logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पलायन की कीमत मौत! गुजरात में मजदूरी के दौरान चिनियां के युवक की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम चिनियां से हेमंत कुमार कीरिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी तूफानी रवि (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता स्व. अजय राम, की दूसरे राज्य में मजदूरी के दौरान असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार तूफानी रवि 5 जनवरी को अपने कुछ साथियों के साथ रोज़गार की तलाश में गुजरात के भरूच जिले स्थित इस्कॉन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सरिया सेटिंग का काम करने गया था। जहां बीते मंगलवार की रात करीब 11 बजे, रात्रि ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले तो उसे उल्टी हुई और देखते ही देखते वह खून की उल्टी करने लगा। साथ में काम कर रहे मजदूरों और कंपनी के सहयोग से उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही साथियों के होश उड़ गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने मानवता का परिचय देते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से आज शुक्रवार सुबह 7:00 बजे शव को उसके पैतृक गांव बरवाडीह पहुंचवाया। जैसे ही शव गांव में पहुंचा की परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। गांव की हर आंखे नम थी। ग्रामीणों ने बताया कि तूफानी रवि के पिता अजय राम का निधन महज एक महीने पहले ही हुआ था। पिता के अंतिम संस्कार और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर ही तूफानी को दूसरे राज्य में पलायन करना पड़ा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। अब उसके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीछे मां, पत्नी, एक छोटा भाई और दो मासूम बच्चे रह गए हैं, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है। खबर मिलते ही मृतक के अंतिम दर्शन के लिए उसके घर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष जुट गए। गांव में हर तरफ मातम का माहौल है और लोग इस घटना को पलायन की मार बता रहे हैं। वही यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि रोज़गार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूरों की ज़िंदगी कितनी असुरक्षित है।

on 16 January
user_Hemant Kumar
Hemant Kumar
चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
on 16 January

पलायन की कीमत मौत! गुजरात में मजदूरी के दौरान चिनियां के युवक की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम चिनियां से हेमंत कुमार कीरिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी तूफानी रवि (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता स्व. अजय राम, की दूसरे राज्य में मजदूरी के दौरान असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार तूफानी रवि 5 जनवरी को अपने कुछ साथियों के साथ रोज़गार की तलाश में गुजरात के भरूच जिले स्थित इस्कॉन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सरिया सेटिंग का काम करने गया था। जहां बीते मंगलवार की रात करीब 11 बजे, रात्रि ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले तो उसे उल्टी हुई और देखते ही देखते वह खून की उल्टी करने लगा। साथ में काम कर रहे मजदूरों और कंपनी के सहयोग से उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही साथियों के होश उड़ गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने मानवता का परिचय देते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से आज शुक्रवार सुबह 7:00 बजे शव को उसके पैतृक गांव बरवाडीह पहुंचवाया। जैसे ही शव गांव में पहुंचा की परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। गांव की हर आंखे नम थी। ग्रामीणों ने बताया कि तूफानी रवि के पिता अजय राम का निधन महज एक महीने पहले ही हुआ था। पिता के अंतिम संस्कार और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर ही तूफानी को दूसरे राज्य में पलायन करना पड़ा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। अब उसके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीछे मां, पत्नी, एक छोटा भाई और दो मासूम बच्चे रह गए हैं, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है। खबर मिलते ही मृतक के अंतिम दर्शन के लिए उसके घर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष जुट गए। गांव में हर तरफ मातम का माहौल है और लोग इस घटना को पलायन की मार बता रहे हैं। वही यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि रोज़गार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूरों की ज़िंदगी कितनी असुरक्षित है।

  • user_User1370
    User1370
    Mohanpur, Gaya
    🙏
    on 19 January
More news from झारखंड and nearby areas
  • दही हांडी दही कांड धुरकी प्रखंड के मिरचैया गांव में श्री शतचंडी महायज्ञ में रशलिला के मटकी फोड़ने
    1
    दही हांडी दही कांड धुरकी प्रखंड के मिरचैया गांव में श्री शतचंडी महायज्ञ में रशलिला के मटकी फोड़ने
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Court reporter धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • भारत के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना जैसी पहलें अत्यंत कारगर हैं। ये योजनाएं सीधे बैंक खातों में वित्तीय सहायता (₹6000/वर्ष), फसल सुरक्षा, कम ब्याज पर कर्ज और आधुनिक कृषि तकनीकों तक पहुंच सुनिश्चित करती हैं।  PM India +4 किसानों के उत्थान के लिए सबसे महत्वपूर्ण योजनाएं: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते (DBT) में दी जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): प्राकृतिक आपदाओं, कीटों या बीमारी के कारण फसल खराब होने पर किसानों को बीमा सुरक्षा और वित्तीय राहत प्रदान करती है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY): यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 की मासिक पेंशन सुनिश्चित करने वाली एक स्वैच्छिक और अंशदायी योजना है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme): मिट्टी की उर्वरता का आकलन कर उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह देती है, जिससे लागत कम और उपज बढ़ती है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): "प्रति बूंद अधिक फसल" (More Crop Per Drop) के उद्देश्य से सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित करती है। कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund - AIF): फसल कटाई के बाद प्रबंधन और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के लिए ऋण पर ब्याज छूट प्रदान करती है। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा और फसल बेचने के लिए बेहतर मार्केटिंग विकल्प (e-NAM) उपलब्ध कराती है। एफपीओ (FPO) का गठन: 10,000 नए किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से किसानों को सामूहिक शक्ति और बेहतर बाजार मूल्य दिलाने का प्रयास।
    1
    भारत के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना जैसी पहलें अत्यंत कारगर हैं। ये योजनाएं सीधे बैंक खातों में वित्तीय सहायता (₹6000/वर्ष), फसल सुरक्षा, कम ब्याज पर कर्ज और आधुनिक कृषि तकनीकों तक पहुंच सुनिश्चित करती हैं। 
PM India +4
किसानों के उत्थान के लिए सबसे महत्वपूर्ण योजनाएं:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते (DBT) में दी जाती है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): प्राकृतिक आपदाओं, कीटों या बीमारी के कारण फसल खराब होने पर किसानों को बीमा सुरक्षा और वित्तीय राहत प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY): यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 की मासिक पेंशन सुनिश्चित करने वाली एक स्वैच्छिक और अंशदायी योजना है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme): मिट्टी की उर्वरता का आकलन कर उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह देती है, जिससे लागत कम और उपज बढ़ती है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): "प्रति बूंद अधिक फसल" (More Crop Per Drop) के उद्देश्य से सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित करती है।
कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund - AIF): फसल कटाई के बाद प्रबंधन और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के लिए ऋण पर ब्याज छूट प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा और फसल बेचने के लिए बेहतर मार्केटिंग विकल्प (e-NAM) उपलब्ध कराती है।
एफपीओ (FPO) का गठन: 10,000 नए किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से किसानों को सामूहिक शक्ति और बेहतर बाजार मूल्य दिलाने का प्रयास।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • गढ़वा जिले के बरडीहा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत में एक बार आज फिर मौसम खराब देखने के लिए मिल रहा है। जिससे आसमान में बादल छाया हुआ दिख रहा है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने रवि फसल काटकर अपने खलिहान में रखे हुए हैं।
    2
    गढ़वा जिले के बरडीहा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत में एक बार आज फिर मौसम खराब देखने के लिए मिल रहा है। जिससे आसमान में बादल छाया हुआ दिख रहा है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने रवि फसल काटकर अपने खलिहान में रखे हुए हैं।
    user_Chandan Mehta
    Chandan Mehta
    Press reporter Bardiha, Garhwa•
    14 hrs ago
  • बाबा बैद्यनाथ झारखंड, द्वादश ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित है बाबा बैजनाथ धाम का काफी दूर-दूर से लोग आते हैं और यहां पर जो भक्त लोग आए हैं बी आई पी पास के बारे में क्या कहा है उसको मैं आप लोगों तक पहुंचा रहा हूं
    1
    बाबा बैद्यनाथ झारखंड, द्वादश ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित है बाबा बैजनाथ धाम का काफी दूर-दूर से लोग आते हैं और यहां पर जो भक्त लोग आए हैं बी आई पी पास के बारे में क्या कहा है उसको मैं आप लोगों तक पहुंचा रहा हूं
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार Dudhi, Sonbhadra•
    9 hrs ago
  • यह मामला गढ़वा जिला के कांडी थाना अंतर्गत का है एक कुता को देखा जाए तो अपने बच्चा को मौत होने के बियूग में दिन भर खाना तक खाया नही किसी ने दिया था खाने के लिए तो दिन भर साथ में बैठा रहा, कहा जाता है की पशु में भी उतानही दर्द होता है जितना मनुष्य को होता है फर्क इतना की बोलता नही है पालतू पशु
    1
    यह मामला गढ़वा जिला के कांडी थाना अंतर्गत का है एक कुता को देखा जाए तो अपने बच्चा को मौत होने के बियूग में दिन भर खाना तक खाया नही किसी ने दिया था खाने के लिए तो दिन भर साथ में बैठा रहा, कहा जाता है की पशु में भी उतानही दर्द होता है जितना मनुष्य को होता है फर्क इतना की बोलता नही है पालतू पशु
    user_झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड मीडिया कांडी, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • इन दोनों बलरामपुर जिले में छोटे-मोटे व्यापार करने वाले तथा घरेलू उपयोग करने वाले को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसकी वजह से जंगलों पर अब प्रभाव देखने को मिल रहा है जो हरे-भरे जंगल को काटकर घर ला रहे हैं चूल्हा जलाने के उपयोग के लिए
    1
    इन दोनों बलरामपुर जिले में छोटे-मोटे व्यापार करने वाले तथा घरेलू उपयोग करने वाले को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसकी वजह से जंगलों पर अब प्रभाव देखने को मिल रहा है जो हरे-भरे जंगल को काटकर घर ला रहे हैं चूल्हा जलाने के उपयोग के लिए
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • आये दिन अवैध बालू करोबार का, बाजार तेजी से बड़ा हो रहा है l उपजौ खेती को बंजर बने प्यास लोग द्वारा किया जा रहा है l 09/12 /2025 चमरही खेत के रास्ते अवैध बालू उठाव बंद कर के लिए, गढ़वा प्रशासन को आवेदन दिया गया है l प्रशान की ओर से संगराहे खुर्द-पंचायत के चमराही गांव के खेत से होकर कोयल नदी से बालू बेचा का मामला को pusty भी किया गया है l भीर भी बंद नहीं हुवा बालू बेचने का करोबार l
    1
    आये दिन अवैध बालू करोबार का, बाजार तेजी से बड़ा हो रहा है l  उपजौ खेती को बंजर बने प्यास लोग द्वारा किया जा रहा है l  09/12 /2025 चमरही  खेत के रास्ते अवैध बालू उठाव बंद कर के लिए, गढ़वा प्रशासन को आवेदन दिया गया है l प्रशान की ओर से संगराहे खुर्द-पंचायत के चमराही गांव के खेत से होकर कोयल नदी से बालू बेचा का मामला को pusty भी किया गया है l भीर भी बंद नहीं हुवा बालू बेचने का करोबार l
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • निराश्रित एवं घुमंतू गौवंशीय पशुओं के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के माध्यम से गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के साथ ही वैज्ञानिक पद्धति से उनके संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गौधाम लाखासार एवं गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार, बिलासपुर से गौधाम योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित गौधामों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण भी किया गया। इसी क्रम में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के प्रथम सुरभि गौधाम श्याम-श्यामा गौशाला, देवीगंज का भी वर्चुअल रूप से शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष श्री आषीष केषरी, जिला पंचायत सदस्य श्री बद्री यादव, जनपद उपाध्यक्ष श्री सुनील तिवारी, गणमान्य नागरिक श्री भानूप्रकाष दीक्षित, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी जूड़ रही है। जिसके तहत 29 गौधाम का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसमें गौवंषीय पशुओं का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे देष में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है और गौवंष की सेवा करना हमारा कर्तव्य ही नहीं हमारा धर्म भी है। गौधाम योजना के तहत प्रषिक्षण केन्द्र का भी शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें कृषकों एवं पशुपालकों को प्रषिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मंषा है कि पशुपालकों की आय में वृद्धि हो इसके लिए विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है, जिसमें पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है, आज मुख्यमंत्री के द्वारा गौधाम योजना का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार निराश्रित एवं घुमंतू आवारा पशुओं की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत आज 29 गौधाम का शुभारंभ हुआ है। गौधाम में सड़कों पर घुमने वाले निराश्रित आवारा पशुओं को रखा जाएगा। जहां उनके लिए समुचित व्यवस्था होगी। साथ ही उनके देखभाल के लिए गौसेवक भी रहेंगे, जिन्हें शासन द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई गौधाम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से गौवंशीय पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, उचित देखभाल एवं चारे-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ गांवों में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण का निर्माण हो सके। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव ने कहा कि गौधाम योजना के माध्यम से निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इस योजना से गांवों एवं शहरों में खुले में घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित स्थान मिलेगा और सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी भी आएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    1
    निराश्रित एवं घुमंतू गौवंशीय पशुओं के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के माध्यम से गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के साथ ही वैज्ञानिक पद्धति से उनके संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गौधाम लाखासार एवं गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार, बिलासपुर से गौधाम योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित गौधामों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण भी किया गया। 
इसी क्रम में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के प्रथम सुरभि गौधाम श्याम-श्यामा गौशाला, देवीगंज का भी वर्चुअल रूप से शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष श्री आषीष केषरी, जिला पंचायत सदस्य श्री बद्री यादव, जनपद उपाध्यक्ष श्री सुनील तिवारी, गणमान्य नागरिक श्री भानूप्रकाष दीक्षित, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी जूड़ रही है। जिसके तहत 29 गौधाम का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसमें गौवंषीय पशुओं का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे देष में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है और गौवंष की सेवा करना हमारा कर्तव्य ही नहीं हमारा धर्म भी है। गौधाम योजना के तहत प्रषिक्षण केन्द्र का भी शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें कृषकों एवं पशुपालकों को प्रषिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मंषा है कि पशुपालकों की आय में वृद्धि हो इसके लिए विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है, जिसमें पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है, आज मुख्यमंत्री के द्वारा गौधाम योजना का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार निराश्रित एवं घुमंतू आवारा पशुओं की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत आज 29 गौधाम का शुभारंभ हुआ है। गौधाम में सड़कों पर घुमने वाले निराश्रित आवारा पशुओं को रखा जाएगा। जहां उनके लिए समुचित व्यवस्था होगी। साथ ही उनके देखभाल के लिए गौसेवक भी रहेंगे, जिन्हें शासन द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई गौधाम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से गौवंशीय पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, उचित देखभाल एवं चारे-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ गांवों में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण का निर्माण हो सके।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव ने कहा कि गौधाम योजना के माध्यम से निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इस योजना से गांवों एवं शहरों में खुले में घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित स्थान मिलेगा और सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी भी आएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास  में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • आपको बलरामपुर जिला बता दे की सिलेंडर गैस की बढ़ती कीमत से ग्रामीण जनता परेशान हो चुके हैं और पूरे बलरामपुर जिले में गैस नहीं मिलने के कारण हाहाकार मच रहा है दूसरी बात अब सीधा प्रभाव जंगल में देखने को मिलाने लगे जो कि ग्रामीण क्षेत्र में पेड़ की कटाई बढ़ चुकी
    1
    आपको बलरामपुर जिला बता दे की सिलेंडर गैस की बढ़ती कीमत से ग्रामीण जनता परेशान हो चुके हैं और पूरे बलरामपुर जिले में गैस नहीं मिलने के कारण हाहाकार मच रहा है दूसरी बात अब सीधा प्रभाव जंगल में   देखने को मिलाने लगे जो कि ग्रामीण क्षेत्र में पेड़ की कटाई बढ़ चुकी
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.