फाइनल मैच की कुछ बातें भले ही सबको अच्छी न लगें, पर महत्वपूर्ण तो हैं… 1️⃣ सबसे पहली बात – जो जीता वही सिकंदर! भले ही आज सूर्या (Suryakumar Yadav) का बल्ला न चला हो, लेकिन रिकॉर्ड में तो विनिंग कप्तान के रूप में उन्हीं का नाम लिखा जाएगा। इसलिए सम्मान बनता है। उन्होंने पिच की मिट्टी भी सिर माथे लगाई – यह भी एक भावनात्मक पल था। 2️⃣ Abhishek Sharma पूरे टूर्नामेंट में कुछ अजीब तरीके से आउट होता रहा, लेकिन फाइनल में उसने खराब गेंदबाजी को नहीं छोड़ा और आखिरी विकेट भी ले लिया। इसे एक तरह से ऑलराउंडर योगदान ही कहेंगे। 3️⃣ अहमदाबाद की पिच आम तौर पर इतनी रन देने वाली नहीं रही है। पहले यहाँ 200 रन भी मुश्किल होते थे, लेकिन इस बार काली और लाल मिट्टी का मिश्रण था, जिससे बल्लेबाजी को मदद मिली। हाँ, इसमें न्यूजीलैंड की ढीली गेंदबाजी का योगदान भी रहा। 4️⃣ सच कहें तो न्यूज़ीलैंड की टीम ने फाइनल को काफी फीका बना दिया। पहले 8 ओवर में ही मैच लगभग हाथ से निकल गया और उसके बाद खेल में वो धार नहीं दिखी। सेमीफाइनल में England cricket team ने इससे कहीं बेहतर मुकाबला दिखाया था। 5️⃣ Arshdeep Singh का एक पल थोड़ा अनावश्यक लगा। न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी आम तौर पर बहुत शांत स्वभाव के होते हैं। हालांकि उन्होंने माफी मांग ली, तो बात वहीं खत्म। 6️⃣ Hardik Pandya भले इस मैच में ज्यादा चमके नहीं, लेकिन टीम बैलेंस के लिए उनका होना बेहद ज़रूरी है। ऐसे खिलाड़ी टीम को संतुलन देते हैं। इस वर्ल्ड कप की कुछ बहुत अच्छी बातें ⭐ 1. Sanju Samson ने ओपनर के रूप में शानदार प्रदर्शन किया। ऐसा लगता है कि टीम में उनकी जगह अब मजबूत हो गई है। अगर पूरे टूर्नामेंट का प्रभाव देखें तो वे Player of the Tournament के मजबूत दावेदार बनते हैं। ⭐ 2. Axar Patel की समझ और गेंदबाजी दोनों शानदार हैं। भविष्य में कप्तानी के विकल्प के रूप में उनका नाम चर्चा में रह सकता है। ⭐ 3. Jasprit Bumrah का कोई विकल्प फिलहाल टीम में नहीं है। बड़े मैचों में उनकी यॉर्कर और मैच पढ़ने की क्षमता ही भारत की असली ताकत बनती है। ⭐ 4. Shivam Dube एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में उभरे हैं – शांत स्वभाव और मैच जिताने की क्षमता दोनों साथ। ⭐ 5. भारतीय टीम ने सिर्फ जीत ही नहीं दर्ज की, बल्कि 96 रन से फाइनल जीतकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसमें टीम मैनेजमेंट और कोच Gautam Gambhir की रणनीति को भी श्रेय देना चाहिए। अंत में वही बात – जो जीतता है वही इतिहास लिखता है। बाकी लोग बहाने ढूँढते रहते हैं। 🇮🇳 बधाई हो, टीम इंडिया! 🏆🎉 #T20WorldCup
फाइनल मैच की कुछ बातें भले ही सबको अच्छी न लगें, पर महत्वपूर्ण तो हैं… 1️⃣ सबसे पहली बात – जो जीता वही सिकंदर! भले ही आज सूर्या (Suryakumar Yadav) का बल्ला न चला हो, लेकिन रिकॉर्ड में तो विनिंग कप्तान के रूप में उन्हीं का नाम लिखा जाएगा। इसलिए सम्मान बनता है। उन्होंने पिच की मिट्टी भी सिर माथे लगाई – यह भी एक भावनात्मक पल था। 2️⃣ Abhishek Sharma पूरे टूर्नामेंट में कुछ अजीब तरीके से आउट होता रहा, लेकिन फाइनल में उसने खराब गेंदबाजी को नहीं छोड़ा और आखिरी विकेट भी ले लिया। इसे एक तरह से ऑलराउंडर योगदान ही कहेंगे। 3️⃣ अहमदाबाद की पिच आम तौर पर इतनी रन देने वाली नहीं रही है। पहले यहाँ 200 रन भी मुश्किल होते थे, लेकिन इस बार काली और लाल मिट्टी का मिश्रण था, जिससे बल्लेबाजी को मदद मिली। हाँ, इसमें न्यूजीलैंड की ढीली गेंदबाजी का योगदान भी रहा। 4️⃣ सच कहें तो न्यूज़ीलैंड की टीम ने फाइनल को काफी फीका बना दिया। पहले 8 ओवर में ही मैच लगभग हाथ से निकल गया और उसके बाद खेल में वो धार नहीं दिखी। सेमीफाइनल में England cricket team ने इससे कहीं बेहतर मुकाबला दिखाया था। 5️⃣ Arshdeep Singh का एक पल थोड़ा अनावश्यक लगा। न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी आम तौर पर बहुत शांत स्वभाव के होते हैं। हालांकि उन्होंने माफी मांग ली, तो बात वहीं खत्म। 6️⃣ Hardik Pandya भले इस मैच में ज्यादा चमके नहीं, लेकिन टीम बैलेंस के लिए उनका होना बेहद ज़रूरी है। ऐसे खिलाड़ी टीम को संतुलन देते हैं। इस वर्ल्ड कप की कुछ बहुत अच्छी बातें ⭐ 1. Sanju Samson ने ओपनर के रूप में शानदार प्रदर्शन किया। ऐसा लगता है कि टीम में उनकी जगह अब मजबूत हो गई है। अगर पूरे टूर्नामेंट का प्रभाव देखें तो वे Player of the Tournament के मजबूत दावेदार बनते हैं। ⭐ 2. Axar Patel की समझ और गेंदबाजी दोनों शानदार हैं। भविष्य में कप्तानी के विकल्प के रूप में उनका नाम चर्चा में रह सकता है। ⭐ 3. Jasprit Bumrah का कोई विकल्प फिलहाल टीम में नहीं है। बड़े मैचों में उनकी यॉर्कर और मैच पढ़ने की क्षमता ही भारत की असली ताकत बनती है। ⭐ 4. Shivam Dube एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में उभरे हैं – शांत स्वभाव और मैच जिताने की क्षमता दोनों साथ। ⭐ 5. भारतीय टीम ने सिर्फ जीत ही नहीं दर्ज की, बल्कि 96 रन से फाइनल जीतकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसमें टीम मैनेजमेंट और कोच Gautam Gambhir की रणनीति को भी श्रेय देना चाहिए। अंत में वही बात – जो जीतता है वही इतिहास लिखता है। बाकी लोग बहाने ढूँढते रहते हैं। 🇮🇳 बधाई हो, टीम इंडिया! 🏆🎉 #T20WorldCup
- कुशलगढ़ नगर व आसपास के क्षेत्रों में शीतला सप्तमी का पर्व गहरी आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। मगरिब माता पहाड़ी स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए मंगलवार रात्रि से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रात्रि करीब 10 बजे से महिलाओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो बुधवार सुबह तक जारी रहीं। केसरिया, लाल और गुलाबी परिधानों में सजी महिलाएं पूजन थाली लेकर माता शीतला के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि व क्षेत्र की खुशहाली की कामना करती रहीं। प्रजापत समाज के अध्यक्ष राजू भाई प्रजापत ने बताया कि यह मंदिर वर्षों से क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां शीतला सप्तमी पर हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर व्यवस्था में गोपाल, रामचंद्र, विजय, चेतन, विशाल, पवन, देवीलाल, बाबूलाल, ललित, देवीलाल, महेश, दिनेश, संजय, कैलाश, सत्यनारायण, संदीप, विजय प्रजापत सहित युवाओं की टीम सेवा में जुटी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा। परंपरा अनुसार इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया गया और श्रद्धालुओं ने ठंडा भोजन ग्रहण कर माता से परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।1
- बांसवाड़ा महालक्ष्मी चौक पर फाग उत्सव भजनों के साथ बहुत ही धूमधाम से मनाया गया1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाई शीतला सप्तमी माता रानी को चडाया ठंडे पकवानों का भौग मांगी अमन चैन की दुआ राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ सहित बड़ी सरवा, पाटन, छोटी सरवा,व मोहकमपुरा में शीतला सप्तमी का पर्व बड़े ही श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाया गया सभी सुहागन महिलाओं ने शीतला सप्तमी पर माता रानी के मंदिर पर पहुंच कर ठंडे पकवानों का भौग माता को अर्पण किया व कथा सुनी मान्यता हे कि श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ वर्त करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है कुशलगढ़ व मोहकमपुरा मंदिर पर ठंडे भौग चडाती महिलाएं4
- Post by Chothmal meena Chothmal meena1
- police wale Ne thoka bike Wale Ko aage dekhne ke liye like Karen comment Karen like Karen1
- एक महीना में हैंडपंप बंद है इसको चालू करके गरीबों की प्याज बुझ जाए धन्यवाद 🙏 ग्राम गोपालपुर पोस्ट बालबासा1
- प्रतापगढ़ राजस्थान में आदिवासी इलाके में आदिवासी ने गैर नृत्य किया गया है उसमें महिला पुरुष ने भाग लेकर गैर नृत्य को आगे बढ़ाया और बड़े उत्सव के साथ खेला गया है गांव गांव ढाणी ढाणी में गैर खेला गया हैं आदिवासी ने अपने परंपरागत संस्कृति वेशभूषा पहनकर गैर नृत्य किया है यह हर फागण माह में किया जाता है महिला ने फागण गीत गाकर अपने परंपरा के अनुसार समाप्त किया तो सब मिलकर लड्डू प्रसाद खाकर समाप्त किया गया हैं1
- कुशलगढ़ नगर के चंद्रशेखर आजाद मैदान में सोमवार रात्रि दूधिया रोशनी के बीच आयोजित हिंदू प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ उत्साह, राष्ट्रभक्ति और खेल भावना के वातावरण में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया तथा खिलाड़ियों का परिचय कराया गया। उद्घाटन के दौरान जय श्रीराम के उद्घोषों से पूरा मैदान गूंज उठा और उपस्थित खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन समारोह में परियोजना प्रमुख धर्मराज भाई साहब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संचालक कैलाश राव ने की। विशेष अतिथि के रूप में जिला मंत्री रमेश चंद्र तेली मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला मंत्री अरुण जोशी, धर्माचार्य नरसिंह गिरी महाराज, पंडित हेमेंद्र पांडे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि धर्मराज भाई साहब ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की सनातन संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और गौरवशाली परंपरा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व भी कई विचारधाराओं ने भारतीय संस्कृति को समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन सनातन धर्म की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि इसे कोई भी शक्ति समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल के साथ-साथ अपनी संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक मूल्यों को भी जीवन में अपनाएं तथा समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अध्यक्षता कर रहे कैलाश राव ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि अनुशासन, समर्पण और टीम भावना का श्रेष्ठ माध्यम है। खेल मैदान युवाओं को परिश्रम, संयम और प्रतिस्पर्धा की भावना सिखाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और युवाओं को स्वस्थ व जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला मंत्री अरुण जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल प्रतियोगिताएं समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं और युवाओं को नशे व बुरी आदतों से दूर रखती हैं। खेल मैदान में भले ही प्रतिस्पर्धा होती है, लेकिन अंततः भाईचारे और सौहार्द का संदेश ही सबसे बड़ा होता है। उन्होंने सभी टीमों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पवन जी भाईसाहब, एडवोकेट स्वाची उर्फ जिमी सिंह राठौड़, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष नितेश बैरागी, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश कावड़िया, पूर्व पालिका अध्यक्ष बबलू भाई, सौरभ सोलंकी, शक्ति छपरी, अमन गायरी, पीयूष ट्रेलर, साहिल वाल्मीकि, भावेश आहारी, नितिन पांचाल, खुश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रीतेश उर्फ बंटी दोषी ने किया, जबकि आभार विश्व हिंदू परिषद के खंड प्रमुख अमित सिंह चौहान ने व्यक्त किया। आयोजकों ने बताया कि इस टूर्नामेंट में कुल आठ टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में विजेता टीम को 71 हजार रुपये नकद पुरस्कार व ट्रॉफी तथा उपविजेता टीम को 51 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह के पश्चात मुख्य अतिथि धर्मराज भाई साहब और कैलाश राव ने प्रतीकात्मक रूप से बल्लेबाजी कर टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद पहला मैच सनातनी सेना और सुदर्शन क्लब के बीच खेला गया, जिसमें सुदर्शन क्लब विजेता रहा। पूरे मैदान में खेल प्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था और खिलाड़ियों का जोरदार उत्साहवर्धन किया गया।1