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करेली नगर पालिका के द्वारा स्वच्छता मिशन को लेकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

3 hrs ago
user_Dharmendra sahu
Dharmendra sahu
Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

करेली नगर पालिका के द्वारा स्वच्छता मिशन को लेकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Dharmendra sahu
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    Post by Dharmendra sahu
    user_Dharmendra sahu
    Dharmendra sahu
    Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • संपूर्ण मध्य भारत में अभी तपन लगातार बढ़ रही है कई मौसम वैज्ञानिकों की माने तो लगातार पूरे देश में इस बार गर्मी का प्रकोप दो से अधिक पर बढ़ते दिख रहा है 45 46 डिग्री सेल्सियस लगभग इस बार तपन का अनुमान दिया जा रहा है जिसके चलते जीवन में बहुत ही कठिनाई देखने को मिलेगी परंतु उसके बीच आज कुछ ऐसा मौसम परिवर्तन इंदौर नगर में दिखा अभी का तो और यह तो वीडियो देख रहा है यह बारिश चल रही है
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    संपूर्ण मध्य भारत में अभी तपन लगातार बढ़ रही है कई मौसम वैज्ञानिकों की माने तो लगातार पूरे देश में इस बार गर्मी का प्रकोप दो से अधिक पर बढ़ते दिख रहा है 45 46 डिग्री सेल्सियस लगभग इस बार तपन का अनुमान दिया जा रहा है जिसके चलते जीवन में बहुत ही कठिनाई देखने को मिलेगी परंतु उसके बीच आज कुछ ऐसा मौसम परिवर्तन इंदौर नगर में दिखा अभी का तो और यह तो वीडियो देख रहा है यह बारिश चल रही है
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
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    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ग्वालियर में बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल 🚨 ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाना के सामने एक वीडियो कोच बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। राहत की बात यह रही कि थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, प्रधान आरक्षक रामबरन लोधी व पुलिस टीम की तत्परता और फायर ब्रिगेड की मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, और कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी कायम है… 🔸 क्या कारण है कि इतनी बड़ी बसों में फायर सेफ्टी किट तक मौजूद नहीं होती? 🔸 क्यों सवारी वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है? 🔸 सवारी बस होने के बावजूद अंदर और नीचे के हिस्सों में कमर्शियल माल ढुलाई क्यों की जा रही है? 🔸 शहर में कई बसें जर्जर हालत में सड़कों पर दौड़ रही हैं—क्या यह किसी बड़े हादसे का इंतजार है? 👉 बसों के निचले हिस्सों में बनाए गए बड़े-बड़े बॉक्स में माल ढुलाई करना नियमों का उल्लंघन है और यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। हम ग्वालियर जिला परिवहन विभाग (RTO) से निवेदन करते हैं कि: ✔ बिना फायर सेफ्टी किट वाली बसों पर सख्त कार्रवाई की जाए ✔ सवारी बसों में अवैध माल ढुलाई पर रोक लगाई जाए ✔ सभी बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच हो ✔ नियम तोड़ने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
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    ग्वालियर में बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल 🚨
ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाना के सामने एक वीडियो कोच बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। राहत की बात यह रही कि थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, प्रधान आरक्षक रामबरन लोधी व पुलिस टीम की तत्परता और फायर ब्रिगेड की मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, और कोई जनहानि नहीं हुई।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी कायम है…
🔸 क्या कारण है कि इतनी बड़ी बसों में फायर सेफ्टी किट तक मौजूद नहीं होती?
🔸 क्यों सवारी वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है?
🔸 सवारी बस होने के बावजूद अंदर और नीचे के हिस्सों में कमर्शियल माल ढुलाई क्यों की जा रही है?
🔸 शहर में कई बसें जर्जर हालत में सड़कों पर दौड़ रही हैं—क्या यह किसी बड़े हादसे का इंतजार है?
👉 बसों के निचले हिस्सों में बनाए गए बड़े-बड़े बॉक्स में माल ढुलाई करना नियमों का उल्लंघन है और यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
हम ग्वालियर जिला परिवहन विभाग (RTO) से निवेदन करते हैं कि: ✔ बिना फायर सेफ्टी किट वाली बसों पर सख्त कार्रवाई की जाए
✔ सवारी बसों में अवैध माल ढुलाई पर रोक लगाई जाए
✔ सभी बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच हो
✔ नियम तोड़ने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
    user_मीडिया लाइन
    मीडिया लाइन
    सैखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"
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    Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    user_पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ठेमी थाना अंतर्गत नयागांव में पड़ोस में रहने वाले दो पड़ोसियों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर मारपिट की घटना हो गई जिसमें दोनों पक्षो के बीच लाठी डंडे चलने की सूचना प्राप्त हुई वही मारपिट की घटना में गजराज को गम्भीर चोट आ गई और उसने दम तोड़ दिया जिससे पुरे गांव में दहशत का माहौल हो गया वही ग्रामीणों ने ठेमी थाना पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना दी तो थाने से पुलिस मौके पर पहुची और मौके पर पंचनामा कार्यवाही कर मर्ग प्रकरण कायम किया गया वही शव को जिला अस्पताल लाया गया और शवगृह में रखवाया गया वही पुलिस पूरे मामले में जांच में जुटी हुई हैं घटना को अंजाम देकर आरोपित भी फरार हो गए पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
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    ठेमी थाना अंतर्गत नयागांव में पड़ोस में रहने वाले दो पड़ोसियों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर मारपिट की घटना हो गई जिसमें दोनों पक्षो के बीच लाठी डंडे चलने की सूचना प्राप्त हुई वही मारपिट की घटना में गजराज को गम्भीर चोट आ गई और उसने दम तोड़ दिया जिससे पुरे गांव में दहशत का माहौल हो गया वही ग्रामीणों ने ठेमी थाना पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना दी तो थाने से पुलिस मौके पर पहुची और मौके पर पंचनामा कार्यवाही कर  मर्ग प्रकरण कायम किया गया वही शव को जिला अस्पताल लाया गया और शवगृह में रखवाया गया वही पुलिस पूरे मामले में जांच में जुटी हुई हैं घटना को अंजाम देकर आरोपित भी फरार हो गए पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    7 hrs ago
  • समर कैंप' नहीं, यह 'संस्कार कैंप': 15 साल के नन्हे पथिक, गुरु के साथ निकले 3000 किमी की नर्मदा परिक्रमा पर ​नरसिहपुर। जहाँ आज की पीढ़ी गर्मी की छुट्टियों में महंगे समर कैंपों में स्विमिंग, पेंटिंग और गैजेट्स के बीच अपना समय बिताती है, वहीं 15 साल की उम्र के 7 बच्चों ने एक ऐसा मार्ग चुना है जो उनके भविष्य की नींव को 'संस्कारों' से सींच रहा है। कंधे पर झोला, हाथ में लाठी और पैरों में छाले लिए ये नन्हे पथिक अपने गुरु के सानिध्य में माँ नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर निकले हैं। ​छुट्टी नहीं, यह है तपस्या 45 डिग्री की तपती दोपहरी, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और मीलों का सफर—ये बच्चे किसी सुख-सुविधा की तलाश में नहीं, बल्कि 'मैया' की भक्ति में लीन हैं। इन बच्चों के चेहरों पर जो चमक है, वह एसी-कूलर के कमरों में नहीं मिलती। 'नर्मदे हर' के जयकारे के साथ कदम-दर-कदम बढ़ती यह यात्रा केवल परिक्रमा नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या है, जिसे इन बच्चों ने स्वेच्छा से चुना है। ​बचपन में ठाना, जो बड़े उम्र में सोचते हैं आमतौर पर लोग जीवन की भागदौड़ के बाद रिटायरमेंट के समय चार धाम की यात्रा का संकल्प लेते हैं, लेकिन इन बच्चों ने 15 साल की कच्ची उम्र में ही 3000 किलोमीटर की दुर्गम परिक्रमा का संकल्प लेकर सबको हैरान कर दिया है। अमरकंटक से शुरू हुई यह यात्रा दादा महाराज मंदिर होते हुए अब माँ के तटों के साथ-साथ आगे बढ़ रही है। ​सोच बदल दी इन नन्हे पथिकों ने इन बच्चों ने समाज को एक नई दिशा दिखाई है। जहाँ हम और आप गर्मियों की छुट्टियों में शिमला, मनाली जैसे हिल स्टेशनों का सपना देखते हैं, वहीं इन बच्चों ने भौतिक सुखों को त्यागकर माँ नर्मदा के दर्शन और उनके प्रति कृतज्ञता को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। ​यह 'संस्कार कैंप' न केवल इन बच्चों के साहस को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि यदि सही मार्गदर्शन (गुरु) और संकल्प शक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि धर्म, आस्था और अनुशासन का मार्ग ही जीवन का सच्चा 'कैंप' है।
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    समर कैंप' नहीं, यह 'संस्कार कैंप': 15 साल के नन्हे पथिक, गुरु के साथ निकले 3000 किमी की नर्मदा परिक्रमा पर
​नरसिहपुर। जहाँ आज की पीढ़ी गर्मी की छुट्टियों में महंगे समर कैंपों में स्विमिंग, पेंटिंग और गैजेट्स के बीच अपना समय बिताती है, वहीं 15 साल की उम्र के 7 बच्चों ने एक ऐसा मार्ग चुना है जो उनके भविष्य की नींव को 'संस्कारों' से सींच रहा है। कंधे पर झोला, हाथ में लाठी और पैरों में छाले लिए ये नन्हे पथिक अपने गुरु के सानिध्य में माँ नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर निकले हैं।
​छुट्टी नहीं, यह है तपस्या
45 डिग्री की तपती दोपहरी, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और मीलों का सफर—ये बच्चे किसी सुख-सुविधा की तलाश में नहीं, बल्कि 'मैया' की भक्ति में लीन हैं। इन बच्चों के चेहरों पर जो चमक है, वह एसी-कूलर के कमरों में नहीं मिलती। 'नर्मदे हर' के जयकारे के साथ कदम-दर-कदम बढ़ती यह यात्रा केवल परिक्रमा नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या है, जिसे इन बच्चों ने स्वेच्छा से चुना है।
​बचपन में ठाना, जो बड़े उम्र में सोचते हैं
आमतौर पर लोग जीवन की भागदौड़ के बाद रिटायरमेंट के समय चार धाम की यात्रा का संकल्प लेते हैं, लेकिन इन बच्चों ने 15 साल की कच्ची उम्र में ही 3000 किलोमीटर की दुर्गम परिक्रमा का संकल्प लेकर सबको हैरान कर दिया है। अमरकंटक से शुरू हुई यह यात्रा दादा महाराज मंदिर होते हुए अब माँ के तटों के साथ-साथ आगे बढ़ रही है।
​सोच बदल दी इन नन्हे पथिकों ने
इन बच्चों ने समाज को एक नई दिशा दिखाई है। जहाँ हम और आप गर्मियों की छुट्टियों में शिमला, मनाली जैसे हिल स्टेशनों का सपना देखते हैं, वहीं इन बच्चों ने भौतिक सुखों को त्यागकर माँ नर्मदा के दर्शन और उनके प्रति कृतज्ञता को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है।
​यह 'संस्कार कैंप' न केवल इन बच्चों के साहस को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि यदि सही मार्गदर्शन (गुरु) और संकल्प शक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि धर्म, आस्था और अनुशासन का मार्ग ही जीवन का सच्चा 'कैंप' है।
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Dharmendra sahu
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    Post by Dharmendra sahu
    user_Dharmendra sahu
    Dharmendra sahu
    Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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