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बीना के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' थीम पर एक ध्यान एवं योग प्रशिक्षण शिविर का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और विभिन्न संस्थानों से आए अतिथियों ने सामूहिक योगाभ्यास करते हुए योग एवं ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। प्रभारी प्राचार्य डॉ. एम.एल. सोनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने तनावपूर्ण जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के मौजूदा दौर में नियमित योग को स्वस्थ, सुखी और संतुलित जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। शिविर में दिल्ली से आए योग प्रशिक्षक चंद्रदेव सिंह ने स्वस्थ जीवन के लिए योग की उपयोगिता और उसके वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। केंद्रीय विद्यालय के स्पोर्ट्स ऑफिसर राजेश यादव ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास कराया, जबकि योगा इंस्ट्रक्टर श्री डेलन सिंह राजपूत ने योग से विभिन्न बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य लाभ की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के छात्र और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर चुके दिव्यांश यादव ने भी विभिन्न योगासन और अभ्यास कराकर कार्यक्रम में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे मोहम्मद रफीक शेख ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रखी गई है, और योग न केवल वर्तमान को स्वस्थ बनाता है बल्कि बेहतर भविष्य की भी आधारशिला रखता है। प्रो. राजेश कुमार सप्रे ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में, प्रो. आर.एस. तिवारी ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शासकीय विधि महाविद्यालय, बीना के स्पोर्ट्स ऑफिसर आबिद खान सहित सी.पी. राजावत, आदित्य प्रताप सिंह, डॉ. नमिता अग्निहोत्री, सुमित मिश्रा, वंदना चौबे, रिद्धी जैन, डॉ. राकेश पाण्डेय, जितेंद्र खांडेराव, लक्ष्मी कोरी जैसे स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

9 hrs ago
user_RAJESH BABELE
RAJESH BABELE
Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago
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बीना के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' थीम पर एक ध्यान एवं योग प्रशिक्षण शिविर का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और विभिन्न संस्थानों से आए अतिथियों ने सामूहिक योगाभ्यास करते हुए योग एवं ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। प्रभारी प्राचार्य डॉ. एम.एल. सोनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने तनावपूर्ण जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के मौजूदा दौर में नियमित योग को स्वस्थ, सुखी और संतुलित जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। शिविर में दिल्ली से आए योग प्रशिक्षक चंद्रदेव सिंह ने स्वस्थ जीवन के लिए योग की उपयोगिता और उसके वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। केंद्रीय विद्यालय के स्पोर्ट्स ऑफिसर राजेश यादव ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास कराया, जबकि योगा इंस्ट्रक्टर श्री डेलन सिंह राजपूत ने योग से विभिन्न बीमारियों की

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रोकथाम और स्वास्थ्य लाभ की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के छात्र और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर चुके दिव्यांश यादव ने भी विभिन्न योगासन और अभ्यास कराकर कार्यक्रम में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे मोहम्मद रफीक शेख ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रखी गई है, और योग न केवल वर्तमान को स्वस्थ बनाता है बल्कि बेहतर भविष्य की भी आधारशिला रखता है। प्रो. राजेश कुमार सप्रे ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में, प्रो. आर.एस. तिवारी ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शासकीय विधि महाविद्यालय, बीना के स्पोर्ट्स ऑफिसर आबिद खान सहित सी.पी. राजावत, आदित्य प्रताप सिंह, डॉ. नमिता अग्निहोत्री, सुमित मिश्रा, वंदना चौबे, रिद्धी जैन, डॉ. राकेश पाण्डेय, जितेंद्र खांडेराव, लक्ष्मी कोरी जैसे स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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  • सागर जिले के बामोरा स्थित जलसा होटल के सामने करतार सिंह गुर्जर के घर के किचन में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक जहरीली कोबरा नागिन निकल आई, जिससे परिजनों में दहशत फैल गई। सांप को देखते ही परिवार के सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए। इस घटना की सूचना तत्काल सर्प विशेषज्ञ बबलू पवार को दी गई। सूचना मिलते ही बबलू पवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। किचन में छिपी लगभग 3 फीट लंबी इस कोबरा नागिन को सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। बबलू पवार ने बताया कि यह कोबरा प्रजाति की मादा नागिन थी, जो काफी जहरीली होती है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि समय रहते नागिन का रेस्क्यू कर लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी की गई। बबलू पवार ने इस अवसर पर लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने और अपने घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समझाया कि बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और अन्य जीव-जंतु अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।
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    सागर जिले के बामोरा स्थित जलसा होटल के सामने करतार सिंह गुर्जर के घर के किचन में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक जहरीली कोबरा नागिन निकल आई, जिससे परिजनों में दहशत फैल गई। सांप को देखते ही परिवार के सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए।

इस घटना की सूचना तत्काल सर्प विशेषज्ञ बबलू पवार को दी गई। सूचना मिलते ही बबलू पवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। किचन में छिपी लगभग 3 फीट लंबी इस कोबरा नागिन को सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया।

बबलू पवार ने बताया कि यह कोबरा प्रजाति की मादा नागिन थी, जो काफी जहरीली होती है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि समय रहते नागिन का रेस्क्यू कर लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी की गई। बबलू पवार ने इस अवसर पर लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने और अपने घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समझाया कि बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और अन्य जीव-जंतु अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।
    user_Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बिहार में भारत तिवारी का एनकाउंटर हुआ है, जिसे लोगों ने गलत बताया है। जनता ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह घटना अनुचित है, और उन्होंने भारत तिवारी द्वारा जनता के लिए किए गए बेहतरीन कार्यों का उल्लेख किया है। लोगों का कहना है कि भारत तिवारी ने जनहित में बहुत अच्छा काम किया था। इस घटना से 'बिहार का लाल' खो गया है, और इस कार्य के लिए निश्चित रूप से सज़ा मिलनी चाहिए।
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    बिहार में भारत तिवारी का एनकाउंटर हुआ है, जिसे लोगों ने गलत बताया है। जनता ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह घटना अनुचित है, और उन्होंने भारत तिवारी द्वारा जनता के लिए किए गए बेहतरीन कार्यों का उल्लेख किया है। लोगों का कहना है कि भारत तिवारी ने जनहित में बहुत अच्छा काम किया था। इस घटना से 'बिहार का लाल' खो गया है, और इस कार्य के लिए निश्चित रूप से सज़ा मिलनी चाहिए।
    user_Devendra Rathore
    Devendra Rathore
    Voice of people Sagar, Madhya Pradesh•
    7 hrs ago
  • बीना नगर के शिव वार्ड, शास्त्री वार्ड और अन्य क्षेत्रों में रेलवे द्वारा किए गए ध्वस्तीकरण से प्रभावित परिवारों के समर्थन में सोमवार को कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर सागर, एसडीएम बीना और रेलवे अधिकारियों को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत, पुनर्वास, मुआवजा और भविष्य में बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बेदखली और अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित स्पष्ट दिशा-निर्देशों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों में पर्याप्त नोटिस, सुनवाई का अवसर, पुनर्वास और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का प्रावधान है, जिसका पालन नहीं किया गया, जिससे गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे जीवनयापन को मजबूर हैं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर यादव ने भाजपा सरकार पर लोगों को आवास उपलब्ध कराने के बजाय बेघर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई नियम-कानूनों और न्यायिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर की गई है, जहाँ गरीबों के मकान तोड़े गए, जबकि प्रभावशाली लोगों के निर्माणों को छोड़ दिया गया, जिससे कार्रवाई भेदभावपूर्ण प्रतीत होती है। नगर पालिका प्रतिपक्ष नेता प्रशांत राय ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक पुनर्वास नहीं दिया गया, तो कांग्रेस पार्टी और स्थानीय जनता एक व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी। विनोद पोरिया ने भी कहा कि यदि रेलवे प्रशासन ने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और पीड़ित परिवारों को राहत नहीं दी तो उग्र जनसंघर्ष खड़ा होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की होगी। ओमप्रकाश पंजाबी ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस पार्टी गरीबों, दलितों, मजदूरों और वंचित वर्गों पर होने वाले अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया ने क्षेत्रीय विधायक पर पीड़ितों की पीड़ा न सुनने का आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये के मकान, घरेलू सामान और गृहस्थी नष्ट हो गई, और सरकार की ओर से केवल नगण्य सहायता की बात की जा रही है, जबकि कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत, पुनर्वास, मुआवजा, यथास्थिति संरक्षण और पुनः बसाने की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी, प्रभावित परिवार और स्थानीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। इस आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन की होगी। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹2 लाख की अंतरिम आर्थिक सहायता, आवास निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री, संपत्ति क्षति का सर्वे कर पूर्ण क्षतिपूर्ति, प्रत्येक परिवार को ₹20 लाख का मुआवजा, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखना, रेलवे के भूमि अभिलेख सार्वजनिक करना, और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी तत्काल उपलब्ध कराना शामिल है। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर यादव, नगर पालिका प्रतिपक्ष नेता प्रशांत राय, विनोद पोरिया, ओमप्रकाश पंजाबी, एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया, एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
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    बीना नगर के शिव वार्ड, शास्त्री वार्ड और अन्य क्षेत्रों में रेलवे द्वारा किए गए ध्वस्तीकरण से प्रभावित परिवारों के समर्थन में सोमवार को कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर सागर, एसडीएम बीना और रेलवे अधिकारियों को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत, पुनर्वास, मुआवजा और भविष्य में बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।

एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बेदखली और अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित स्पष्ट दिशा-निर्देशों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों में पर्याप्त नोटिस, सुनवाई का अवसर, पुनर्वास और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का प्रावधान है, जिसका पालन नहीं किया गया, जिससे गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे जीवनयापन को मजबूर हैं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर यादव ने भाजपा सरकार पर लोगों को आवास उपलब्ध कराने के बजाय बेघर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई नियम-कानूनों और न्यायिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर की गई है, जहाँ गरीबों के मकान तोड़े गए, जबकि प्रभावशाली लोगों के निर्माणों को छोड़ दिया गया, जिससे कार्रवाई भेदभावपूर्ण प्रतीत होती है।

नगर पालिका प्रतिपक्ष नेता प्रशांत राय ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक पुनर्वास नहीं दिया गया, तो कांग्रेस पार्टी और स्थानीय जनता एक व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी। विनोद पोरिया ने भी कहा कि यदि रेलवे प्रशासन ने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और पीड़ित परिवारों को राहत नहीं दी तो उग्र जनसंघर्ष खड़ा होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की होगी। ओमप्रकाश पंजाबी ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस पार्टी गरीबों, दलितों, मजदूरों और वंचित वर्गों पर होने वाले अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया ने क्षेत्रीय विधायक पर पीड़ितों की पीड़ा न सुनने का आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये के मकान, घरेलू सामान और गृहस्थी नष्ट हो गई, और सरकार की ओर से केवल नगण्य सहायता की बात की जा रही है, जबकि कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सात दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत, पुनर्वास, मुआवजा, यथास्थिति संरक्षण और पुनः बसाने की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी, प्रभावित परिवार और स्थानीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। इस आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन की होगी। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹2 लाख की अंतरिम आर्थिक सहायता, आवास निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री, संपत्ति क्षति का सर्वे कर पूर्ण क्षतिपूर्ति, प्रत्येक परिवार को ₹20 लाख का मुआवजा, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखना, रेलवे के भूमि अभिलेख सार्वजनिक करना, और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी तत्काल उपलब्ध कराना शामिल है। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर यादव, नगर पालिका प्रतिपक्ष नेता प्रशांत राय, विनोद पोरिया, ओमप्रकाश पंजाबी, एडवोकेट महेंद्र कुमार नवैया, एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ शहर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले, भारत में ‘संपूर्ण अपराध’ और आतंकी हमलों से जुड़ा हुआ पाया जाता था। पहले इसे भारत भर में अपराध और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा माना जाता था। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के आने के बाद इस शहर की कहानी पूरी तरह से बदल गई है।
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ शहर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले, भारत में ‘संपूर्ण अपराध’ और आतंकी हमलों से जुड़ा हुआ पाया जाता था। पहले इसे भारत भर में अपराध और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा माना जाता था। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के आने के बाद इस शहर की कहानी पूरी तरह से बदल गई है।
    user_Deepak dubey
    Deepak dubey
    पत्रकार मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बीना में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवार अब अपने पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। सागर गेट से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी किनारे हटाए गए अतिक्रमण से प्रभावित इन परिवारों ने गांधी तिराहा पर धरना शुरू कर दिया है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया है। यह आंदोलन परिवारों द्वारा आवास की आस में किया जा रहा है।
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    बीना में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवार अब अपने पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। सागर गेट से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी किनारे हटाए गए अतिक्रमण से प्रभावित इन परिवारों ने गांधी तिराहा पर धरना शुरू कर दिया है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया है। यह आंदोलन परिवारों द्वारा आवास की आस में किया जा रहा है।
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड में कोचिंग सेंटर के 10 छात्रों सहित कुल 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में कई लोग भवन में फंस गए थे, जबकि अपनी जान बचाने के लिए एक छात्र को ऊंचाई से छलांग लगानी पड़ी। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं, और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों से जानकारी ली। इस त्रासदी को महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बताया जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन वाले भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? क्या भवन निर्माण के मानकों का पालन किया गया था, और यदि नहीं, तो इसका जिम्मेदार कौन है? हर बड़े हादसे के बाद जाँच, निलंबन और कार्रवाई की बातें तो होती हैं, लेकिन यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जाते। निर्दोष छात्रों और अन्य लोगों की जान जाने के बाद अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है।
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    लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड में कोचिंग सेंटर के 10 छात्रों सहित कुल 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में कई लोग भवन में फंस गए थे, जबकि अपनी जान बचाने के लिए एक छात्र को ऊंचाई से छलांग लगानी पड़ी। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं, और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों से जानकारी ली।

इस त्रासदी को महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बताया जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन वाले भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? क्या भवन निर्माण के मानकों का पालन किया गया था, और यदि नहीं, तो इसका जिम्मेदार कौन है?

हर बड़े हादसे के बाद जाँच, निलंबन और कार्रवाई की बातें तो होती हैं, लेकिन यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जाते। निर्दोष छात्रों और अन्य लोगों की जान जाने के बाद अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है।
    user_सच के साथ पूरी खबर मेरे साथ
    सच के साथ पूरी खबर मेरे साथ
    Media house मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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