वजीरगंज क़ी अलका ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता व गुरु का नाम किय़ा रौशन वजीरगंज क़ी अलका ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता व गुरु का नाम किय़ा रौशन सिटी रिपोर्टर /वजीरगंज। प्रखंड के शिक्षक कॉलोनी निवासी अरुण कुमार क़ी पुत्री अलका रानी ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता ,गुरु सहित क्षेत्र का नाम रौशन किया है। अलका के पिता अरूण कुमार मूल रूप से अतरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रिउला गांव निवासी हैं । वे विश्व स्वास्थ्य संगठन नई दिल्ली में कार्यरत हैं, उनके दादा स्व रामचरित्र सिंह शिक्षक थे, जिनकी प्रेरणा से पूरा परिवार शिक्षा के प्रति जागरूक है। अलका कहती है कि मेरी प्राथमिक शिक्षा गांव में हुई, उसके बाद मैंने पटना और अब दिल्ली के दरबारी लाल डीएवी मॉडल स्कूल शालीमार बाग में पढ़ रही हूँ। मेरी शुरू से इच्छा थी की मैं बेहतर अंक लाकर आगे की पढ़ाई की नींव मजबूत करूँ और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर चिकित्सक बनकर देश व समाज की सेवा करूं । अभी नीट की तैयारी शुरू की है। मेरे शिक्षण में माता-पिता, भाई तथा सभी गुरूजनों का भरपूर सहयोग रहा है। अलका की सफलता पर वजीरगंज में रह रहे उनके चाचा वरूण कुमार एवं अन्य परिजनों ने खुशी का इजहार करते हुए बेहतर भविष्य की कामना की है। फोटो -अलका क़ी सफलता पर मिठाई खिलाते परिजन एवं अलका का फ़ाइल फोटोएवं स्टेटमेंट
वजीरगंज क़ी अलका ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता व गुरु का नाम किय़ा रौशन वजीरगंज क़ी अलका ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता व गुरु का नाम किय़ा रौशन सिटी रिपोर्टर /वजीरगंज। प्रखंड के शिक्षक कॉलोनी निवासी अरुण कुमार क़ी पुत्री अलका रानी ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता ,गुरु सहित क्षेत्र का नाम रौशन किया है। अलका के पिता अरूण कुमार मूल रूप से अतरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रिउला गांव निवासी हैं । वे विश्व स्वास्थ्य संगठन नई दिल्ली में कार्यरत हैं, उनके दादा स्व रामचरित्र सिंह शिक्षक थे, जिनकी प्रेरणा से पूरा परिवार शिक्षा के प्रति जागरूक है। अलका कहती है कि मेरी प्राथमिक शिक्षा गांव में हुई, उसके बाद मैंने पटना और अब दिल्ली के दरबारी लाल डीएवी मॉडल स्कूल शालीमार बाग में पढ़ रही हूँ। मेरी शुरू से इच्छा थी की मैं बेहतर अंक लाकर आगे की पढ़ाई की नींव मजबूत करूँ और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर चिकित्सक बनकर देश व समाज की सेवा करूं । अभी नीट की तैयारी शुरू की है। मेरे शिक्षण में माता-पिता, भाई तथा सभी गुरूजनों का भरपूर सहयोग रहा है। अलका की सफलता पर वजीरगंज में रह रहे उनके चाचा वरूण कुमार एवं अन्य परिजनों ने खुशी का इजहार करते हुए बेहतर भविष्य की कामना की है। फोटो -अलका क़ी सफलता पर मिठाई खिलाते परिजन एवं अलका का फ़ाइल फोटोएवं स्टेटमेंट
- वजीरगंज क़ी अलका ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता व गुरु का नाम किय़ा रौशन सिटी रिपोर्टर /वजीरगंज। प्रखंड के शिक्षक कॉलोनी निवासी अरुण कुमार क़ी पुत्री अलका रानी ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक लाकर अपने माता-पिता ,गुरु सहित क्षेत्र का नाम रौशन किया है। अलका के पिता अरूण कुमार मूल रूप से अतरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रिउला गांव निवासी हैं । वे विश्व स्वास्थ्य संगठन नई दिल्ली में कार्यरत हैं, उनके दादा स्व रामचरित्र सिंह शिक्षक थे, जिनकी प्रेरणा से पूरा परिवार शिक्षा के प्रति जागरूक है। अलका कहती है कि मेरी प्राथमिक शिक्षा गांव में हुई, उसके बाद मैंने पटना और अब दिल्ली के दरबारी लाल डीएवी मॉडल स्कूल शालीमार बाग में पढ़ रही हूँ। मेरी शुरू से इच्छा थी की मैं बेहतर अंक लाकर आगे की पढ़ाई की नींव मजबूत करूँ और चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर चिकित्सक बनकर देश व समाज की सेवा करूं । अभी नीट की तैयारी शुरू की है। मेरे शिक्षण में माता-पिता, भाई तथा सभी गुरूजनों का भरपूर सहयोग रहा है। अलका की सफलता पर वजीरगंज में रह रहे उनके चाचा वरूण कुमार एवं अन्य परिजनों ने खुशी का इजहार करते हुए बेहतर भविष्य की कामना की है। फोटो -अलका क़ी सफलता पर मिठाई खिलाते परिजन एवं अलका का फ़ाइल फोटोएवं स्टेटमेंट1
- Post by Imtiyaj A Fonwel1
- नवादा विधानसभा क्षेत्र से वतर्मान विधायिका श्रीमती विभा देवी जी क्षेत्र के अहम मुद्दों पर विधानसभा भवन में आवाज़ उठाते हुए।1
- भाई मेरा क्या बोल रहा है1
- गया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक परिवार अपनी शादी की 25वीं सालगिरह मनाने Vishnu Vihar Hotel पहुंचा था, लेकिन होटल की लापरवाही ने पूरे आयोजन का मजा किरकिरा कर दिया। बताया जा रहा है कि सालगिरह के मौके पर खाने-पीने का आयोजन किया गया था। जब सभी मेहमान एक साथ भोजन के लिए बैठे, तो स्टाफ की भारी कमी और लापरवाही सामने आई। स्टार्टर के नाम पर ठंडी चाउमीन परोसी गई, और करीब 50 मेहमानों को सर्व करने के लिए मात्र दो स्टाफ मौजूद थे। मेहमान लगातार जल्दी सर्विस की मांग करते रहे, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। अब सवाल उठता है कि क्या होटल प्रबंधन इतने बड़े आयोजन के लिए तैयार नहीं था, या फिर यह सीधी लापरवाही का मामला है।1
- Post by जन सेवक1
- Post by News Of Nawada1
- रिपोर्ट : इम्तियाज फोनवेल की बिहार : नवादा जिला के अकबरपुर बाजार में महा जाम से लोग काफी परेशान रहते हैं । इस कदर जाम हो जाता है कि लोगों को पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। गौर तलब हो की बिहार का कश्मीर कहे जाने वाला ककोलत जलप्रपात आने जाने का मुख मार्ग है। यह महा जाम प्रत्येक दिन देखने को मिलता है । महा जाम को लेकर सैलानियों को आने-जाने में काफी मशक्कत करना पड़ता है।1