विधानसभा क्षेत्र पिछोर में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की दिशा में 10 जून को महत्वपूर्ण प्रगति हुई। भोपाल और दिल्ली से आई केंद्रीय निरीक्षण टीम ने विधायक प्रीतम लोधी के नेतृत्व में पिछोर और खनियाधाना के बीच आईटीआई कॉलेज के पास प्रस्तावित स्थल का गहन निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक प्रीतम लोधी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर मौजूद रहीं और अधिकारियों को क्षेत्र की शैक्षणिक जरूरतों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय पिछोर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का मील का पत्थर साबित होगा और क्षेत्र को एक नई पहचान देगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ममता साथ और तहसीलदार शिव शंकर गुर्जर भी उपस्थित रहे, तथा टीम ने स्थल की उपयुक्तता व सुविधाओं का जायजा लिया। विधायक प्रीतम लोधी के निरंतर प्रयासों से पिछोर में 'शिक्षा का संकल्प' मजबूत हो रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है।
विधानसभा क्षेत्र पिछोर में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की दिशा में 10 जून को महत्वपूर्ण प्रगति हुई। भोपाल और दिल्ली से आई केंद्रीय निरीक्षण टीम ने विधायक प्रीतम लोधी के नेतृत्व में पिछोर और खनियाधाना के बीच आईटीआई कॉलेज के पास प्रस्तावित स्थल का गहन निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक प्रीतम लोधी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर मौजूद रहीं और अधिकारियों को क्षेत्र की शैक्षणिक जरूरतों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय पिछोर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का मील का पत्थर साबित होगा और क्षेत्र को एक नई पहचान देगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ममता साथ और तहसीलदार शिव शंकर गुर्जर भी उपस्थित रहे, तथा टीम ने स्थल की उपयुक्तता व सुविधाओं का जायजा लिया। विधायक प्रीतम लोधी के निरंतर प्रयासों से पिछोर में 'शिक्षा का संकल्प' मजबूत हो रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है।
- विधानसभा क्षेत्र पिछोर में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की दिशा में 10 जून को महत्वपूर्ण प्रगति हुई। भोपाल और दिल्ली से आई केंद्रीय निरीक्षण टीम ने विधायक प्रीतम लोधी के नेतृत्व में पिछोर और खनियाधाना के बीच आईटीआई कॉलेज के पास प्रस्तावित स्थल का गहन निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक प्रीतम लोधी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर मौजूद रहीं और अधिकारियों को क्षेत्र की शैक्षणिक जरूरतों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय पिछोर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का मील का पत्थर साबित होगा और क्षेत्र को एक नई पहचान देगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ममता साथ और तहसीलदार शिव शंकर गुर्जर भी उपस्थित रहे, तथा टीम ने स्थल की उपयुक्तता व सुविधाओं का जायजा लिया। विधायक प्रीतम लोधी के निरंतर प्रयासों से पिछोर में 'शिक्षा का संकल्प' मजबूत हो रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है।1
- ललितपुर क्षेत्र में गौ माता से जुड़ी एक अनोखी घटना देखने को मिली है, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। इस घटना को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएँ चल रही हैं। कुछ लोग इसे किसी दिव्य संकेत या देवी-देवता का चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ अन्य का कहना है कि संभव है गौ माता किसी शारीरिक समस्या या बीमारी के कारण ऐसा व्यवहार कर रही हों। फिलहाल इस घटना का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन यह विषय पूरे क्षेत्र में लोगों की आस्था और जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है।1
- अभिजीत दिपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर राजनीति पर निशाना साधते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा मंत्री अपने पद से नहीं हटते हैं, तो "देश भर में कॉकरोच उतरेंगे"। यह बयान उनकी गहरी नाराजगी को दर्शाता है और भविष्य में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का संकेत देता है।1
- शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के ग्राम सिल्लारपुर मजरा टुका में आदिवासी परिवार आजादी के दशकों बाद भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। जहां एक ओर सरकार गांवों तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इन परिवारों को आज भी अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने हाल ही में जनसुनवाई के दौरान एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपा है, जिसमें उन्होंने गांव में शीघ्र बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भीषण गर्मी में उनका रहना मुश्किल हो गया है, जबकि मच्छरों के प्रकोप के कारण बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। आदिवासी परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें न्याय की गुहार लगाने के लिए जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में बिजली की व्यवस्था की जाए, ताकि आदिवासी परिवार भी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और उनके बच्चों को एक बेहतर भविष्य मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ज्वलंत समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है या फिर ये आदिवासी परिवार अंधेरे में ही जीवन बिताने को मजबूर रहेंगे।2
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कीचड़ में फंसी एक गाय को बाहर निकाला। यह गाय दलदलनुमा कीचड़ में फंस गई थी, जिसके बाद बजरंग दल के सदस्यों ने मौके पर पहुँचकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य किया।1
- शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के सिल्लारपुर गाँव में एक क्रेशर खदान पर हुए भीषण विस्फोट से भारी तबाही हुई है। इस 'मौत के धमाके' के कारण आदिवासी बस्ती के घर कांप उठे, उनकी दीवारें फट गईं और छतें गिर गईं, जिससे पूरे गाँव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्रेशर के विस्फोट ने उनके आशियाने उजाड़ दिए हैं और पत्थरों की बारिश से सिल्लारपुर सहम गया है। इस भयावह ब्लास्ट में ग्रामीण बाल-बाल बचे, उनकी जान बची तो लाखों पाए। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने न्याय तथा कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-27 को जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात ठप रहा। उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालाँकि, बाद में एसडीएम अनुराग निग्गवाल की समझाइश के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे से जाम खोल दिया और यातायात बहाल हो सका। ग्रामीण अब इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने उजाड़े गए घरों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।4
- करेरा तहसील क्षेत्र के सिल्लानगर के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण मंगलवार को बिजली और पेयजल संकट से परेशान होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में लंबे समय से चली आ रही बिजली और पानी की समस्या के समाधान की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बीच पर्याप्त पेयजल व्यवस्था न होने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नियमित बिजली आपूर्ति न होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित विभागों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिजली एवं पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। एसडीएम के इस आश्वासन के बाद, ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और गांव को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।1
- करैरा क्षेत्र के सिल्लारपुर स्थित एक क्रेशर पर हुई ब्लास्टिंग के दौरान उड़कर आए पत्थरों ने कई आदिवासी परिवारों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन पत्थरों के कारण मकानों की छतों में छेद हो गए और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में तीव्र आक्रोश फैल गया है। अपने गुस्से का इजहार करते हुए ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। प्रशासन ने ग्रामीणों को मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मूल खबर में इस बात पर जोर दिया गया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए, और प्रशासन को घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।2