जयपुर जिले के भैंसलाना ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च कर लगाई गईं सोलर रोड लाइटें आज तक एक दिन भी नहीं जली हैं, जिससे वे केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। इन लाइटों के तार टूटे हैं, पैनल टेढ़े हैं और खुद लाइटें खराब पड़ी हैं। पंचायत द्वारा किए गए इस बड़े खर्च के बावजूद ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, बल्कि इससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं। लाइटें न जलने के कारण गर्मियों में रात को अनजान लोग गांव में घूमते हैं, जिनकी पहचान कर पाना मुश्किल होता है। दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी अंधेरे के कारण स्पष्ट फुटेज नहीं दे पाते, जिससे चोरी की घटनाओं में अपराधियों को पकड़ना असंभव हो गया है। इसके अलावा, रात के समय बहन-बेटियों और महिलाओं का बाहर निकलना भी असुरक्षित हो गया है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है। ग्रामीणों ने इस संबंध में पंचायत को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन पंचायत प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और आंखें मूंदे हुए है। 'खबर भैंसलाना की' नामक मीडिया संगठन ने सरपंच और बीडीओ (BDO) साहब से सीधा सवाल किया है कि जब लाइटें जलनी ही नहीं थीं, तो जनता के लाखों रुपये क्यों खर्च किए गए और इसका जिम्मेदार कौन है। संगठन ने मांग की है कि अगले सात दिनों के भीतर इन सोलर लाइटों को चालू किया जाए, अन्यथा अगली रिपोर्ट सीधे कलेक्टर ऑफिस से जारी की जाएगी। यह मुद्दा अधिकारियों तक पहुंचाने और समस्या के समाधान के लिए लोगों से वीडियो साझा करने की अपील की गई है, क्योंकि उनका मानना है कि 'अंधेरा हटेगा, तभी विकास होगा'।
जयपुर जिले के भैंसलाना ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च कर लगाई गईं सोलर रोड लाइटें आज तक एक दिन भी नहीं जली हैं, जिससे वे केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। इन लाइटों के तार टूटे हैं, पैनल टेढ़े हैं और खुद लाइटें खराब पड़ी हैं। पंचायत द्वारा किए गए इस बड़े खर्च के बावजूद ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, बल्कि इससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं। लाइटें न जलने के कारण गर्मियों में रात को अनजान लोग गांव में घूमते हैं, जिनकी पहचान कर पाना मुश्किल होता है। दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी अंधेरे के कारण स्पष्ट फुटेज नहीं दे पाते, जिससे चोरी की घटनाओं में अपराधियों को पकड़ना असंभव हो गया है। इसके अलावा, रात के समय बहन-बेटियों और महिलाओं का बाहर निकलना भी असुरक्षित हो गया है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है। ग्रामीणों ने इस संबंध में पंचायत को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन पंचायत प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और आंखें मूंदे हुए है। 'खबर भैंसलाना की' नामक मीडिया संगठन ने सरपंच और बीडीओ (BDO) साहब से सीधा सवाल किया है कि जब लाइटें जलनी ही नहीं थीं, तो जनता के लाखों रुपये क्यों खर्च किए गए और इसका जिम्मेदार कौन है। संगठन ने मांग की है कि अगले सात दिनों के भीतर इन सोलर लाइटों को चालू किया जाए, अन्यथा अगली रिपोर्ट सीधे कलेक्टर ऑफिस से जारी की जाएगी। यह मुद्दा अधिकारियों तक पहुंचाने और समस्या के समाधान के लिए लोगों से वीडियो साझा करने की अपील की गई है, क्योंकि उनका मानना है कि 'अंधेरा हटेगा, तभी विकास होगा'।
- जयपुर जिले के भैंसलाना ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च कर लगाई गईं सोलर रोड लाइटें आज तक एक दिन भी नहीं जली हैं, जिससे वे केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। इन लाइटों के तार टूटे हैं, पैनल टेढ़े हैं और खुद लाइटें खराब पड़ी हैं। पंचायत द्वारा किए गए इस बड़े खर्च के बावजूद ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, बल्कि इससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं। लाइटें न जलने के कारण गर्मियों में रात को अनजान लोग गांव में घूमते हैं, जिनकी पहचान कर पाना मुश्किल होता है। दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी अंधेरे के कारण स्पष्ट फुटेज नहीं दे पाते, जिससे चोरी की घटनाओं में अपराधियों को पकड़ना असंभव हो गया है। इसके अलावा, रात के समय बहन-बेटियों और महिलाओं का बाहर निकलना भी असुरक्षित हो गया है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है। ग्रामीणों ने इस संबंध में पंचायत को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन पंचायत प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और आंखें मूंदे हुए है। 'खबर भैंसलाना की' नामक मीडिया संगठन ने सरपंच और बीडीओ (BDO) साहब से सीधा सवाल किया है कि जब लाइटें जलनी ही नहीं थीं, तो जनता के लाखों रुपये क्यों खर्च किए गए और इसका जिम्मेदार कौन है। संगठन ने मांग की है कि अगले सात दिनों के भीतर इन सोलर लाइटों को चालू किया जाए, अन्यथा अगली रिपोर्ट सीधे कलेक्टर ऑफिस से जारी की जाएगी। यह मुद्दा अधिकारियों तक पहुंचाने और समस्या के समाधान के लिए लोगों से वीडियो साझा करने की अपील की गई है, क्योंकि उनका मानना है कि 'अंधेरा हटेगा, तभी विकास होगा'।1
- जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-21 में स्थानीय लोगों और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने सीवर समस्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई गई। प्रदर्शन का नेतृत्व मोहसिन कुरैशी ने किया। आप पार्टी के विनीत शर्मा और फिरोज कुरैशी ने बताया कि क्षेत्र की दर्वेश नगर, अर्जुन कॉलोनी और गोविंद नगर सहित कई कॉलोनियों में पिछले तीन सालों से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। गलियों में आए दिन सीवर का पानी भर जाता है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अंसार खान और मोहम्मद आरिफ के अनुसार, समस्या की मुख्य वजह सीवर लाइन का पास स्थित नाले से गलत दिशा में जुड़ा होना है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि लगभग 10 मीटर सीवर लाइन की दिशा में तकनीकी बदलाव किया जाए, तो इस बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर समस्या के निराकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से क्षेत्रवासियों का समर्थन जुटाकर मांग पत्र प्रशासन को सौंपा जाएगा। इस अवसर पर मोहसिन कुरैशी, विनीत शर्मा, फिरोज कुरैशी, अंसार खान, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद आसिफ, सीताराम, रेखा देवी, सिराजुद्दीन, जिब्राइल खान, शरीफ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी भी दी।1
- राजस्थान के जमवारामगढ़ क्षेत्र में एक कुएं से 21 वर्षीय युवती का शव बरामद किया गया है।1
- राजस्थान की राजनीति में एक सनसनीखेज बयान देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया है कि किरोड़ी लाल मीणा, अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर रोने लगे थे। डोटासरा के अनुसार, इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने गहलोत से अपने सभी मुकदमों को हटवाने की गुहार लगाई थी। यह बयान राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।1
- राजस्थान की राजनीति में जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में, डोटासरा ने किरोड़ी मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे राहुल गांधी के सिपाही हैं और किसी से डरने वाले नहीं हैं।1
- देर रात बीच सड़क पर एक युवती का फुल नशे में 'हाईवोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला, जिससे आने-जाने वाले लोग काफी परेशान हुए। युवती कभी राहगीरों को रोकती, कभी अपनी स्कूटी पर गुस्सा उतारती, तो कभी सड़क पर ही नाचने लगती। इस हंगामे के चलते मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।1
- राजस्थान के कांग्रेस पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का पारा बेहद गर्म हो गया, जिसके बाद उन्होंने भाजपा को सीधे तौर पर चुनौती दे दी। डोटासरा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी को इतना भी नहीं छेड़ना चाहिए कि कहीं उनका बुढ़ापा ही खराब हो जाए।1
- जयपुर के जगतपुरा इलाके में एक मोमोज ठेला लगाने वाली महिला रेशु गुप्ता, वीआईपी मूवमेंट के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बीच खौलते पानी से झुलस गईं। इस घटना के बाद पुलिस पर लापरवाही और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि यह पूरा मामला मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर की गई कार्रवाई से जुड़ा है। दर्द से कराहती हुई महिला रेशु गुप्ता ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए केवल इतना कहा, 'एक बार कह तो देते…', जिससे इस कार्रवाई को लेकर पुलिस पर लापरवाही और बदसलूकी के आरोप और गहरा गए हैं।1