जोधपुर में 02 जून 2026 को बासनी कपड़ा इंडस्ट्रीज की 50 फैक्ट्रियाँ कोर्ट के आदेश पर बंद कर दी गईं, जिसके कारण वहाँ कार्यरत बड़ी संख्या में मजदूर और सुपरवाइजर बेरोजगार हो गए। अपनी आजीविका छिन जाने से प्रभावित हुए इन लोगों ने एकत्रित होकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। मजदूरों ने बताया कि वे इन फैक्ट्रियों में पिछले 30 सालों से काम कर रहे थे। अचानक बेरोजगार होने के कारण उन्हें अब समझ नहीं आ रहा कि वे कहाँ जाएँ, क्योंकि इस बढ़ती महँगाई के दौर में उनके लिए घर चलाना और जीवनयापन करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचा जाए और उन्हें कोई आकस्मिक श्रमिक राहत, बेरोजगारी भत्ता, मुआवजा या किसी अन्य पुनर्वास योजना के तहत सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया जाए।
जोधपुर में 02 जून 2026 को बासनी कपड़ा इंडस्ट्रीज की 50 फैक्ट्रियाँ कोर्ट के आदेश पर बंद कर दी गईं, जिसके कारण वहाँ कार्यरत बड़ी संख्या में मजदूर और सुपरवाइजर बेरोजगार हो गए। अपनी आजीविका छिन जाने से प्रभावित हुए इन लोगों ने एकत्रित होकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। मजदूरों ने बताया कि वे इन फैक्ट्रियों में पिछले 30 सालों से काम कर रहे थे। अचानक बेरोजगार होने के कारण उन्हें अब समझ नहीं आ रहा कि वे कहाँ जाएँ, क्योंकि इस बढ़ती महँगाई के दौर में उनके लिए घर चलाना और जीवनयापन करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचा जाए और उन्हें कोई आकस्मिक श्रमिक राहत, बेरोजगारी भत्ता, मुआवजा या किसी अन्य पुनर्वास योजना के तहत सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया जाए।
- जोधपुर में 02 जून 2026 को बासनी कपड़ा इंडस्ट्रीज की 50 फैक्ट्रियाँ कोर्ट के आदेश पर बंद कर दी गईं, जिसके कारण वहाँ कार्यरत बड़ी संख्या में मजदूर और सुपरवाइजर बेरोजगार हो गए। अपनी आजीविका छिन जाने से प्रभावित हुए इन लोगों ने एकत्रित होकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। मजदूरों ने बताया कि वे इन फैक्ट्रियों में पिछले 30 सालों से काम कर रहे थे। अचानक बेरोजगार होने के कारण उन्हें अब समझ नहीं आ रहा कि वे कहाँ जाएँ, क्योंकि इस बढ़ती महँगाई के दौर में उनके लिए घर चलाना और जीवनयापन करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचा जाए और उन्हें कोई आकस्मिक श्रमिक राहत, बेरोजगारी भत्ता, मुआवजा या किसी अन्य पुनर्वास योजना के तहत सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया जाए।1
- जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के बोरुंदा डिस्कोम क्षेत्र के करीब एक दर्जन गाँवों में मंगलवार को तीन घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। यह विद्युत आपूर्ति आवश्यक विद्युतीय रखरखाव और मरम्मत कार्य के कारण बाधित होगी। विद्युत वितरण निगम लिमिटेड बोरुंदा के कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र बिश्रोई ने बताया कि मंगलवार सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक बोरुंदा 132 केवी जीएसएस पर मरम्मत व रखरखाव कार्य चलेगा। इस दौरान 33 केवी जीएसएस बोरुंदा, हरियाढाणा, पटेल नगर, गढ़सूरिया, सोवनिया, रणसीगांव, खवासपुरा, घोडावट, माडपुरिया और चौकड़ी सहित अन्य गांवों में विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी।1
- लोगों को ऐसे दोस्तों से सावधान रहने की सलाह दी गई है, यदि वे दोस्ती के लायक नहीं हैं।1
- Available for Sale - Fruits & Vegetables Item : सब्ज़ी Quantity Available : सभी Price : 30-40 City / Locality : जोधपुर Farming Sector : Fruits & Vegetables जोधपुर1
- राजस्थान के पाली शहर में स्थित सूरजपोल चौराहे पर आज एक बेहद गमगीन और आक्रोशित माहौल देखने को मिला, जब सर्व हिंदू समाज सहित विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता और आमजन कुमकुम को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में एकत्रित हुए। इस दौरान लोगों ने कुमकुम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। श्रद्धांजलि सभा में सर्व हिंदू समाज, शिवसेना और दुर्गा वाहिनी सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने इस घटना के प्रति गहरा रोष प्रकट किया। वहां उपस्थित लोगों ने घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को "जिहादी तत्व" बताया और प्रशासन से उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों को समाज में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदू समाज और सभी सहयोगी संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा नहीं दिलाई गई, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। इस प्रदर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के मद्देनजर सूरजपोल चौराहे पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुस्तैद नजर आया।2
- पुष्कर के वाइल्ड रोज रिसॉर्ट में आयोजित कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर से राजनीति से हटकर एक खास और आत्मीय तस्वीर सामने आई है। इस शिविर में राहुल गांधी का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जहाँ उन्होंने संगठन की चर्चा करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के परिवारों से भी अपनापन जताया। शिविर के दौरान राहुल गांधी ने पाली जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा के परिजनों से विशेष मुलाकात की, उनसे आत्मीय माहौल में संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर निम्बाडा ने राहुल गांधी को संविधान की एक प्रति भेंट की, जिसे राहुल गांधी ने अपने ऑटोग्राफ के साथ स्मृति स्वरूप वापस निम्बाडा को लौटा दिया। निम्बाडा ने शॉल ओढ़ाकर राहुल गांधी का स्वागत किया और पूरे परिवार के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस मुलाकात में निम्बाडा की पत्नी व निवर्तमान उप प्रधान शिला सिंह, बेटी हार्दिका सिंह, भाई महिपाल सिंह और अनिल सिंह मौजूद रहे। इस प्रशिक्षण शिविर का सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब राहुल गांधी अचानक अपने मार्शल आर्ट्स के रंग में नजर आए। जूडो और जुजुत्सु खेल के ब्लैक बेल्ट राहुल गांधी ने वहाँ उपस्थित नेताओं को राजनीति के दांव-पेच से इतर, खेल के मैदान के दांव-पेच सिखाए। उन्होंने लगभग आधे घंटे तक खुद मैट पर उतरकर दोनों खेलों का अभ्यास कराया। राहुल गांधी ने पाली जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा और गोपाल मीणा जैसे कई जिला अध्यक्षों को व्यक्तिगत रूप से पकड़कर खेल की बारीकियां और तकनीकें समझाईं, जिससे वहाँ मौजूद अन्य नेता और कार्यकर्ता भी राहुल गांधी के इन 'कड़क' मूव्स को देखकर हैरान रह गए। राहुल गांधी की यह मुलाकात और जुजुत्सु की यह 'पाठशाला' राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रही है। इसे संगठन और कार्यकर्ताओं के परिवारों के प्रति सम्मान व जुड़ाव के एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो कार्यकर्ताओं से उनके व्यक्तिगत स्तर पर जुड़ने की भावना को दर्शाता है।1
- राजस्थान के पाली शहर में स्थित सूरजपोल चौराहे पर आज कुमकुम को श्रद्धांजलि देने के लिए सर्व हिंदू समाज सहित विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता और आमजन भारी संख्या में एकत्रित हुए, जिससे माहौल बेहद गमगीन और आक्रोशित हो उठा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कुमकुम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। श्रद्धांजलि सभा में सर्व हिंदू समाज, शिवसेना और दुर्गा वाहिनी जैसे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने घटना के प्रति गहरा रोष प्रकट किया। उपस्थित लोगों ने घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को "जिहादी तत्व" बताते हुए प्रशासन से उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। विभिन्न संगठनों के प्रवक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि इस तरह के अपराधों को समाज में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदू समाज और सभी सहयोगी संगठनों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों को उनके कृत्यों की कड़ी सजा नहीं दिलाई गई, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। इस प्रदर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के मद्देनजर सूरजपोल चौराहे पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद नजर आया।1
- रायपुर थाना क्षेत्र के ग्राम झूंठा में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात चोरों ने एक बार फिर दो अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। मिली जानकारी के अनुसार, अज्ञात चोरों ने गांव के एक मंदिर को निशाना बनाया और भगवान शंकर पर स्थापित चांदी के नाग देवता के साथ तांबे की घंटी भी चुरा ली। सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे, तब उन्हें चोरी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं और एक ही रात में दो स्थानों पर हुई इन वारदातों ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस ने बताया है कि क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।1