Shuru
Apke Nagar Ki App…
आज 21.06.26 को चित्तौड़गढ़, राजस्थान में स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंडफिया मंदिर से प्रभु सेठ साँवरा के लाइव श्रंगार दर्शन कराए गए हैं। इन दर्शनों को 'जय हो मेरे प्रभु सेठ साँवरा' के उद्घोष के साथ प्रस्तुत किया गया, जिसमें भक्तों को भगवान के भव्य और अलौकिक रूप के दर्शन प्राप्त हुए। यह सीधा प्रसारण मंदिर से किया गया, जिससे सभी भक्त इस पवित्र अवसर का साक्षी बन सके।
Hello Chittorgarh News
आज 21.06.26 को चित्तौड़गढ़, राजस्थान में स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंडफिया मंदिर से प्रभु सेठ साँवरा के लाइव श्रंगार दर्शन कराए गए हैं। इन दर्शनों को 'जय हो मेरे प्रभु सेठ साँवरा' के उद्घोष के साथ प्रस्तुत किया गया, जिसमें भक्तों को भगवान के भव्य और अलौकिक रूप के दर्शन प्राप्त हुए। यह सीधा प्रसारण मंदिर से किया गया, जिससे सभी भक्त इस पवित्र अवसर का साक्षी बन सके।
More news from राजस्थान and nearby areas
- इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से संबंधित एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इस नई जानकारी पर पाठकों से उनकी राय और प्रतिक्रिया पूछी जा रही है। मंच लोगों से आग्रह कर रहा है कि वे ऐसी ही रोज़ाना स्पोर्ट्स न्यूज़ जानने के लिए तुरंत सब्सक्राइब करें और उनके साथ जुड़ जाएं।1
- राजस्थान में एक बेहद अमानवीय घटना सामने आई है, जहाँ एक 4 साल की मासूम बच्ची की मां को एक अनजान नंबर से मिले युवक से प्यार हो गया। प्रेम संबंध में पड़ने के बाद, महिला अपने प्रेमी के साथ भाग गई, लेकिन इस दौरान उसने अपनी ही बेटी को एक बोझ समझा और उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध पर कड़ा रुख अपनाते हुए, अदालत ने महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, दोषी महिला पर ₹30,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले पर टिप्पणी करते हुए, अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि "ऐसी महिला मां के नाम पर कलंक है।" यह घटना समाज को अंदर तक झकझोर देती है, क्योंकि जिस मां की गोद को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है, वही मां जब अपनी संतान की हत्यारी बन जाती है, तो यह केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रेम, संबंध या कोई भी व्यक्तिगत इच्छा किसी भी मासूम की जिंदगी से बढ़कर नहीं हो सकती, और ऐसे अपराधों पर कठोरतम दंड ही समाज में सही संदेश स्थापित कर सकता है।1
- योग दिवस के पावन अवसर पर, श्री सांवलिया सेठ जी के दिव्य मंगला आरती दर्शन संपन्न हुए। इस दौरान भक्तों को योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी गईं। यह भी बताया गया कि अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें साझा करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप डाउनलोड किया जा सकता है।1
- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को रेलमगरा उपखंड मुख्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा (आयुष) विभाग के तत्वाधान में स्थानीय प्रशासन द्वारा एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, राजकीय कर्मचारियों, व्यापारियों, युवाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षका गरिमा शक्तावत और माया शर्मा ने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, मकरासन, शशांकासन, पद्मासन और सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासन कराए। इसके साथ ही, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, उज्जायी एवं नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास भी कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग करने से शरीर लचीला और मजबूत बनता है, रक्त संचार बेहतर होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तथा मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद में कमी व एकाग्रता बढ़ने के साथ हृदय, फेफड़ों और पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है। वहीं, कुरज, गिलुंड, दरीबा तथा बनेड़िया क्षेत्रों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। योग प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि नियमित योग से मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है, तथा यह सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानसिक शांति प्रदान करता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने और अधिक से अधिक लोगों को योग के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की एक प्राचीन भारतीय पद्धति है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। पूरे क्षेत्र में योग दिवस को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने सामूहिक रूप से योग कर स्वास्थ्य एवं निरोगी जीवन का संदेश दिया। इस योगाभ्यास में तहसीलदार कालूसिंह राणा, विकास अधिकारी मामराज मीणा, एबीडीओ गिरिराज आगाल, बीसीएमओ डॉ. राजेंद्र चौधरी, ब्लॉक आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुहेल खान, हेड कांस्टेबल राकेश मीणा, आसूचना अधिकारी नोरताराम सहित समस्त विभागीय कर्मचारियों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।4
- भीलवाड़ा जिले के उपरेडा कस्बे में बनेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के नवीन कब्रिस्तान परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के उद्देश्य से एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी (उपरेड़ा) के नेतृत्व में, वर्षा ऋतु के आगमन पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम के तहत 20 बरगद के पौधे और प्रदूषण नियंत्रण व हरियाली बढ़ाने के लिए 50 से अधिक कंदील के पौधे रोपे गए। पौधारोपण के साथ ही, लगाए गए सभी पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके चारों ओर कांटेदार बाड़ लगाई गई और उन्हें वृक्ष बनने तक नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया गया। इस अवसर पर मौलाना बरकत अली (सरदारनगर) ने विशेष सहयोग प्रदान किया और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से वृक्षारोपण से जुड़ने का आह्वान किया। सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना, हरियाली बढ़ाना तथा मवेशियों, आमजन और जीव-जंतुओं के लिए छायादार वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने पेड़ों को प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण बताते हुए बेहतर वर्षा और स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया। मंसूरी ने जानकारी दी कि इस वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान नवीन कब्रिस्तान परिसर और पुराने कब्रिस्तान परिसर में 101 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण भी किया जाएगा, ताकि अधिक लोग वृक्षारोपण के लिए प्रेरित हो सकें। "एक पेड़ – अनेक जीवन" के संदेश के साथ आयोजित इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहनीय कदम बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।3
- रविवार सुबह 6 बजे रामपुरा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नगर परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विद्यालय के अध्यापकों तथा नगर के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम की शुरुआत योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई, जिसके बाद प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। इस अवसर पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी नंदलाल प्रजापति ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन जी सकता है। नीमच आरोग्य भारती से पधारी योग शिक्षिका श्रीमती टीना गर्ग गहलोत और प्राध्यापक डॉ. आशीष सोनी ने भी योग के महत्व और इसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है, और सभी उपस्थितजनों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और ऊर्जा का वातावरण बना रहा। अंत में, आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के लिए योग को अपनाने का संदेश दिया।4
- आज 21.06.26 को चित्तौड़गढ़, राजस्थान में स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंडफिया मंदिर से प्रभु सेठ साँवरा के लाइव श्रंगार दर्शन कराए गए हैं। इन दर्शनों को 'जय हो मेरे प्रभु सेठ साँवरा' के उद्घोष के साथ प्रस्तुत किया गया, जिसमें भक्तों को भगवान के भव्य और अलौकिक रूप के दर्शन प्राप्त हुए। यह सीधा प्रसारण मंदिर से किया गया, जिससे सभी भक्त इस पवित्र अवसर का साक्षी बन सके।3
- मेक्सिको सिटी में एक बतख के वायरल होने की खबर सामने आई है, जिसके बारे में जानने को लोग काफी उत्सुक हैं। यह बतख क्यों वायरल हो रहा है और लोग इसके बारे में क्यों जानना चाहते हैं, यह चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि इस बतख के कारण लोग काफी खुश हो रहे हैं। इसी प्रकार की स्पोर्ट्स न्यूज़ के लिए सब्सक्राइब करना न भूलने का आग्रह भी किया गया है।1
- पोस्ट में एक जज महोदय का हार्दिक अभिनंदन करते हुए, न्यायालय द्वारा परिवार बचाने और रिश्तों को संभालने की सीख दिए जाने को सराहनीय बताया गया है। यह सलाह ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण है, जब छोटी-छोटी बातों पर परिवार टूट रहे हैं और लोग सीधे कोर्ट-कचहरी का रुख कर रहे हैं। इसके साथ ही, उन माता-पिता को भी सोचने की नसीहत दी गई है जो हर विवाद में अपनी बेटी को मुकदमेबाजी की राह दिखाते हैं, उनसे पूछा गया है कि क्या वे वाकई अपनी बेटी का घर बसने देंगे या नहीं। संदेश में स्पष्ट किया गया है कि अदालत हर मतभेद का समाधान नहीं होती, बल्कि संवाद, समझदारी, धैर्य और आपसी सम्मान से भी कई रिश्ते बचाए जा सकते हैं। न्याय का उद्देश्य केवल फैसला सुनाना नहीं है, बल्कि जहां संभव हो वहां परिवार और समाज में संतुलन बनाए रखना भी है। पोस्ट का समापन इस सीख के साथ होता है कि छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते न तोड़ें, बल्कि पहले उन्हें जोड़ने का प्रयास करें।4