संयुक्त ग्राम सभा मंच की 10 दिवसीय पदयात्रा, वन अधिकार और विस्थापन, पैसा नियमावली मुद्दों को लेकर सौंपा मांगपत्र गारू संयुक्त ग्राम सभा मंच, बरवाडीह के तत्वावधान में ग्राम मण्डल से लातेहार तक निकाली गई 10 दिवसीय पदयात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गारू अंचलाधिकारी को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस पदयात्रा में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। ज्ञापन में कहा गया है कि वन अधिकार कानून 2006 के तहत दाखिल दावों के निष्पादन में लातेहार जिला राज्य में काफी पीछे है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सामुदायिक और व्यक्तिगत मिलाकर कुल 7,384 दावे ग्राम सभाओं द्वारा जमा किए गए थे, जिनमें से 3,599 दावे अभी भी जिला प्रशासन के पास लंबित हैं। इनमें लगभग 1,800 व्यक्तिगत अधिकार के दावे हैं, जबकि शेष सामुदायिक अधिकार से जुड़े हैं। मंच का आरोप है कि जिन दावों पर अधिकार पत्र जारी किए गए हैं, उनमें कई मामलों में भूमि का रकबा कम कर दिया गया है या सामुदायिक अधिकार अधूरे रूप में दिए गए हैं। मंच ने यह भी आरोप लगाया कि पेसा कानून, वन अधिकार कानून, जैव विविधता कानून और भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रावधानों की अनदेखी कर ग्रामीणों को उनके पुश्तैनी जमीन और जंगल से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर उत्तर कोयल जलाशय परियोजना (मंडल डैम) के निर्माण के नाम पर सात गांवों के लगभग 780 परिवारों के विस्थापन की स्थिति बन रही है। वहीं पलामू व्याघ्र परियोजना क्षेत्र में हिरण पार्क, ग्रास प्लॉट और टाइगर सफारी के नाम पर भी ग्रामीणों के निस्तार अधिकार प्रभावित होने की बात कही गई है। संयुक्त ग्राम सभा मंच ने मांग की कि वन अधिकार कानून 2006 के तहत लंबित सामुदायिक एवं व्यक्तिगत दावों पर जिला प्रशासन शीघ्र निर्णय लेकर ग्राम सभाओं को अधिकार पत्र जारी करे। इसके अलावा लघु वनोपज के संग्रहण, उपयोग और विपणन के अधिकार ग्राम सभाओं को सुनिश्चित करने, ग्राम दलदलिया के ग्राम प्रधान राजू उरांव सहित अन्य ग्रामीणों पर दर्ज मामलों को वापस लेने तथा किसी भी परियोजना की शुरुआत से पहले ग्राम सभा की अनिवार्य स्वीकृति सुनिश्चित करने की मांग की गई। मंच ने यह भी मांग की कि ग्रास प्लॉट निर्माण के नाम पर स्थानीय जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के कारण प्रस्तावित सात गांवों के विस्थापन को तत्काल रोका जाए। पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन पर ग्राम सभाओं के अधिकार को सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
संयुक्त ग्राम सभा मंच की 10 दिवसीय पदयात्रा, वन अधिकार और विस्थापन, पैसा नियमावली मुद्दों को लेकर सौंपा मांगपत्र गारू संयुक्त ग्राम सभा मंच, बरवाडीह के तत्वावधान में ग्राम मण्डल से लातेहार तक निकाली गई 10 दिवसीय पदयात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गारू अंचलाधिकारी को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस पदयात्रा में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। ज्ञापन में कहा गया है कि वन अधिकार कानून 2006 के तहत दाखिल दावों के निष्पादन में लातेहार जिला राज्य में काफी पीछे है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सामुदायिक और व्यक्तिगत मिलाकर कुल 7,384 दावे ग्राम सभाओं द्वारा जमा किए गए थे, जिनमें से 3,599 दावे अभी भी जिला प्रशासन के पास लंबित हैं। इनमें लगभग 1,800 व्यक्तिगत अधिकार के दावे हैं, जबकि शेष सामुदायिक अधिकार से जुड़े हैं। मंच का आरोप
है कि जिन दावों पर अधिकार पत्र जारी किए गए हैं, उनमें कई मामलों में भूमि का रकबा कम कर दिया गया है या सामुदायिक अधिकार अधूरे रूप में दिए गए हैं। मंच ने यह भी आरोप लगाया कि पेसा कानून, वन अधिकार कानून, जैव विविधता कानून और भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रावधानों की अनदेखी कर ग्रामीणों को उनके पुश्तैनी जमीन और जंगल से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर उत्तर कोयल जलाशय परियोजना (मंडल डैम) के निर्माण के नाम पर सात गांवों के लगभग 780 परिवारों के विस्थापन की स्थिति बन रही है। वहीं पलामू व्याघ्र परियोजना क्षेत्र में हिरण पार्क, ग्रास प्लॉट और टाइगर सफारी के नाम पर भी ग्रामीणों के निस्तार अधिकार प्रभावित होने की बात कही गई है। संयुक्त ग्राम सभा मंच ने मांग की
कि वन अधिकार कानून 2006 के तहत लंबित सामुदायिक एवं व्यक्तिगत दावों पर जिला प्रशासन शीघ्र निर्णय लेकर ग्राम सभाओं को अधिकार पत्र जारी करे। इसके अलावा लघु वनोपज के संग्रहण, उपयोग और विपणन के अधिकार ग्राम सभाओं को सुनिश्चित करने, ग्राम दलदलिया के ग्राम प्रधान राजू उरांव सहित अन्य ग्रामीणों पर दर्ज मामलों को वापस लेने तथा किसी भी परियोजना की शुरुआत से पहले ग्राम सभा की अनिवार्य स्वीकृति सुनिश्चित करने की मांग की गई। मंच ने यह भी मांग की कि ग्रास प्लॉट निर्माण के नाम पर स्थानीय जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के कारण प्रस्तावित सात गांवों के विस्थापन को तत्काल रोका जाए। पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन पर ग्राम सभाओं के अधिकार को सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
- गारू संयुक्त ग्राम सभा मंच, बरवाडीह के तत्वावधान में ग्राम मण्डल से लातेहार तक निकाली गई 10 दिवसीय पदयात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गारू अंचलाधिकारी को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस पदयात्रा में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। ज्ञापन में कहा गया है कि वन अधिकार कानून 2006 के तहत दाखिल दावों के निष्पादन में लातेहार जिला राज्य में काफी पीछे है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सामुदायिक और व्यक्तिगत मिलाकर कुल 7,384 दावे ग्राम सभाओं द्वारा जमा किए गए थे, जिनमें से 3,599 दावे अभी भी जिला प्रशासन के पास लंबित हैं। इनमें लगभग 1,800 व्यक्तिगत अधिकार के दावे हैं, जबकि शेष सामुदायिक अधिकार से जुड़े हैं। मंच का आरोप है कि जिन दावों पर अधिकार पत्र जारी किए गए हैं, उनमें कई मामलों में भूमि का रकबा कम कर दिया गया है या सामुदायिक अधिकार अधूरे रूप में दिए गए हैं। मंच ने यह भी आरोप लगाया कि पेसा कानून, वन अधिकार कानून, जैव विविधता कानून और भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रावधानों की अनदेखी कर ग्रामीणों को उनके पुश्तैनी जमीन और जंगल से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर उत्तर कोयल जलाशय परियोजना (मंडल डैम) के निर्माण के नाम पर सात गांवों के लगभग 780 परिवारों के विस्थापन की स्थिति बन रही है। वहीं पलामू व्याघ्र परियोजना क्षेत्र में हिरण पार्क, ग्रास प्लॉट और टाइगर सफारी के नाम पर भी ग्रामीणों के निस्तार अधिकार प्रभावित होने की बात कही गई है। संयुक्त ग्राम सभा मंच ने मांग की कि वन अधिकार कानून 2006 के तहत लंबित सामुदायिक एवं व्यक्तिगत दावों पर जिला प्रशासन शीघ्र निर्णय लेकर ग्राम सभाओं को अधिकार पत्र जारी करे। इसके अलावा लघु वनोपज के संग्रहण, उपयोग और विपणन के अधिकार ग्राम सभाओं को सुनिश्चित करने, ग्राम दलदलिया के ग्राम प्रधान राजू उरांव सहित अन्य ग्रामीणों पर दर्ज मामलों को वापस लेने तथा किसी भी परियोजना की शुरुआत से पहले ग्राम सभा की अनिवार्य स्वीकृति सुनिश्चित करने की मांग की गई। मंच ने यह भी मांग की कि ग्रास प्लॉट निर्माण के नाम पर स्थानीय जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के कारण प्रस्तावित सात गांवों के विस्थापन को तत्काल रोका जाए। पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन पर ग्राम सभाओं के अधिकार को सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।3
- एंकर - गुरुवार की सुबह लातेहार जिला प्रधान जज को जीमेल अकाउंट में एक अज्ञात मेल आया था जिसमें यह धमकी दी गई थी कि लातेहार कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा। मिली धमकी के बाद लातेहार कोर्ट में फोर्स की तैनाती कर पूरे कोर्ट परिसर की जांच की गई एवं कोर्ट परिसर में किसी भी अनजान व्यक्ति के प्रवेश पर निषेध लगा दिया गया था । पुलिस बल दोपहर 2:00 बजे तक तैनात रहे। इस दौरान लातेहार कोर्ट के प्रधान जिला जज सहित अन्य सभी जज काफी दहशत में रहे। दोपहर 2:00 बजे के बाद जब कोई घटना नहीं हुई तो कोर्ट परिसर में एक सामान्य माहौल बना । बाइट - अधिवक्ता सुनील कुमार लातेहार कोर्ट1
- एंकर :जिले के कोर्ट को अज्ञात ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद को न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे न्यायालय के सरकारी ई-मेल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ई-मेल मिलने के बाद न्यायालय प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी।सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी के निर्देश पर मुख्यालय डीएसपी संजीव मिश्रा तथा थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा दल-बल के साथ तुरंत सिविल कोर्ट परिसर पहुंचे। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में सघन जांच अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से न्यायालय परिसर के विभिन्न कक्षों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली गई। जांच के दौरान पुलिस ने कोर्ट के सभी कमरों और परिसर के कोने-कोने की जांच की, लेकिन किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच में जुटा हुआ है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी टीम भी सक्रिय कर दी गई है। धमकी मिलने के बाद एहतियातन कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।मामले पर एसपी कुमार गौरव ने पुष्टि किया है. गौरतलब है कि इससे पहले भी झारखंड के रांची, धनबाद और बोकारो के सिविल कोर्ट को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। ऐसे मामलों को देखते हुए राज्यभर में न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।2
- Post by Bikram reporting News1
- manika bidhan sabha hamare manniye ramchandr bidhayk ki deblap gaw ki road matlong se jane wali phatriya ki or1
- री एडमिशन लेने वाले प्राइवेट विद्यालय पर होगी कार्रवाई बोले जिला परिषद उपाध्यक्ष विनोद उरांव1
- Post by Nikhil Chauhan1
- लातेहार महुआडांड़ प्रखंड में जेएलकेएम प्रखंड कमिटी के बीच चल रहे आपसी मतभेद को बैठक के माध्यम से समाप्त कर दिया गया। बैठक में संगठन को मजबूत करने और बेहतर कार्य करने पर विशेष चर्चा की गई।इस मौके पर जिला सचिव प्रेम पांडेय, प्रखंड अध्यक्ष कुलदीप नायक और प्रखंड सचिव दीपक सोनी की मौजूदगी में सर्वसम्मति से प्रकाश कुमार को जेएलकेएम का नया युवा प्रखंड अध्यक्ष चुना गया।बैठक में उपस्थित नेताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने और युवाओं को जोड़ने के लिए सभी कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे। नव नियुक्त युवा प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन के विस्तार और मजबूती के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।नव नियुक्त युवा प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश कुमार को प्रखंड कमिटी के सदस्यों ने बधाई दी। वहीं महिला मोर्चा अध्यक्ष मंजू टोप्पो सहित दर्जनों सक्रिय सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।1