मुलताई में मुस्लिम समुदाय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नाज़िया इलाही खान द्वारा दिए गए एक बयान पर कड़ा विरोध जताया है। समुदाय ने थाना प्रभारी को पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि नाज़िया इलाही खान का यह वीडियो/बयान बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा (रजि.) के संबंध में कथित तौर पर ऐसी आपत्तजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिनसे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। इस बयान को लेकर समाज में व्यापक आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि ऐसे कथित बयान सामाजिक एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य एवं तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि भारत का संविधान सभी धर्मों के सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक सद्भाव की भावना को प्रोत्साहित करता है, और किसी भी धर्म, धार्मिक व्यक्तित्व अथवा आस्था के प्रति अपमानजनक टिप्पणी समाज हित में उचित नहीं है। अतः समुदाय ने विनम्र निवेदन किया है कि वायरल वीडियो और उससे संबंधित सामग्री की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जाए। यदि जांच में संबंधित कथन भारतीय कानूनों के उल्लंघन की श्रेणी में पाए जाते हैं, तो नाज़िया इलाही खान के विरुद्ध प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बना रहे। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण में आवश्यक एवं उचित कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है।
मुलताई में मुस्लिम समुदाय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नाज़िया इलाही खान द्वारा दिए गए एक बयान पर कड़ा विरोध जताया है। समुदाय ने थाना प्रभारी को पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि नाज़िया इलाही खान का यह वीडियो/बयान बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा (रजि.) के संबंध में कथित तौर पर ऐसी आपत्तजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिनसे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। इस बयान को लेकर समाज में व्यापक आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि ऐसे कथित बयान सामाजिक एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य एवं तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि भारत का संविधान सभी धर्मों के सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक सद्भाव की भावना को प्रोत्साहित करता है, और किसी भी धर्म, धार्मिक व्यक्तित्व अथवा आस्था के प्रति अपमानजनक टिप्पणी समाज हित में उचित नहीं है। अतः समुदाय ने विनम्र निवेदन किया है कि वायरल वीडियो और उससे संबंधित सामग्री की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जाए। यदि जांच में संबंधित कथन भारतीय कानूनों के उल्लंघन की श्रेणी में पाए जाते हैं, तो नाज़िया इलाही खान के विरुद्ध प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बना रहे। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण में आवश्यक एवं उचित कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है।
- मुलताई में मुस्लिम समुदाय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नाज़िया इलाही खान द्वारा दिए गए एक बयान पर कड़ा विरोध जताया है। समुदाय ने थाना प्रभारी को पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले में जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि नाज़िया इलाही खान का यह वीडियो/बयान बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा (रजि.) के संबंध में कथित तौर पर ऐसी आपत्तजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिनसे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। इस बयान को लेकर समाज में व्यापक आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि ऐसे कथित बयान सामाजिक एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य एवं तनाव उत्पन्न होने की आशंका है। ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि भारत का संविधान सभी धर्मों के सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक सद्भाव की भावना को प्रोत्साहित करता है, और किसी भी धर्म, धार्मिक व्यक्तित्व अथवा आस्था के प्रति अपमानजनक टिप्पणी समाज हित में उचित नहीं है। अतः समुदाय ने विनम्र निवेदन किया है कि वायरल वीडियो और उससे संबंधित सामग्री की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जाए। यदि जांच में संबंधित कथन भारतीय कानूनों के उल्लंघन की श्रेणी में पाए जाते हैं, तो नाज़िया इलाही खान के विरुद्ध प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बना रहे। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण में आवश्यक एवं उचित कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की गई है।1
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत आमला जनपद में हेल्प कम कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान आमला जनपद के सीईओ, बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) और बीआरसी अधिकारी मौजूद रहे।2
- पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित 'सेफ क्लिक अभियान' के तहत, बुधवार 24 जून को थाना आमला पुलिस ने जनपद चौक पर एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक बैतूल के निर्देशन में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को विशेष रूप से समझाया गया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को न तो खोलें और न ही डाउनलोड करें। साथ ही, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या अन्य व्यक्तिगत विवरण किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर और उपनिरीक्षक बलराम यादव ने नागरिकों से अपील की कि वे साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से हमेशा सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को 'जागरूक रहें, सुरक्षित रहें' का संदेश देते हुए साइबर सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन कर स्वयं और अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से बचाने का आग्रह किया। थाना आमला पुलिस ने यह भी बताया कि 'सेफ क्लिक अभियान' के अंतर्गत यह जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेगा और नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।3
- कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने पांढुर्णा में विभिन्न विभागों की एक गहन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, नशा उन्मूलन और मेडिकोलीगल रिपोर्टों में हो रही देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कड़े निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का भी निर्देश दिया। पेयजल समस्या के समाधान के लिए, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नीलकंठ श्मशान घाट मार्ग की खराब स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों की संयुक्त समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया और घर-घर सर्वे कर एएनसी पंजीयन और प्रजनन दर की अद्यतन रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, टीकाकरण और टीबी उन्मूलन अभियान को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ पूरा करने के लिए भी निर्देश दिए। नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक में, कलेक्टर ने अवैध नशीले पदार्थों के विक्रय और सेवन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में दुकानों की सघन जांच करने और स्कूलों के आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, जिले में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। मेडिकोलीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, जिसमें 22 मई से 21 जून के बीच पोस्टमार्टम के 12 और एमएलसी के 37 मामले लंबित पाए गए। उन्होंने रिपोर्ट प्रेषण और प्राप्ति की प्रक्रिया को सीसीटीएनएस और ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाड़े सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।1
- पुलिस विभाग द्वारा साइबर क्राइम के विषय में जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को साइबर अपराधों के बारे में समझाया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहे।1
- बैतूल नगर पालिका परिषद के अंतर्गत कालापाठा वन विद्यालय के समीप मुख्य पेयजल पाइपलाइन का एयर वाल्व एक अज्ञात वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना के परिणामस्वरूप, नगर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है और जलापूर्ति बाधित होने की संभावना व्यक्त की गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नगर पालिका प्रशासन ने क्षतिग्रस्त एयर वाल्व की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया है, ताकि पेयजल वितरण व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। नगर पालिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरम्मत कार्य लगातार जारी है और तकनीकी अमला व्यवस्था को बहाल करने में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है। इस अवधि के दौरान, नगरवासियों से आवश्यकतानुसार ही पेयजल का उपयोग करने और जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की गई है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक सभी लोग संयम बरतें। यह आग्रह इसलिए किया गया है ताकि जलापूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और स्थिति को शीघ्रता से सामान्य स्थिति में लाया जा सके।1
- मुलताई के ग्राम बघोड़ा में मंगलवार दोपहर लगभग 4:00 बजे कैलाश धोटे के कच्चे मकान के पास रखे भूसे में अचानक आग लग गई। इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। आग लगने की सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर टीम भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और फायर टीम के संयुक्त प्रयासों से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे आग मकान तक नहीं पहुंच सकी और एक बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने के इस कार्य में फायर वाहन चालक राहुल चंडालिया तथा फायरमैन गिरीश पिपले और सुमित पुरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से आग को फैलने से रोक लिया गया, जिसके कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और कैलाश धोटे के कच्चे मकान को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।1
- बैतूल जिले के आमला विकासखंड के अंतर्गत आने वाली उप तहसील बोरदेही में पहली ही बारिश ने विकास कार्यों और जल निकासी की व्यवस्थाओं की पूरी तरह से पोल खोल दी है। लगातार हुई वर्षा के कारण बोरदेही की मुख्य सड़क पर बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि भैसई नदी की ओर जाने वाली मुख्य सड़क और ग्राम पंचायत हर्निया की तरफ आने वाले मार्ग पर सड़क का ढलान होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही इकट्ठा हो जाता है। जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल बरसात के मौसम में ऐसी ही स्थिति बनती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस कारण आम नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों और किसानों को आवागमन में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर होने वाले इस जलभराव की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए और समुचित जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आने वाली बरसात में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। फिलहाल, इस पहली बारिश ने ही उप तहसील बोरदेही की मूलभूत सुविधाओं और विकास के सभी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।4