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12 लाख रुपये से अधिक की चोरी का एक सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। इस बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा बेहद सनसनीखेज तरीके से सामने आया है।
Ramanuj Tidke
12 लाख रुपये से अधिक की चोरी का एक सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। इस बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा बेहद सनसनीखेज तरीके से सामने आया है।
More news from Kabirdham and nearby areas
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत डोमनपुर में शासकीय राशि के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहाँ के सरपंच और सचिव पर सरकारी धन के गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम पंचायत में फैले इस भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें सीधे तौर पर सरपंच-सचिव को सरकारी राशि के गबन और दुरुपयोग का जिम्मेदार ठहराया गया है।1
- कवर्धा के राजानवागांव में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों से उनके पाठ से जुड़े सवाल भी पूछे और शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक पाठ की सीख बच्चों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। इसके बाद, कलेक्टर ने ग्राम छपरी के आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने बच्चों से बातचीत की, उन्हें मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को परखा और किचन की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पौधारोपण करने के निर्देश जारी किए।2
- कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) का स्थानांतरण होने पर न्यू पुलिस लाइन सभागार में एक बेहद गरिमामय एवं भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। 18 जुलाई 2026 की रात आयोजित इस समारोह में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना व चौकी प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस जवान उपस्थित रहे। श्री धर्मेंद्र सिंह का स्थानांतरण आठवीं वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, राजनांदगांव में नवीन पदस्थापना के तौर पर हुआ है। वे 26 नवंबर 2024 से लेकर 14 जुलाई 2026 तक, यानी लगभग 1 वर्ष 7 माह 18 दिन के सफल कार्यकाल के बाद कबीरधाम से कार्यमुक्त हुए हैं। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट नेतृत्व, संवेदनशील पुलिसिंग और जनोन्मुख प्रशासन के जरिए कबीरधाम पुलिस को नई पहचान दी। उनके मार्गदर्शन में संचालित 'स्वामी विवेकानंद एकेडमी' जिले के बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निःशुल्क शारीरिक व लिखित परीक्षा की तैयारी करवाकर एक अनुकरणीय मॉडल बन चुकी है, जिसका वे स्वयं समय-समय पर निरीक्षण करते थे। इसके अलावा, उन्होंने संवेदनशील अवसरों पर प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखी और वैज्ञानिक अनुसंधान तथा तकनीकी साक्ष्यों के जरिए वर्षों से लंबित हत्या व अन्य अनसुलझे गंभीर मामलों का सफल खुलासा किया। समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल और श्री अमित पटेल ने उनके नेतृत्व कौशल, पारदर्शिता और सकारात्मक कार्यसंस्कृति की जमकर सराहना की। अपने विदाई भाषण में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कबीरधाम पुलिस परिवार से मिले स्नेह और सहयोग के लिए सभी का हृदय से आभार जताया और युवाओं के सशक्तिकरण को अपने कार्यकाल की सबसे संतोषजनक उपलब्धि बताया। कार्यक्रम के अंत में स्मृति-चिह्न भेंट करने और सामूहिक भोज के बाद, पुलिस विभाग की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने एसपी के शासकीय वाहन को परंपरानुसार धक्का देकर उन्हें ससम्मान और अश्रुपूर्ण विदाई दी।1
- रायपुर जिले के नवापारा-राजिम में प्रसिद्ध सामाजिक संस्था सालासर सुंदरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति द्वारा डॉक्टरों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉक्टरों की निस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति उनके समर्पण को नमन करते हुए उन्हें शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और पुष्पमाला देकर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक राजू काबरा और अध्यक्ष धरम साहू ने कहा कि डॉक्टरों के बिना एक स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप बताते हुए कहा कि वे दिन-रात बिना किसी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के मरीजों की सेवा में तत्पर रहते हैं। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी डॉक्टरों ने अपने परिवार और स्वयं की चिंता किए बिना मानव सेवा की अद्भुत मिसाल पेश की थी। इस गरिमामयी कार्यक्रम की शुरुआत डॉक्टरों के तिलक-वंदन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद मोहिनी, पिंकी और ईशा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समारोह में 87 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बलजीत सिंह और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौर का विशेष रूप से गुलाब की माला एवं शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इसके साथ ही उपस्थित सभी डॉक्टरों को राम-नाम का दुपट्टा, मोती की माला और स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. गोपाल केला, डॉ. राजेंद्र गदिया, डॉ. टी.एन. रमेश, डॉ. दिलीप शाह, डॉ. वीरेंद्र हिरौंदिया सहित क्षेत्र के कई चिकित्सक और समिति के सदस्य मौजूद रहे।1
- जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों की गूंज अब विदेशों तक पहुंच गई है और विदेशी मीडिया की नजरें इस पर बनी हुई हैं, लेकिन देश के बड़े 'प्राइम-टाइम' चेहरे इस पूरे घटनाक्रम से अब भी गायब हैं। जहां एक तरफ जंतर-मंतर के इन प्रदर्शनों की गूंज सरहद पार विदेश तक पहुंच चुकी है, वहीं भारतीय मीडिया के बड़े चेहरों की इस मुद्दे से दूरी अब भी साफ बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ मंडलीय जिला कारागार में चोरी के एक मामले में बंद 24 वर्षीय कैदी विक्रम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मौत की सूचना मिलने के बाद जब कैदी का शव उसके पैतृक गांव मऊ पहुंचा, तो परिजनों ने शव रखकर भारी विरोध जताया। मृतक के भाई आकाश ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने विक्रम को पूछताछ के लिए घर से उठाया था और हिरासत में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके कारण ही उसकी मौत हुई है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। जेल प्रशासन की ओर से बीती रात परिवार को विक्रम की मौत की सूचना दी गई थी। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मृतक की भाभी एक पुलिसकर्मी के पीछे दौड़ती हुई नजर आ रही हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।1
- सोशल मीडिया पर थलपति विजय की हमेशा रहने वाली फैन फॉलोइंग के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर नजर आए हैं। दिल्ली में इस बात को लेकर भारी उत्सुकता बनी हुई है और लगातार पूछा जा रहा है कि क्या सचमुच सीएम विजय थलपति जंतर-मंतर पर दिखाई दिए हैं।1
- सिवनी जिले में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की शासकीय भूमि पर प्राथमिकता के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क किनारे, शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायत परिसरों, सामुदायिक स्थलों और जल स्रोतों के पास योजनाबद्ध तरीके से पौधे लगाए जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत निजी भूमि पर भी वृक्षारोपण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले के किसानों और भूमि स्वामियों को फलदार, छायादार और स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें भविष्य में आर्थिक लाभ भी मिल सके। अभियान की सबसे बड़ी ताकत जनभागीदारी बन गई है, जिसमें आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूह और सरकारी कर्मचारी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। लोग केवल पौधरोपण ही नहीं कर रहे, बल्कि पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और देखभाल का संकल्प भी ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपनी माता के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के लिए जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी उठाने की भावुक अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी में 'न्याय दो या मार दो' के नारे के साथ चल रहा 'चिता आंदोलन' अब बेहद उग्र रूप ले चुका है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने उफनती हुई नदी के बीचों-बीच जाकर सांकेतिक रूप से फांसी पर लटककर विरोध जताया है। इस बेहद आक्रामक प्रदर्शन के जरिए आंदोलनकारियों ने न्याय की अपनी मांग को बेहद कड़े शब्दों में सामने रखा है।1