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पांढुर्णा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी के बाद, आखिरकार मानसून ने दमदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बीते दिन हुई मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण पांढुर्णा की जीवनदायिनी जाम नदी पूरी तरह उफान पर आ गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और पुल-पुलियों पर पानी की चादर चलने लगी। इस बारिश से स्थानीय किसानों में सर्वाधिक खुशी देखी जा रही है, क्योंकि सूखे की आशंका से जूझ रहे खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान बनकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है, और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बुआई का काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, एक तरफ जहां बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी तरफ बुआई के लिए मजदूरों के गंभीर संकट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कपास और तुवर की बोवनी के लिए क्षेत्र में मजदूरों का भारी टोटा बना हुआ है। वर्तमान में लेबर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उसकी आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को समय पर बुआई का काम पिछड़ने का डर सता रहा है, जिससे कृषि कार्य महंगे और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।

5 hrs ago
user_NILESH KALASKAR
NILESH KALASKAR
Farmer Pandhurna, Chhindwara•
5 hrs ago

पांढुर्णा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी के बाद, आखिरकार मानसून ने दमदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बीते दिन हुई मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण पांढुर्णा की जीवनदायिनी जाम नदी पूरी तरह उफान पर आ गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और पुल-पुलियों पर पानी की चादर चलने लगी। इस बारिश से स्थानीय किसानों में सर्वाधिक खुशी देखी जा रही है, क्योंकि सूखे की आशंका से जूझ रहे खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान बनकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है, और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बुआई का काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, एक तरफ जहां बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी तरफ बुआई के लिए मजदूरों के गंभीर संकट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कपास और तुवर की बोवनी के लिए क्षेत्र में मजदूरों का भारी टोटा बना हुआ है। वर्तमान में लेबर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उसकी आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को समय पर बुआई का काम पिछड़ने का डर सता रहा है, जिससे कृषि कार्य महंगे और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।

More news from Chhindwara and nearby areas
  • पांढुर्णा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी के बाद, आखिरकार मानसून ने दमदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बीते दिन हुई मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण पांढुर्णा की जीवनदायिनी जाम नदी पूरी तरह उफान पर आ गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और पुल-पुलियों पर पानी की चादर चलने लगी। इस बारिश से स्थानीय किसानों में सर्वाधिक खुशी देखी जा रही है, क्योंकि सूखे की आशंका से जूझ रहे खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान बनकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है, और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बुआई का काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, एक तरफ जहां बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी तरफ बुआई के लिए मजदूरों के गंभीर संकट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कपास और तुवर की बोवनी के लिए क्षेत्र में मजदूरों का भारी टोटा बना हुआ है। वर्तमान में लेबर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उसकी आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को समय पर बुआई का काम पिछड़ने का डर सता रहा है, जिससे कृषि कार्य महंगे और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।
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    पांढुर्णा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी के बाद, आखिरकार मानसून ने दमदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बीते दिन हुई मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण पांढुर्णा की जीवनदायिनी जाम नदी पूरी तरह उफान पर आ गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और पुल-पुलियों पर पानी की चादर चलने लगी।

इस बारिश से स्थानीय किसानों में सर्वाधिक खुशी देखी जा रही है, क्योंकि सूखे की आशंका से जूझ रहे खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान बनकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है, और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बुआई का काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा।

हालांकि, एक तरफ जहां बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी तरफ बुआई के लिए मजदूरों के गंभीर संकट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कपास और तुवर की बोवनी के लिए क्षेत्र में मजदूरों का भारी टोटा बना हुआ है। वर्तमान में लेबर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उसकी आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को समय पर बुआई का काम पिछड़ने का डर सता रहा है, जिससे कृषि कार्य महंगे और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    5 hrs ago
  • ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, QR स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बताया गया है। इसी बात पर जोर देते हुए, पुलिस अधीक्षक बैतूल, श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और 'SAFE CLICK–2026' अभियान से जुड़ने की अपील की है। पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार, बैतूल जिला पुलिस द्वारा दिनांक 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 'SAFE CLICK–2026' नामक यह साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
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    ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, QR स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बताया गया है। इसी बात पर जोर देते हुए, पुलिस अधीक्षक बैतूल, श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और 'SAFE CLICK–2026' अभियान से जुड़ने की अपील की है। पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार, बैतूल जिला पुलिस द्वारा दिनांक 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 'SAFE CLICK–2026' नामक यह साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    13 min ago
  • मध्य प्रदेश के बिछुआ क्षेत्र की आदिवासी जनपद पंचायत की किशनपुर पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के सार्वजनिक कुएं में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सल्फास डाल दिया, जिससे पूरे गांव को मौत बांटने की साजिश रची गई। ग्रामीणों ने जब नल से फेन वाला और बदबूदार पानी देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं पर पहुंचने पर पता चला कि जाली पर सल्फास पाउडर चिपका था, साइड में बिखरा था और कुएं के अंदर सल्फास के खाली पैकेट के साथ मरी हुई मछलियां और कीड़े-मकोड़े तैर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि यह जहरीला पानी पूरे गांव में बंट चुका है और कई लोगों ने उसे पी भी लिया है, जिसके चलते वे बीमार हो गए हैं। बीमार ग्रामीणों को बिछुआ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और उनका सीधा आरोप पंचायत पर है कि उसकी घोर लापरवाही के कारण यह कांड हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक कुएं के चारों ओर बाउंड्रीवाल तक नहीं बनी थी, जिससे कोई भी अज्ञात व्यक्ति आसानी से कुएं तक पहुंचकर गांव की जान से खिलवाड़ कर सका। ग्रामीणों का सवाल है कि यह लापरवाही है या कोई गहरी साजिश? उनकी नाराजगी इस बात पर भी है कि पंचायत कुंभकर्णी नींद में सो रही थी और जब मौत कुएं तक पहुंच गई, तब जाकर उसकी नींद टूटी है। फिलहाल, पानी की सप्लाई आनन-फानन में बंद कर दी गई है और पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि दोषी की तुरंत गिरफ्तारी हो, पंचायत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव को तत्काल सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया है और उनका पक्ष मिलने पर आगे प्रकाशित किया जाएगा।
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    मध्य प्रदेश के बिछुआ क्षेत्र की आदिवासी जनपद पंचायत की किशनपुर पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के सार्वजनिक कुएं में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सल्फास डाल दिया, जिससे पूरे गांव को मौत बांटने की साजिश रची गई। ग्रामीणों ने जब नल से फेन वाला और बदबूदार पानी देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं पर पहुंचने पर पता चला कि जाली पर सल्फास पाउडर चिपका था, साइड में बिखरा था और कुएं के अंदर सल्फास के खाली पैकेट के साथ मरी हुई मछलियां और कीड़े-मकोड़े तैर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि यह जहरीला पानी पूरे गांव में बंट चुका है और कई लोगों ने उसे पी भी लिया है, जिसके चलते वे बीमार हो गए हैं। बीमार ग्रामीणों को बिछुआ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

इस घटना से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और उनका सीधा आरोप पंचायत पर है कि उसकी घोर लापरवाही के कारण यह कांड हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक कुएं के चारों ओर बाउंड्रीवाल तक नहीं बनी थी, जिससे कोई भी अज्ञात व्यक्ति आसानी से कुएं तक पहुंचकर गांव की जान से खिलवाड़ कर सका। ग्रामीणों का सवाल है कि यह लापरवाही है या कोई गहरी साजिश? उनकी नाराजगी इस बात पर भी है कि पंचायत कुंभकर्णी नींद में सो रही थी और जब मौत कुएं तक पहुंच गई, तब जाकर उसकी नींद टूटी है।

फिलहाल, पानी की सप्लाई आनन-फानन में बंद कर दी गई है और पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि दोषी की तुरंत गिरफ्तारी हो, पंचायत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव को तत्काल सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया है और उनका पक्ष मिलने पर आगे प्रकाशित किया जाएगा।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    26 min ago
  • बैतूल में पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीरेंद्र जैन ने साइबर सेल से संबंधित एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है।
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    बैतूल में पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीरेंद्र जैन ने साइबर सेल से संबंधित एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है।
    user_AMLA NEWS
    AMLA NEWS
    आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बैतूल में कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई को जिले में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर 22 जून 2026 को थाना कोतवाली बैतूल में सतीश उर्फ छोटू सिरसाम (23 वर्ष), निवासी ग्राम हिवरखेड़ी के खिलाफ अपराध क्रमांक 525/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम), 65(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल) एवं 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस टीम ने लगातार तलाश कर उसे महाराष्ट्र के परतवाड़ा क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश उर्फ छोटू सिरसाम ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 23 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश कुमार सरयाम, प्रधान आरक्षक अजय भलावी, आरक्षक उज्जवल दुबे, ओमकार और साइबर सेल के आरक्षक पंकज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की है। बैतूल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे सभी मामलों में त्वरित जांच के साथ आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    बैतूल में कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई को जिले में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर 22 जून 2026 को थाना कोतवाली बैतूल में सतीश उर्फ छोटू सिरसाम (23 वर्ष), निवासी ग्राम हिवरखेड़ी के खिलाफ अपराध क्रमांक 525/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम), 65(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल) एवं 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस टीम ने लगातार तलाश कर उसे महाराष्ट्र के परतवाड़ा क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश उर्फ छोटू सिरसाम ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 23 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश कुमार सरयाम, प्रधान आरक्षक अजय भलावी, आरक्षक उज्जवल दुबे, ओमकार और साइबर सेल के आरक्षक पंकज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की है। बैतूल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे सभी मामलों में त्वरित जांच के साथ आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • ग्राम पंचायत हर्निया के टांडी ठाना क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता और खतरे का कारण बन गई है। क्षेत्र में अनेक स्थानों पर बिजली के तार अत्यंत जर्जर और खुले हुए लटके हैं, जिनसे लगातार चिंगारियां निकल रही हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और किसी भी वक्त एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के दौरान यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जब तार आपस में टकराने से चिंगारियां अधिक निकलती हैं, जिससे आग लगने और करंट फैलने का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस खतरनाक स्थिति की जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खुले तार आबादी वाले क्षेत्रों, गलियों और मुख्य रास्तों के ठीक ऊपर से गुजर रहे हैं, जहाँ बच्चों और मवेशियों का आवागमन लगातार जारी रहता है, जिससे हर पल बड़े हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल इन जर्जर तारों को बदलने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है।
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    ग्राम पंचायत हर्निया के टांडी ठाना क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता और खतरे का कारण बन गई है। क्षेत्र में अनेक स्थानों पर बिजली के तार अत्यंत जर्जर और खुले हुए लटके हैं, जिनसे लगातार चिंगारियां निकल रही हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और किसी भी वक्त एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के दौरान यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जब तार आपस में टकराने से चिंगारियां अधिक निकलती हैं, जिससे आग लगने और करंट फैलने का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस खतरनाक स्थिति की जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खुले तार आबादी वाले क्षेत्रों, गलियों और मुख्य रास्तों के ठीक ऊपर से गुजर रहे हैं, जहाँ बच्चों और मवेशियों का आवागमन लगातार जारी रहता है, जिससे हर पल बड़े हादसे की आशंका बढ़ जाती है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल इन जर्जर तारों को बदलने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है।
    user_Sandeep waiker
    Sandeep waiker
    Mobile Phone Shop आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर नए सेना प्रमुख का पदभार भारतीय...
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    लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर नए सेना प्रमुख का पदभार भारतीय...
    user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    31 min ago
  • मंगलवार को पांढुर्णा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए 18 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जुड़े मामले, जाति एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयां, नक्शा बटांकन सुधार तथा पेयजल की किल्लत जैसे मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि तक आवाजाही के लिए रास्ते की मांग और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति से संबंधित एक प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैध कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, जिसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा और सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक और जनपद पंचायत के सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें शीघ्र ही प्रदान कर दी जाएगी।
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    मंगलवार को पांढुर्णा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए 18 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए।

जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जुड़े मामले, जाति एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयां, नक्शा बटांकन सुधार तथा पेयजल की किल्लत जैसे मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि तक आवाजाही के लिए रास्ते की मांग और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति से संबंधित एक प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैध कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, जिसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा और सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक और जनपद पंचायत के सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें शीघ्र ही प्रदान कर दी जाएगी।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    19 hrs ago
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