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बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में स्थित कस्तखड़ा गांव बारिश के कारण पानी में डूब गया है। इस जलभराव से निपटने के लिए नाले की कटाई कर पानी की निकासी का काम शुरू कर दिया गया है। इस दौरान खोशी देवी ने प्रभावित ग्रामीणों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया है।
Md Abu Farhan
बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में स्थित कस्तखड़ा गांव बारिश के कारण पानी में डूब गया है। इस जलभराव से निपटने के लिए नाले की कटाई कर पानी की निकासी का काम शुरू कर दिया गया है। इस दौरान खोशी देवी ने प्रभावित ग्रामीणों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया है।
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- बिहार के किशनगंज में एक बेहद लाचार कर देने वाली स्थिति सामने आई है, जहाँ आपातकाल में एंबुलेंस काम नहीं आ सकी और पूरी तरह हार गई। ऐसे संकट के समय में, जब सिस्टम की एंबुलेंस ने घुटने टेक दिए, तब एक साधारण कुर्सी ही उस बेबस मरीज के लिए आखिरी उम्मीद और सहारा बनकर सामने आई।1
- उत्तराखंड में पेपर लीक के खिलाफ बनाया गया देश का सबसे सख्त कानून हक्का-बक्का देखता रह गया है। पेपर लीक की समस्या के सामने इस सख्त कानून की यह लाचारी साफ दिखाई दे रही है।1
- बिहार में सोशल मीडिया पर लिखने वाले लोगों को अब बेहद सावधान रहने की जरूरत है। सीएम सम्राट चौधरी ने एक खुले मंच से चेतावनी देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखने से पहले सतर्क हो जाएं, क्योंकि अब इस पर पैनी नजर रखी जा रही है। भागलपुर रैली के दौरान दी गई इस चेतावनी के बाद कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध को लेकर बिहार पुलिस पूरी तरह सतर्क है और सोशल मीडिया की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रही है।1
- शेखपुरा जिले के जगदीशपुर पंचायत के जगदीशपुर स्कूल का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को साझा करते हुए पूछा गया है कि यह देखने में कैसा लगा। यह वीडियो जगदीशपुर पंचायत के स्कूल को दिखाता है और इसे शेखपुरा जिले में अपने लोगों के लिए प्रस्तुत किया गया है।1
- अररिया के पलासी प्रखंड अंतर्गत कालियागंज बाजार में रोज़ाना लगने वाले जाम से लोग बेहद परेशान हैं। हर दिन लगने वाले इस जाम के कारण लोगों को भारी कठिनाई हो रही है, जिससे त्रस्त होकर अब लोगों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है।2
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के कास्त खर्रा गांव में बदहाल सड़क व्यवस्था के कारण एक बीमार वृद्ध महिला को कुर्सी पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। लगातार हुई बारिश से गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह जलमग्न और कीचड़ में तब्दील हो गई थी, जिससे गांव तक किसी भी वाहन का पहुंचना असंभव हो गया। ऐसी गंभीर स्थिति में गांव के तौसीफ आलम और तबरेज आलम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बीमार वृद्ध महिला अलेतून निशा को एक कुर्सी पर बैठाया और बल्लों के सहारे उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से टेंपो का इंतजाम कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो अब क्षेत्र में काफी चर्चा बटोर रहे हैं। ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कास्त खर्रा गांव की सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। बरसात शुरू होते ही यहां जलजमाव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक नहीं आ पाता, जिससे लोगों की जान आफत में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी सरकार को टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से गांव तक जल्द से जल्द पक्की सड़क और नाले का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान बचाने के लिए फिर से उन्हें इसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से कुर्सी पर लादकर ले जाने को मजबूर होना पड़ेगा।1
- अररिया में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला कांग्रेस पार्टी के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के राम मंदिर में चंदा चोरी के खिलाफ आयोजित किया गया, जिसमें जिला अध्यक्ष मासूम रेज़ा शामिल रहे।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड स्थित कास्त खर्रा गांव में जर्जर सड़क और लगातार बारिश के बीच विकास के दावों की पोल खोलती एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहां गांव तक किसी भी वाहन के न पहुंच पाने के कारण एक बुजुर्ग बीमार महिला की जान जोखिम में पड़ गई। मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीणों को मजबूरन उन्हें एक कुर्सी पर बैठाना पड़ा और फिर उस कुर्सी को रस्सी से बांधकर किसी तरह सड़क पार करानी पड़ी। सड़क के अभाव में एंबुलेंस की जगह कुर्सी का सहारा लेने की यह घटना क्षेत्र की बदहाल सड़क व्यवस्था और विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने अब स्थानीय विधायक, सांसद और पंचायत प्रतिनिधियों से कास्त खर्रा गांव तक जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।1