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जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में सुरक्षा व्यवस्था को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया। इस दौरान जगन के तीनों भाइयों पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू सिंह को भारी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार स्थल पर लाया गया। जानकारी के अनुसार, जगन का एक भाई अजमेर की उसी जेल में बंद था जहाँ जगन था, जबकि उसके अन्य दो भाई धौलपुर जेल में बंद बताए जाते हैं।
Jitesh kumar
जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में सुरक्षा व्यवस्था को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया। इस दौरान जगन के तीनों भाइयों पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू सिंह को भारी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार स्थल पर लाया गया। जानकारी के अनुसार, जगन का एक भाई अजमेर की उसी जेल में बंद था जहाँ जगन था, जबकि उसके अन्य दो भाई धौलपुर जेल में बंद बताए जाते हैं।
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- राजधानी जयपुर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और युवाओं का जबरदस्त गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। NSUI के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में, बड़ी संख्या में छात्र गुर्जर की थड़ी से मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए मार्च पर निकले। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जोरदार मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं: पहली, देशभर में लीक-मुक्त परीक्षा प्रणाली लागू की जाए; दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; और तीसरी, सभी भर्ती परीक्षाओं का एक वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए। उनका कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस गंभीर समस्या पर प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने चाहिए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया। इस दौरान परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नारे लगाए गए।1
- राजस्थान में जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन ने विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की है। अंतिम संस्कार स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भवूतीपुरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत 9 पुलिस थानों का भारी पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार में जगन गुर्जर के तीनों भाई पुलिस कस्टडी में शामिल होने पहुंचे, जबकि उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।1
- धौलपुर में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के पैतृक गांव में उसके अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ उमड़ी। इस स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और मौके पर नौ थानों की पुलिस तैनात की गई। गौरतलब है कि जगन गुर्जर की अजमेर जेल में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद उसका शव धौलपुर लाया गया। अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।1
- आज मनोहरपुर-दौसा रोड पर एक कार्यक्रम में डॉक्टर मदन राजोरिया के सेवा कार्यों की सराहना की गई। वक्ता ने, जो डॉक्टर राजोरिया को लंबे समय से जानते हैं, खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टर राजोरिया ने हमेशा चिकित्सा को सेवा का मार्ग माना है और सही काम करने वाले व्यक्ति हैं। वक्ता ने उनके ऐसे स्वभाव की विशेष रूप से प्रशंसा की कि उन्होंने कभी लोगों में किसी प्रकार की भिन्नता नहीं की। इस अवसर पर मनोहरपुर के पूर्व सरपंच अर्जुन, अलादीन, मुरारी सहित तमाम प्रबुद्धजन, बड़े-बुजुर्ग, माताएं, बहनें, नौजवान साथी और बच्चे मौजूद थे, जिन्होंने डॉक्टर राजोरिया के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।1
- जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में सुरक्षा व्यवस्था को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया। इस दौरान जगन के तीनों भाइयों पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू सिंह को भारी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार स्थल पर लाया गया। जानकारी के अनुसार, जगन का एक भाई अजमेर की उसी जेल में बंद था जहाँ जगन था, जबकि उसके अन्य दो भाई धौलपुर जेल में बंद बताए जाते हैं।1
- दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भयावह दुर्घटना में हंसराज ट्रैवल की एक बस अचानक आग का गोला बन गई, जिसके चलते दौसा के अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे के परिणामस्वरूप बस में सवार तमाम लोगों ने पल भर में अपने प्रियजनों को खो दिया। इस घटना के बाद, इस बस को 'मौत की बस' कहा जा रहा है। बताया गया है कि बस के निकास द्वार के पास सिगरेट के कार्टन और कपड़े भरे हुए थे, जिसके कारण बस में तेजी से आग फैली और वह तुरंत आग का गोला बन गई। यह एक बेहद भयावह घटना है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस एक्सप्रेसवे पर लगभग हर दिन किसी न किसी हादसे में लोगों की जान जाती है।1