशिक्षण का बंदियों पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण के कारण बंदियों के व्यवहार, अनुशासन और मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्मा ने दोनों प्रशिक्षकों के सेवा-भाव, समर्पण और निरंतर सहयोग की हृदय से सराहना करते हुए यह आशा व्यक्त की कि जिला कारागार को भविष्य में भी उनका मूल्यवान मार्गदर्शन मिलता रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर, जिला कारागार परिवार ने प्रशिक्षकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवान यातायात ड्यूटी में पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रहे हैं। आगामी दशम दीक्षांत समारोह के मद्देनजर, जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगमन सुनिश्चित है, PRD जवानों को यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने यातायात पुलिस के साथ मिलकर, कार्यक्रम से एक दिन पहले ही उत्साहपूर्वक जगह-जगह बैरियर लगाए और व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, इन जवानों को अपनी दैनिक मजदूरी को लेकर गहरी चिंता है। उनका कहना है कि उन्हें होमगार्ड के जवानों के मुकाबले बहुत कम वेतन मिलता है, जहाँ होमगार्ड को ₹930 मिलते हैं, वहीं PRD जवानों को पूरी निष्ठा के साथ काम करने के बावजूद मात्र ₹500 का भुगतान किया जाता है। इस महत्वपूर्ण वीआईपी कार्यक्रम की तैयारियों में, जहाँ PRD जवान पूरी लगन से पुलिस का सहयोग कर रहे थे, वहीं कोई भी होमगार्ड जवान बैरियर लगाने या पहुंचाने में नजर नहीं आया। ऐसे में, कम वेतन में भी पुलिस के समान कार्य कर रहे PRD जवानों के इस योगदान की सरकार की नजरों से अनदेखी क्यों की जा रही है, यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।1
- इटवा, सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ एक ऐसे अस्पताल में देर रात ऑपरेशन चल रहे थे जिसे पूर्व में एफआईआर दर्ज होने के बाद सील कर दिया गया था। शनिवार देर रात 'जनता सेवा हॉस्पिटल' पर की गई एक संयुक्त छापेमारी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 'अस्पताल बंद है' का बोर्ड लगाकर अंदर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा मानी जा रही है। 27 जून की देर रात स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जब छापा मारा, तो ऑपरेशन थियेटर की लाइटें जल रही थीं और ऑपरेशन की प्रक्रिया जारी थी, जो यह साबित करती है कि कानून का डर अस्पताल संचालक के लिए कोई मायने नहीं रखता। नोडल अधिकारी डॉ. मनिंदर पाल, इटवा एसडीएम और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने कई गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद मरीजों को तुरंत अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया और प्रशासन ने अस्पताल को फिर से सील कर दिया है। हालांकि, सवाल यह है कि एक बंद अस्पताल में उपकरण, दवाइयां, स्टाफ, बिजली-पानी की आपूर्ति और अन्य संसाधन किसके संरक्षण में बहाल थे, और प्रशासन की 'कड़ी चेतावनी' का मजाक उड़ाने की हिम्मत संचालक को किसी 'ऊपरी दबाव' या 'जुगाड़' के कारण कैसे मिली? इस घटना से यह साफ हो गया है कि मरीजों की सुरक्षा की बजाय यहां अवैध कमाई को प्राथमिकता दी जा रही थी। अधिकारियों ने संचालक और स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात तो कही है, परंतु जनता को अब केवल आश्वासनों से संतुष्टि नहीं है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस पूरे गोरखधंधे के पीछे के सिंडिकेट और उसे संरक्षण देने वालों का पता लगा पाएगा। यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने इस 'अवैध कमाई' के पूरे तंत्र को ध्वस्त नहीं किया, तो यह स्पष्ट होगा कि इटवा में कानून का नहीं, बल्कि माफियाओं का राज चल रहा है, और केवल अस्पताल सील करने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सख्त आपराधिक मुकदमा चलाकर जेल भेजा जाना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से सियाराम उमावैश्य ने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी जमीन बेचकर ₹1 करोड़ का दान दिया था। हालांकि, अब उन्हें इस बात का दुख हो रहा है। सियाराम उमावैश्य का मानना है कि मंदिर से जुड़े लोगों ने दान की गई राशि का बंदरबांट कर लिया है।1
- सिद्धार्थ नगर जिले के गंगानगर क्षेत्र में मुहर्रम मेले के आयोजन के कारण रास्ता जाम हो गया। यह स्थिति गंगानगर नदी के पास आजाद नगर इलाके में देखी गई, जिससे आवागमन बाधित हुआ।1