कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने पांढुर्णा में विभिन्न विभागों की एक गहन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, नशा उन्मूलन और मेडिकोलीगल रिपोर्टों में हो रही देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कड़े निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का भी निर्देश दिया। पेयजल समस्या के समाधान के लिए, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नीलकंठ श्मशान घाट मार्ग की खराब स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों की संयुक्त समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया और घर-घर सर्वे कर एएनसी पंजीयन और प्रजनन दर की अद्यतन रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, टीकाकरण और टीबी उन्मूलन अभियान को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ पूरा करने के लिए भी निर्देश दिए। नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक में, कलेक्टर ने अवैध नशीले पदार्थों के विक्रय और सेवन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में दुकानों की सघन जांच करने और स्कूलों के आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, जिले में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। मेडिकोलीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, जिसमें 22 मई से 21 जून के बीच पोस्टमार्टम के 12 और एमएलसी के 37 मामले लंबित पाए गए। उन्होंने रिपोर्ट प्रेषण और प्राप्ति की प्रक्रिया को सीसीटीएनएस और ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाड़े सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने पांढुर्णा में विभिन्न विभागों की एक गहन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, नशा उन्मूलन और मेडिकोलीगल रिपोर्टों में हो रही देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कड़े निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का भी निर्देश दिया। पेयजल समस्या के समाधान के लिए, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नीलकंठ श्मशान घाट मार्ग की खराब स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों की संयुक्त समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया और घर-घर सर्वे कर एएनसी पंजीयन और प्रजनन दर की अद्यतन रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, टीकाकरण और टीबी उन्मूलन अभियान को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ पूरा करने के लिए भी निर्देश दिए। नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक में, कलेक्टर ने अवैध नशीले पदार्थों के विक्रय और सेवन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में दुकानों की सघन जांच करने और स्कूलों के आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, जिले में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। मेडिकोलीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, जिसमें 22 मई से 21 जून के बीच पोस्टमार्टम के 12 और एमएलसी के 37 मामले लंबित पाए गए। उन्होंने रिपोर्ट प्रेषण और प्राप्ति की प्रक्रिया को सीसीटीएनएस और ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाड़े सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने पांढुर्णा में विभिन्न विभागों की एक गहन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, नशा उन्मूलन और मेडिकोलीगल रिपोर्टों में हो रही देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कड़े निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का भी निर्देश दिया। पेयजल समस्या के समाधान के लिए, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नीलकंठ श्मशान घाट मार्ग की खराब स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों की संयुक्त समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया और घर-घर सर्वे कर एएनसी पंजीयन और प्रजनन दर की अद्यतन रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, टीकाकरण और टीबी उन्मूलन अभियान को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ पूरा करने के लिए भी निर्देश दिए। नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक में, कलेक्टर ने अवैध नशीले पदार्थों के विक्रय और सेवन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में दुकानों की सघन जांच करने और स्कूलों के आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, जिले में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। मेडिकोलीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, जिसमें 22 मई से 21 जून के बीच पोस्टमार्टम के 12 और एमएलसी के 37 मामले लंबित पाए गए। उन्होंने रिपोर्ट प्रेषण और प्राप्ति की प्रक्रिया को सीसीटीएनएस और ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाड़े सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।1
- मुलताई में नगर के नवागत थाना प्रभारी विकास पटेल का नगर रक्षा समिति (एनआरएस) के सदस्यों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने थाने पहुँचकर श्री पटेल से सौजन्य भेंट की, उन्हें बुके एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नगर रक्षा समिति के अध्यक्ष सुदामा झारे, समिति सदस्य उमेश सुपटकर और महिला सदस्य सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने नवागत थाना प्रभारी को ताप्ती नगरी मुलताई में पदस्थ होने पर बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस दौरान समिति सदस्यों ने अपना परिचय देते हुए नगर में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी विकास पटेल ने भी समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नगर की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में जनसहयोग को महत्वपूर्ण बताया।1
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत आमला जनपद में हेल्प कम कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान आमला जनपद के सीईओ, बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) और बीआरसी अधिकारी मौजूद रहे।2
- पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित 'सेफ क्लिक अभियान' के तहत, बुधवार 24 जून को थाना आमला पुलिस ने जनपद चौक पर एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक बैतूल के निर्देशन में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को विशेष रूप से समझाया गया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को न तो खोलें और न ही डाउनलोड करें। साथ ही, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या अन्य व्यक्तिगत विवरण किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर और उपनिरीक्षक बलराम यादव ने नागरिकों से अपील की कि वे साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से हमेशा सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को 'जागरूक रहें, सुरक्षित रहें' का संदेश देते हुए साइबर सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन कर स्वयं और अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से बचाने का आग्रह किया। थाना आमला पुलिस ने यह भी बताया कि 'सेफ क्लिक अभियान' के अंतर्गत यह जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेगा और नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।3
- मध्य प्रदेश के बिछुआ क्षेत्र की आदिवासी जनपद पंचायत की किशनपुर पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के सार्वजनिक कुएं में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सल्फास डाल दिया, जिससे पूरे गांव को मौत बांटने की साजिश रची गई। ग्रामीणों ने जब नल से फेन वाला और बदबूदार पानी देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं पर पहुंचने पर पता चला कि जाली पर सल्फास पाउडर चिपका था, साइड में बिखरा था और कुएं के अंदर सल्फास के खाली पैकेट के साथ मरी हुई मछलियां और कीड़े-मकोड़े तैर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि यह जहरीला पानी पूरे गांव में बंट चुका है और कई लोगों ने उसे पी भी लिया है, जिसके चलते वे बीमार हो गए हैं। बीमार ग्रामीणों को बिछुआ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और उनका सीधा आरोप पंचायत पर है कि उसकी घोर लापरवाही के कारण यह कांड हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक कुएं के चारों ओर बाउंड्रीवाल तक नहीं बनी थी, जिससे कोई भी अज्ञात व्यक्ति आसानी से कुएं तक पहुंचकर गांव की जान से खिलवाड़ कर सका। ग्रामीणों का सवाल है कि यह लापरवाही है या कोई गहरी साजिश? उनकी नाराजगी इस बात पर भी है कि पंचायत कुंभकर्णी नींद में सो रही थी और जब मौत कुएं तक पहुंच गई, तब जाकर उसकी नींद टूटी है। फिलहाल, पानी की सप्लाई आनन-फानन में बंद कर दी गई है और पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि दोषी की तुरंत गिरफ्तारी हो, पंचायत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव को तत्काल सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया है और उनका पक्ष मिलने पर आगे प्रकाशित किया जाएगा।1
- लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर नए सेना प्रमुख का पदभार भारतीय...1
- पांढुर्णा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी के बाद, आखिरकार मानसून ने दमदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बीते दिन हुई मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण पांढुर्णा की जीवनदायिनी जाम नदी पूरी तरह उफान पर आ गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और पुल-पुलियों पर पानी की चादर चलने लगी। इस बारिश से स्थानीय किसानों में सर्वाधिक खुशी देखी जा रही है, क्योंकि सूखे की आशंका से जूझ रहे खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान बनकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है, और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बुआई का काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, एक तरफ जहां बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी तरफ बुआई के लिए मजदूरों के गंभीर संकट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कपास और तुवर की बोवनी के लिए क्षेत्र में मजदूरों का भारी टोटा बना हुआ है। वर्तमान में लेबर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उसकी आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को समय पर बुआई का काम पिछड़ने का डर सता रहा है, जिससे कृषि कार्य महंगे और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।1
- बैतूल जिले के आमला विकासखंड के अंतर्गत आने वाली उप तहसील बोरदेही में पहली ही बारिश ने विकास कार्यों और जल निकासी की व्यवस्थाओं की पूरी तरह से पोल खोल दी है। लगातार हुई वर्षा के कारण बोरदेही की मुख्य सड़क पर बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि भैसई नदी की ओर जाने वाली मुख्य सड़क और ग्राम पंचायत हर्निया की तरफ आने वाले मार्ग पर सड़क का ढलान होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही इकट्ठा हो जाता है। जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल बरसात के मौसम में ऐसी ही स्थिति बनती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस कारण आम नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों और किसानों को आवागमन में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर होने वाले इस जलभराव की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए और समुचित जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आने वाली बरसात में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। फिलहाल, इस पहली बारिश ने ही उप तहसील बोरदेही की मूलभूत सुविधाओं और विकास के सभी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।4