देवरिया/रामपुर कारखाना क्षेत्र में शाहपुर से डुमरी होते हुए कसया रोड को जोड़ने वाली सड़क अचानक धंस गई है। नहर किनारे स्थित सड़क का एक हिस्सा मिट्टी खिसकने के कारण नीचे बैठ गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना में सड़क से गुजर रहा एक वाहन भी फंस गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क धंसने के कारण नहर का पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा है, जिससे किसान और अन्य ग्रामीण चिंतित हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें गंतव्य तक पहुँचने के लिए लंबा रास्ता बदलकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत करने, नहर के रिसाव को रोकने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क का इस तरह धंस जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभागों की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है ताकि क्षेत्र में आवागमन सामान्य हो सके।
देवरिया/रामपुर कारखाना क्षेत्र में शाहपुर से डुमरी होते हुए कसया रोड को जोड़ने वाली सड़क अचानक धंस गई है। नहर किनारे स्थित सड़क का एक हिस्सा मिट्टी खिसकने के कारण नीचे बैठ गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना में सड़क से गुजर रहा एक वाहन भी फंस गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क धंसने के कारण नहर का पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा है, जिससे किसान और अन्य ग्रामीण चिंतित हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें गंतव्य तक पहुँचने के लिए लंबा रास्ता बदलकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत करने, नहर के रिसाव को रोकने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क का इस तरह धंस जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभागों की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है ताकि क्षेत्र में आवागमन सामान्य हो सके।
- Post by विजय कुमार1
- जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को जनपद में संचालित तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी कार्य परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से किमी 1.140 के मध्य चल रही कटानरोधी परियोजना से हुई। लगभग ₹584.22 लाख लागत की इस परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि कटानरोधी कार्य हर हाल में समय से पहले पूरे होने चाहिए, और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद, उन्होंने सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए संचालित कटानरोधी कार्य का निरीक्षण किया। लगभग ₹679.09 लाख की लागत से 330 मीटर लंबाई में कराए जा रहे इस कार्य को तेजी से और बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के बाएं तट पर निर्मित तुर्तीपार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु कराए जा रहे पीचिंग और कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। लगभग ₹753.19 लाख लागत वाली इस परियोजना के तहत तटबंध के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर जारी कार्यों की समीक्षा करते हुए, उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कटानरोधी परियोजनाएं जनहित और नदी तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, राहुल चौधरी, विवेक कुमार और सोनू कुमार जूनियर इंजीनियर सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- देवरिया जनपद के बोरडीह ग्राम में 1931 को जन्मे पूर्व विधान परिषद सदस्य, शिक्षाविद और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय पंडित परशुराम मणि त्रिपाठी की आदमकद प्रतिमा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देवरिया के भुजौली तिराहे पर स्थापित की गई है। पूरे प्रदेश में उनकी ख्याति एक योग्य शिक्षाविद के रूप में थी, और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता भी थे। पंडित त्रिपाठी ने 1953 के कश्मीर आंदोलन से लेकर इमरजेंसी और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे 1992 में भारतीय जनता पार्टी के स्नातक क्षेत्र से प्रथम एमएलसी चुने गए, जहाँ उन्होंने शिक्षक संघ के एक बड़े चेहरे पंचानन राय को हराकर यह सीट जीती थी। उच्च सदन के सदस्य के रूप में, उन्होंने विधान परिषद में प्रभावी भूमिका निभाई तथा समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। वे विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सभापति भी रहे। भाजपा और संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता, शालीनता और समाज सेवा को सदैव सराहा। उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा के साथ भाजपा और संघ की रीति-नीति में विश्वास करते हुए अनेक आंदोलनों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए यह प्रतिमा स्थापित की। इस प्रतिमा के अनावरण समारोह की खास विशेषता यह रही कि इसमें सभी दलों के नेता, जिनमें जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी, देवी प्रसाद सिंह, मोहन सिंह और एमएलसी श्याम सुंदर दास शामिल थे, सम्मिलित रहे।1
- आगामी चार दिनों के लिए बहुत तेज बारिश और आंधी-तूफान के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अगले चार दिनों तक सावधानी बरतें और सतर्क रहें, क्योंकि इस दौरान भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका है।1
- देवरिया जिले के गौरी बाजार में एक घरेलू हादसे में एक महिला गोली लगने से घायल हो गई, जिसका इलाज जारी है। यह घटना उस समय हुई जब अलमारी साफ की जा रही थी। इस दौरान अलमारी में रखी एक लाइसेंसी पिस्टल नीचे जमीन पर गिर गई। पिस्तौल से निकली गोली अलमारी से टकराने के बाद महिला के हाथ में जा लगी, जिससे वह घायल हो गई।1
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को जनपद में चल रही तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से किमी 1.140 के बीच हो रहे कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया। लगभग 5.84 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने बरसात के मौसम से पहले काम पूरा करने और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके बाद, डीएम ने भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए सरयू नदी के बाएं तट पर कराए जा रहे करीब 6.79 करोड़ रुपये के कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया, जो 330 मीटर लंबाई में किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मानसून से पूर्व परियोजना पूरी करने और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में, जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के बाएं तट पर स्थित तुर्तीपार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु किए जा रहे पीचिंग और कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। लगभग 7.53 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना के तहत तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं। डीएम ने अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी करने और तय समय में परियोजना पूरी कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट किया कि कटानरोधी परियोजनाएं नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रखने तथा जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, जूनियर इंजीनियर राहुल चौधरी, विवेक कुमार और सोनू कुमार सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- देवरिया/रामपुर कारखाना क्षेत्र में शाहपुर से डुमरी होते हुए कसया रोड को जोड़ने वाली सड़क अचानक धंस गई है। नहर किनारे स्थित सड़क का एक हिस्सा मिट्टी खिसकने के कारण नीचे बैठ गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना में सड़क से गुजर रहा एक वाहन भी फंस गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क धंसने के कारण नहर का पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा है, जिससे किसान और अन्य ग्रामीण चिंतित हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें गंतव्य तक पहुँचने के लिए लंबा रास्ता बदलकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत करने, नहर के रिसाव को रोकने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क का इस तरह धंस जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभागों की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है ताकि क्षेत्र में आवागमन सामान्य हो सके।1