पंजाब के शाही इमाम से रूबरू हुए इंदौर के पत्रकार और नागरिक रविवार 13 सितंबर की शाम इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल प्रांगण में स्थित अभिनव कला समाज में पंजाब के शाही इमाम मौलाना मो.उस्मान रहमानी लुधियानवी इंदौर के पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों से "रूबरू" हुए। हुआ यूँ कि शाजापुर में एक जलसे को ख़िताब करने के लिए उन्हें इंदौर से गुज़रना था। पत्रकारों और इंदौर के सुधि नागरिकों के लिए अपने अभिनव प्रोग्रामों और नवाचार के लिए ख्यात स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने शाही इमाम साहब से पुरजोर इसरार कर उन्हें सिर्फ़ एक घंटे का समय देने के लिए राज़ी कर लिया। इस तरह स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के तत्वावधान में आयोजित प्रोग्राम "रूबरू" के अंतर्गत इंदौर के पत्रकारों और नागरिकों को शाही इमाम साहब को सुनने और उनके ज़रिए उन्हें और इस्लाम को जानने/समझने का सुअवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रवीण खारीवाल ने स्वागत भाषण दिया। पत्रकार समीर खान,एडवोकेट हसीब काज़ी, सोशल एक्टिविस्ट इमरान खान, पत्रकार रचना जौहरी, सोनाली यादव, समाजसेवी रिजवान ख़िलज़ी, मेहदी मंसूरी आदि द्वारा शाही इमाम साहब का गर्म जोशी से इस्तकबाल किया गया। स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल "कप्तान" समीर खान, इमरान खान, और हसीब खान ने शाल ओढ़ा कर उनका स्वागत किया। यहाँ उस वक़्त माहौल खुशगवार हो गया जब शाही इमाम को बताया गया कि आज प्रवीण खारीवाल कप्तान का जन्म दिन है तो शाही इमाम ने औपचारिकता को दरकिनार कर खारीवाल को "कप्तान" कह कर यौमे विलादत की बधाई और दुआएं दीं और सद्भावना का प्रसार करने के लिए उनकी प्रशंसा की । दरअसल, प्रवीण खारीवाल के लिए शाही इमाम साहब की यह दुआएं आज का सबसे बड़ा हासिल रहीं, सबसे नायाब तोहफा रहा। इस अवसर पर एक संक्षिप्त "टॉक शो" रखा गया जिसमें कार्यक्रम के संचालक ख्यात पत्रकार आदिल सईद ने ही अपने सवालों के माध्यम से शाही इमाम की जिंदगी के हर पहलू और उनके खयालात से बेहतरीन अन्दाज़ में उपस्थित सुधि दर्शकों को बखूबी रूबरू कराया। उनके चंद सवालों और शाही इमाम के जवाबों का अनुक्रम कुछ इस तरह रहा - सवाल - आपकी क़िताब के बारे में है। जवाब - यह मूलतः पंजाबी में है। पंजाबी में इसलिए कि वह हमारी मादरी ज़बान है। इंसान को अपनी मातृभाषा से हमेशा जुड़े रहना चाहिए। बंटवारे पर आधारित इस किताब का अंग्रेजी संस्करण भी है। जल्द ही यह हिंदी में भी उपलब्ध होगी। सवाल - बंटवारे की सबसे ज़्यादा विभीषिका झेलने के बाद भी पंजाब में सांप्रदायिकता क्यों नहीं है? आखिर क्या वज़ह है इसकी? जवाब - पंजाबी कवि बाबा फरीद की इंसानियत और मोहब्बत से पगी रचनाओं को गुरुनानक जी ने पसंद किया और इसी वज़ह से उनमें से कुछ रचनाओं को बाद में गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान मिला। यही वज़ह है कि पंजाब की नदियों के पानियों में मोहब्बत की मिठास आज भी बाकी है। सवाल - बंटवारे में आपने पाकिस्तान जाना क्यों नहीं चुना? जवाब - 1946 में जिन्ना हमारे घर आकर मिले और पाकिस्तान चलने के लिए बोला। हमारे बुजुर्गों द्वारा उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया गया। उन्हें कहा गया कि बंटवारा बहुत बड़ा नासूर बनेगा। हमारे परिवार ने आज़ादी के लिए कुर्बानियां दी हैं और वे इसी सरजमीं में दफ़न हैं। हम किसी भी क़ीमत पर अपना मुल्क नहीं छोड़ सकते। सवाल - तीन तलाक और हलाला पर रोशनी डालें। जवाब - तीन तलाक हराम है, बिद्दत है । अल्लाह इसे पसंद नहीं करते। इसीलिए तीन तलाक पर रोक लगाने से मुस्लिम समाज में कोई हलचल नहीं हुई। हलाला को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि इस्लाम में हलाला का कोई कॉन्सेप्ट नहीं है। दरअसल यह इस्लाम ही नहीं है। सवाल - लव जिहाद का बहुत शोर है? दार्शनिक अंदाज़ में जवाब मिला - मोहब्बत की कई शक्लें हैं। इसे आज तक न कोई रोक पाया है और न रोक पाएगा। फारसी की एक कहावत है - मियां बीबी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी। बाक़ी यह शोर है शोर ही रहेगा। सवाल - मुल्क की तरक्की के लिए क्या किया जाना चाहिए? जवाब - सद्भाव कायम होने का सबसे बड़ा जरिया तिजारत है। तिजारत से तालमेल बढ़ता है। आर्थिक उन्नति होती है। नौजवानों में व्याप्त बेरोजगारी और तनाव दूर होता है। समृद्ध और खुशहाल आदमी सद्भाव का वाहक होता है। दर्शकों की ओर से पत्रकार जावेद आलम का सवाल था - सोशल मीडिया और इंटरनेट ने जो ज़हर बोया है उसकी काट कैसे होगी? जवाब आया - दो पहलू हैं पहला सोशल मीडिया जहां नफरतें हैं दूसरा उसके बाहर जहां इंसानियत और सद्भाव की फसल लहलहा रही है। ताली दोनों हाथों से बजती है। आप सोशल मीडिया पर नफ़रतों को डिलीट करें आगे बढ़ जाएं। मेहदी मसूरी ने सवाल किया - पंजाब वक़्फ़ बोर्ड ठीक काम क्यों नहीं कर रहा? इमाम ने खिन्नता से जवाब दिया - दरअसल कोई वक़्फ़ बोर्ड ठीक से काम नहीं कर रहा। इसकी वज़ह यह है कि सभी दूर नामांकित लोग बैठे हैं। जब तक चुने हुए लोग नहीं आएंगे हालत नहीं सुधरेंगे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों में चुने हुए नुमाइंदे हैं देखिए वे कितना अच्छा काम कर रहे हैं। एक स्टूडेंट ने पूछा कि - जिहाद क्या है? जवाब मिला - हर बुराई और गुनाह के खिलाफ लड़ने,खड़े होने को जिहाद कहते हैं। जैसे जैसे शाम गहरा रही थी दर्शकों की ईमाम और इस्लाम के प्रति जिज्ञासा और गहराती जा रही थी पर वक़्त को कौन रोक पाया है ? न मेहमान का दिल भरा था और न मेज़बान का पर वक़्त के तक़ाज़े ने वोट ऑफ थैंक्स के साथ आयोजकों को इस पुरनूर महफिल के ख़त्म होने की घोषणा करने पर मजबूर कर दिया। रिमझिम बारिश ने लौटते इन्दौरियों को इतना नहीं भिगोया जितना इस प्रोग्राम ने उन्हें मोहब्बतों से भिगो दिया। लौटते श्रोताओं के ज़हन में शाही इमाम साहब की सुलझी हुई बातें बरसों तक गूंजती रहेंगी और उनकी आँखों में शाही इमाम की दिलों को जीत लेने वाली मुस्कान और चेहरे पर छाया नूर का अक़्स भी बरसों झलकेगा।
पंजाब के शाही इमाम से रूबरू हुए इंदौर के पत्रकार और नागरिक रविवार 13 सितंबर की शाम इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल प्रांगण में स्थित अभिनव कला समाज में पंजाब के शाही इमाम मौलाना मो.उस्मान रहमानी लुधियानवी इंदौर के पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों से "रूबरू" हुए। हुआ यूँ कि शाजापुर में एक जलसे को ख़िताब करने के लिए उन्हें इंदौर से गुज़रना था। पत्रकारों और इंदौर के सुधि नागरिकों के लिए अपने अभिनव प्रोग्रामों और नवाचार के लिए ख्यात स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने शाही इमाम साहब से पुरजोर इसरार कर उन्हें सिर्फ़ एक घंटे का समय देने के लिए राज़ी कर लिया। इस तरह स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के तत्वावधान में आयोजित प्रोग्राम "रूबरू" के अंतर्गत इंदौर के पत्रकारों और नागरिकों को शाही इमाम साहब को सुनने और उनके ज़रिए उन्हें और इस्लाम को जानने/समझने का सुअवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रवीण खारीवाल ने स्वागत भाषण दिया। पत्रकार समीर खान,एडवोकेट हसीब काज़ी, सोशल एक्टिविस्ट इमरान खान, पत्रकार रचना जौहरी, सोनाली यादव, समाजसेवी रिजवान ख़िलज़ी, मेहदी मंसूरी आदि द्वारा शाही इमाम साहब का गर्म जोशी से इस्तकबाल किया गया। स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल "कप्तान" समीर खान, इमरान खान, और हसीब खान ने शाल ओढ़ा कर उनका स्वागत किया। यहाँ उस वक़्त माहौल खुशगवार हो गया जब शाही इमाम को बताया गया कि आज प्रवीण खारीवाल कप्तान का जन्म दिन है तो शाही इमाम ने औपचारिकता को दरकिनार कर खारीवाल को "कप्तान" कह कर यौमे विलादत की बधाई और दुआएं दीं और सद्भावना का प्रसार करने के लिए उनकी प्रशंसा की । दरअसल, प्रवीण खारीवाल के लिए शाही इमाम साहब की यह दुआएं आज का सबसे बड़ा हासिल रहीं, सबसे नायाब तोहफा रहा। इस अवसर पर एक संक्षिप्त "टॉक शो" रखा गया जिसमें कार्यक्रम के संचालक ख्यात पत्रकार आदिल सईद ने ही अपने सवालों के माध्यम से शाही इमाम की जिंदगी के हर पहलू और उनके खयालात से बेहतरीन अन्दाज़ में उपस्थित सुधि दर्शकों
को बखूबी रूबरू कराया। उनके चंद सवालों और शाही इमाम के जवाबों का अनुक्रम कुछ इस तरह रहा - सवाल - आपकी क़िताब के बारे में है। जवाब - यह मूलतः पंजाबी में है। पंजाबी में इसलिए कि वह हमारी मादरी ज़बान है। इंसान को अपनी मातृभाषा से हमेशा जुड़े रहना चाहिए। बंटवारे पर आधारित इस किताब का अंग्रेजी संस्करण भी है। जल्द ही यह हिंदी में भी उपलब्ध होगी। सवाल - बंटवारे की सबसे ज़्यादा विभीषिका झेलने के बाद भी पंजाब में सांप्रदायिकता क्यों नहीं है? आखिर क्या वज़ह है इसकी? जवाब - पंजाबी कवि बाबा फरीद की इंसानियत और मोहब्बत से पगी रचनाओं को गुरुनानक जी ने पसंद किया और इसी वज़ह से उनमें से कुछ रचनाओं को बाद में गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान मिला। यही वज़ह है कि पंजाब की नदियों के पानियों में मोहब्बत की मिठास आज भी बाकी है। सवाल - बंटवारे में आपने पाकिस्तान जाना क्यों नहीं चुना? जवाब - 1946 में जिन्ना हमारे घर आकर मिले और पाकिस्तान चलने के लिए बोला। हमारे बुजुर्गों द्वारा उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया गया। उन्हें कहा गया कि बंटवारा बहुत बड़ा नासूर बनेगा। हमारे परिवार ने आज़ादी के लिए कुर्बानियां दी हैं और वे इसी सरजमीं में दफ़न हैं। हम किसी भी क़ीमत पर अपना मुल्क नहीं छोड़ सकते। सवाल - तीन तलाक और हलाला पर रोशनी डालें। जवाब - तीन तलाक हराम है, बिद्दत है । अल्लाह इसे पसंद नहीं करते। इसीलिए तीन तलाक पर रोक लगाने से मुस्लिम समाज में कोई हलचल नहीं हुई। हलाला को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि इस्लाम में हलाला का कोई कॉन्सेप्ट नहीं है। दरअसल यह इस्लाम ही नहीं है। सवाल - लव जिहाद का बहुत शोर है? दार्शनिक अंदाज़ में जवाब मिला - मोहब्बत की कई शक्लें हैं। इसे आज तक न कोई रोक पाया है और न रोक पाएगा। फारसी की एक कहावत है - मियां बीबी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी। बाक़ी यह शोर है शोर ही रहेगा। सवाल
- मुल्क की तरक्की के लिए क्या किया जाना चाहिए? जवाब - सद्भाव कायम होने का सबसे बड़ा जरिया तिजारत है। तिजारत से तालमेल बढ़ता है। आर्थिक उन्नति होती है। नौजवानों में व्याप्त बेरोजगारी और तनाव दूर होता है। समृद्ध और खुशहाल आदमी सद्भाव का वाहक होता है। दर्शकों की ओर से पत्रकार जावेद आलम का सवाल था - सोशल मीडिया और इंटरनेट ने जो ज़हर बोया है उसकी काट कैसे होगी? जवाब आया - दो पहलू हैं पहला सोशल मीडिया जहां नफरतें हैं दूसरा उसके बाहर जहां इंसानियत और सद्भाव की फसल लहलहा रही है। ताली दोनों हाथों से बजती है। आप सोशल मीडिया पर नफ़रतों को डिलीट करें आगे बढ़ जाएं। मेहदी मसूरी ने सवाल किया - पंजाब वक़्फ़ बोर्ड ठीक काम क्यों नहीं कर रहा? इमाम ने खिन्नता से जवाब दिया - दरअसल कोई वक़्फ़ बोर्ड ठीक से काम नहीं कर रहा। इसकी वज़ह यह है कि सभी दूर नामांकित लोग बैठे हैं। जब तक चुने हुए लोग नहीं आएंगे हालत नहीं सुधरेंगे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों में चुने हुए नुमाइंदे हैं देखिए वे कितना अच्छा काम कर रहे हैं। एक स्टूडेंट ने पूछा कि - जिहाद क्या है? जवाब मिला - हर बुराई और गुनाह के खिलाफ लड़ने,खड़े होने को जिहाद कहते हैं। जैसे जैसे शाम गहरा रही थी दर्शकों की ईमाम और इस्लाम के प्रति जिज्ञासा और गहराती जा रही थी पर वक़्त को कौन रोक पाया है ? न मेहमान का दिल भरा था और न मेज़बान का पर वक़्त के तक़ाज़े ने वोट ऑफ थैंक्स के साथ आयोजकों को इस पुरनूर महफिल के ख़त्म होने की घोषणा करने पर मजबूर कर दिया। रिमझिम बारिश ने लौटते इन्दौरियों को इतना नहीं भिगोया जितना इस प्रोग्राम ने उन्हें मोहब्बतों से भिगो दिया। लौटते श्रोताओं के ज़हन में शाही इमाम साहब की सुलझी हुई बातें बरसों तक गूंजती रहेंगी और उनकी आँखों में शाही इमाम की दिलों को जीत लेने वाली मुस्कान और चेहरे पर छाया नूर का अक़्स भी बरसों झलकेगा।
- जय जवान जय किसान रजिस्ट्रेशन क30057 आदर्श ग्रामीण पटेल1
- इंदौर के चंदन नगर में हज यात्रा 2027 के लिए चयनित हाजियों का मेडिकल चेकअप कैंप आयोजित किया गया । मेडिकल जांच की अंतिम तारीख पर भी बड़ी संख्या में हाजी कैंप में पहुंचे और अपने जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण करवाए। इस दौरान हज कमेटी जिला अध्यक्ष हाजी जुनैद खान मौजूद रहे और हाजियों को जरूरी मार्गदर्शन दिया। हज यात्रा 2027 के लिए चयनित हाजियों की मेडिकल जांच प्रदेश के शासकीय चिकित्सालयों में कराई जा रही है। चंदन नगर में आयोजित मेडिकल कैंप में हाजी अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचे और डॉक्टरों की टीम ने उनके स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण किए। हाजी जुनैद खान ने बताया कि मेडिकल जांच को लेकर कुछ हाजी परेशान भी नजर आए, जिन्हें हज कमेटी के सदस्यों ने समझाया और पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने डॉक्टरों, मेडिकल टीम, हज कमेटी और सभी सहयोग करने वालों का धन्यवाद भी व्यक्त किया। इस दौरान हाजियों को मक्का-मदीना की यात्रा के लिए अभी से अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। हाजी जुनैद खान ने खान-पान का ध्यान रखने, नियमित पैदल चलने और शारीरिक रूप से यात्रा के लिए खुद को तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के माध्यम से यदि किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की जानकारी मिलती है तो उसका समय रहते उपचार कराया जा सकता है। साथ ही हाजियों से अपील की गई कि किसी भी परेशानी की स्थिति में वे हज कमेटी से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त करें।1
- Indore : चलती कार बनी आग का गोला, युवक 40% झुलसा | Traffic Police ने बचाई जान | Indore News1
- खजराना गणेश को सवा लाख मोदक प्रसाद का भोग समर्पित भक्तों में किया गया मोदक प्रसाद का वितरण खजराना गणेश को सवा लाख मोदक प्रसाद का भोग समर्पित भक्तों में किया गया मोदक प्रसाद का वितरण – 12 दिनों तक अलग-अलग किस्म के लड्डुओं का भोग भी लगेगा इंदौर, । खजराना स्थित सिद्धि विनायक गणेश मंदिर पर भक्त मंडल की ओर से गणेश चतुर्थी पर आज सुबह सवा लाख मोदक प्रसाद का भोग खजराना गणेश को समर्पित किया गया। इसके साथ ही प्रतिदिन खजराना गणेश को विभिन्न किस्म के अनाज के लड्डुओं का भोग भी समर्पित होगा। श्री सिद्धि विनायक भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच एवं पार्षद पुष्पेन्द्र पाटीदार ने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर शिवम वर्मा तथा मंदिर प्रशासक एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने ध्वजा पूजन एवं गणेशजी को स्वर्ण आभूषण समर्पित किए। इसके पश्चात भक्त मंडल द्वारा निर्मित सवा लाख मोदक का भोग लगाकर भक्तों में वितरण किया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. अशोक भट्ट, पं. सुमित भट्ट एवं जयदेव भट्ट द्वारा वैदिक मंगलाचरण के बीच मोदक का भोग समर्पित किया गया। क्षेत्र के विधायक महेंद्र हार्डिया भी विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रसाद वितरण के लिए मंदिर के प्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा एवं घनश्याम शुक्ला के मार्गदर्शन में भक्त मंडल से जुड़े सुभाष नायक, दिलीप सर, गोकुल पाटीदार, वासुदेव पाटीदार सहित 21 कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी संभाली। बागड़ी ने बताया कि भक्त मंडल की ओर से सवा लाख मोदक का निर्माण पिछले छः दिनों से लगातार प्रसिद्ध रसोईए खेमजी महाराज और 20 सहयोगी 8 सुपर भट्टियों पर कर रहे थे। खजराना गणेश को आज पहले दिन सवा लाख मोदक प्रसाद के अलावा प्रतिदिन संध्या को अलग-अलग किस्म के लड्डुओं का भोग भी समर्पित किया जाएगा। इनमें अजवाईन, मूंग, चवले, उड़द, गोंद, बेसन, मोतीचूर, बड़ी बूंदी और फरियाली ड्रायफ्रूट्स के लड्डूओं का भोग भी शामिल है। भक्त मंडल द्वारा मोदक प्रसाद वितरण के लिए 50 बड़ी परातों एवं 100 ट्रे की व्यवस्था की गई थी। भक्त मंडल से जुड़े 21 कार्यकर्ताओं ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था पूरे दिन संभाली। आज गणेशोत्सव के पहले दिन करीब डेढ़ लाख भक्तों ने खजराना गणेश के दर्शन, पूजन कर मोदक प्रसाद का भी पुण्यलाभ उठाया।1
- सालंगपुर हनुमान दादा के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ कष्ट भंजन दादा का यह स्वरूप विश्व में एक मात्र सालंगपुर गुजरात में विराजमान है यह भक्तों के दुखों का नाश होता है दुख हर लिये जाते है इसलिए दादा को दुख हरण हनुमान दादा कहा जाता है जय बजरंगबली की2
- इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर के आदेश की धज्जियां उड़ाने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार इंदौर.... इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर के आदेश की धज्जियां उड़ाने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार..... 3 माह की अवधि के लिए जिलाबदर होने के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में खुलेआम धारदार चाकू लहरा रहा था आरोपी..... मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी...... पुलिस को देख भागने की कोशिश में गिरकर घायल हुआ बदमाश..... पकड़े गए आरोपी की पहचान तंजीम नगर निवासी फैजल उर्फ कालू उर्फ मांडा के रूप में हुई...... कब्जे से अवैध धारदार चाकू बरामद.... आरोपी के खिलाफ पूर्व से मारपीट, लूट, रंगदारी व एनडीपीएस के 9 से अधिक केस दर्ज...... खजराना पुलिस ने राज्य सुरक्षा अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया केस..... एंकर - इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में पुलिस ने जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन कर इलाके में खुलेआम धारदार चाकू लहराते हुए घूम रहे एक शातिर और कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की घेराबंदी देखकर भागने की कोशिश में आरोपी असंतुलित होकर सड़क पर गिर पड़ा, जिससे वह घायल हो गया। पकड़ा गया बदमाश पूर्व में मारपीट, लूट, अड़ीबाजी और एनडीपीएस जैसे कई संगीन अपराधों में शामिल रहा है और पुलिस कमिश्नर द्वारा उसे 3 महीने के लिए इंदौर जिले की सीमाओं से बाहर जिलाबदर किया गया था। खजराना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और जिलाबदर उल्लंघन का नया मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वीओ - इंदौर शहर में गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए खजराना पुलिस लगातार अभियान चला रही है। खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि पुलिस कमिश्नर के जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र का सूचीबद्ध बदमाश फैजल उर्फ कालू तंजीम नगर इलाके में अवैध रूप से घूम रहा है और हाथ में धारदार चाकू लहराकर दहशत फैला रहा है।सूचना मिलते ही खजराना पुलिस की विशेष टीम ने मौके पर पहुँचकर घेराबंदी की।पुलिस टीम को सामने देखते ही शातिर आरोपी फैजल ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन हड़बड़ाहट में दौड़ते समय संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर जा गिरा, जिससे उसके पैर और शरीर में चोटें आईं। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया और तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध धारदार चाकू बरामद किया।जांच में सामने आया कि आरोपी फैजल इलाके का आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ मारपीट, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और एनडीपीएस एक्ट के 9 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। खजराना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर ली है। 4
- इंदौर वार्ड 58 में उपचुनाव भले ही टल गए हो लेकिन समाजसेवी मोहम्मद अयूब का जन सेवा का सिलसिला इन्दौर: वार्ड 58 में उप-चुनाव भले ही टल गए हों, लेकिन समाजसेवी मोहम्मद अय्यूब का जनसेवा का सिलसिला बदस्तूर जारी है। चुनाव आयोग द्वारा उप-चुनाव स्थगित किए जाने के फैसले के बाद भी मोहम्मद अय्यूब लगातार क्षेत्र की जनता के बीच बने हुए हैं। वे रोज़ाना वार्ड 58 के नागरिकों की समस्याएं सुन रहे हैं और प्रशासनिक व नगर निगम से जुड़े कामों का नियमानुसार निराकरण करवा रहे हैं। जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए मोहम्मद अय्यूब ऐसे कार्यों को भी रुकने नहीं दे रहे हैं, जो किसी तकनीकी या नियम-कायदों के कारण सरकारी स्तर पर अटके हुए हैं। ऐसे जनहित के कामों का निराकरण वे अपने निजी खर्च से करवा रहे हैं। अपनी मिलनसार छवि के कारण क्षेत्र की जनता सीधे उनसे जुड़ रही है और अपनी परेशानियां साझा कर रही है। चुनाव तो आते-जाते रहेंगे लेकिन वार्ड की जनता ने मुझे जो प्यार और विश्वास दिया है उसका क़र्ज़ मुझ पर हमेशा रहेगा मेरा मक़सद पद़ पाना नहीं बल्कि जनता के भरोसे पर खरा उतरना उनकी समस्याओं का समाधान करना है क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर वे न सिर्फ जनता का दिल जीत रहे हैं, बल्कि बिना किसी पद के भी वार्ड 58 में विकास और सेवा की नई मिसाल कायम कर रहे हैं।4